The Ultimate Sales Letter: Attract New Customers. … Dan Kennedy Books In Hindi Summary

The Ultimate Sales Letter:
Attract New Customers. …
Dan Kennedy
परिचय
क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि एक विनिंग सेल्स लैटर कैसे क्रियेट करे? क्या आप जानना चाहते है कि
कैसे डैन कैनेडी ने अपने काउंटलेस क्लाइंट के लिए सेल्स लैटर लिख कर अपने लिए एक सक्सेसफुल
करियर बनाया? ऐसी कुछ टेक्नीक्स है जिन्हें अगर आप फोलो करे तो आपके सेल्स लैटर में भी एक
पॉवरफुल इम्पेक्ट आ सकता है. डैन कैनेडी बस एक हाई स्कूल ग्रेजुएट थे. उन्हें ह्यूज एड एजेंसी में कोई ट्रेनिंग नहीं मिली थी लेकिन वे एक फेमस कॉपी राइटर बने. डैन सेल्फ टौट थे और उनकी
तरह आप भी खुद को ट्रेन करके मोस्ट इफेक्टिव सेल्स लैटर लिख सकते है. आपमें वो एबिलिटी है क्योंकि
आप अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को दूसरो से बैटर जानते है. और सबसे इम्पोर्टेट चीज़ ये है कि हम में से
कोई भी अच्छा सेल्स लैटर लिखना सीख सकता है. आप इस बुक से जो टेक्नीक्स सीखेंगे बस उन्हें अप्लाई
करने की ज़रूरत है. आगे के पेजेस में आप सीखेंगे कि अपने प्रोडक्ट्स और प्रोस्पेक्ट्स को बैटर तरीके से कैसे समझे. आप यहाँ “डेमेजिंग एडमिशन’ की इम्पोर्टेस के बारे में भी सीखेंगे. आपको ये भी बताया जाएगा कि अपने प्रोस्पेक्ट्स को कैसे ओपन रखे और कैसे अपना सेल्स लैटर रीड करे. ये बस कुछ एक्जाम्पल है. अगर आप न्यू कस्टमर्स को अट्रेक्ट करके अपनी सेल्स बूस्ट करना चाहते है तो बस आगे पढ़ते जाओ.

गेट इनटू द ऑफर
किसी भी सेल्स लैटर को लिखने का फर्स्ट स्टेप ये है कि आप खुद को कस्टमर्स की सिचुएशन में देखो.
आपको ये वाकई में समझना होगा कि कस्टमर्स आखिर चाहता क्या है, एक्चुअल में वो फील क्या करता है?
एक सेल्समेन एक ओल्ड लेडी को अपना होम हीटिंग सिस्टम का प्रोडक्ट दिखा रहा था. उसने सारी चीज़े
एक्सप्लेन की जैसे कि वारंटी, कंस्ट्रकशन और हीटर का बीटीयू भी. जब सेल्समेन सब बता चूका तो ओल्ड
लेडी ने कहा” मेरा सिर्फ एक क्वेश्चन है – क्या तुम्हारा ये प्रोडक्ट इस बूढी लेडी को गर्मी दे सकता है ?”
अब ये ओबिय्स बात है कि वो ओल्ड लेडी हीटिंग सिस्टम के टेक्नीकल एस्पेक्ट को उतना नहीं समझ
पाएगी और ये चीज़ सेल्समेन को पता होनी चाहिए. क्या कभी आपने भी कंप्यूटर या सेल फ़ोन खरीदते
टाइम ये चीज़ एक्स्पेरियेंश की है? ऐसा होता है कि सेल्समेन किसी प्रोडक्ट के कूल फीचर्स के बारे में
बोलता चला जाता है लेकिन कस्टमर की समझ में कुछ नहीं आता. वो ये जानने के लिए ट्राई भी नहीं करते कि आखिर कस्टमर की क्या नीड है ? आप भी ये मिस्टेक ना करे. जो सेल्स लैटर आप भेजेंगे उन्हें एक्चुअल लोग पढ़ते है. उनकी जो फीलिंग्स है, कंसर्न है उसे आपको एड्रेस करना है.

अगर आप उनकी सिचुएशन नहीं समझेंगे या उनसे रिलेट नहीं करेंगे तो उनतक आपका मैसेज नहीं पहुँच
पायेगा. इसलिए ज़रूरी है कि उनके पॉइंट ऑफ़ व्यू से देखा जाए. एक टाइम ऐसा था जब डैन कैनेडी को
रियल एस्टेट एजेंट्स के लिए सेल्स लैटर लिखने पढ़ते थे. वो खुद कभी रियल एस्टेट बिजनेस में नहीं थे.
तो उन्होंने पहले खुद को एजुकेट किया. वे लाब्रेरी में जाकर रियल एस्टेट से रिलेटेड जर्नल्स पढ़ा करते थे.
यहाँ तक कि एक बार वो एक रियल एस्टेट एजेंट को लंच पे लेकर गए और उससे ढेर सारे सवाल पूछे.
डैन इस पॉइंट तक चले गए कि वो खुद को सचमुच का रियल एजेंट समझने लगे. अपने सेल्स लैटर में
आपको ये नहीं बताना है कि आपके लिए क्या इम्पोर्टेट है जैसे कि अपनी कम्पनी या प्रोडक्ट के एडवांटेज
क्या है बल्कि जो लोग ये सेल्स लैटर पढ़ेंगे उनके लिए क्या इम्पोर्टेट है, आपको ये बताना है. आपको पता
होने चाहिए कि उनके कंसर्न क्या है उनकी कम्प्लेंट्स क्या है, उन्हें क्या चाहिए और उन्हें क्या खुश रखेगा.
इस तरीके से आपका सेल्स लैटर एक्चुअल में सेल्स करेगा.

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गेट इनटू द कस्टमर

जिन लोगो तक आपका सेल्स लैटर पहुँचने वाला है उनके बारे में आपको सबकुछ मालूम होना चाहिए. और
साथ ही जो आप बेच रहे है उसके बारे में भी सब पता होना चाहिए. अगर आप अपने लैटर में कोई प्रोडक्ट
बेच रहे है तो पहले खुद उस प्रोडक्ट को ट्राई करे. उसे यूज़ करे और चेक करे कि वो कैसा है. आपको उस
प्रोडक्ट को अंदर बाहर अच्छे से जानना होगा. और अगर आपकी सेल्स लैटर किसी सर्विस के बारे में है
तो उसे भी ट्राई करके देखे या उन लोगो से बात करे जिन्होंने वो सर्विस सब्सक्राइब की है. डैन कैनेडी किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस जो उन्हें प्रोमोट करनी है उसके बेनेफिट्स अलग से स्माल कार्ड्स में लिख लेते है. फिर उन्हें बुलेटिन बोर्ड पर पिन कर लेते है ताकि सेल्स लैटर लिखते टाइम उन कार्ड्स पर उनकी नज़र रहे. डैन उनकी इम्पोर्टेस के हिसाब से भी ओर्गेनाइज़ कर लेते है. फीचर से ज्यादा आपको अपने स्टफ के बेनेफिट्स पर फोकस करना चाहिए.
ये बात माइंड में रखो कि “लोग किसी प्रोडक्ट के फीचर देखकर उसे नहीं खरीदते बल्कि वो प्रोडक्ट
उनके किस काम आएगा, ये सोचकर खरीदते है”. जैसे कि आप एक 50 इंच का वाइडस्क्रीन टीवी इसलिए खरीदते है ताकि आप उसे अपनी पूरी फेमिली के साथ बैठकर एन्जॉय सके. इसी तरह आप कोई फ़ोन इसलिए नहीं लेते क्योंकि उसमे 32 मेगापिक्सल्स है

बल्कि इसलिए लेते है ताकि उससे आप अपनी लाइफ के ग्रेट मोमेंट्स की बढ़िया और क्लियर पिक्चर्स ले
सके. बात जब सेल्स लैटर लिखने की है तो एक और सीक्रेट इंग्रीडीयेंट्स है. और वो है” यूज़ ऑफ़ हिडेन
बेनेफिट्स”. आपको अपने प्रोडक्ट के ऐसे बेनेफिट्स सोचने होंगे जो ओबियस नहीं है. यानी ऐसे बेनेफिट्स जो कस्टमर को ईज़ीली नज़र नहीं आते लेकिन वो कस्टमर्स के लिए बड़े काम की चीज़ है. पेमला येलेन एक मार्केटिंग इंस्टिट्यूट की सीईओ है. एक बार उन्होंने लाइफ इन्श्योरेन्स कंपनी के एक्जीक्यूटीव्स और टॉप एजेंट्स के लिए एक सेमीनार रखा था. ये सेमीनार न्यू एजेंट्स को रिज्यूट करने के बेस्ट तरीको के बारे में था. और जब ब्रेक हुआ तो पेमेला ने नोटिस किया कि उनके क्लाइंट्स सिर्फ एक चीज़ के बारे में बात कर रहे थे और वो था गोल्फ. तो पेमेला ने इस हिडेन बेनिफिट का एडवांटेज लिया. उन्होंने एक प्रिंटेड एड क्रियेट किया जिसमे ये हेडलाइन्स लिखी थी” पुट्स रिज्यूटिंग ओन ऑटो पायलट सो यू केन प्ले गोल्फ!”, यानि कि उनके सेमिनार अटेंड करने का बेनिफिट ये है कि इंश्योरेंस कंपनी के लोग कम से कम टाइम में गुड एजेंट्स रीक्रूट करना सीख सकते है. तो इसमें हिडेन बेनिफिट ये है कि उनके पास जो एक्स्ट्रा टाइम बचता है उसमे वो गोल्फ खेल सकते है. और इस तरह इस प्रिंटेड एड की वजह से पेमेला को अपने सेमीनार के लिए काफी क्लाइंट्स मिले.

क्रियेट अ डेमेजिंग एडमिशन एंड एड्रेस फ्लाव्स ओपनली आपके प्रोडक्ट में जो भी ड्राबैक्स या फ्लाव्स हो वो
आप अपने कस्टमर्स को ज़रूर बताये. क्योंकि परफेक्ट कुछ भी नहीं होता. ऐसा कुछ ज़रूर होगा आपके
प्रोडक्ट में जो लोगो को पसंद ना आये. और अगर आप अपने सेल्स लैटर में अपने फ्लाव्स डायरेक्टली बताते है तो कस्टमर आपको कम नेगेटिव रिएक्शन देंगे और साथ ही उन्हें लगेगा कि आपमें क्रेडिबिलिटी है.
एक डॉक्टर था जिसे एक कंपनी की तरफ से कई सारे सेल्स लैटर मिला करते थे. वो डॉक्टर उन प्रोडक्ट्स में इंट्रेस्टेड भी था और उसके पास उन्हें लेने के पैसे भी थे लेकिन जब डैन कैनेडी ने उससे पुछा कि” तुम ये
प्रोडक्ट क्यों नहीं खरीदते?” तो उस डॉक्टर का जवाब दिया कि वो प्रोडक्ट इतने अच्छे लगते है कि उन पर
यकीन नहीं होता” क्योंकि उन सेल्स लैटर ने ये आईडिया दिया कि उनके प्रोडक्ट में कोई कमी नहीं है. अब नेचुरल है कि वो डॉक्टर स्केप्टीकल था कि उसे वो प्रोडक्ट्स ट्राई करने चाहिए या नहीं. किसी भी मार्केटर को लोगो के रिएक्शन के लिए तैयार रहना चाहिए. उसे ये बात अपने सेल्स लैटर में एड्रेस करनी चाहिए. उस डॉक्टर को जो सेल्स लैटर मिलते थे, उनकी सेल्स बढ़ सकती थी अगर वो अपने लैटर में प्रोडक्ट्स के फ्लाव्स भी मेंशन करते.

यहाँ हम एक स्माल टाउन इटेलियन रेस्ट्रोरेन्ट के सेल्स लैटर का एक्जाम्पल लेंगे जिसमे लिखा था “अगर आप एक्स्पेक्ट करते है कि वेटर ट्यूक्सडू में हो, मेनू कार्ड में लिखी हुई डिशेस आप पढ़ ना सके और वाइन हाईट प्राइस में मिले तो हमारा ये छोटा सा रेस्ट्रोरेन्ट आपके लिए नहीं है, लेकिन अगर आपको एक इटेलियन माँम के हाथ का पका घर जैसा पास्ता चाहिए और और आपको प्लास्टिक टेबलक्लोथ से कोई प्रॉब्लम ना हो तो हमारे यहाँ आपका वेलकम है” इस तरह अपनी फ्लाव्स खुद ही एडमिट करके इस इटेलियन रेस्ट्रोरेन्ट ने खुद को कस्टमर्स की कम्प्लेंट्स से बचा लिया. यही नहीं इसने तो खुद को कॉम्पटीशन से भी दूर कर दिया. इस टाइप के सेल्स लैटर से रेस्ट्रोरेन्ट की क्रेडिबिलिटी बढ़ गयी और टाउन के लोगो को एक इंट्रेस्टिंग स्टोरी भी मिली.

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जब आप अपना सेल्स लैटर भेजते है तो इस बात के काफी चांस है कि लोग इसे पढ़े ही नहीं और सीधे
ट्रेश कैन में डाल दे. इसलिए आपके सेल्स लैटर का सब्जेक्ट पर्सनलाइज्ड होना चाहिए. ये इंटीमीडेटिंग
बिलकुल ना हो, और सबसे इम्पोर्टेट बात ये कि इससे ऐसा बिलकुल भी ना लगे कि आप कुछ सेल करना
चाहते है. अगर आपके प्रोस्पेक्ट के इन्बोक्स में आपके सेल्स लैटर का सब्जेक्ट कुछ ऐसा हो “खरीदो! खरीदो! खरीदो! तो पक्का है कि इसे इग्नोर किया जाएगा. तो इसलिए ये इतना इंट्रेस्टिंग होना चाहिए कि इसे पाने वाला इसे खोले बिना ना रह पाए. लेकिन कैसे? आपके सेल्स लैटर में ऐसा कुछ शो होना चाहिए जो बड़े काम का लगे, जो उस कस्टमर के लिए बड़ा वैल्यूबल और इम्पोट हो. नॉर्मली जब आप किसी कस्टमर को अपना सेल्स लैटर भेजते है तो वो उसे एक डिसट्रेक्शन की तरह फील करता है. तो ऐसा आपके सेल्स लैटर के साथ ना हो इसके लिए कुछ ऐसी हेडलाइंस यूज़ करे जो सामने वाला पढने पर मजबूर हो जाये, जैसे कि एक्जाम्पल के लिए ” दे डोंट बट आई डीड.” जैसे कि अगर आप को पियानो ट्यूटोरियल वीडियोज
improve

एक्जाम्पल के लिए “हाउ टू कलेक्ट फॉर्म सोशल सिक्योरिटी एट एनी एज”. अगर आप अपने प्रोस्पेक्ट को एक प्रटीक्यूलर ढंग से एड्रेस करे तो इसकी इफेक्टिवनेस और भी बढ़ जायेगी. इस तरह की हेडलाइन्स कुछ ऐसी होगी” फॉर द एक्जीक्यूटिव विद वर्क लेफ्ट ओवर एवरी डे: हाउ टू डेलिगेट विदाउट वरी” या फिर “ फॉर बीजी डॉक्टर्स: हाउ टू एजुकेट न्यू पेशेंट्स इन हाफ़ द टाइम”. फाइनली आप ये वाली लाइन्स भी यूज़ कर सकते है “सीक्रेट ऑफ़. ” क्योंकि हर किसी को सीक्रेट जानना है. खैर जो भी आपके प्रोस्पेक्ट हो उनके लिए ये सब्जेक्ट इग्नोर करना मुश्किल हो जाएगा. जैसे कि आप कुछ ऐसा लिख सकते है “सीक्रेट्स ऑफ़ फोर चैंपियन गोल्फेर्स” या फिर “सीक्रेट्स ऑफ़ अ बिग टाइम स्टोक मार्किट इन्वेस्टर”.

बीट द प्राइस बुगाबू
प्राइस भी एक फैक्टर है जिसके बारे में कस्टमर सोचता है लेकिन ये उनके लिए डील बना भी सकता है और
ब्रेक भी कर सकता है. अपने सेल्स लैटर में प्राइस कुछ इस तरीके से मेंशन करे कि इसका इम्पेक्ट मिनिमम पड़े. आपको कस्टमर को लगना चाहिए कि जो वैल्यू उन्हें आपके प्रोडक्ट से मिल रही है उसके कम्प्येर में वो प्राइस कुछ भी नहीं है. इसके लिए आप एपल्स तो ओरेंजेस टेक्निक यूज़ कर सकते है. यानिक सिल्वर” गेट फिट वाइल यू सिट” नाम की एक फिटनेस ई-बुक बेचता है. लोग इस बुक को उसकी वेबसाईट www.cetFitWhileYouSit.comसे पर कॉपी $29.00 रेट में खरीद सकते है. यानिक अपनी इस ई-बुक को बाकि ई-बुक्स या फिटनेस वीडियोज से कम्पेयर नहीं करता बल्कि वो अपने सेल्स लैटर में लिखता है कि एक ई-बुक के लिए $29.00 बहुत स्माल प्राइस है.

इसे वो एक्सपेंसिव जिम इक्विपमेंट और जिम मेम्बरशिप लेने और पर्सनल ट्रेनर हायर करने होने वाले सारे खर्ची से कम्पेयर करता है. आप देख सकते है कि यानिक कैसे अपने “एप्पल” के प्राइस को दुसरे “एपल्स” से कम्पेयर नहीं करता है बल्कि अपना “एप्पल” के प्राइस को “ओरेंजेस” से कम्पेयर करके दिखता है. इस तरह उसने अपने प्रोडक्ट की वैल्यू बड़ा दी और इसका प्राइस भी जस्टिफाई कर दिया. एक और टेक्निक जो आप अप्लाई कर सकते है वो है सेल बल्क, अगर आप भी कोई ई-बुक बेच रहे है, कोई ऑडियो बुक या ट्यूटोरियल बुक तो आप इसके लिए 1001 इन्फोर्मेशन बिट्स लिख सकते है जो प्रोस्पेक्ट्स आपके प्रोडक्ट से सीखेंगे. इसे ही बल्क सेलिंग बोलते है. ऐसे बल्क ऑफ़ एडवांटेज के बारे में सोचे जो आप अपने कस्टमर्स को दे सकते है. ऐसा करके आपके प्रोडक्ट का प्राइस उसकी वैल्यू के सामने काफी छोटा लगेगा. सोचो कि आप फ्रेश एप्पल बेच रहे हो तो बजाये ये बोलने के” एन एप्पल अ डे कीप्स द डॉक्टर्स अवे”, आप एप्पल के सारे विटामिन्स और मिनरल्स के बारे में बता सकते है. या इन न्यूट्रीशियेश के हेल्थ बेनेफिट्स भी मेंशन कर सकते है. आप अपने रीडर्स को बताये कि उन्हें डिफरेंट टाइप का फूड लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी अगर वो सिर्फ आपका एप्प्ल खाए तो भी काफी

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रिव्यू विनिंग कॉपीराइटिंग टेक्नीक्स एंड टेक्टीक्स एक बढ़ी उम्र वाला सेल्समेन था जिसने ग्रेट डिप्रेशन
के टाइम में वैक्यूम क्लीनर्स की डोर टू डोर सेलिंग का काम शुरू किया. जब उसे काम पर रखा गया तो उसके सेल्स मैनेजर ने उसे एक बड़ी सी नोटबुक दी जिसमे 299 तरह की सेलिंग टेक्निक्स लिखी हुई थी. इसमें कुछ टिप्स भी दिए थे कि कैसे होम ओनर्स को कन्विंस करके उनके घर में जाकर उन्हें डेमो दे और अपना प्रोडक्ट बेचे. अब उस ओल्ड सेल्स मेन को बुक में लिखी 299 सेल्स टेक्नीक्स याद करने को बोला गया था. यही नहीं उसके लिए एक टेस्ट भी रखा गया था कि उसने कुछ लर्न किया या नहीं. लेकिन जब डैन कैनेडी ने उससे पुछा कि” इन 299 टेक्नीक्स में से कितनी टेक्नीक्स उसने वाकई में यूज़ की?” तो उस प्रो सेल्सपर्सन ने जवाब दिया” ओह, मैंने वो सब ट्राई की लेकिन 30 डेज़ के बाद मुझे लगा कि उनमे से तीन या चार ही काम करती है” डैन कैनेडी को भी ऐसा ही कुछ एक्स्पिरियेश हुआ जब वो अपने करियर की स्टार्टिंग में थे. उन्होंने मार्केटिंग, एड्वरटाईजिंग, कॉपीराइटिंग वगैरह पर काफी बुक्स पढ़ी लेकिन कई सालो तक एक्चुअल कस्टमर्स के साथ डील करते-करते उन्होंने ये फील किया कि दरअसल सेल्स के लिए कुछ ख़ास टेक्नीक्स ही काम करती है और यही टेक्नीक्स वो बार-बार यूज़ करते रहे. और हर टाइम इनमे से 3 टेक्नीक्स ही ऐसी है जो काम करती है. फर्स्ट टेक्नीक है” इंटीमीडेशन” यानी आप कस्टमर्स को बोले कि इस प्रोडक्ट की सप्लाई लिमिट है और अगर वो अभी नहीं लेंगे तो बाद में चांस नहीं मिलेगा.

यहाँ तक कि अमेरिकन एक्सप्रेस भी यही टेक्नीक यूज़ करता है अपने प्लेटिनम कार्ड बेचने के लिए.
बैंक कहता है” ओनली अ फ्यू केन क्वालीफाई”, और ये बात किसी को भी ट्रिगर कर जाती है कि वो भी
उस स्पेशल ग्रुप में इन्क्ल्यूड हो जाए जिनके पास ये प्लेटिनम कार्ड है. सेकंड टेक्नीक है” इगो अपील” आप
अपने प्रोडक्ट या सर्विस को ऐसे पोट्रे करे कि वो एक स्टेट्स सिम्बल लगे. इसके लिए आपको अपने रीडर्स को कन्विंस करना होगा कि अगर वो आपका प्रोडक्ट यूज़ करते है तो पब्लिक में डिफरेंट लगेंगे, लोग उन्हें स्पेशल समझेंगे. जैसे कि एक फैक्स मशीन के इस ओल्ड सेल्स लैटर को लेते है, जिसमे लिखा था” व्हट एक्सक्यूज़ डू यू मेक व्हेन आस्क्ड फोर योर फैक्स नम्बर-एंड यू हेव नोट गोट वन?” बेशक आज इससे भी मॉडर्न टेक्नोलोजी आ गयी है लेकिन सेम हेड लाइन स्मार्ट फोन या टेबलेट्स के लिए भी यूज़ की जा सकती है. जब आप अपने प्रोस्पेक्ट्स की इगो को अपील करते है उसका ज़ोरदार इम्पेक्ट उन पर पड़ता है. वो सोसाइटी में अपनी वैल्यू शो करना चाहते है.

अब चाहे जो भी आपका प्रोडक्ट हो, आप उसे ऐसे प्रेजेंट करो कि कस्टमर्स को लगे आपका प्रोडक्ट यूज़
करके वो सोसाइटी में अपनी शान बड़ा सकते है. थर्ड टेक्नीक है” टू बी अ स्टोरीटैलर” एक विनिंग सेल्स लैटर का एक इम्पोर्टेट पार्ट स्टोरी भी है. क्योंकि हर किसी को एक गुड स्टोरी पसंद होती है. ये याद रखो कि अपने सेल्स लैटर में वैल्यू की बात सबसे पहले मेंशन करो जो आप कस्टमर को देने वाले हो. उन्हें ऐसा ना लगे कि आप उन्हें खरीदने के लिए फ़ोर्स कर रहे है. लेकिन अगर आप उन्हें एक बढ़िया स्टोरी सुनाते है
तो रीडर्स को मज़ा भी आएगा और वैल्यूएबल लेसन भी मिलेगा. डेरिन गारमेन आयोवा में एक प्रिज़न गार्ड
की जॉब करता था. फिर उसने करियर चेंज करने का सोचा और रियल एस्टेट इन्वेस्टर और ब्रोकर बन गया. बाद में अपनी एबिलिटी टू सेल की वजह से डेरिन एक मिलेनियर बना. उसके सक्सेस का एक सीक्रेट ये भी था कि वो एक्सीलेंट सेल्स लैटर लिखता था और उसमे वो हमेशा अपनी रेग टू रिचेस वाली लाइफ स्टोरी और अपने पर्सनल एक्स्पिरियेश मेंशन करता था. राईट द फर्स्ट ड्राफ्ट इस स्टेप के लिए आपको बैठकर अपने लिए सेल्स लैटर लिखना चाहिए. जो कुछ आपने अब तक सीखा उसे ध्यान में रखे. बिलकुल टेंशन फ्री होकर अपना ड्राफ्ट लिखे. किसी तरह के ग्रामर करेक्शन, या नेगेटिव फीडबैक या सेल्स लैटर की लेंग्थ की फिर्क ना करे. बस लिखते जाए. और पूरा ड्राफ्ट लिखने के बाद उसे एडिट करे. जब डैन कैनेडी लिखते है तो उनका पहला ड्राफ्ट नॉर्मली काफी लंबा होता है.

क्योंकि जो भी आईडिया उनके माइंड में आता है, वो उन सबको उसमे इन्क्ल्यूड करना चाहते है. और फिर
बाद में उसकी एडिटिंग कर लेते है. डैन ट्रेडिशनल सेल्स लैटर लिख कर अच्छा ख़ासा कमा लेते है. इन
लैटर्स को ईमेल्स के श्रू सेंड किया जाता है. इन लैटर्स को एन्वल्प्स के साथ पर्सनली हर प्रोस्पेक्ट को एड्रेस
करके सेंड किया जाता है. आजकल न्यू टेक्नोलोजी जैसे कि ई मेल्स और वीडियोज यूज़ की जाती है.
आप भी इस तरह अपने फर्स्ट ईमेल या वीडियो स्क्रिप्ट के लिए ड्राफ्ट लिख सकते है. और सेम प्रिंसिपल
अप्लाई होता है चाहे आप अपने सेल्स लैटर डायरेक्ट मेल से या इलेक्ट्रोनिक मेल या वीडियो के श्रू सेंड
करते है. आजकल सेल्स वीडियो बनाना काफी ईजी और इफेक्टिव हो गया है. अगर आप इस बुक में मेंशन
टेक्नीक्स जो आपने सीखी उन्हें यूज़ करेंगे तो आपको भी ट्रेडिशनल सेल्स लैटर की तरह ही कस्टमर्स का सेम पोजिटिव रिस्पोंस मिलेगा. तो अभी सारी टेंशन भूल के अपने सेल्स लैटर का फर्स्ट ड्राफ्ट लिखना शुरू कर दो.

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रीराइट फोर स्ट्रेटेजी

अगर आपका सेल्स लैटरकाफी लंबा हो गया है तो टेंशन की कोई बात नहीं. अगर रीडर आपके प्रोडक्ट में
इंट्रेस्टेड होगा तो वो आपका लैटर एंड तक पढ़ेगा चाहे कितना भी लॉन्ग हो. और जो इंट्रेस्टेड नहीं है वो तो इसे
ओपन तक नहीं करेंगे. लेकिन कोई बात नहीं. क्योंकि आप ये लैटर इंट्रेस्टेड क्लाइंट्स के लिए लिख रहे है.
फिर चाहे वो कम नंबर में ही क्यों ना हो. डैन कैनेडी नॉर्मली 4 से 16 पेजेस के सेल्स लैटर्स लिखते है. और वो इसकी लेंग्थ को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं लेते. वो अपने क्लाइंट्स को पूरी इन्फोर्मेशन देना चाहते है, उन्हें एक अच्छी स्टोरी सुनाना चाहते है. आपको भी अगर अपना सेल्स लैटर रीराईट करना पड़े तो उसे छोटा करने के लिए नहीं बल्कि और भी पॉवरफुल बनाने के लिए रीराईट करे. अगर आपने भी अपना फर्स्ट ड्राफ्ट रेडी कर लिया है तो इन गाइड लाइन्स के हिसाब से आप उसे रीराइट कर सकते है. फर्स्ट वाला है “फ्रस्ट्रेट द इंग्लिश टीचर” सेल्स लैटर में करेक्ट ग्रामर फोलो नहीं की जाती बल्कि इन्हें कंवरसेशनल वे में लिखा जाता है. ऐसा लगना चाहिए जैसे आप किसी फ्रेंड से बात कर रहे है. जैसे एक्जाम्पल के लिए” इट इज अ फैक्ट”, इट इज गारेंटेड”, इट इज़ प्रूवन” हालांकि किसी ग्रामर टीचर को इस टाइप की चोपी लाइंस बिलकुल पसंद नहीं आएगी लेकिन सेल्स लैटर के लिए एक बड़ी इफेक्टिव होती है.

सेकंड गाइड लाइन है” इनक्रीज रीडरशिप विथ द डबल रीडरशिप पाथ” सिंपल वर्ड्स में बोले तो आपको
दो टाइप के रीडर्स को अपील करना है. कुछ रीडर्स इम्पल्सिव होते है जो इम्पल्स में आकर चीज़े खरीद लेते
है, और कुछ ऐनालिटीकल टाइप के रीडर्स होते है जो किसी भी चीज़ को लेने से पहले उसे रेशनलाइज़ करते
है, उसकी जांच पड़ताल करते है. इम्पल्सिव प्रोस्पेक्ट जोश में आकर कार तक ले लेते है. उनकी थिंकिग कुछ ऐसी होती है” मै ये कार लूँगा क्योंकि ये बड़ी शाइनी और रेड है! लेकिन एनालिटिकल प्रोस्पेक्ट्स पहले रिसर्च करेंगे फिर सारी इन्फोर्मेशन के बाद ही उस कार को लेंगे. तो अपने सेल्स लैटर में आपको इन दोनों टाइप के प्रोस्पेक्ट्स को अपील करना है. लेकिन कैसे? इमेजेस यूज़ करके, हाई लाइट्स, बोल्ड हेडलाइन्स, बोक्स्ड और एनसर्कल्ड वर्ड्स आपके क्लाइंट्स को काफी अट्रेक्ट करेंगे. और जब वो इन्हें पढ़ेंगे तो बाकि इन्फोर्मेशन भी नोटिस करेंगे.
,
जो एनालिटिकल प्रोस्पेक्ट्स होंगे वो हर सिंगल लाइन को पढ़ेंगे. अगर आपने स्टेटिस्टिक, ग्राफ्स, चार्ट्स,
फैक्ट्स और फिगर्स यूज़ किये है तो वो ये सब पढेंगे. इन सबको पढकर एनालिटिकल टाइप के क्लाइंटस रहे है. जैसे एक्जाम्पल के लिए” इट इज अ फैक्ट”, इट इज गारेंटेड”, इट इज़ प्रूवन” हालांकि किसी ग्रामर टीचर को इस टाइप की चोपी लाइंस बिलकुल पसंद नहीं आएगी लेकिन सेल्स लैटर के लिए एक बड़ी इफेक्टिव होती है. सेकंड गाइड लाइन है” इनक्रीज रीडरशिप विथ द डबल रीडरशिप पाथ” सिंपल वर्ड्स में बोले तो आपको दो टाइप के रीडर्स को अपील करना है. कुछ रीडर्स इम्पल्सिव होते है जो इम्पल्स में आकर चीज़े खरीद लेते है, और कुछ ऐनालिटीकल टाइप के रीडर्स होते है जो किसी भी चीज़ को लेने से पहले उसे रेशनलाइज़ करते है, उसकी जांच पड़ताल करते है. इम्पल्सिव प्रोस्पेक्ट जोश में आकर कार तक ले लेते है. थर्ड गाइडलाइन है “से इट अगेन, एंड अगेन एंड अगेन”. लोग रीपीटेशन के धू चीज़े याद रखते श्रू है. बिग ब्रांड्स ऐसा अपने टीवी कमर्शियल्स के धू करते लेकिन आप भी अपने सेल्स लैटर में ये टेक्नीक ट्राई कर सकते है ताकि आपका मैसेज पढने वालो के माइंड में स्टिक हो जाए. कम से कम सिक्स टाइम सेम बेसिक इन्फोर्मेशन को रीपीट करे. डैन कैनेडी अपने सेमिनार्स और स्पीचेस में यही टेक्नीक यूज़ करते है. सबसे पहले एक स्ट्रेटफॉरवर्ड स्टेटमेंट में लिखे कि कस्टमर्स को क्या बताना है. सेकंड, उन्हें एक्जाम्पल दे, थर्ड उन्हें एक रिलेटिंग स्टोरी सुनाये. फोर्थ उन्हें टेस्टीमोनियल्स प्रोवाइड करे, फिफ्थ किसी हैप्पी कस्टमर या एक्सपर्ट का कोई कोट या स्टेटमेंट इन्क्ल्यूड करे. सिक्स्थ, बुलेट्स या नंबर्स में समराइज़ करे,

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सबसे पहल हम बतायेगें प्रॉबल्म जैसे कि आप अपने इस घर में तीन, चार या शायद पांच सालो से रहते आ
रहे होंगे और इतने सालो में यहाँ से गुजरने वाले लोगो ने आपके कारपेट की हालत खराब कर दी होगी.
हम गारंटी देते है कि आपके कारपेट को एकदम नए जैसा बना देंगे वर्ना एकदम फ्री सर्विस ! उसके बाद एक
स्ट्रेट फोर्वड स्टेटमेन्ट जैसे कि हेयर हाउ इट वर्क्स (ये ऐसे काम करता है): हम अपोइन्टमेंट लेकर आपके घर आयेंगे. सबसे पहले तो हम सबसे गन्दे दाग को टेस्ट करेंगे. अगर आपको ये सक्सेसफुल लगा तो हम पूरा रूम करेंगे. आप हर रूम जज करते रहेंगे. आप जो अप्रूव करेंगे आपको उसी का पैसा देना है. और नेक्स्ट 21 डेज़ में आपको हर थ्री रूम्स के साथ एक रूम की फ्री सर्विस दी जायेगी. एक्जाम्पल के लिए अगर आप हमसे 3 रुम साफ करवाते है तो हम एक रुम फ्री मे साफ करेगें । अब हम लोगो के टेस्टीमिनेल बतायेगें और एक स्टोरी बतायेगें जिसके एण्ड में कस्टमर हम से खुश था जैसे कि हमे अभी कुछ दिन पहले एक ऐसे घर की सर्विस करने का मौका मिला जहाँ पेरेंट्स के जाने के बाद टीनएजर्स की लिटिल पार्टी थोड़ी सी आउट ऑफ़ कंट्रोल हो गयी थी. बीयर स्टेंस, सोडा पॉप स्टेंस, मिट्टी कीचड और ना जाने कौन-कौन से स्टेंस थे. और हमारे विजिट के बाद एल्म स्ट्रीट की होमओनर मिसेज ट्रस्टिंग पेरेंट ने क्या कहा, ज़रा वो भी सुनिए!

“बच्चो की पार्टी के बाद जब मैंने लिविंग रूम के कारपेट को देखा तो मुझे यकीन हो गया था कि अब तो
हमें नया कारपेट लेना ही पड़ेगा. मैंने स्टोर से खरीदे हुए कारपेट क्लीनर लिक्विड ट्राई किये लेकिन नतीजा और भी बुरा निकला. लेकिन सिर्फ 7 घंटे में 4 एस्सेस के स्टाफ ने मेरे कारपेट को परफेक्टली क्लीन कर दिया! और जब भी मेरी नजर इस पर पड़ती है मुझे यकीन नहीं होता कि ये पहले कभी गन्दा था. और लासट में हम सब पॉन्टिस को दोबारा से पॉन्टिस में बतायेगें.
एक्ट नाऊ, कॉल अस टूडे एट 239 एस्सेस और….
1. फ्री कंसल्टेशन और कोस्ट क्यूटेशन के लिए शेड्यूल फिक्स करे
2. हम रूम बाई रूम आपके कारपेट क्लीन करेंगे. 

3. आप हर रूम को देखकर हमारा काम जज कर सकते है

4. जो आप अप्रूव करे सिर्फ उसी के पैसे दे
5. एवरी थ्री रूम के साथ एक रूम की क्लीनिंग फ्री
6. सेटिसफीकेशन की गारंटी यहाँ पर “हेयर इज़ हाउ इट वर्क्स” ये लाइन स्ट्रेटफॉरवर्ड स्टेटमेंट को मार्क करती है. और फिर इसके बाद आता है, “फॉर एक्जाम्पल”. “वी वर रिसेंटली काल्ड टू वन होम वेयर….” ये लाइन एक रिलेटिंग स्टोरी की है. “हेअर इज़ व्हट देट होमओनर, मिसेज ट्रस्टिंग पेरेंट्स …” ये वाला पार्ट टेस्टीमोनियल भी है और एक हैप्पी कस्टमर का स्टेटमेंट भी. और लास्ट में “एक्ट नाऊ” के बाद हर चीज़ नंबर्स में समराइज़ की गयी है. अब ये तो पक्का है कि क्लाइंट इसे पढके ये फोर एसेस सिक्स्थ रीपीटेशन के साथ याद रखेगा.
कन्क्ल्यूजन
आपने इस बुक में सीखा कि कैसे प्राइस का इम्पेक्ट मिनिमाइज़ किया जा सकता है. आपने बेस्ट कॉपीराइटिंग टेक्नीक्स भी सीखी. आपने यहाँ ड्राफ्ट राइटिंग और रीराइटिंग भी सीखी. अब हम आपको अपने सेल्स लैटर की इफेक्टिवनेस इनक्रीज करने के लिए कुछ और टेक्नीक्स भी बताते है. आंसर क्वेश्चन्स एंड ऑब्जेक्शन्स डायरेक्ट सेलिंग में सेल्स पर्सन सारे क्वेश्चन का आंसर देता है और ओन द स्पोंट कस्टमर्स के डाउट भी दूर कर देता है. और जब क्लाइंट्स के डाउट क्लियर हो जाते है तो अब सेल क्लोज करने का टाइम आता है.अगर क्लाइंट सवाल पूछ रहा है तो इसका मतलब वो रियली आपके प्रोडक्ट में इंट्रेस्टेड है.

अपने सेल्स लैटर में आपको भी अपने रीडर्स के कुछ पोसिबल क्वेश्चन्स के आंसर देने चाहिए. उन्हें डायरेक्ट
आंसर दे और सपोर्ट के लिए अपनी कोई स्टोरी या टेस्टीमोनियल भी शेयर करे. या आप एक पार्ट” फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन्स एंड आंसर्स” के लिए भी रिजर्व रख सकते है. द क्रिएटिव पी. एस. लोग हमेशा एंड ऑफ़ द लैटर या पोस्ट स्क्रिप्ट से अट्रेक्ट होते है. आपको इसका एडवांटेज लेना चाहिए.
एक पोस्ट स्क्रिप्ट इन्क्ल्यड करे और इसे सेकंड हेडलाइन के तौर पर लिखे. ये आपके मैसेज की समरी होगी. एक बढ़िया ढंग से लिखा पोस्ट कार्ड आपके प्रोस्पेक्ट को पूरा सेल्स लैटर पढने के लिए मजबूर कर सकता है.

चेक द चेकलिस्ट
अगर आपने एक सेल्स लैटर के लिए कई सारे ड्राफ्ट लिखे है तो टेंशन मत लो. ये एक नार्मल बात है.
प्रैक्टिस करते-करते आप इसमें बेस्ट हो जायेंगे. बस जितनी भी टेक्नीक्स,फार्मूला और स्ट्रेटेजी आपको
आती है सब यूज़ करे. जितना आप लिखेंगे उतनी ही आपकी राइटिंग स्किल इम्प्रूव होगी. ट्रेडिशनल सेल्स लैटर आजकल काफी रेयर हो गए है. क्योंकि अब ई-मेल्स या वीडियोज के श्रू सेल्स लैटर बनाना काफी ईजी हो गया है. लेकिन चाहे तरीका कोई भी हो, अंडरलाइंग प्रिंसिपल हमेशा सेम रहेंगे. और प्रोस्पेक्ट्स का नेचर भी हमेशा सेम रहता है. आज भी उनकी सेम डिजायर्स और इम्पल्स होते है जो डैन कैनेडी के लॉन्ग करियर के टाइम में हुआ करते थे. और यही रीजन है कि इस बुक की टेक्नीक्स आज भी उतनी ही इफेक्टिव है जितनी कि पहले थी. आप चाहे डायरेक्ट मेल चूज़ करे या ई-मेल या वीडियोज, सीक्रेट आपके हाथ में है जिससे आप भी एक अल्टीमेट सेल्स लैटर लिख सकते है.


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