The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai Books In Hindi Summary

The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai परिचय/शुरुआत क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे अमीर लोग अपना पैसा कैसे कमाते हैं? क्या उन्होंने एक अच्छे व्यापार/बिज़नेस प्लान के साथ शुरुआत की या यह उनका दिमाग है जिसने उन्हें सफल बनाया है? इस बुक में, आप धंधो के बारे में सीखेंगे, जो एक सोच है जो यह बताती है कि अमीर होने के लिए, आपको सबसे कम ख़तरा वाले बिज़नेस में पैसा लगाना चाहिए। धंधो सोच से काम करने वाले लोगों की सफल कहानियों के बारे में भी आपको पता चलेगा। आपको पता चलेगा कि कैसे वो धन कमाने में कामयाब रहे जबकि उनके पास कुछ भी नहीं था। यह बुक उन सब के लिए है जो मुश्किल स्थिति में सफल बनने की कोशिश कर रहे हैं । सिर्फ इसलिए कि आप मुश्किल स्थिति में हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि आप बड़े सपने नहीं देख सकते हैं। ये बुक इस बात का सबूत है कि आप इसे कर सकते हैं, आप अमीर हो सकते हैं। तो धंधो की सोच के पीछे के राज़ को जानने के लिए आइये बढते है आगे। पटेल मोटल धंधो धंधो एक भारतीय गुजराती शब्द है जिसका मतलब है “गारनिनिया गा “तो मा तिम्रो या तमागा पटेल मोटल धंधो धंधो एक भारतीय गुजराती शब्द है जिसका मतलब है “व्यापार/बिज़नेस” या “वो काम जिनसे पैसा कमाया जा सके”। पटेल्स बिज़नेस की तरफ एक अलग सोच रखते हैं। वे कम खतरा और ज़्यादा पैसा कमाने पर ध्यान देते हैं। वो हमेशा (PROFIT) लाभ को ज़्यादा रखते हुए और कम (risk) जोखिम लेने का एम रखते हैं। किसने कहा कि आपको ज़्यादा पैसा कमाने के लिए बड़े खतरे उठाने होंगे? सोचिये कि आप एक बिजनेसमैन हैं और आप ऐसे फैसले लेते रहते हैं, जो बिना किसी जोखिम के 100% (profit) लाभ देते हों तो आप हर बार कितना पैसा कमाएंगे? और आप लंबे समय में कितनी सफलता पाएंगे? हम सोच सकते हैं कि बहुत सारी। पटेल पहले ज़मीनों के मालिक थे। वे खेती और हर काम समझदारी से करने में चतुर थे। क्योंकि उनके बड़े परिवार थे, वो अपने बच्चों के बीच ज़मीन को बांटने के लिए मजबूर थे, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया। छोटी ज़मीन पर खेती करना फायदेमंद नहीं था, इसलिए पटेल को दूसरी नौकरी ढूंढनी पड़ी। उन्होंने युगांडा जैसे अफ्रीकी देशों की यात्रा करने का फैसला किया। उन्होंने वहां रेल बनाने या (business)व्यापार करने का मन बनाया। अपनी धंधो सोच के कारण पटेल बहुत सफल होने लगे और यूगांडा में उनका बहुत नाम होने लगा जिसके कारण युगांडा के जनरल ने फैसला किया कि “अफ्रीका अपना धधा साचक कारण पटल बहुत सफलहान लगे और यूगांडा में उनका बहुत नाम होने लगा जिसके कारण युगांडा के जनरल ने फैसला किया कि “अफ्रीका केवल अफ्रीकी लोगों के लिए होना चाहिए” इसलिए उन्होंने पटेलों को अफ्रीका छोड़ने के लिए कहा। जनरल ने उन्हें बाहर कर दिया। युगांडा सरकार ने उनके पैसो को धन/जायदाद को छीन लिया और बदले कुछ नहीं दिया। इसलिए पटेलों के पास घर भी नहीं था और ना ही पैसे थे। किस्मत से , उनका अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में स्वागत किया गया। पापा पटेल उन में से एक थे। उन्होंने युगांडा से बाहर निकलने की योजना बनाई। देश से बाहर निकलने से पहले उन्होंने अपने पैसो को सोने में बदल दिया और छुपाकर अपने साथ ले गए। वो बहुत होशियार थे। पापा पटेल को जल्दी कोई काम शुरू करने के बारे में सोचना पड़ा क्योंकि उनका परिवार उनके साथ था । उन्हें एक मौका तब मिला जब एक मोटेल अमेरिका में बिक रही थी. मोटेल एक तरह का होटल है जो रोडसाईड मे होता हैतब उन्होंने अपने सभी साथी पटेलों से पैसे इकट्टे करके अगला कदम उठाया। यह एक फायदे का व्यापार था क्योंकि रिश्तेदार कम से कम पैसे कमाने के समय में वहां मुफ्त में रह सकते थे। पापा पटेल ने एम्पलोई को जाने दिया और अपनी पत्नी के साथ उस मोटेल में काम करने लग गये। उनके बच्चों ने भी उनकी मदद की। ऐसा करने से, उन्होंने काम में लगने वाले खर्चे को कम कर दिया। समय के साथ उनकी इन्कम धन बढ़ने लगी। पापा परेन नो टो TITो तानिगाहोंने भगाने के The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai मणिलाल धंधो आप सोच रहे होंगे कि पापा पटेल सही समय में सही जगह पर होने के कारण लकी थे किस्मत अच्छी थी। लेकिन सच यह है कि उन्होंने जो किया वह कोई भी कर सकता है। इसका राज़ धंधो रुलस में छुपा है। मणिलाल चौधरी पटेल के कजिन भाई हैं। क्योंकि वह एक गुजराती है, धंधो की सोच उसके जीन में भी है। वह 54 साल के मेहनती और ईमानदार आदमी हैं। मणिलाल ने भारत में एक एकाउंटेंट का काम किया। उनके भाई ने उन्हें और उनके परिवार को अमेरिका आने में मदद की। मणिलाल ने अपना परिवार सैन फ्रांसिस्को में बसाया। उनके पास पैसे नहीं थे इसलिए उन्होंने अपने परिवार को सँभालने के लिए नौकरी खोजना शुरू कर दिया। उन्होंने अकाउंटेंट कि नौकरी खोजने की कोशिश की लेकिन उनकी अंग्रेजी अच्छी नहीं थी और अमेरिका में कभी काम नहीं करने की वजह से उनके सभी कोशिश फेल हो गए। इसलिए मणिलाल ने सबसे कम पैसे/ वेतन में गैस स्टेशन पर नौकरी की। वह हफ्ते में 172 घंटे काम कर रहे थे। इसके बाद मणिलाल अपने परिवार के साथ एक कंप्यूटर पॉवर सप्लाई कंपनी में काम करने के लिए तिMAAL TITI A-11 6. A घंटे काम कर रहे थे। इसके बाद मणिलाल अपने परिवार के साथ एक कंप्यूटर पॉवर सप्लाई कंपनी में काम करने के लिए दक्षिणी कैलिफोर्निया चले गए। जल्द ही पूरे परिवार ने चेरोकी इंटरनेशनल में उनके साथ काम करना शुरू कर दिया। एक बार जब पैसा आना शुरू हुआ, तो मणिलाल के परिवार ने पैसे बचाने का फैसला किया। क्योंकि वे सभी एक ही अपार्टमेंट में साथ रहते थे, कम पैसे खर्च होते थे।अपने बचाये हुए पैसों से उन्होंने एक बड़ा घर खरीदा। नए घर में जाने के बाद मणिलाल ने एक और नौकरी करना शुरू कर दिया। वह अब पॉवर सप्लाई कंपनी में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात ]] बजे तक गैस स्टेशन में काम कर रहे थे। मणिलाल के लगन के कारण, गैस स्टेशन के मालिक ने उन्हें मैनेजर बना दिया। उन्होंने अपने वेतन के साथ गैस स्टेशन के प्रॉफ़िट/लाभ का 10% भी कमाया। उनका पूरा परिवार पैसे बचाता था। उन्होंने परिवार के हर सदस्य के लिए उस पैसे से घर खरीदना शुरू किया । वे अभी भी कम खर्च और अधिक पैसे बचाते थे और एक सिंपल जीवन जी रहे थे। इसके बाद मणिलाल ने बचाये हुए पैसे से अपना खुद का व्यापार/बिज़नेस शुरू किया। उन्हें एक मोटल खरीदने का मौका तब मिला जब अमेरिका में 9/17 के टैरिरस्ट अटैक के बाद उसके दाम कम हो गए थे। उन्होनें कछ पैसा लगाने वालों को अपनी ओर किया जाज।। के टैरिरस्ट अटैक के बाद उसके दाम कम हो गए थे। उन्होनें कुछ पैसा लगाने वालों को अपनी ओर किया और काम करने के लिए तैयार हो गए। मणिलाल ने अपनी दोनों नौकरियां छोड़ दी और पूरे समय मोटेल में काम करने लगे। चार साल के बाद उनके मोटल ने दाम बढ गया। प्रोफिट हर साल 48% बढ़ने लगा। मणिलाल ने लिए हुए पैसे वापस कर दिए और उनका परिवार अब असल में पैसा कमाने लगा। हर सदस्य ने अपनी इन्कम बढ़ाना शुरू कर दिया। वे कैलिफोर्निया और अन्य जगहों में मोटल खरीद कर चला रहे थे। यह धंधो के सोच का एक अच्छा उदाहरण था। मणिलाल ने कड़ी मेहनत की, अपने खर्च को कम से कम रखते हुए जितना हो सके उतना बचाया । उन्हें 9/17 के बाद एक बड़ा मौका मिला। मणिलाल ने तीन साल तक सही मौके का इंतज़ार किया और सही अवसर चुना। वर्जिन धंधो आप सोच रहे होंगे कि धंधो ने पटेल और मणिलाल के लिए काम किया, लेकिन यह आपके लिए काम करेगा या नहीं। क्या आपको लगता है कि धंधो केवल इंडियंस/ भारतीयों के लिए है? यहाँ इंग्लैंड में जन्मे और पले-बढ़े आदमी का एक और उदाहरण है। पटेल की तरह रिचर्ड ब्रैनसन पैसे बचाते नहीं थे। वो अपने जीवन को पूरी तरह से जी रहे थे और मज़े कर रहे थे। A < पटेल की तरह रिचर्ड ब्रैनसन पैसे बचाते नहीं थे। वो अपने जीवन को पूरी तरह से जी रहे थे और मज़े कर रहे थे। उनकी एक (music recording) संगीत रिकॉर्डिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की कंपनी थी। एक दिन एयरलाइन का एक बिजनेज प्लान रिचर्ड की डेस्क पर आई । यह लंदन और न्यूयॉर्क के बीच एक ऑल बिजनेस क्लास एयरलाइन बनाने के बारे में था। रिचर्ड बडे होशियार थे । वो जानते थे कि इस प्लान को उनके पहले कई बिजनेसमैन ने मना कर दिया था नहीं तो यह उन तक नहीं आता। उन्होंने इसके बारे में सोचा, प्लान को समझा और कुछ बदलाव किए। रिचर्ड ने इसे ट्राई करने का फैसला किया। उनके (friends) साथियों ने उन्हें पागल कहा क्योंकि एक अच्छे प्लेन/हवाई जहाज़ में बहुत पैसा खर्च होता था। रिचर्ड ने कुछ फ़ोन किए और किराए पर एक पुराने बोइंग 747 जंबो जेट को खोजने की कोशिश की। उन्होंने केवल एक साल के लिए इसे किराए पर लेने की योजना बनाई। अंत में लगभग $2 मिलियन खर्च का हिसाब बना। उस साल उनकी कमाई की तुलना में यह बहुत ज्यादा नहीं था। उन्होंने हवाई जहाज़ की देखभाल करने वाले लोगों को काम पर रखा। क्योंकि वह बॉय जॉर्ज की एल्बम में पैसा लगा रहे थे वो पॉप कलाकार के अच्छे दोस्त थे। इसे शुरू करने वाले दिन ,रिचर्ड ने बॉय जॉर्ज को उनके साथ रहने को कहा। इसकी मदद से वो अपनी में पैसा लगा रहे थे वो पॉप कलाकार के अच्छे दोस्त थे। इसे शुरू करने वाले दिन ,रिचर्ड ने बॉय जॉर्ज को उनके साथ रहने को कहा। इसकी मदद से वो अपनी एयरलाइन का नाम चारों तरफ फैलाना चाहते थे । उस दिन थोड़ी गड़बड़ हुई लेकिन फिर भी काम हो गया। अगर हम इसके बारे में सोचें तो अगर कोई ऐसा खतरा लेना चाहता है, तो उन्हें कम से कम $ 60,000 डॉलर के खर्च के साथ एक हार्ड/मुश्किल लेकिन अच्छी तरह से बनाये गए प्लान की ज़रुरत होगी। लेकिन रिचर्ड ब्रैनसन के अनुसार अगर आप खतरा उठाना चाहते हैं तो आपको शुरु के खर्चों को कम करने के लिए नए तरीके सोचने की ज़रुरत होती है। इसीलिए उन्होंने जेट खरीदने की जगह उसे किराए पर लिया, उन्होंने एक छोटी स्टाफ टीम को काम पर रिचर्ड उस समय के सबसे फेमस गायक के दोस्त थे। इन सब की मदद से वर्जिन एयरलाइंस ने पहली सक्सेफुल उड़ान भरी। अब, वर्जिन एयरलाइंस हर साल लगभग $ 700 मिलियन कमा रही है और वो वहां रुके नहीं बल्कि और ये लोग आगे बढ़ गए। रिचर्ड अब ब्रिटेन में अपने प्राइवेट खुद के आइलैंड/ द्वीप में रहते हैं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता अगर वो फेल हो जाते तो भी क्योंकि उन्होंने बहुत कम पैसा खर्च करके बिज़नेस शुरू किया था। रिचर्ड बहादुर और स्मार्ट हैं।जब तक आप अपने खर्च कम रखते हैं, और सही अवसर का इंतज़ार करते हैं, तो जीत पक्की है। रखा, The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai मित्तल धंधो आप हमारी पिछली कहानियों की सफलता से इम्प्रेस हो रहे होंगे, लेकिन ये कहानी आपको सबसे अच्छी लगेगी। आपने कभी नहीं सोचा होगा कि world में सबसे अमीर लोगों में से एक धंधो की सोच पर काम करते हैं। यहां धंधो की सोच का एक बेहतर उदाहरण मिलता है। भारत में, राजस्थान नाम का एक रंगीन शहर है। इस शहर में मारवाड़ नाम का एक स्थान है। मारवाड़ के लोग धंधो की सोच पर काम करते हैं। इस शहर से निकले सफलता का एक उदाहरण लक्ष्मी मित्तल हैं। वह एक बिजनेसमैन हैं जिन्हें 2015 में इस दुनिया पर तीसरे सबसे अमीर आदमी के रूप में स्थान दिया गया था। भले ही शुरू में उनके पास कुछ नहीं था लेकिन अब वो 20 बिलियन डॉलर के मालिक हैं। वह ऐसा करने में कैसे सफल हुए? 1972 में, लक्ष्मी मित्तल ने इंडोनेशिया में एक स्टील मिल में पैसा लगा कर शुरुआत की। उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि स्टील बिज़नेस में पैसा लगाना सबसे मुश्किल है। आप रॉ मटेरियल का खर्च या सामान के खर्च को कण्ट्रोल नहीं कर सकते इसलिए ने जाना on FAGATTA लगाना सबसे मुश्किल है। आप रॉ मटेरियल का खर्च या सामान के खर्च को कण्ट्रोल नहीं कर सकते इसलिए वह एक ऐसा बाजार था जिसमें कभी भी कुछ भी बदल सकता था। इन सभी रुकावटों के बाद भी मित्तल ऐसा बिज़नेस बनाने में कामयाब रहे, जो दुनिया में सबसे सफल स्टील बिज़नेस में से एक बन गया है। उन्होंने बस सही चांस /मौके का इंतजार किया फिर उन्होंने अपनी जीत का कदम बढ़ाया। जो नहीं जानते उन्हें बता दें कि मित्तल कजाकिस्तान में कार्मेट स्टील प्लांट को खरीदने में कामयाब रहे, जो पैसों की कमी की वजह से बर्बाद हो चुकी थी। खराब हालत की वजह से मालिकों ने उसे सस्ते दाम पर बेच दिया। कर्मेट को चलाने के पांच साल बाद, मित्तल ने बहुत (profit) लाभ कमाया। फिर, उन्होंने रोमानिया में एक और स्टील प्लांट को कम पैसों में खरीदा। फिर उन्होंने मेक्सिको में एक और प्लांट खरीदा। मित्तल का एम सबसे कम खर्च के साथ एक बड़े बिज़नेस को शुरू करने का था। इसलिए उन्होंने सही समय पर सही मौकों को चुना। और यही बात हमें ध्यान रखनी है। धन्धो सोच कि बनावट/ढाँचा हम इस बात पर और आगे बढ़ रहे हैं कि कैसे धंधो की सोच रखने वालों ने बिना कुछ खर्च किये लाखों डॉलर कमाया है। यह साफ़ था कि सफल बिज़नेस बनाने के लिए ज़्यादा पैसे लगाने की ज़रुरत नहीं है। उन्होंने यह कमाया है। यह साफ़ था कि सफल बिज़नेस बनाने के लिए ज़्यादा पैसे लगाने की ज़रुरत नहीं है। उन्होंने यह कैसे किया? इस part/चैप्टर में आप उन सभी रूल्स/ नियमों के बारे में जानेंगे जो हर धंधो बिजनेसमैन ने फॉलो किये हैं और अपना नाम ऊँचा किया है। नौ नियम हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। पहला धंधो नियम है कि जो बिज़नेस पहले से है उसमें पैसा लगाकर शुरू करना चाहिए। ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि आप कुछ नया बना सकते हैं। ऐसा करना बेकार है । आपको स्मार्ट होना चाहिए और सबसे कम । खतरा के साथ शुरू करना चाहिए। दूसरा धंधो नियम है एक ऐसा बिज़नेस चुनें जो सरल/ इजी हो और जो समय के साथ बदले नहीं क्योंकि अगर कुछ बदलता है तो उसमे पैसे खर्च होते हैं। इसलिए ऐसे बिज़नेस से बचना चाहिए जो कभी भी बदल सकता हो |जैसा कि पापा पटेल के मामले में, उन्होंने मोटल को खरीदना ठीक समझा क्योंकि मोटल में नए सामान या नया काम की ज़रुरत नहीं होती है । मोटल में सिर्फ सोने की जगह चाहिए। यह एक सेफ बिज़नेस है। तीसरा धंधो नियम है कि आपको सही समय और अच्छे मौकों का इंतज़ार करना चाहिए। बाजार में जो कुछ भी है बस उसे न खरीदें, ध्यान से देखें, शांत रहे और सबसे सस्ती कीमत को ढूंढें। कम दाम उन बिज़नेस के होते हैं जो बंद होने वाले हैं। इसलिए उन पर ध्यान दीजिये। चौथा धंधो नियम है कि ऐसा बिज़नेस ढूंढें जो लम्बे समय तक टिक सके। लम्बे समय तक रहने के लिए कुछ ख़ास करने की ज़रुरत होती है। कुछ ऐसा जो NI PUC1iS कुछ ख़ास करने की ज़रुरत होती है। कुछ ऐसा जो । है कोई और नहीं कर सकता। पटेल के केस में, पापा पटेल खुद काम करते थे और दूसरों के मुकाबले सबसे कम दाम लेते थे। इसलिए वो किसी भी दूसरे मोटल से अधिक पैसा कमाते थे। पांचवां धंधो नियम है कि आपको पता होना चाहिए कि कब सही फैसला करना है। आपको सावधान रहना चाहिए ,कठिनाई/संकट के बारे में बिना सोचे बिज़नेस शुरू नहीं करना चाहिए। सबसे कम खर्च पर शुरू करना और (profit)लाभ दिलाने वाले बिज़नेस के बारे में सोचना, धंधो सोच रखने वालों के ख़ास गुण हैं। छठा धंधो नियम है आर्बिट्रेज पर ध्यान देने की ज़रुरत। समान व्यापारों के बीच दाम के अंतर से लाभ कमाना आर्बिट्रेज कहलाता है। उदाहरण के लिए, जैसे कि कोई चीज किसी देश A में अधिक दाम पर बिकता है देश B के मुकाबले तो देश B से चीज खरीद कर देश A में बेच सकते हैं। इस तरह से, बिना कोई पैसा खोए profit लाभ मिलता है। सातवां धंधो नियम है उन (businesses) व्यापारों को खरीदना जो अपने असल कीमत से कम दाम पर मिलें । यह एक सेफ फैसला है। अगर आपका बिज़नेस भविष्य में फेल हो जाता है तो भी आपको बहुत नुकसान नहीं होगा। आठवां धंधो नियम है उन (businesses) व्यापारों की तलाश जिनकी कीमत उनकी असली ताकत की तुलना में कम हो। हम मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी के बारे में बात कर रहे हैं। यदि आपका (business) जा०पा यचा नियम ह उन (Dusll lesses) व्यापार। की तलाश जिनकी कीमत उनकी असली ताकत की तुलना में कम हो। हम मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी के बारे में बात कर रहे हैं। यदि आपका (business) व्यापार ठीक से चला तो वह अच्छा है। यदि नहीं तो यह भी अच्छा है क्योंकि आपने इसे चलाने के लिए केवल एक छोटी सी कीमत खर्च की है।पापा पटेल के (example me)उदाहरण में, उन्होंने अपना मोटल तब शुरू किया जब इकॉनमी/अर्थव्यवस्था खराब थी। गैस की कीमत बहुत अधिक और भविष्य के बारे में कुछ पता नहीं था। लेकिन उन्हें पक्का यकीन था। उन्होंने खर्च कम करने के लिए सब कुछ किया ताकि वह दूसरे मोटल से कम दाम रख सकें। गैस की कीमत अधिक होने पर भी वह (profit)लाभ कमा रहे थे। गैस की कीमत कम होने की स्थिति में सोचिये कि वह कितने पैसे कमाते होंगे । यह जीत का एक सबसे अच्छा (example) उदाहरण है और मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी का भी। नवा धंधो नियम है कुछ नया शुरू करने से बचना चाहिए। यह विचार अच्छा लग सकता है, लेकिन इसमें सफलता की गारंटी नहीं है। उन लोगों के रास्तों पर चलकर शुरू करना ठीक है जो सफल हुए हैं क्योंकि अगर ऐसा कोई कर सकता है तो आप भी उनके रास्ते पर चल कर वही कर सकते हैं। अगर पुराना तरीका सेफ है और अमीर बनाने की गारंटी देता है तो कुछ नया करने के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai धंधो 107: जो व्यापार पहले से हैं उनमें पैसा लगाना पिछले (part) चैप्टर में धंधो सोच के (principles)नियमों के बारे में बताया गया था। आगे इसके बारे में हम और अधिक समझेंगे। शेयर बाजार का मतलब है जो व्यापार पहले से है उसमें आप कुछ शेयर खरीदते हैं। (example) उदाहरण के लिए, यदि आप पापा पटेल मोटल में शेयर खरीदते हैं तो आप उसके पार्टनर होंगे और आप उतना ही (profit)लाभ कमाएंगे जितना कि वो कमाते हैं। शेयर बाजार में पैसा लगाने से (profit) लाभ होता है। पहला कि ये एक पूरा बिज़नेस खरीदने से अच्छा है जहां आपको (business) व्यापार खुद चलाना होता है। वह बहुत मेहनत का काम है। लेकिन यदि आप जो (business)व्यापार पहले से है उसमें स्टॉक खरीदते हैं, तो आप कोई असली काम किए बिना लाभ कमाते यदि आपके जीतने के चांस हैं और आप एक शेयर में पैसा लगाते हैं जो (profit) लाभ दे सकता है तो आप बहुत पैसा कमा सकते हैं। ये बिज़नेस की जानकारी आजकल इंटरनेट पर मिल जाती है । आप उनमें पैसा लगाने की कोशिश कर सकते हैं। किसी (business) नगर में मॉन् लेताना तनने से या कसाना आजकल इंटरनेट पर मिल जाती है । आप उनमें पैसा लगाने की कोशिश कर सकते हैं। किसी (business) व्यापार में स्टॉक लेकर पार्टनर बनने से पैसा कमाना सबसे आसान तरीका है। आपको एक बिज़नेस के लिए प्लान नहीं बनाना होगा , लोगों को काम पर नहीं रखना होगा या (business) व्यापार नहीं चलाना होगा। आपको बस अपना दांव लगाना है। आप उन शेयरों को खरीद सकते हैं जिनके दाम $10 डॉलर से कम हैं और ये पक्का है कि आप भविष्य में इससे अधिक कमाएंगे। । धंधो 102: सिंपल बिज़नेस में पैसा लगाना शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले आपको अपने आप से पूछना चाहिए, “मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं सही कीमत पर खरीद रहा हूँ? क्या पता शायद मैं इस व्यापार की कीमत से अधिक पैसा लगा रहा हूँ या नहीं ?ज़्यादा गिनती करने से बचने के लिए, धंधो का तरीका उन (business)व्यापारों पर ध्यान लगाना है जो (simple) सरल हैं। (Simple)साधारण से क्या मतलब है? वो व्यापार जिनको समझने के लिए कैलकुलेटर की ज़रुरत नहीं है, लेकिन ये साफ़ पता है कि वो अच्छे हैं।आपको बस एक पेपर और पेन चाहिए ये (calculate)गिनती करने के लिए कि भविष्य में कितना लाभ और खर्च होगा। यदि इससे अधिक पता करने की ज़रुरत है, तो आपको इस परेशानी से बचना चाहिए। पैसा लगाने के लिए सिंपल बिज़नेस सबसे अच्छा होता है। अच्छा हाता हा (example) उदाहरण के लिए, पापा पटेल ने मोटल खरीदा और simple calculations की। वो जानते थे कि भविष्य में कितना पैसा कमाएंगे और कितना खर्च हो सकता है। इसलिए वे खर्च को कम करने में कामयाब रहे और वो अपने हिसाब से ज़्यादा कमाने लगे धंधो की सोच सरलता पर बनी है। हर (business)व्यापार ऐसा होना चाहिए। यदि खर्च और (profit)लाभ ठीक से पता नहीं है, तो यह एक लाल झंडा है। इसका मतलब है कि आपको कभी भी खतरों से भरे और जिसके बारे में ठीक से कुछ कहा या समझा न जा सके उस (business)व्यापार में पैसा नहीं लगाना चाहिए। धंधो 201: जो व्यापार प्रॉब्लम में हैं उसमें पैसा लगाएं (business)व्यापार की कीमत कभी सामान नहीं होती हैं। कीमत अधिक या कम होती रहती हैं क्योंकि बाजार पर लोगों और (situations)स्तिथि का असर होता है। इसलिए आपको स्मार्ट होना चाहिए और सही मौके का इंतजार करना चाहिए। बिज़नेस खरीदने में जल्दी न करें। थोड़ी देर इंतजार करना चाहिए। एक और सस्ता और अच्छा सौदा आपके रास्ते में आ सकता है।जब किसी बिजनेसमैन को लगता कि अब शायद (profit) लाभ कम होगा तो वह कम कीमत पर व्यापार को बेच देता है। उस अवसर को चुनें और (business) व्यापार खरीद लें । यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो बिजनेसमैन अपना मन बदल सकता है। [susilicापार ५ । । पा५ जाएII करते हैं, तो बिजनेसमैन अपना मन बदल सकता है। चलो मिस्टर मार्केट की कहानी से सीखते हैं। वह एक मन से बनाया हुआ किरदार है जिसे बेंजामिन ग्राहम ने बनाया था। ग्राहम सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब इंटेलिजेंट इन्वेस्टर के लेखक हैं।मिस्टर मार्केट स्टॉक ट्रेडिंग का काम करता है और पूरा दिन स्टॉक को खरीदता और बेचता है। मिस्टर मार्केट तुरंत फैसला करता है। जब कीमत कम हो रही हो तो वह अपने शेयरों को जल्दी से बेच देता है। जब वह एक ज़्यादा दाम वाला स्टॉक देखता है, तो वह उसे खरीद लेता है। प्रॉब्लम ये है कि मिस्टर मार्केट बहुत कम पैसा कमा कमा कर उससे ज़्यादा पैसे खर्च कर रहा है। वह खरीदने या बेचने से पहले सोचता नहीं है। मिस्टर मार्केट जैसे सभी बिना सोचे समझे पैसा लगाने वाले लोगों से फायदा लेने वाले लोग पटेल, मणिलाल और मित्तल जैसे धंधो की सोच वाले लोग हैं। धंधो के नियम से पैसा लगाने वाले लोग तब (business) व्यापार खरीदते हैं जब वो (business) व्यापार मुश्किल में होता है क्योंकि वे जानते हैं कि अंत में शेयर बाजार फिर से ठीक हो जाएगा। जब समय आएगा, तो उन्हें अधिक लाभ होगा। धंधो 202: बिज़नेस इन्वेस्टमेंट विथ ड्यूरेबल मोट्स उन (businesses)व्यापारों में पैसा लगाना चाहिए जिनके पास ख़ास खूबी हो जो दूसरों के पास ना हो। यदि दसरे रेस जीत गए तो आप बहुत सारा पैसा रखो हा। धंधो 202: बिज़नेस इन्वेस्टमेंट विथ ड्यूरेबल मोट्स उन (businesses)व्यापारों में पैसा लगाना चाहिए जिनके पास ख़ास खूबी हो जो दूसरों के पास ना हो। यदि दूसरे रेस जीत गए, तो आप बहुत सारा पैसा खो देंगे। अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसे व्यापारों में पैसा लगाने से आप चैन से बैठ सकते हैं तो आप गलत हैं क्योंकि कुछ भी लम्बे समय तक नहीं रहता है। सभी बिज़नेस कुछ समय बाद फेल होते हैं । एक और अच्छी कंपनी आ कर बाजार को बदल सकती है।तो हम इसके बारे में क्या कर सकते हैं? आप केवल दस साल आगे की सोच सकते हैं उससे आगे की नहीं। यदि किसी (business)व्यापार में एक लाभ है जो अगले 10 सालों तक पैसा कमाने की गारंटी देता है, तो आपको इसे खरीदना चाहिए। इसका उदाहरण (author) लेखक का पसंदीदा रेस्तरां, चिपोटल है। उसकी सफलता दरवाजे पर इंतजार कर रहे लोगों की लंबी लाइन से पता चलती है। लेखक दूसरे रेस्तरां में जाने के बजाय लाइन में खड़े रहना और अपनी बारी का इंतजार करना पसंद करते हैं। क्यों? इसलिए क्योंकि यह रेस्तरां दूसरे रेस्तरां से बिलकुल अलग है। उन्होंने अपना एक अलग नाम बनाया है जिसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता है। चिपोटल ताजा और अच्छी क्वालिटी का सामान यूज़ करता है। वो टेस्टी खाना बनाते हैं, और वे अच्छी गिनाने हैं। गार गट ना पा ति की सोच सकते हैं उससे आगे की नहीं। यदि किसी (business)व्यापार में एक लाभ है जो अगले 10 सालों तक पैसा कमाने की गारंटी देता है, तो आपको इसे खरीदना चाहिए। इसका उदाहरण (author) लेखक का पसंदीदा रेस्तरां, चिपोटल है। उसकी सफलता दरवाजे पर इंतजार कर रहे लोगों की लंबी लाइन से पता चलती है। लेखक दूसरे रेस्तरां में जाने के बजाय लाइन में खड़े रहना और अपनी बारी का इंतजार करना पसंद करते हैं। क्यों? इसलिए क्योंकि यह रेस्तरां दूसरे रेस्तरां से बिलकुल अलग है। उन्होंने अपना एक अलग नाम बनाया है जिसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता है। चिपोटल ताजा और अच्छी क्वालिटी का सामान यूज़ करता है। वो टेस्टी खाना बनाते हैं, और वे अच्छी सर्विस/सेवा देते हैं। कस्टमर यह बता सकता है कि उन्हें कौन सा सामान चाहिए और कितना चाहिए। यह सर्विस कहीं और मिलना मुश्किल है। चिपोटल ने 500 और रेस्तरां खोलने के लिए काम को और बढ़ा दिया है। दूसरे रेस्तरां ने कॉपी करने की कोशिश की लेकिन अभी तक कोई भी सफल नहीं हो पाया है।चिपोटल एक शानदार उदाहरण है ड्यूरेबल मोट का । ज़रा सोचिए कि उस फायदे की वजह से वे कितना पैसा कमा रहे हैं। उन रेस्तरां को देखते हुए, जिन्हें वे खोलने में कामयाब रहे, वे बहुत (profit) लाभ कमा रहे हैं। The Dhandho Investor: The Low-Risk Value Met… Mohnish Pabrai धंधो 307: कुछ बड़े शानदार दांव लगाना सोचिए कि आपको एक बिज़नेस मिला है जो इजी है। क्योंकि वो मुसीबत में है उसका मालिक सबसे कम कीमत पर बेचने को तैयार है। इस बिज़नेस को करने का गुण आप में है और आप वहां काम करने के लिए (excited)उत्सुक हैं।यह बिज़नेस कुछ बिलकुल अलग करता है इसलिए (profit) लाभ की गारंटी है। इसलिए आप इसे खरीद लेते हैं । मान लीजिए कि इसकी कीमत $ 30 है लेकिन आपने इसे केवल $10 में खरीदा है। आप इसकी कीमत को $30 पर वापस कैसे ले जाएंगे? ज्यादा कुछ करने की ज़रुरत नहीं है बस इंतज़ार कीजिये और इसे अपने आप ठीक होने का समय दीजिये। इतिहास ने साबित किया है कि खराब टाईम में बेचे जाने वाले व्यापार अंत में अपने असल दाम पर आ जाते हैं । तो बस जल्दी ना करें और इंतज़ार करें। 1963 में, वॉरेन बफेट ने अमेरिकन एक्सप्रेस में अपनी टोटल इन्कम का 40% पैसा लगा दिया । उन्होंने 6. A 1963 में, वॉरेन बफेट ने अमेरिकन एक्सप्रेस में अपनी टोटल इन्कम का 40% पैसा लगा दिया । उन्होंने लगभग 7 मिलियन डॉलर उस कंपनी में लगाए।उस समय, अमेरिकन एक्सप्रेस को सैलड ऑयल क्राइसिस के कारण बहुत नुक्सान हुआ था। अमेरिकन एक्सप्रेस ने गलत फैसला लिया जिसके कारण उन्हें $ 60 मिलियन का नुकसान हुआ। तो उनके शेयर की कीमत तुरंत आधी हो गई थी। वारेन बफे से पूछा गया कि उन्होंने इसमें पैसा क्यों लगाया क्योंकि वो सब कुछ खो सकते थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का अवसर बहुत कम मिलता है। उन्हें विश्वास था कि अमेरिकन एक्सप्रेस मुश्किल से निकल जाएगा और जल्द ही बहुत (profit) लाभ कमाएगा। तो ये (example) उदाहरण ये सिखाती है कि कभी कभी कुछ बड़े दांव लगाने चाहिए। अपने मन की आवाज़ पर भरोसा करना चाहिए और सिर्फ कभी कभी बड़े दाव लगाने चाहिए।धंधो के नियम आपको स्मार्ट बनने में मदद करती है। – (conclusion) अंत में इस बुक में, आपने धंधो सोच के नौ (principles)नियमों के बारे में सीखा। जब जीतने की बहुत इच्छा होती है तो आपने सीखा कि कोई भी (principles)नियमों के बारे में सीखा। जब जीतने की बहुत इच्छा होती है तो आपने सीखा कि कोई भी रुकावट हमें रोक नहीं सकती। सिर्फ इसलिए कि चीजें थोड़ी मुश्किल हैं , आपको अमीर बनने का सपना छोड़ना नहीं चाहिए।इस बुक summary ने आपको उन लोगों के महान (examples) उदाहरणों के बारे में बताया, जिनके पास कुछ नहीं था और फिर भी उन्होंने बहुत (profit) धन कमाया। वे सभी धंधो सोच पर चलने वाले लोग थे। आपने सही समय का इंतज़ार करने और (simple businesses) सरल व्यापारों को चुनने के बारे में सीखा। आपने यह भी सीखा कि ज़्यादा (profit) लाभ देने वाले शेयर को कैसे ढूंढना चाहिए। ज़िन्दगी दांव लगाने के लिए है। बिज़नेस सबसे कम खर्च पर सही फैसला लेने के बारे में है। धंधो सोच अपना करके बिज़नेस चुनें ताकि अगर आप जीते तो आप अमीर बन जाएंगे और अगर आप हारे तो आप बहुत (zaada) अधिक नहीं खोएंगे।इसलिए अपने मुश्किल जीवन से उदास न हों। कोन्फीडेन्स गेन कीजिये और सक्सेस के पाठ में धंधो रास्ते पर चलो साहसी बनो और धन और सफलता की दिशा में धन्धो के रास्ते पर चलो।

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