The Hour A Day Entrepreneur -Escape th… Henry J. Evans Books Summary In Hindi

The Hour A DayEntrepreneur -Escape th…
Henry J. Evans
इंट्रोडक्शन

क्या आपको लगता है जैसे आपकी लाइफ का कण्ट्रोल आपके बॉस के हाथ में है? क्या आपको ऐसा लगता है जैसे आप एक डेली रूटीन में फंस चुके है? क्या आपको लगता है आपकी जॉब आपको कुछ नहीं दे
रही है?जब तक आप अपने करंट वर्क सिचुएशन से बाहर नहीं निकलेंगे आपको सेटिसफेक्शन नहीं मिलेगी. क्या आपको सच में लगता है कि आप जिंदगी भर इसी काम में खुश रहेंगे? इससे निकलने का सिर्फ एक ही सोल्यूशन है, जॉब कोछोड़कर अपने बॉस खुद बनो.ये समरी आपको सिखाएगी कि एंटप्रेन्योरशिप हीआपके लिए बेस्ट चॉइस है. आप ये भी जानेंगे कि बिजनेस में आने वाले चैलेंजेज को कैसे फेस करना है.बिजनेस को लेकर आपके मन में जो भी डर या डाउट है वो आप मार्केटिंग के बेसिक्स जानकर दूर कर पाएँगे. ये एक ऐसी स्किल है जो हमेशा उसके काम आएगी. एक फर्स्ट क्लास मार्केटर बनने के लिए फर्स्ट स्टेप है इन बेसिक्स पर आपकी पूरी पकड़ होना, तभी आप आगे बढ़ पाएंगे. सिर्फ आप ही अपने लिए सबसे इम्पोर्टेंट एसेट नहीं है बल्कि आपकी मेलिंग लिस्ट भी है. ये उन पोटेंशियल कस्टमर्स की लिस्ट होती है जिनके साथ आपको कम्यूनिकेट करना है. मेलिंग लिस्ट को कैसे प्रॉपर तरीके से क्रिएट और यूज़ किया जाए, ये भी आप जानेंगे जिससे कि आप अपने बिजनेस के लिए ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स attract कर पाएँगे. ये समरी आपको टाइम मैनेजमेंट के टॉपिक पर भी नॉलेज देगी. आप सीखोगे कि कैसे डिस्ट्रेक्शन को अवॉयड करके अपने टाइम का मैक्सीमम यूज़ किया जाए. साथ ही आप जानेंगे उन दो बोनस के बारे में जो एक बिजनेसमेन के पास होते है. ये वो बेनिफिट है जो आपको दूसरों को देकर और उन पर विश्वास रखकर मिलते है.

इंसान होने के नाते हम सबके अंदर अपनी मर्ज़ी और फ्रीडम से जीने की चाह होती है. आप अपना वक्त और पैसा कैसे ख़र्च करेंगे इसकी फ्रीडम आपके पास होनी चाहिए और इस फ्रीडम को हासिल करने का बेस्ट कम्यूनिकेट करना है. मेलिंग लिस्ट को कैसे प्रॉपर तरीके से क्रिएट और यूज़ किया जाए, ये भी आप जानेंगे जिससे कि आप अपने बिजनेस के लिए ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स attract कर पाएँगे. ये समरी आपको टाइम मैनेजमेंट के टॉपिक पर भी नॉलेज देगी. आप सीखोगे कि कैसे डिस्ट्रेक्शन को अवॉयड करके अपने टाइम का मैक्सीमम यूज़ किया जाए.

साथ ही आप जानेंगे उन दो बोनस के बारे में जो एक बिजनेसमेन के पास होते है. ये वो बेनिफिट है जो आपको दूसरों को देकर और उन पर विश्वास रखकर मिलते है. इंसान होने के नाते हम सबके अंदर अपनी मर्जी और फ्रीडम से जीने की चाह होती है. आप अपना वक्त और पैसा कैसे ख़र्च करेंगे इसकी फ्रीडम आपके पास होनी चाहिए और इस फ्रीडम को हासिल करने का बेस्ट तरीका एक ही है, एंटप्रेन्योरशिप ये सफ़र उतना भी मुश्किल नहीं है जितना लोग कहते है. आपको सिर्फ दिन का एक घंटा और राईट बिजनेस टूल्स चाहिए अपनी मनपसंद लाइफ जीने के लिए.

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Henry J. Evans
The Clock Is Running

आपको असली फ्रीडम तब तक नहीं मिल सकती जब तक आप दूसरों के लिए काम करोगे. आपका बॉस आपकी फाईनेंशीयल स्टेबिलीटी, डेली शेड्यूल और गोल्स को कण्ट्रोल करता है. अगर आपको सच में
फ्रीडम चाहिए तो अपने बॉस खुद बनो. एक स्टेबल जॉब छोड़कर एंटप्रेन्योरशिप की तरफ जाना वाकई आसान काम नहीं है लेकिन आपकी प्लानिंग हर मुश्किल चीज़ को आसान कर सकती है. अपना बिज़नस शुरू करने का पहला कदम सिर्फ एक घंटे में शुरू किया जा सकता है।
सबसे पहले आपको कुछ ऐसा चाहिए जो आपको याद दिलाए कि आपको एनप्रेन्योर क्यों बनना है. आपने अपनी जॉब इसलिए छोड़ी क्योंकि आपको फ्रीडम चाहिए तो इसे एक declaration of independence यानी आज़ादी का ऐलान के तौर पर लिख लीजिये. ये एक डॉक्यूमेंट है जो आपको
एंटप्रेन्योरशिप की पूरी जर्नी में मुश्किलों से लड़ने के लिए मोटिवेट करता रहेगा.

इस डॉक्यूमेंट को आप सिर्फ 30 मिनट में कम्पलीट कर सकते हो और इसके तीन पार्ट है. फर्स्ट पार्ट है अपने दुश्मनों के नाम लिखना. आपके दुश्मन कोई और नहीं बल्कि वो चीज़े है जो आपको अपनी फाईनेंशीयल फ्रीडम अचीव करने से रोकती है. ये चीज़े कुछ भी हो सकती है जैसे कोई बड़ा लो या आपकी बुरी आदतें या आपका ख़ुद पर कम कॉन्फिडेंस होना. सेकंड पार्ट है: आप अपनी फ्रीडम और खुशियाँ कैसे अचीव करोगे. इसके लिए आपको खुद से वादा करते हुए ये बात पेपर पर लिखनी होगी. फाईनल पार्ट है: अपने गोल्स अचीव करने की खातिर आप किन-किन चीजों की कुर्बानी दे सकते हो, ये लिखो. वैसे ये ध्यान रखना कि जो चीज़ आपके लिए वाकई में इम्पोर्टेंट है उनको सेक्रिफाईस नहीं करना है जैसे कि आपकी फेमिली और आपके वैल्यूज़. अब अगला स्टेप आता है, एंड ज़ोन का पता लगाने के लिए तीन मिनट का टाइम दो. आपका एंड ज़ोन वो फाईनल गोल है जो आपको अचीव करना है.
जैसे कि रिटायरमेंट के बाद एक कम्फर्टेबल लाइफ या billionaire बनने का सपना. एक बार आपको
अपना एंड ज़ोन मिल जाये तो उसे अचीव करने के पॉसिबल तरीके ढूंढो. ये उतना ही सिंपल काम है जितना अपने फ्रेंड को बुलाकर उसे अपने plan के बारे में बताना. एक सक्सेसफुल बिजनेस बनाने के लिए आपकी जर्नी एक प्लेन के फ्लाइट पाथ यानी उड़ान भरने वाले रास्ते तरह होगी. ये डिक्लेयरेशन ऑफ़ इंडीपेंडेस की पावर है. शुरुआत और अंत तो क्लियर होता है लेकिन याद रहे कि आप कभी भी सीधे-सीधे स्ट्रेट लाइन में ट्रेवल नहीं करोगे. आपको पता ही होगा कि प्लेन का रूट भी मौसम के हिसाब से एडजस्ट होता है. बस ये मानकर चलो कि ये रास्ता सीधा नहीं बल्कि टेढ़ा-मेडा है. जीना एक्सलसन (Gina Axelson) जो Bella Forma Pilates की ओनर है, वो इस प्लानिंग स्ट्रेटेज़ी को जितना हो सके उतना फॉलो करने की कोशिश करती है. वो हर सैटरडे शाम को टाइम निकालकर ये डिसाइड करती है कि उन्हें आने वाले हफ़्ते क्या-क्या अचीव करना है. जीना कहती है कि घर और काम की जिम्मेदारियों के कारण हर वीक उनके अलग गोल्स होते है इसलिए सबकी अलग से प्लानिंग करनी होती है. तैयारी करने और plan बनाने से आपको प्रोडक्टिव बारे में बताना.

एक सक्सेसफुल बिजनेस बनाने के लिए आपकी जर्नी एक प्लेन के फ्लाइट पाथ यानी उड़ान भरने वाले रास्ते की तरह होगी. ये डिक्लेयरेशन ऑफ़ इंडीपेंडेस की पावर है. शुरुआत और अंत तो क्लियर होता है लेकिन याद रहे कि आप कभी भी सीधे-सीधे स्ट्रेट लाइन में ट्रेवल नहीं करोगे. आपको पता ही होगा कि प्लेन का रूट भी मौसम के हिसाब से एडजस्ट होता है. बस ये मानकर चलो कि ये रास्ता सीधा नहीं बल्कि टेढ़ा-मेडा है. जीना एक्सलसन (Gina Axelson) जो Bella Forma Pilates की ओनर है, वो इस प्लानिंग
स्ट्रेटेज़ी को जितना हो सके उतना फॉलो करने की कोशिश करती है. वो हर सैटरडे शाम को टाइम निकालकर ये डिसाइड करती है कि उन्हें आने वाले हफ़्ते क्या-क्या अचीव करना है. जीना कहती है कि घर और काम की जिम्मेदारियों के कारण हर वीक उनके अलग गोल्स होते है इसलिए सबकी अलग से प्लानिंग करनी होती है. तैयारी करने और plan बनाने से आपको प्रोडक्टिव बनने में मदद मिलती है. इससे आप जान पाएंगे कि आप अपने गोल्स की तरफ बढ़ रहे है या नहीं.

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Henry J. Evans
It’s All About the Marketing

सेलिंग यानी बेचना और मार्केटिंग दो अलग-अलग चीज़े है. आपने चाहे दुनिया का बेस्ट प्रोडक्ट बनाया
हो, लेकिन जब तक लोग उसे खरीदने को तैयार नहीं होंगे तब तक आप उसे बेच नहीं सकते. मार्केटिंग का मतलब है एक ऐसी भीड़ को अट्रेक्ट करना जहां आप अपना प्रोडक्ट बेच सके और वो भी उसकी सही कीमत पर. अब एक्जाम्पल के लिए जैसे मान लो आप सर्फ़बोर्ड के बेच रहे है. आप ऐसी जगह बिजनेस करते है जो समुन्द्र से दूर है तो आपका बिजनेस एकदम फ्लॉप हो जाएगा. फिर चाहे आपका प्रोडक्ट कितना ही बेस्ट हो या उसकी कीमत सबसे कम हो. सच तो ये है कि बिना बेसिक नॉलेज के आप किसी भी फील्ड में सक्सेसफुल नहीं हो सकते. सेम चीज़ मार्केटिंग पर भी अप्लाई होती है. इससे पहले कि आप मार्केटिंग कैंपेन शुरू करे आपको मार्केटिंग ट्रायंगल के बारे में पता होना चाहिए. ये मार्केटिंग के तीन main पार्ट है. ये है मार्केट, मीडिया और मैसेज. मार्केट को हम एक भूखी भीड़ से कम्पेयर कर सकते है यानि एक ऐसी भीड़ जो किसी प्रोडक्ट या सर्विस को लेकर एकदम बेताब है. इसलिए बैटर होगा कि हम पहले अपने मार्केट का पता लगाएँ, हमें उन लोगों का पता लगाना होगा जो हमारे प्रोडक्ट या सर्विस पर टूट पड़ेंगे ताकि हम ईजिली अपना प्रोडक्ट बेच सके.

किसी को उसकी जरूरत का सामान बेचना तो बड़ा आसान है पर उन्हें ऐसी चीज़ खरीदने के लिए मनाना जिसकी उन्हें जरूरत ही नहीं काफी मुश्किल काम है. अपने मार्केट को पहचानने से आपको एडवरटाईजिंग करने में आसानी होगी. फिर आप अपने टारगेट मार्केट के हिसाब से ऐसे ad बना सकते है जिनका मैक्सीमम इम्पैक्ट पड़ेगा. इससे आपके ad का खर्च भी कम हो जायेगा क्योंकि मार्केट खुद चलकर आपके पास आने लगेगा.
मार्केटिंग ट्रायंगल का दूसरा पार्ट है मैसेज आपका बिजनेस जो भी हो, उसके सक्सेसफुल होने के लिए एक यूनीक सेलिंग प्रोपोजीशन या यूएसपी चाहिए ही चाहिए. आपका यूएसपी आपके कस्टमर्स को बतायेगा कि उन्हें क्यों आपका प्रोडक्ट खरीदना चाहिए और क्यों उन्हें इसकी सख्त जरूरत है. एक अच्छे यूएसपी का फ़ोकस हमेशा आपके क्लाइंट पर होगा नाकि आपके बिजनेस पर ये क्लाइंट को एक अच्छे यूएसपी का फ़ोकस हमेशा आपके क्लाइंट पर होगा नाकि आपके बिजनेस पर ये क्लाइंट को बतायेगा कि क्यों उन्हें आपको चूज़ करना चाहिए. डॉमिनोज़ के पास बेस्ट यूएसपी है जो किसी और के पास नहीं है. ये कुछ इस तरह है “30 मिनट के अंदर फ्रेश, हॉट पिज़्ज़ा डिलीवर करने की गारंटी वर्ना पिज़्ज़ा बिल्कुल फ्री.” मार्केटिंग ट्रायंगल का तीसरा पार्ट है मीडिया. ये वो मेथड है जो आप अपना मैसेज भेजने के लिए यूज़ करते हो. इसमें ऑनलाइन मेथड जैसे गूगल ad या ऑफ़लाइन मेथड जैसे टीवी या न्यूज़पेपर ad शामिल है. मीडियम सिलेक्ट करते वक्त आपको पता करना है कि आपका मार्केट किस तरह के मीडिया पर ध्यान देता है. लेकिन आप एक मल्टीमिडिया अप्रोच भी यूज़ कर सकते है. कई बिजनेस है जो सिर्फ एक या दो तरह के मीडिया पर ad देते हैं. लेकिन आप और ज्यादा पोटेंशियल कस्टमर्स तक पहुँचने के लिए 15 या 20 तरह के मीडिया पर भी ad दे सकते हैं. कैलिफ़ोर्निया में एक लेक्सस डीलर अपना मैसेज शेयर करने के लिए यही स्ट्रेटेज़ी यूज़ करता है. ये लोग किसी लक्जरी शॉपिंग मॉल में एक कार पार्क को sponsor करते है. जो भी अपनी कार वहां पार्क करने आता है उसे लेक्सस डीलर की एक छोटी बलेन मीडियम सिलेक्ट करते वक्त आपको पता करना है कि आपका मार्केट किस तरह के मीडिया पर ध्यान देता है. लेकिन आप एक मल्टीमिडिया अप्रोच भी यूज़ कर सकते है. कई बिजनेस है जो सिर्फ एक या दो तरह के मीडिया पर ad देते हैं. लेकिन आप और ज्यादा पोटेंशियल कस्टमर्स तक पहुँचने के लिए 15 या 20 तरह के मीडिया पर भी ad दे सकते हैं. कैलिफ़ोर्निया में एक लेक्सस डीलर अपना मैसेज शेयर करने के लिए यही स्ट्रेटेज़ी यूज़ करता है. ये लोग किसी लक्जरी शॉपिंग मॉल में एक कार पार्क को sponsor करते है. जो भी अपनी कार वहां पार्क करने आता है उसे लेक्सस डीलर की एक छोटी बुकलेट दी जाती है जबकि लेक्सस कार के ओनर को फ्री पार्किंग मिलती है. लेक्सस कार बहुत महंगे होते हैं इसलिए अमीर लोग ही इसका मार्केट है. इसलिए इनके लिए एक लक्ज़री शॉपिंग मॉल परफेक्ट और सही जगह है एडवरटीज़मेंट करने के लिए कोई भी और कार डीलर ऐसे कार पार्क को sponsor नहीं करते हैं. इसलिए लेक्सस डीलरशिप का इस मीडियम में कोई कॉम्पटीशन नहीं है.

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Your Most Important Business Assets

आपके बिजनेस का स्ट्रोंगेस्ट एडवांटेज आप खुद है. जैसे-जैसे आप स्किल्स गेन करते है, एक्सपर्ट होते जाते आपका बिजनेस भी तेज़ी से बढ़ता जाता है. हालाँकि इस चैप्टर में हम आपके बिजनेस के दूसरे सबसे इम्पोर्टेन्ट एसेट की बात करेंगे: यानि आपकी लिस्ट. आप शायद सोच रहे होंगे, ये लिस्ट क्या है? तो हम बता
दे, ये वो मेलिंग लिस्ट है जो आपके बिजनेस के पास है. मेलिंग लिस्ट उन लोगों की लिस्ट होती है जिनके साथ आपका बिज़नस रेगुलर बेसिस पर कम्यूनिकेट करता है. ये आपकी सेल्स इनक्रीज करने के लिए किया जाता है.
कई लोग इस लिस्ट में सिर्फ अपने कस्टमर्स को add करने की गलती करते है. जैसे एक्जाम्पल के लिए जॉन को ही ले लीजिए. वो न्यूयॉर्क का एक सक्सेसफुल डेंटिस्ट है. उसके पास 700 नाम की मेलिंग लिस्ट है. ये सभी लोग उसके रेगुलर क्लाइंट है. लेकिन जॉन उन लोगों की मेलिंग लिस्ट नहीं बनाता जो इंक्वारी करने के लिए उसे कॉल करते है. ये वो लो है जो उससे उसकी सर्विस के बारे में पूछने के लिए फ़ोन करते है. जॉन को लगता है कि उन्हें मेल करना बेकार है क्योंकि वो इंट्रेस्टेड नहीं होंगे. लेकिन ये जॉन की गलतफहमी है. बहुत कम लोग कोई सर्विस पहली बार देखने के बाद उसे परचेज करते है. ज्यादातर लोग पहले रिसर्च करना पसंद करते है. अब अपने ही परचेजिंग हैबिट को ही ले लो. क्या आप महंगे गैजेट या मशीन स्टोर में देखते ही खरीद लेते हो ? नहीं ना. एवरेज की अगर बात करे तो कस्टमर स्टोर में कोई सामान देखने के बाद 5 या 7 बार और स्टोर में जाता है फिर जाकर वो सामान खरीदता है.

सिर्फ 5% लोग ही पहली बार में कुछ लेते है. बाकि 95% लोग जिन्हें आपको कन्विंस करना पड़ता है, वो आपके प्रोस्पेक्ट होते है यानि पोटेंशियल क्लाइंट जब वो आपको पहली बार contact करे तो उनका
कांटेक्ट इन्फोर्मेशन कलेक्ट करना ना भूले यहाँ से आप उन्हें हर महीने या हर हफ्ते ईमेल भेजना शुरू कर सकते हैं. जब आप किसी प्रोस्पेक्ट को contact करो तो आपका गोल है एक वर्चुअल रिलेशनशिप बनाना.  है जो आपके प्रोस्पेक्ट को आपका कस्टमर बना देगा. आप उन्हें दो तरह के मेल भेजकर अपने बिजनेस के बारे में बता सकते हैं.

फर्स्ट टाइप के मेल में आपकी इंडस्ट्री के बारे में वैल्यूएबल इन्फोर्मेशन दी जाती है. इससे क्लाइंट उस फील्ड में आपको एक एक्सपर्ट समझकर आपकी रिस्पेक्ट करेगा. सेकंड टाइप की मेल में पर्सनल स्टोरीज़ भेजो, जब आप क्लाइंट को अपने बारे में बताने के लिए कॉल करोगे तो वो आप पर भरोसा करना शुरू कर देंगे. अब एक ऑटो मैकेनिक का ही एक्जाम्पल लेते है. वो शायद आपको हर महीने मेल करते होंगे कि अपने इंजिन का ख्याल कैसे रखना है और आप उन्हें इसलिए कॉल बैक नहीं करते होंगे क्योंकि आपकी गाड़ी सही-सलामत है. लेकिन अगर कभी आपकी गाडी खराब हो जाये तो पहला मैकेनिक जो आपके माइंड में आयेगा वो यही होगा जिसने आज तक आपको इतनी एडवाईज़ दी है. अगर आप वाकई में अपने बिजनेस
को नेक्स्ट लेवल तक ले जाना चाहते है तो अपने प्रोस्पेक्टस को सिरियसली लीजिए. ये काम आप लीड जनरेशन एडवरटाईजिंग के जरिये कर सकते हो जिससे कि कस्टमर्स आपका प्रोडक्ट खरीदने से पहले आपको contact करेंगे. कॉल बैक नहीं करते होंगे क्योंकि आपकी गाड़ी सही-सलामत है. लेकिन अगर कभी आपकी गाडी खराब हो जाये तो पहला मैकेनिक जो आपके माइंड में आयेगा वो यही होगा जिसने आज तक आपको इतनी एडवाईज़ दी है. अगर आप वाकई में अपने बिजनेस को नेक्स्ट लेवल तक ले जाना चाहते है तो अपने प्रोस्पेक्टस को सिरियसली लीजिए. ये काम आप लीड जनरेशन एडवरटाईजिंग के जरिये कर सकते हो जिससे कि कस्टमर्स आपका प्रोडक्ट खरीदने से पहले आपको contact करेंगे.

मार्क का अपना pet स्टोर है. वो एक फ्री प्रोडक्ट ऑफर करके लीड जनरेशन कैंपेन चलाता है. वो लोगों को एक परफेक्ट pet सिलेक्ट करने के बारे में एक pamphlet देता है. इससे होता ये है कि लोग मार्क
से contact करके उससे गाईडेंस मांगते है. फिर मार्क उन लोगों को अपनी मेलिंग लिस्ट में add कर लेता है और उन्हें ईमेल भेजना स्टार्ट कर देता है. 90% बिजनेस जो ये मेलिंग लिस्ट यूज़ करते है, उनका
मानना है कि ये सबसे इफेक्टिव मार्केटिंग टूल है. साथ ही ये बाकि मार्केटिंग टूल्स के मुकाबले काफी सस्ता भी है. अगर आप डेली एक घंटा निकालकर अपनी मेलिंग लिस्ट का साइज़ बढ़ाते है तो इस बात की पूरी गारंटी है कि आपका बिजनेस एक दिन बुलदियों पर होगा.

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Your Life, It’s About Time

अपनी लाइफ को मैनेज करने का फर्स्ट स्टेप है अपने टाइम को मैनेज करना. एक सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर बनने के लिए आपको अपना टाइम इफेक्टिव तरीके से यूज़ करना आना चाहिये वर्ना आपको सक्सेस कभी नहीं मिल पायेगी. टाइम ब्लॉकिंग यानी टाइम को ब्लॉक करना एक बेहद ईजी तरीका है अपने टाइम को प्रोडक्टिव बनाने का. टाइम ब्लॉकिंग का मतलब है उन सारी चीजों को अवॉयड करना जो उस दौरान आपका ध्यान भटकाती है. इससे ब्लॉक किए हुए टाइम के दौरान आपका फ़ोकस सिर्फ अपने टास्क पर रहेगा. इस दौरान आप ना तो फोन देखोगे और ना ही मेल चेक करोगे. एक घंटे का ब्लॉक्ड टाइम आपको इतना
प्रोडक्टिव बना सकता है जितना आप पूरे दिन में भी नहीं कर पाए थे. टाइम ब्लॉकिंग में एक चैलेंज जो आप फेस करते है वो है गिल्ट. आपको गिल्टी फील होता है क्योंकि आपनेआपने ईमेल्स और टेक्स्ट मैसेज के तुंरत जवाब नहीं दिए. तो इस प्रॉब्लम को सोल्व करने का सबसे ईजी तरीका है कि आप लोगों को अपने ब्लॉक्ड टाइम के बारे में पहले से बता दो जिससे कि वो लोग आपसे तुरंत जवाब की उम्मीद ना करे.

क्रिस्टीन एक मार्केटिंग एजेंसी में काम करती है जिसका नाम “सोशल स्टारफिश” है. वो बहुत स्ट्रिक्ट टाइम ब्लॉकिंग यूज़ करती है और Tuesday और Thursday को कोई ईमेल भी नहीं पढ़ती है. वो
स्ट्रिक्टली ये रुल फॉलो करती है. उसके सारे ईमेल के एंड में ये मैसेज लिखा होता है: “मैं Tuesday और Thursday को ईमेल चेक नहीं करती और ईमेल के इस जेल से बचने में मेरी मदद करने के लिए
आपका धन्यवाद.’ अपने ब्लॉक्ड टाइम के दौरान एक या दो एक्टिविटी पर ही फ़ोकस रखो. फिर से हम याद दिला दे, आपको गिल्टी फ़ील होगा लेकिन ये चीज़ भी याद रहे कि एक साथ मल्टी टास्किंग करना आपको सिर्फ बिज़ी फील कराता है जबकि आपका फ़ोकस एक पर भी नहीं रहता. इससे आपको किसी काम में प्रोग्रेस नहीं मिलती. अपने टाइम को मैंनेज करने का नेक्स्ट मेथड है ओपन लूप्स से बचना. ओपन लूप का मतलब है जब आपको कुछ याद आता है जो आपको करना है और आप उसका एक मेटल नोट बना लेते हो. वो चीज़ कुछ देर कुछ याद आता है जो आपको करना है और आप उसका एक मेटल नोट बना लेते हो. वो चीज़ कुछ देर तो आपके दिमाग में रहती है लेकिन फिर आप उसे भूल जाते हो और उसे दोबारा याद करने के चक्कर में आप स्ट्रेस्ड फील करने लगते हो. इससे अच्छा है कि आप ये सारे टास्क किसी भरोसेमंद सिस्टम के हवाले कर दो. जैसे एक्जाम्पल के लिए, मान लो आपके पार्टनर का बर्थडे आने वाला है. आपको याद है कि उसके लिए आपको गिफ्ट लेना है. अब आपके माइंड में एक ओपन लूप बन गया है. गिफ्ट खरीदने के बारे में सोचना मुश्किल काम है लेकिन अगर आप गिफ्ट खरीदना भूल गए तो और भी मुसीबत हो जाएगी. इसके बजाए क्यों ना अपने फोन पर रिमाइंडर लगा दिया जाए कि आपको गिफ्ट लेना है. ये ट्रस्टेड यानी भरोसेमंद सिस्टम आपकी प्रॉब्लम का ईज़ी सोल्यूशन है. अपने टाइम को इफेक्टिवली मैनेज करनी का थ टेक्नीक है डेली लिस्ट और वीकली रिव्यु सिस्टम, डेली लिस्ट वो लिस्ट है जिसमें आपके दिन भर के गोल लिखे होते हैं. आप ये लिस्ट सुबह पांच मिनट में तैयार कर सकते हो. इस लिस्ट को दिन भर अपने साथ रखें और इससे आपको अपना फोकस बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वीकली रिव्यु का मतलब है हफ्ते के अपने सारे ओपन लूप्स और प्रोजेक्ट्स को रिव्यु करना. ये आपको रिलैक्स करने में मदद करता है क्योंकि आपको पता है आपके सारे काम टाइम पर हो गए हैं और जब माइंड रिलैक्स होता है तो आप ज़्यादा प्रोडक्टिव हो सकतेहैं.

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Two Ultimate Bonuses

आपकी सक्सेस में सिर्फ आपकी बिजनेस स्किल्स ही काम नहीं आएगी बल्कि आपको अपनी लाइफ में और चीज़े भी जोड़नी होंगी जो आपकी वेल्थ को इनक्रीज करेंगी. इनमें सबसे इम्पोर्टेंट फैक्टर्स है दो
अल्टीमेट बोनस. तो पहला बोनस है जब आप दूसरों की पैसे से हेल्प करते है यानि दूसरों को पैसा देते है तो आपके पास और ज्यादा पैसा आने लगता है. ये एक ऐसा प्रिंसिपल्स है जो अमीर लोग सदियों से फॉलो करते आ रहे है. जॉन डी. रॉकफेलर एक ऑइल एंटप्रेन्योर थे जिन्हें मॉडर्न हिस्ट्री में दुनिया का सबसे अमीर इंसान
माना जाता है. उनकी एक हैबिट थी कि वो लोगों को समय-समय पर पैसे देते थे या यूं कह ले कि जरूरतमंदों की हेल्प किया करते थे. रॉकफेलर ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि वो देने से होने वाले फ़ायदों
के बारे में जानते थे. लेकिन ये जरूरी नहीं है कि अमीर होने के बाद ही आप दूसरों को कुछ दे सकते हैं. आप चाहे तो लोगों लेकिन ये जरूरी नहीं है कि अमीर होने के बाद ही आप दूसरों को कुछ दे सकते हैं. आप चाहे तो लोगों को अपनी स्किल्स, एक्सपर्टीज या अपना टाइम देकर हेल्प कर सकते है. इस बुक के ऑथर, हेनरी इवांस एक बार ऐसे ही अपने एक फ्रेंड को मार्केटिंग प्लान बनाने में हेल्प की थी. वैसे तो वो इसके लिए $5000 फीस चार्ज़ करते है पर उन्होंने अपने फ्रेंड से एक पैसा नहीं लिया था. दूसरा बोनस है फेथ यानि विश्वास. जब आपका विश्वास अटूट होता है तो आपकी प्रार्थना भी जरूर पूरी होती है. फेथ का सबसे ख़ास फायदा ये होता है कि ये आपको कॉन्फिडेंस देता है. इसी फेथ के चलते कई लोग अपनी स्टेबल जॉब छोड़कर बिजनेस करने का रिस्क भी लेते है.

आपके डर को दूर करने के अलावा आपका फेथ आपको अपने गोल्स अचीव करने में भी हेल्प करेगा. आप जब अपने गोल्स पूरे होने की दुआ करोगे तो वो दुआ जरूर क़ुबूल होगी. हम ये नहीं कह रहे कि
आपकी दुआ रातो-रात पूरी हो जाएगी और आप पर आसमान से छप्पर फाड़कर पैसा बरसेगा. लेकिन हाँ, दुआ या प्रेयर हमें इस काबिल जरूर बनाते है कि हम सही फ़ैसला लेकर सक्सेसफुल हो सके.
हेनरी इवांस की दुआ भी कुछ ऐसे ही क़ुबूल हुई थी. ये कई साल पहले की बात है जब उन्हें एक घर की तलाश थी लेकिन उनके पास पैसे कम थे. उन दिनों उनकी वाइफ प्रेग्नेट थी और वो लोग दो बेडरूम के अपार्टमेंट रहा करते थे. ये घर एक बच्चे को पालने के लिहाज़ से छोटा था. हेनरी रोज़ रात एक बड़े घर की दुआ माँगा करते थे. लेकिन वो सिर्फ दुआ के भरोसे नहीं बैठे. पूरा दिन वो घर की तलाश में यहाँ से वहां घूमते रहते. एक दिन की बात है, हेनरी sale पर घर ढूंढ रहे थे कि उन्हें एक बड़ी उम्र के कपल मिले. बातों-बातो में हेनरी ने उन्हें बताया कि वो अपने लिए एक बड़ा घर ढूंढ रहे है. ये बड़ी हैरानी की बात थी कि वो कपल भी अपना घर बेचना चाहते थे. हेनरी की कहानी सुनने के बाद वो लोग उन्हें 10% डिस्काउंट के साथ अपना घर बेचने को तैयार हो गए.

लोग शायद सोचेंगे कि ये सिर्फ इत्तेफ़ाक है लेकिन हम बता दे कि लक और फेथ सेम नहीं होते. अगर आप उस सुप्रीम पावर या भगवान् पर फेथ रखते हो तो आपको लाइफ में कई ऐसे मौके मिलते है जो सिर्फ
लक से नहीं मिल सकते. आप दिन में सिर्फ 17 मिनट का टाइम निकालकर प्रेयर करो. पहले दो मिनट खुद को शांत कर लो, आँखे बंदकरके लंबी और गहरी सांस लो. अब जो भी आपका फेथ है या आप जिस भगवान को मानते हो उनका ध्यान करो. रोज़ प्रेक्टिस करो और फिर देखो कैसे आप सक्सेस के एक कदम और करीब आ जाओगे.

Conclusion
सबसे पहले तो आपने सीखा कि एंटप्रेन्योरशिप एक रास्ता है फ्रीडम पाने का. लेकिन ये रास्ता इतना भी
आसान नहीं है. इसमें कई मुश्किलों से होकर गुज़रना पड़ता है. यही वजह है कि लोग अपनी लगी-लगाई जॉब छोड़कर बिजनेस करने से डरते है. लेकिन इस समरी में दी गई बातों को जानने के बाद आप अपना डर दूर कर पायेंगे. आप अपनी नर्वसनेस को दो डॉक्यूमेंट की मदद से कण्ट्रोल कर पायेंगे जो है
– declaration of independence और आपका flight path. दूसरी चीज़, आपने इसमें मार्केटिंग ट्रायंगल के बारे में जाना जो मार्केटिंग का सबसे फंडामेंटल कॉन्सेप्ट है. ये मार्केटिंग के तीन पार्ट दिखाता है – द मार्केट, मैसेज और मीडिया. आपके मैसेज का सबसे इम्पोर्टेंट पार्ट है यूनीक सेल्स प्रोपोजीशन यानि USP. आप अलग-अलग तरह के मीडिया का यूज़ करके ये मैसेज सेंड कर सकते है.
तीसरी चीज़ : आपने अपने मेलिंग लिस्ट की इम्पोर्टेस के बारे में जाना. अब आपको पता है कि आपको उन लोगों को अपने मेलिंग लिस्ट में add करना चाहिए जो आपके प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में inquiry करते है. साथ ही आपने अपने क्लाइंट्स ढूँढने के लिए लीड जनरेशन एडवरटाईजिंग के बारे में भी सीखा. चौथी चीज़, आपने सीखी कि अपना टाइम कैसे मैनेज करना है. ये बहुत इम्पोर्टेंट स्टेप है क्योंकि इससे आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी. कोई इम्पोर्टेंट काम करते वक्त अपना टाइम ब्लॉक कर लो. डेली लिस्ट और वीकली रिव्यु से अपने गोल्स का ट्रैक रखो. किसी भरोसेमंद सिस्टम को  यूज़ करके अपने दिमाग में आने वाले ओपन लूप्स से बचो. पांचवी चीज़, आपने दो अल्टीमेट बोनस के बारे में समझा. अगर आप लोगों को अपना टाइम और पैसा दे रहे हो तो बदले में आपको उनसे दुआएँ ही मिलेगी.

अगर आप सच्चे दिल से यकीन करोगे तो आपकी मन्नत जरूर पूरी होगी. ज्यादातर लोगों की पूरी लाइफ जॉब करते हुए गुजर जाती है. ये जरूरी नहीं है कि बस यही आपकी लाइफ का मकसद हो. आप अपनी लाइफ की फ्रीडम और हैप्पीनेस पाने के हकदार है और इस ड्रीम को अचीव करना उतना ही सिंपल है. जी हाँ, आप भी एक सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर बन सकते है और इस सपने को करते है. साथ ही आपने अपने क्लाइंट्स ढूँढने के लिए लीड जनरेशन एडवरटाईजिंग के बारे में भी सीखा.

चौथी चीज़, आपने सीखी कि अपना टाइम कैसे मैनेज करना है. ये बहुत इम्पोर्टेंट स्टेप है क्योंकि इससे आपकी  प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी. कोई इम्पोर्टेंट काम करते वक्त अपना टाइम ब्लॉक कर लो. डेली लिस्ट और वीकली रिव्यु से अपने गोल्स का ट्रैक रखो. किसी भरोसेमंद सिस्टम को यूज़ करके अपने दिमाग में आने वाले ओपन लूप्स से बचो. पांचवी चीज़, आपने दो अल्टीमेट बोनस के बारे में समझा. अगर आप लोगों को अपना टाइम और पैसा दे रहे हो तो बदले में आपको उनसे दुआएँ ही मिलेगी. अगर आप सच्चे दिल से यकीन करोगे तो आपकी मन्नत जरूर पूरी होगी. ज्यादातर लोगों की पूरी लाइफ जॉब करते हुए गुजर जाती है. ये जरूरी नहीं है कि बस यही आपकी लाइफ का मकसद हो. आप अपनी लाइफ की फ्रीडम और हैप्पीनेस पाने के हकदार है और इस ड्रीम को अचीव करना उतना ही सिंपल है. जी हाँ, आप भी एक सक्सेसफुल एंटप्रेन्योर बन सकते है और इस सपने को पूरा करने के लिए आपको रोज़ बस एक घंटे का समय
देना है!

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