THE SIMPLE PATH TO WEALTH-Your Road Map … JL Collins Books In Hindi Summary

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map …
JL Collins
इंट्रोडक्शन

इस बुक के ऑथर बचपन से ही अपनी बेटी को पैसों के बारे में नॉलेज देना चाहते थे ताकि वो हमेशा financially स्टेबल रहे. 2017 में जब कॉलिंस कि बेटी कॉलेज से घर लौटी तो उन्होंने उससे कहा,
“तुम्हें पता है ना कि तुम्हें अपने पैसे कैसे मैनेज करने हैं क्योंकि जिंदगी में पैसा बहुत important होता
है.?” इस पर उनकी बेटी ने जवाब दिया, “हाँ डैड , मुझे पता है कि लाइफ में पैसा बहुत important होता है
लेकिन मेरी लाइफ में और भी बहुत सारी चीजें हैं करने के लिए. अब मैं सिर्फ पैसों के बारे में ही थोड़ी सोचती
रहूँगी.” ये बात सुनकर ऑथर को एहसास हुआ कि अपनी बेटी के लिए उन्हें ये सारी फाइनेंसियल नॉलेज लिखनी होगी ताकि कल जब वो इस दुनिया में नहीं रहेंगे तो भी उनकी बेटी इस प्रोसेस को फॉलो कर के फाइनेंसियल तौर पर इंडिपेंडेंट रह सके. उसके बाद उन्होंने फाइनेंस से जुडी हर नॉलेज एक बुक के फॉर्म में लिख दी और उसे नाम दिया “The simple path to Wealth”. क्या आप जानते हैं कि ये बुक कितनी
मशहूर हुई? आज इस समरी में हम इसी बुक की बात करने वाले हैं

जितना आप सीखने में देर करोगे, उतना ही लोग आपको बेवकूफ बनायेंगे क्योंकि आज की दुनिया में हर
कोई पैसे के पीछे भाग रहा है. आपके पास अगर आज पैसा है तो लोग किसी न किसी तरीके से आपसे पैसा
निकलवाने की फिराक में रहेंगे. वो कहानी तो आपने सुनी होगी जो एक monk यानी संत और एक मिनिस्टर के इर्द-गिर्द घूमती है . तो होता क्या है कि मंक और मिनिस्टर बचपन में बेस्ट फ्रेंड होते है. फिर दोनों बड़े हो जाते है और अपनी-अपनी लाइफ में बिज़ी हो जाते है. दोनों की दुनिया एकदम अलग है. मिनिस्टर एक राजा का एडवाईजर बनता है और शानो-शौकत से जिंदगी गुज़ारने लगता है. वो कीमती कपड़े पहनता है और बढिया खाना खाता है. कई साल बाद दोनों पुराने दोस्त फिर से मिलते है. मिनिस्टर को अपने दोस्त मंक की हालत पर तरस आता है. वो सूखकर काँटा हो गया था और उसने मैले-कुचैले कपड़े पहन रखे थे. तो मिनिस्टर उसे सलाह देता है कि अगर वो राजा की सेवा करना सीख लेगा तो वो भी ठाठ-बाट से रह सकता है. फिर उसे यूं रूखा-सूखा खाने की और गरीबी में जीने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मिनिस्टर की बाते सुनकर मंक को जरा भी बुरा नहीं लगा. उसने अपने दोस्त मिनिस्टर से बस इतना कहा “अगर तुम भी रूखा-सूखा खाकर खुश रहते तो शायद तुम्हे भी राजा के यहाँ नौकरी करने की जरूरत नहीं पड़ती”.
तो इस कहानी के हिसाब से आप क्या हो मिनिस्टर या मंक?

ऑथर जे एल कॉलिंस तो खुद को मंक समझते है. जे जहाँ तक उन्हें याद है, उन्होंने हमेशा ही फाईनेंशीयली
इंडीपेंडेट होने की कोशिश की है. हालाँकि कॉलिंस का कभी ये सपना नहीं रहा कि उनके पास इतना पैसा हो कि वो पैसों में लोट-पोट हो सकें. हाँ, पर इतना पैसा जरूर हो कि वो अपनी फेमिली के साथ एक कम्फर्टेबल लाइफ जी सके. ये उनका गोल था जिसने उन्हें हार्ड वर्क के बजाए स्मार्ट वर्क करने के लिए
इंस्पायर किया. वैसे आपको बता दे, ऑथर कॉलिंस की लाइफ इतनी भी स्मूथ नहीं थी. उन्हें अपनी लाइफ में बहुत ज्यादा फाईनेंशियल प्रॉब्लम झेलनी पड़ी. उनके कई डिसीजन बुरी तरह फेल हुए थे पर उन्होंने अपने
फेलियर से काफी कुछ सीखा. उन्होंने कभी गिव अप नहीं किया. बल्कि उन्होंने एनालाईज़ किया और
उससे सीखा. लाइफ में उन्होंने कई अलग-अलग जॉब भी की. उनकी लाइफ में एक ऐसा भी वक्त था जब
काफी समय तक वो और उनकी वाइफ जॉबलेस थे. लेकिन कॉलिंस उन पुरानी बातों को याद करके दुखी
नहीं होते. आपको पता है क्यों? क्योंकि बाद में उन्होंने इतना पैसा कमा लिया था कि अपनी फेमिली को
सपोर्ट कर सके.

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map …
JL Collins
Debt: The Unacceptable Burden

कॉलिंस जब ग्रेजुएट हुए तो उन्हें अपना पहला क्रेडिट कार्ड मिला था. किसी भी आम आदमी की तरह खुद का क्रेडिट कार्ड देखकर कॉलिंस फूले नहीं समाये थे. वो इसे यूज़ करने के लिए बेहद एक्साईटेड थे. लेकिन बदकिस्मती से क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि इसमें खर्चे का हिसाब रख पाना मुश्किल होता है. इन्सान जेब से क्रेडिट कार्ड निकालता है और मनमर्जी की शॉपिंग करता है. तो कॉलिंस भी अपना कार्ड यूज़ करते रहे बगैर टेंशन लिए कि वो कितनी शॉपिंग कर रहे है. तो पहले महीने उन्हें टोटल 3000 पे करने पड़े. बिल में नीचे की साइड में बैंक ने लिखा था” मिनिमम पेमेंट ड्यू: 100″ कॉलिंस को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ. उन्होंने 3000 की शॉपिंग की थी जिसके बदले उन्हें महीने के सिर्फ 100 rs पे करने थे और
सिर्फ यही नहीं वो और भी शॉपिंग कर सकते थे? उन्होंने सोचा, “वाह! क्या बढिया डील है”. लेकिन फिर उन्हें अपने पिता के कहे शब्द याद आए “अगर कोई चीज़ विश्वास करने लायक से ज़्यादा अच्छी हो, तो शायद वो वाकई में अच्छी हो सकती है.”

बैंक आपका ध्यान भटकाने कि कोशिश करते है. बड़ी आसानी से ये कहकर कि हर महीने बस 100 Rs पेमेंट करनी होगी, वो ये बात छुपाते हैं कि इसका क्या अंजाम हो सकता है. तो ऐसा क्या था जो बैंक ने
कॉलिंस को नहीं बताया था ? यही कि जो पैसे कॉलिंस अब तक चुका नहीं पाए थे यानी Rs2900 उस पर हर
महीने इंटरेस्ट बढ़ता जाएगा. अपने आस-पास देख लीजिए, हमे आसानी से ऐसे कई लोग मिल जायेंगे जो कों पर जी रहे है. बल्कि ऐसे लोग कम ही मिलेंगे जिनके सिर पर कोई कर्जा ना हो क्योंकि आज लोन बड़ी नॉर्मल चीज़ हो गई है. डेट यानी उधारी के दम पर ही सही पर लोग अच्छी क्वालिटी ऑफ़ लाइफ जीना चाहते है. लोग बैंक से लोन लेकर अपने शौक पूरे कर रहे है. लेकिन अगर आप भी इन लोगों में शामिल है तो आपको अपनी सोच बदलनी होगी. उधार या लोन लेकर आप कभी भी फाईनेंशियल इंडीपेंडेस अचीव नहीं कर पाएंगे. क्योंकि कॉलिंस को इस बात में कोई तुक नज़र नहीं आती. हाँ, डेट के ज़रिए आप अपनी
purchasing पॉवर बढ़ा सकते हो. लेकिन असल में उधार लेने का मतलब है कि आप वो पैसा खर्च कर
रहे हो, जो आपके पास है ही नहीं और लोन लेने के बाद इंटरेस्ट भी भरना पड़ता है जो एक तरह से आपकी
सारी इनकम खा जाता है. लोन, उधार या डेट का एक और साइड इफेक्ट ये है कि ये हम पर साईंकोलोजिकल प्रेशर क्रिएट करता है.

इन्सान हर वक्त स्ट्रेस में रहता है क्योंकि उसे यही टेंशन रहती है कि इंटरेस्ट कहाँ से चुकाए. इन्सान अपने ख! पर कण्ट्रोल नहीं कर पाता और बाद में पछताता है. कई बार तो सिचुएशन इस हद तक पहुंच जाती है कि
इन्सान ये सोच-सोचकर पागल हो जाता है कि वो उधार कैसे चुकाएगा. इसलिए जाहिर सी बात है कि कॉलिंस अपने एक्सपीरिएंस से आपको यही कहेंगे कि कभी डेट मत लो. जहाँ तक हो सके लोन या उधार लेने से बचो. लेकिन अगर आपके सिर पर पहले से उधारी है तो ? तो कॉलिंस ये सलाह देते हैं कि अपने उधार के इंटरेस्ट रेट के हिसाब से पे करो. (अब जो हम इंटरेस्ट रेट बताने वाले हैं वो बुक में बताया गया था पर हमें इंडियन इंटरेस्ट रेट के हिसाब से डिसिशन लेना है इसलिए इस principle को समझें ना कि सिर्फ इंटरेस्ट रेट के नंबर को) अगर आपका डेट 3% से कम है तो मन्थली पेमेंट सिस्टम बना लो. हालाँकि आपको अपना पैसा इन्वेस्ट करने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए. पर अगर ये 3-5% के बीच हो तो वही करो जो
आपको comfortable लगे. या तो आप डेट पे करो या भी इसे इन्वेस्टमेंट में यूज़ करो. अगर इंटरेस्ट रेट 5% है तो बैटर होगा कि आप जल्द से जल्द सारा कर्ज़ चुका दो. सुनने में ये सब कुछ एकदम सिंपल और आसान
लगता है ना? लेकिन अगर आपको अभी भी कुछ डाउट है तो कॉलिंस आपको नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करने के लिए कहते हैं.

सबसे पहले, अपने सारे उधार का टोटल कर लो कि आपको कितना पैसा चुकाना है. दूसरी चीज़, बेकार के खर्चों पर लगाम लगाओ. सिर्फ वही खरीदो जो जरूरी है. घर में खाना बना है तो बाहर से क्यों ऑर्डर करना? इससे आप करीब $20 तक सेव कर सकते हो जो आपके डेट पे करने के काम आएगा. लोन या उधारी को टालो मत, आज नहीं तो कल आपको उसे चुकाना ही पड़ेगा. तीसरी चीज़, अपने सारे उधार उनके इंटरेस्ट रेट के हिसाब से रैंक में रखो. अपने सारे डेट के लिए जितना मिनिमम अमाउंट पे करना है उसे पे करो और बाकि पैसा सबसे ज़्यादा इंटरेस्ट रेट वाले उधार के लिए रखो. चौथी चीज़, ये मेथड तब तक रिपीट करो जब तक कि सारा कर्जा उतर ना जाये. ये सुनने में सिंपल लगता है क्योंकि ये वाकई में सिंपल है. हालाँकि कर्जा चुकाने के लिए बहुत डिसप्लीन से रहना होता है. आपको एकदम अपने फालतू के खर्चे कण्ट्रोल करने होंगे. कई महीने लग सकते है तब जाकर आप इन स्टेप्स को फॉलो कर पाओगे. लेकिन एक बार आपने ऐसा कर लिया तो समझो आपको पैसे का सही इस्तेमाल करना आ गया. 

बैंक आपका ध्यान भटकाने कि कोशिश करते है. बड़ी आसानी से ये कहकर कि हर महीने बस 100
Rs पेमेंट करनी होगी, वो ये बात छुपाते हैं कि इसका क्या अंजाम हो सकता है. तो ऐसा क्या था जो बैंक ने
कॉलिंस को नहीं बताया था? यही कि जो पैसे कॉलिंस अब तक चुका नहीं पाए थे यानी Rs2900 उस पर हर
महीने इंटरेस्ट बढ़ता जाएगा. अपने आस-पास देख लीजिए, हमे आसानी से ऐसे कई लोग मिल जायेंगे जो कों पर जी रहे है. बल्कि ऐसे लोग कम ही मिलेंगे जिनके सिर पर कोई कर्जा ना हो क्योंकि आज लोन बड़ी नॉर्मल चीज़ हो गई है. डेट यानी उधारी के दम पर ही सही पर लोग अच्छी क्वालिटी ऑफ़ लाइफ जीना चाहते है. लोग बैंक से लोन लेकर अपने शौक पूरे कर रहे है. लेकिन अगर आप भी इन लोगों में शामिल है तो आपको अपनी सोच बदलनी होगी. उधार या लोन लेकर आप कभी भी फाईनेंशियल इंडीपेंडेस अचीव नहीं कर पाएंगे. क्योंकि कॉलिंस को इस बात में कोई तुक नज़र नहीं आती. हाँ, डेट के ज़रिए आप अपनी
purchasing पॉवर बढ़ा सकते हो. लेकिन असल में उधार लेने का मतलब है कि आप वो पैसा खर्च कर
रहे हो, जो आपके पास है ही नहीं और लोन लेने के बाद इंटरेस्ट भी भरना पड़ता है जो एक तरह से आपकी
सारी इनकम खा जाता है. लोन, उधार या डेट का एक और साइड इफेक्ट ये है कि ये हम पर साईंकोलोजिकल प्रेशर क्रिएट करता है.

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map …
JL Collins
How to Think About Money

एफ यू (F-You) मनी का फंडा कॉलिंस और उनकी फेमिली के बड़े काम आया जब वो और उनकी
वाइफ एकदम जॉबलेस थे. एफ यू मनी को कॉलिंस एक्स्ट्रा मनी कहते है. इसकी शुरुवात तभी से हो गई
थी जब वो एक यंग प्रोफेशनल हुआ करते थे. उन्हें काम करते हुए एक-दो साल हो चुके थे और अब वो
यूरोप जाना चाहते थे. असल में कॉलिंस को ट्रेवलिंग का बड़ा शौक था, और वो अपनी रुटीन लाइफ से कुछ दिनों का ब्रेक लेना चाहते थे इसलिए उन्होंने अपने बॉस से छह हफ्ते की छुट्टी मांगी. वो जानते थे बॉस मना कर देगा इसलिए उन्होंने ये तक कह दिया कि ये छुट्टियाँ अनपेड होंगी तो भी उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है. पर जानते है कॉलिंस के बॉस ने क्या कहा, उसने उन्हें छुट्टी देने से साफ मना कर दिया. फिर क्या था, कॉलिंस ने उसी वक्त रिजाइन कर दिया. उनके पास इतना पैसा तो था ही कि वो “ऍफ़ यू मनी” बोल सकते थे और जो मन में आये वो कर सकते थे यानी ट्रेवलिंग, जो उनका शौक था. F-You मनी बेसिकली वो पैसा है जो आप सेव करते आये है. तो आप इस पैसे का जो मर्जी वो कर सकते है. जैसे-जैसे टाइम गुजरता गया कॉलिंस अपने एफ यू मनी को इन्वेस्टमेंट में लगाने लगे. उनका पैसा साल दर साल बढ़ता गया. कॉलिंस काफी सिंपल लाइफ जीते है इसलिए उनके खर्चे भी कम थे. लेकिन इसी एफ यू मनी ने उन्हें फाइनेशियल फ्रीडम दी. तभी तो वो जॉब छोड़ने का डिसीजन ले पाए, अगर उनके सारे खर्चे सिर्फ जॉब पर डिपेंडेंट होते तो शायद उनके जॉब छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता. बाद में इसी फाईनेंशियल फ्रीडम की वजह से वो अर्ली रिटायरमेंट भी ले पाए.

तो अपने एफ यू मनी के लिए आपको सबसे पहले पैसे को लेकर अपनी सोच और नज़रिया बदलना होगा. कोई भी एक पेपर बिल ले लो, जो अभी आपके पास है. इसे टेबल पर रखो और देखो. अब बताओ इस बिल का आपके लिए क्या मतलब है ? आप इससे कोई फैंसी डिनर कर सकते हो या अपने डॉग के लिए डॉग बेड या फिर किसी और चीज़ में भी आप इसे खर्च कर सकते हो. क्योंकि पैसा खर्च करना कोई बड़ी बात नहीं है पर कुछ ही तरीके है जिससे आप इसका सही इस्तेमाल कर सकते हो. माइक टायसन दुनिया के बेस्ट और सबसे अमीर बॉक्सर थे. वो एक महीने में करीब $400,000 खर्च करते थे. उन्हें महंगी चीजों का शौक था और वो इतनी फैंसी लाइफस्टाइल जीते थे जो शायद कई लोगों के लिए सिर्फ एक सपना हो. लेकिन इतना पैसा कमाने के माइक टायसन दिवालिया हो गए थे.

चाहे आपके पास दुनिया भर का पैसा हो तो भी बगैर फाईनेंशियल प्लानिंग के बेहिसाब खर्च करते रहोगे तो
शायद बाद में कौड़ी-कौड़ी के मोहताज़ हो जाओगे. माइक टायसन अकेले नहीं है जिन्हें पैसे की कद्र
करनी नहीं आई. ये आपके साथ भी हो सकता है. लेकिन आपको पैसे के बारे में सोचना क्यों चाहिए ?
सबसे पहले तो ये बात दिमाग से निकाल दो कि पैसा सिर्फ खर्च करने की चीज़ है. पैसा आपको और ज्यादा
पैसा कमाकर दे सकता है. जब भी आप खर्च करो, याद रखो कि जो पैसा खर्च हुआ, अब कभी लौटकर नहीं
आएगा. इसलिए सोच समझ कर उन्ही चीजों पर खर्च करो जो बेहद जरूरी हो. दूसरी चीज़, हमेशा अपोर्म्युनिटी कि कॉस्ट कंसीडर करो. मान लो आपको 20,0000 में एक कार लेनी है. कॉलिंस उम्मीद करते है कि आप कार खरीदने का मतलब जानते होंगे. अगर आप 200000 खर्च करते है तो इसका मतलब बैंक में आपके 200000 कम हो गए, लेकिन साथ में उस अपोचूँनिटी कॉस्ट का भी ध्यान रखो जो ये अपने साथ लेकर आती है. अपो→निटी कॉस्ट बेसिकली वो पैसा है जो आप दूसरी चीजों पर खर्च करते है जैसे आपने कार खरीद ली तो आपके उस पैसे को इन्वेस्ट करने की अपो→निटी कॉस्ट खत्म हो गई. लेकिन अगर आप यही 200,000 कहीं इन्वेस्ट कर देते तो? क्या होता अगर आपको कार खरीदने के बदले ये आईडिया आता कि उस पैसे से आप और पैसा कम सकते हो.

वैनगार्ड की टोटल स्टॉक मार्केट इंडेक्स (VTSAX) वो जगह है जहाँ आप पैसे इन्वेस्ट कर सकते हो.
(इंडिया में VTSAX कि जगह NIFTY 50 Index funds है जहाँ हम इंवेस्ट कर सकते हैं, तो अब से
हम जितनी बार भी VTSAX बोलेंगे तो समझ लीजिए कि इंडिया के हिसाब से ये NIFYT 50 Index
funds होगा… चलिए आगे बढ़ते हैं) इससे आपका पैसा हर साल 8-12% के हिसाब से ग्रो करेगा. तो मान
लो आपने 200000 VTSAX में लगाये. 8% के हिसाब से आपके यही 200000 आपको साल भर में
16000 कमा कर देंगे. यानि गौर से देखे तो असल में कार आपको 216000 की पड़ रही है. साथ ही ये मत
भूलो कि 200000 की इन्वेस्टमेंट annually ग्रो करती रहेगी, अब आप डिसाइड कर लो, आप नई कार
खरीदना चाहेंगे या ये पैसा इन्वेस्ट करना चाहेंगे? तीसरी चीज़, इन्वेस्टमेंट को अलग नज़रिए से देखना
शुरू करें. फेमस बिजनेसमेन वॉरेन बफ़ेट , ने दर्जनों इन्वेस्टमेंट की है. 2008 में उन्हें करीब 25 बिलियन
डॉलर का नुक्सान हुआ था. वो इसलिए क्योंकि उस वक्त मार्केट एकदम से नीचे चला गया था. लेकिन ये
सब तो होता रहता है. स्टॉक्स कभी ऊपर चढ़ते है तो कभी नीचे गिरते है. 2008 में वॉरेन की नेट वर्थ, जो पहले 62 बिलियन थी. उससे घटकर 37 बिलियन रह गई थी पर वॉरेन इससे ज़रा भी नहीं घबराए. इस तरह की सिचुएशन के लिए वो तैयार रहते है. बल्कि वो नए स्टॉक्स में इन्वेस्ट करते रहे और जब मार्केट रिकवर होने लगी-जैसा कि हमेशा होता रहा है-उनकी इन्वेस्टमेंट भी रिकवर हुई.

आपको अपने इन्वेस्टमेंट को उस तरह से लेने की जरूरत है जैसे वॉरेन लेते है. इसे आसानी से समझने
के लिए मान लो कि आप एक रेस्टोरेंट चलाते हो. तो बिजनेस में ऐसा भी होता है जब एक भी कस्टमर नहीं
आता और किसी दिन कस्टमर्स की भीड़ लगी रहती है. किसी भी मार्केट में अप-डाउन चलता रहता है. बस
इतना ध्यान रखना कि जिस भी कंपनी के स्टॉक्स आप लो, वो एक स्ट्रोंग कंपनी हो यानि एक ऐसी
एस्टेबिलिशड कंपनी जो कभी दिवालिया नहीं होगी.


THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map…
JL Collins
There’s a Major Market Crash Coming, and Even Famous Economists Can’t Save You

स्टॉक मार्केट के बारे में कई तरह कि अफवाहें है, लोग अलग-अलग थ्योरी और राय देते रहते है और ये सारी
बाते किसी के भी मन में स्टॉक मार्केट को लेकर एक डर पैदा करती है, ख़ासकर उनके लिए जिन्हें इसका
कोई एक्सपीरिएंस नहीं होता है. तो कॉलिंस आपको स्टॉक मार्केट की जानकारी कुछ इस तरह से देते है:
सबसे पहली बात, मार्केट केश एक ऐसी चीज़ है जो अवॉयड नहीं की जा सकती. कई बार लोगों को
इसका अंदाजा हो जाता है और कई बार नहीं भी होता. कई बार मार्केट क्रेश होकर बिलकुल गिर जाता
है. इस पर किसी का कण्ट्रोल नहीं है. अगर कण्ट्रोल होता तो दुनिया में सारे लोग इन्वेस्टर् ना बन जाते.
दूसरी चीज़, ये हमेशा याद रखो कि मार्केट रिकवर ज़रूर करेगा, हमेशा करता आया है. मार्केट क्रैश
होने पर कभी अपने सारे स्टॉक्स एक साथ मत बेचो. ये डिसीजन आपको उन लोगों से अलग करेगा जो
अपनी इन्वेस्टमेंट में सारा पैसा खो देते है. इसलिए आपको सीखना होगा कि क्रेश को कैसे हैंडल करना
तीसरी चीज. मार्केट हमेशा ऊपर जाता है. इसलिए इन्वेस्टर्स की जर्नी काफी अप-डाउन से भरी रहती है.

लेकिन इतना रिस्क तो लेना ही पड़ेगा. कई बार मार्केट महीनों या साल भर तक डाउन रहता है पर टेंशन ना
ले, कभी ना कभी तो ये ऊपर जाएगा ही. चौथी चीज़, एक बार इन्वेस्ट कर लिया तो ये नहीं कि आप सीखना छोड़ दो, हमेशा एक्सपर्ट की सुनो. स्टॉक मार्केट को रीड करना सीखो. बात स्टॉक मार्केट की हो तो हमेशा अपने दिमाग का इस्तेमाल करो. लेकिन साथ ही अपनी ईमोशनल स्किल भी डेवलप करो. जब आपको कोई इन्वेस्टमेंट ऑफ़ लगे तो ध्यान दो, यानी दूसरे शब्दों में कहे तो हमेशा अपनी इंस्टिंक्ट की सुनो.
मान लो आपने इन्वेस्टमेंट करने का मन बना ही लिया है तो आपको उतार-चढ़ाव भी एक्स्पेक्ट करनी
होगी, ये फैक्ट है कि नुक्सान होने पर काफी दुख होता है. अपने स्टॉक्स को नीचे गिरते देखना बड़ा मुश्किल
होता है. लेकिन ठीक है. स्टॉक मार्केट एक रिस्की बिजनेस है. उम्मीद मत छोड़ो. आज नहीं तो कल
मार्केट रिकवर करेगा . इसलिए कभी हौसला मत हारो.
..
Why Most People Lose Money in the Market 

जैसा पहले बताया गया है पैसा खो देना इन्वेस्टमेंट का एक पार्ट है. अगर आपको ये बर्दाश्त नहीं है बेहतर है कि आप इन्वेस्ट करने का आईडिया अपने दिमाग से निकाल दे. लेकिन कुछ ऐसे तरीके है जिनसे नुक्सान होने के चांस कम हो सकते है. तो पेश है कॉलिंस की गाईडलाइन जो आपको फॉलो करनी चाहिये: पहली बात, मार्केट में एंटर करने का कोई राईट टाइम नहीं होता. क्या आपके माइंड में भी कुछ इस तरह की बाते आती है जैसे कि’ इन्वेस्ट तभी करो जब मार्केट हाई हो.” तो जब मार्केट लो होता है तो आप इन्वेस्टिंग अवॉयड करते हो. जब मार्केट क्रैश होता है तो आप घबराकर अपने सारे स्टॉक्स बेच देते हो. लेकिन आपको ऐसा कुछ भी नहीं करना है. मार्केट में इन्वेस्ट करने का कोई राईट टाइम नहीं होता है. मार्केट अगर लो है तो अपने स्टॉक्स होल्ड करके रखो बेशक आपको कम return मिलेंगे. दूसरी बात, ये मत सोचो कि आप इंडिविजुअल स्टॉक्स ले सकते हो. आपको विनिंग स्टॉक्स में ही इन्वेस्ट करना है लेकिन ये पता करना नामुमकिन है कि कौन सा स्टॉक अच्छा परफॉर्म करेगा. हाँ, ऐसा भी होता है जब आपको बेहद कम रिटर्न मिलता है, लेकिन इससे निराश होने की जरूरत नहीं है. नफा-नुकसान तो इन्वेस्टिंग में लगा ही रहता है.
तीसरी चीज़, beer पर फोकस करो उसके झाग पर नहीं . आप जब बियर पीते हो तो एक ट्रिक है

कि बियर को ग्लास में कैसे डाले. जब आप ग्लास की साइड से बियर डालते हो तो झाग नहीं आता.
पर आप ग्लास के सेंटर में तेज़ी से बियर डालोगे तो आपका ग्लास झाग से भर जायेगा. स्टॉक मार्केट में इस एक्जाम्पल को एक कहावत की तरह यूज़ किया जाता है. बियर मार्केट का एक्चुअल कोर है. आपका सारा फोकस और टाइम यहीं पर होना चाहिए. झाग पीछे का शोर है. ये मीडिया को दिखाता है जो मार्केट को लेकर अफवाहे फ़ैलाते हैं. ये वो लोग है जो महंगे बिजनेस सूट पहनकर एक-दूसरे पर चिल्लाते रहते है. यानी स्टॉक्स अच्छा कर रहे हैं या बुरा, इसे एक ड्रामे कि तरह पेश किया जाता है.

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map …
JL Collins
Keeping it Simple: Considerations and Tools

कॉलिंस का मानना है कि “Simplicity is good, simple and profitable” सादगी अच्छी, आसानी और फायदेमंद होती है. ये जरूरी नहीं है कि हम इन्वेस्टमेंट को एक पेचीदा और डराने वाली चीज़ बना दे. इन्वेस्टिंग की फील्ड में आप जैसे नए लोगों को इन तीन बातों और तीन टूल्स के बारे में जरूर
जानना चाहिए. ये है वो तीन चीज़े जो आपको कंसीडर करनी चाहिए. पहली, अभी आप अपने इन्वेस्टिंग लाइफ के कौन से स्टेज पर हो? क्या आप पैसे कमाने के लिए इन्वेस्ट कर रहे है? या अपनी वेल्थ को बचाने के लिए इन्वेस्ट कर रहे है? दूसरी चीज़, आप कितना रिस्क लेने के लिए तैयार है? तीसरी चीज़, आपकी इन्वेस्टमेंट शोर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म? ये तीनो कंसिडरेशन आपस में जुडी हुई है. आप कितने टाइम के लिए इन्वेस्ट करेंगे, ये चीज़ आपके लेवल ऑफ़ रिस्क टेकिंग को अफेक्ट करेगी और इन्वेस्टिंग का आपका मकसद भी बाकि दोनों बातों को अफेक्ट करता है.

आप इन सवालों के जवाब दे, उससे पहले कॉलिंस आपको इन पॉइंट्स पर गौर करने को कहते हैं. सेफ्टी
की कोई गारंटी नहीं है. कॉलिंस ये बार-बार रिपीट करते है क्योंकि लोग उतार-चढ़ाव के नाम से ही घबरा
जाते है. लेकिन अगर आपको सच में अपना पैसा ग्रो करना है तो आपको रिस्क भी उठाने होंगे. एक और पॉइंट है जिस पर आपको गौर करना होगा, वो है एफ-यू (F-YOU)मनी अहम होता है. अगर आप ये पढ़ रहे हो तो ये सिग्नल है कि आप अभी से एफ यू मनी के लिए सेव करना स्टार्ट कर दो. फ्यूचर में क्या होगा, कोई नहीं जानता. हो सकता है कल आपकी जॉब चली जाए या कोई पर्सनल इमरजेंसी आ जाए. इसलिए आपको हमेशा तैयार रहना चाहिए. अगर आपके पास इन तीनो सवालों के जवाब है तो अब समय है कि हम इन तीन टूल्स की बात करे. ये तीनो टूल आपको अपना पोर्टफोलियो बनाने में मदद करेंगे. आपका पोर्टफोलियो आपके अलग-अलग इन्वेस्टमेंट के लिए एक अम्ब्रेला टर्म की तरह है. कॉलिंस इसे जितना हो सके उतनी आसानी से समझाने कि कोशिश करते है क्योंकि वो जानते है कि ये टूल्स सुनने में काफी भारी-भरकम लग सकते है. ये तीन टूल्स है स्टॉक्स, bonds और कैश. स्टॉक्स लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छे है. अगर आप राईट स्टॉक चूज़ करते हो तो आपको बेस्ट रिटर्न्स मिलेंगे ही मिलेंगे. स्टॉक्स अच्छे इन्फ्लेशन हेज भी है यानि कि स्टॉक की वैल्यू थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है पर सालो बाद भी ऑलमोस्ट सेम रहेगी.

Bonds बेसिकली वो पैसा है जो आप किसी को उधार पर दे रहे हो. अब ये उधार चाहे गवर्नमेंट को दो
या किसी कोई कंपनी को. आप उन्हें पैसा लोन पर देते हो और बदले में वो आपको ज्यादा इंटरेस्ट के साथ पैसे पे करते है. ये deflation हेज की तरह एक्ट करता है दूसरे शब्दों में कहे तो चाहे इकॉनमी डाउन क्यों ना जा रही हो तो भी आपका पैसा सेफ रहेगा. Deflation के टाइम पर कैश होना अच्छा होता है. जितना प्राइस ड्राप होगा उतना ही आप अपना कैश यूज़ कर पाओगे. लेकिन अगर प्राइस बढ़ते है तो आप कैश से ज्यादा कुछ नहीं खरीद पाओगे. कॉलिंस ने नोटिस किया है कि कैश में इंटरेस्ट रेट कम होता है. इसलिए वो अपने रीडर्स को यही सजेस्ट करते है कि कम से कम कैश अपने पास रखे. कैश तब आपको प्रॉफिट देगा जब आप इसे कहीं इन्वेस्ट करोगे.

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map…
JL Collins
Index Funds are really Just for Lazy People, Right?

इंडेक्स फंड के बारे में कई तरह की अफवाहे है. अब क्योंकि ये पैसिव इनकम का जरिया है तो कई लोग इसे
उतनी इम्पोर्टेस नहीं देते. लेकिन इंडेक्स फंड सच में अच्छी चीज़ है. इंडेक्स फंड यानी किसी भी इंडेक्स में
हर स्टॉक खरीद कर रख लेना और आप ऐसा इसलिए करते हो क्योंकि,जैसा कि पहले बताया जा चुका है
कि आप हर टाइम कोई विनिंग स्टॉक नहीं ले सकते. इसलिए हम ऐसे स्टॉक में इन्वेस्ट करते है जो हमारी
देश के मार्केट में सही प्रॉफिट दे रहे हो. इंडेक्स फंड रीजनेबल लगते है, है ना? लेकिन कई लोगों को ये पसंद नहीं है. वो इसलिए क्योंकि स्मार्ट लोगों को लगता है कि ये उनके लेवल के नीचे की चीज़ है. स्मार्ट लोग सोचते है कि इन्वेस्टिंग का मतलब है मार्केट को आउटस्मार्ट करना. यानी ऐसे लोगों को लगता है कि वो राईट स्टॉक्स पर इन्वेस्ट करके ज्यादा प्रॉफिट कमा लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. स्टॉक मार्केट दुनिया की सबसे ज्यादा अनप्रेडिक्टेबल जगह है, यहाँ कब क्या बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. तो स्मार्ट चॉइस यही है कि किसी भी एक इंडेक्स के हर तरह के स्टॉक्स खरीद लिए जाए. कुछ लोगों को ये बात हज़म नहीं होगी. तो आप सिर्फ उन्ही स्टॉक्स तक सीमित रहो जो आपके देश के इंडेक्स में अच्छा प्रॉफिट कमा रहे हो. है ना एकदम ईजी और सिंपल.

इंडेक्स फंड्स को आप वेल्थ बढाने और उसे सेव करने के लिए यूज़ कर सकते हो. कॉलिंस वेल्थ
एक्यूमुलेटिंग यानी पैसे को जमा करना या उसे बढाने को को “The wealth accumulation
portfolio” कहते हैं और वेल्थ प्रीज़र्वेशन को द वेल्थ प्रीज़र्वेशन पोर्टफोलियो. द वेल्थ एक्यूमुलेशन
पोर्टफोलियो उन्होंने अपनी बेटी को तब सजेस्ट किया था जब उसने इन्वेस्टिंग करनी शुरू की थी.
इस पोर्टफोलियो में आपको अपना पैसा मार्केट इंडेक्स फंड्स में लगाना है जैसे कि VTSAX. VTSAX का
US के लगभग हर कंपनी में शेयर है. कॉलिंस की बेटी अपना सारा पैसा VTSAX में ही लगाती है. यानी
अपने देश के लगभग हर बिजनेस में उसका भी एक हिस्सा है और टाइम के साथ-साथ उसका इन्वेस्ट किया
पैसा ग्रो करता जायेगा. कॉलिंस ने भी 1975 में यही किया था. उन्होंने 10,0000 VTSAX में इन्वेस्ट किया जिसकी एनुअल ग्रोथ रेट थी 11.9%, और 2015 तक उनका पैसा बढ़कर 15155420 हो गया था. तो ये है पैसिव इनकम का जादू. लेकीन अगर आपको द वेल्थ प्रीज़ेर्वेशन पोर्टफोलियो में इंटरेस्ट हो तो? क्योंकि कॉलिंस जब रिटायर होने वाले थे तो उन्होंने यही किया था. अब क्योंकि उन्होंने पैसा कमा लिया था तो वो उसे प्रीज़र्व करके इन्क्रीज़ करना चाहते थे.

तो उन्होंने एक और इंडेक्स फंड एड किया. उन्होंने एक बार फिर अपनी कंट्री की मार्केट को रेफरेंस के तौर
पर यूज़ किया. वो ज्यादा से ज्यादा इन्वेस्ट कर रहे थे, उन्होंने डबल और ट्रिपल भी इन्वेस्ट किया. कॉलिंस
कहते है कि आप अपना पैसा कहाँ-कहाँ इन्वेस्ट करेंगे, ये आपके ऊपर है. लेकिन अगर आपको रेफरेंस
चाहिए तो यहाँ आप देख सकते है कि उन्होंने अपना पोर्टफोलियो कैसे बनाया था. उन्होंने 75% पैसा स्टॉक्स में डाला था, जैसा कि पहले बताया गया गया, ये एक अच्छा इन्फेल्शन हेज है. 20% पैसा bond में लगाया.(bonds का मतलब है की हम कंपनियों को उधार देते हैं जिसके बदले में वो हमें एक कागज़ यानी एक certificate देते हैं कि वो कुछ सालों के बाद हमें पे करेंगे. ये लगभग बैंक फिक्स्ड deposit यानी FD की तरह है लेकिन उससे थोडा सा ज़्यादा रिस्की) Anyways, अगर कभी स्टॉक्स डाउन भी हो जाये तो ये एक अच्छा ये cushion है जो आपको बचाता है. लास्ट में 5% पैसा लोकल बैंक में रख दिया. तो अगर आप अपने पैसे का सिर्फ 4% भी विदड्रा करते हो तो भी आपको कोई टेंशन नहीं होगी. आपका पोर्टफोलियो हमेशा ग्रो करता रहेगा. आपके return और इंटरेस्ट ही इतने होंगे कि आपकी बाकि कि जिंदगी मज़े से गुजर सकती है.

THE SIMPLE PATH TO
WEALTH-Your Road Map …
JL Collins
Conclusion

तो सबसे पहले आपने इस समरी से सीखा कि अमीर बनना कोई मुश्किल चीज़ नहीं है जो अचीव ना की
जा सके. बस आपको पैसे के साथ अपना रिलेशनशिप चेंज करना है. आपको एक मंक की तरह सिंपल
लाइफ जीनी होगी. इससे आपको वो फाईनेंशियल फ्रीडम मिलेगी जो आप चाहते हो. दूसरी चीज़, जो आपने सीखी वो ये कि एक अच्छी लाइफ जीने के लिए कोई उधार या लोन लेने की जरूरत नहीं है. फाईनेंशीयल इंडिपेंडेंस होने की सबसे बड़ी निशानी है कि आपके ऊपर कोई उधार ना हो. अगर है भी तो अपने सारे क़र्ज़ चुका दीजिए , आप चाहे तो इंटरेस्ट रेट में पेमेंट कर सकते हो. और रेट जितना ज्यादा होगा, उतनी जल्दी आप पे कर पाओगे. तीसरी चीज़, आपने पैसे को लेकर एक न्यू माइंड सेट के बारे में पढ़ा. पैसा सिर्फ खर्च करने की चीज़ नहीं है. बल्कि आपका पैसा आपको और ज्यादा पैसा कमाकर दे सकता है. इसके लिये आपको सही ढंग से सही जगह पर इन्वेसिंग करनी होगी.

चौथी चीज़ आपने सीखी कि स्टॉक मार्केट से डरने की जरूरत नहीं है. बेशक स्टॉक मार्केट हमेशा एक
जैसा नहीं रहता , इसमें रोज़ नए उतार-चढ़ाव आते है. तो जब स्टॉक की वैल्यू डाउन हो तो घबराए नहीं .
पेशंस से काम ले. अपने स्टॉक को होल्ड करके रखे, मार्केट जब रिकवर करेगा तो आपके स्टॉक के प्राइस
भी ऊपर जायेंगे क्योंकि हमेशा यही होता है. अप एंड डाउन स्टॉक मार्केट का एक ट्रेंड है. पांचवी चीज़ जो आपने सीखी वो थीं बातें और तीन टूल थे जो आपको इन्वेस्टमेंट में हेल्प करते है. इन्वेस्ट करते टाइम अपना पर्पज ध्यान में रखो और टूल्स के लिए बेसिक इन्वेस्टर के पास ये चीज़े होनी चाहिए: स्टॉक्स, bonds और कैश. छठी चीज़, आपने सीखा कि इंडेक्स फंड्स क्या होते है और वो क्यों इम्पोर्टेट है. इंडेक्स फंड्स इन्वेस्टर्स के लिए पैसिव इनकम की तरह काम करते है. इंडेक्स फंड्स यानी ऐसे स्टॉक्स लेना जो मार्केट में अच्छे हो.
अगर आप अमीर बनना चाहते है तो इंडेक्स फंड्स में पैसा ज़रूर लगाएं. सातवीं चीज़, आपने सीखा कि कैसे अपने पैसों को ठीक से बांटा जाए. ये आपकी मर्जी पर डिपेंड करता है पर इसका एक फ़ॉर्मूला है: 75% स्टॉक्स में डालो, 25% bonds में और बाकि 5% बैंक में, इसके अलावा Money accumulation phase में हमें अपनी annual expenses का कम से कम 25X इकट्ठा करना है. इसके लिए हम अपने पैसों को ग्रो कर सकते हैं Index Funds से. अगर हम अपनी इनकम का 50% हर महीने index funds में डालते हैं तो ऑथर के हिसाब से हम 11.5 साल में financial freedom अचीव कर सकते हैं.

एक बार हमने financial freedom achieve कर ली यानी 25 times annual expenses
का इकट्ठा कर लिया तो उसके बाद हम अपने पैसों को divide कर सकते हैं – 75% index funds में,
20% bonds में और 5% cash में. अब अगर हम 4% paise withdraw भी करते रहेंगे तो भी
most probably हमारे पैसे कभी ख़त्म नहीं होंगे क्योंकि जितने हम withraw कर रहे हैं उससे ज़्यादा
index fund उसे grow कर सकेगा. अब तो आप समझ चुके होंगे कि अमीर बनने का रास्ता कहाँ से शुरू होता है. इन साड़ी बातों को ठीक से समझकर अपने दिमाग में बैठा क्योंकि इस बुक के ऑथर अपने रीडर्स के लिए यही चाहते है कि उनकी इन्वेस्टमेंट जर्नी smooth चले और उसमे उतनी प्रॉब्लम ना आए जितनी कॉलिंस को फेस करनी पड़ी थी

Leave a Reply