The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki Books In Hindi Summary

The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki इंट्रोडक्शन क्या आप उन लोगों में से है जो करंट इकॉनोमिक क्राइसिस से जूझ रहे है? क्या आप भी हेल्पलेस फील करते है लेकिन ये नहीं जानते कि फाइनेंसियल तौर पर सिक्योर होने के लिए क्या करना चाहिए? क्या आप आज के समय में चल रही फाईनेंशियल instability के वक़्त में भी अमीर होना चाहते है ? तेज़ी से बदलती इस दुनिया में आज जहाँ हर तरफ मंदी का दौर है और इकॉनमी की कंडिशन खस्ताहाल हो चुकी है, तो कोई हैरानी की बात नहीं है कि आज भी बहुत से लोग जल्द से जल्द अमीर होना चाहते है. शायद यही वजह है कि आज बहुत सारे लोग ऐसे भी है जो ओवरटाइम करके या कोई साइड बिजनेस करके अपनी इनकम बढ़ाने में लगे हुए है. साथ ही बहुत से यंगस्टर्स जल्द से जल्द अपनी एजुकेशन पूरी करना चाहते है क्योंकि सोसाईटी ने हमे यही सिखाया है कि एक अच्छी और सिक्योर जॉब पाने का सिर्फ यही एक तरीका है. हालाँकि ये ट्रेडिशनल सोच काफी पोपुलर है लेकिन फिर भी हम आपको जानकारी के लिए बता दे कि आज की डेट में फार्दनेंशियल फीदम अचीव करने के हालाँकि ये ट्रेडिशनल सोच काफी पोपुलर है लेकिन फिर भी हम आपको जानकारी के लिए बता दे कि आज की डेट में फाईनेंशियल फ्रीडम अचीव करने के लिए ये बातें अब उतनी मायने नहीं रखती. जैसा कि हम सब जानते है, आज हम 2]स्ट सेंचुरी में जी रहे है तो आज फाईनेंशियल फ्रीडम पाने के रूल्स और तरीके भी बदल चुके है. इस समरी में आपको वो सारी नॉलेज मिलेगी जिससे आप जितनी चाहे उतनी वेल्थ क्रिएट कर सकते हैं और उसे बचाकर भी रख सकते है. इस समरी में इस बात को भी समझाया गया है कि पैसा कैसे काम करता है और आप उन सारी बिजनेस अपोरच्यूनिटी के बारे में जान पायेंगे जो आपको अपनी मनमर्जी की लाइफ जीने में हेल्प करेगी. इसे पढने के बाद आपको अपना फ्यूचर अपने कण्ट्रोल में करने की मोटिवेशन मिलेगी बजाए इसके कि आप सोसाईंटी की घिसी-पिटी लीक पर चले. एक बार जब आप फाईनेंशीयली सिक्योर होने के सारे कॉन्सेप्ट सीख जायेंगे तो उसके बाद आसानी से एक ऐसी स्ट्रोंग फाउंडेशन बना पाएंगे जो आपको लाइफ में फुलफिलमेंट, संतुष्टि और वो सब कुछ देगी जो आप हमेशा से चाहते थे. तो क्या आप तैयार है अपनी बिज़नेस जर्नी के लिए जो आपकी क्रिएटिविटी को उभारने में मदद करेगी और तो क्या आप तैयार है अपनी बिज़नेस जर्नी के लिए जो आपकी क्रिएटिविटी को उभारने में मदद करेगी और आपका अमीर बनने के सपना भी पूरा करेगी? अगर हाँ तो आपने अब तक शायद अपने बैग पैक कर लिए होंगे क्योंकि अब आप अपनी पुरानी ज़िंदगी छोड़ने वाले हो जो आज तक बेहद आम जीवन और गरीबी में कटी है, क्योंकि आज से आपकी एक नई जर्नी स्टार्ट होती है. इस दिलचस्प सफ़र से कुछ ना कुछ सीखने और याद रखने कि कोशिश ज़रूर करें. The Rules have changed पिछले कुछ सालों से दुनिया में कई तरह की बुरी खबरों का दौर सा चल रहा था. आये दिन न्यूज़ में ग्लोबलाईजेशन, स्कैम, रिसेशन और इसी तरह की डराने वाली खबरे देखने को मिलती थी. दुनिया के हर कोने में अनएम्प्लोयमेंट की रेट कई लोगों के लिए एक ख़तरे कि घंटी की तरह लग रहा था. यही वजह है कि आज दुनिया भर में poverty लाइन से नीचे रहने वालो की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है. इस नई सेंचुरी में हमे ये समझना होगा कि आज जो सिक्योर और सेफ जॉब आप चाहते हो, वो अब कहीं नहीं रह गई है और साथ ही आपको किसी और पर डिपेंडेंट रहने की आदत छोड़नी होगी, क्योंकि कोई भी आपका और आपके फ्यूचर का ध्यान नहीं रख सकता, ये डिसीजन सिर्फ आपके हाथ में है. अगर आज के समय में आपको अमीर बनना है तो आपको पता होना चाहिए कि अब इस गेम के रूल्स बदल गए A८ सपाता, 4 साल तक जापा..जार आज के समय में आपको अमीर बनना है तो आपको पता होना चाहिए कि अब इस गेम के रूल्स बदल गए है. अपने बचपन के दिनों में रॉबर्ट कियोसाकी, जो इस बुक के ऑथर है, उन्होंने बताया कि कैसे उनके पेरेंट्स ने उन्हें एक चीज़ सिखाई थी जो शायद कई लोगों को भी पता होगी, वो बात ये थी कि – स्कूल कि क्लास ठीक से अटेंड करो और खूब मेहनत से पढाई करके अच्छे नंबर लेकर आओ ताकि आगे चलकर तुम्हे एक सिक्योर और हाई पेइंग जॉब मिल सके, जिसमे कई तरह के बेनेफिट शामिल हों ताकि तुम अपनी पूरी जिंदगी आराम से गुज़ार सको. कियोसाकी को अपने पेरेंट्स की सिखाई बातों पर पूरा यकीन था जो” इंडस्ट्रियल एज थिंकिंग” से बिलोंग करते थे. लेकिन आज कियोसाकी इस बात से जरा भी सहमत नहीं हैं क्योंकि आज का दौर कोई इंडस्ट्रियल एज नहीं है. इस नई सेंचुरी में ना तो आपकी जॉब, ना गवर्नमेंट और ना ही कोई और आपका ध्यान रखने वाला है. कियोसाकी के हिसाब से रूल्स अब पूरी तरह से बदल चुके है. आज जब हम इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एज में जी रहे है, तो कॉर्पोरेट से रिलेटेड जिन बातों पर लोग पहले बिलीव किया करते थे, वो अब खत्म हो चुके है. आज जब भी कोई इकनोमिक क्राइसिस, फाईनेंशीयल पैनिक या रिसेशन आता है तो कोई सिक्योरिटी नेट, कोई सेफ्टी काम नहीं आती. रिसेशन आता है तो कोई सिक्योरिटी नेट, कोई सेफ्टी काम नहीं आती. ग्रेट डिप्रेशन के दौरान कुछ लोग रातों-रात करोड़पति हो गए थे. जबकि कई बूम के पीरियड में जैसे रियल एस्टेट में उछाल के वक्त बहुत से लोग ऐसे भी थे जो अपना फ्यूचर नहीं बचा पाए थे. वो इसलिए क्योंकि वो उन प्रिंसिपल्स और माइंडसेट को अपना ही नहीं पाए जो एक 21st सेंचुरी में रहने वाले इन्सान को करना चाहिए. जिसका नतीजा ये हुआ कि कई लोग आ भी स्ट्रगल कर रहे हैं और अभी तक फाईनेंशियल तंगी से उभर नहीं पाए है. शायद कुछ लोग सोचे कि उनके सामने जो प्रॉब्लम आ रही है, वो बदलती इकॉनमी या ऐसी सिचुएशन के कारण है जो हमारे कंट्रोल में है ही नहीं. वो इसलिए गरीब है क्योंकि ये चीज़े उन्हें डाउन कर रही है लेकिन असल में ऐसा कुछ भी नहीं है. वक्त आएगा तो आपको पता चलेगा कि रियल प्रॉब्लम ना तो इकॉनमी है और ना ही आपके हालात बल्कि असली प्रॉब्लम आपके अंदर है जो आप देख नहीं पा रहे हैं. जिंदगी बेहद मुश्किल है, लेकिन जिंदगी से शिकायत करके हम अपना फ्यूचर सिक्योर नहीं कर सकते. हम हालात का रोना रो सकते है पर उससे कोई फायदा नहीं होने वाला है. ना तो गवर्नमेंट को ब्लेम करके और ना ही किसी और पर डिपेंडेंट रहकर हमारा भला होगा. अगर आप एक सेफ और सिक्योर फ्यूचर चाहते हो तो आपको वो खुद क्रिएट करना होगा. आपको अपना फ्यूचर नहीं बचा पाए थे. वो इसलिए क्योंकि वो उन प्रिंसिपल्स और माइंडसेट को अपना ही नहीं पाए जो एक 21st सेंचुरी में रहने वाले इन्सान को करना चाहिए. जिसका नतीजा ये हुआ कि कई लोग आ भी स्ट्रगल कर रहे हैं और अभी तक फाईनेंशियल तंगी से उभर नहीं पाए है. शायद कुछ लोग सोचे कि उनके सामने जो प्रॉब्लम आ रही है, वो बदलती इकॉनमी या ऐसी सिचुएशन के कारण है जो हमारे कंट्रोल में है ही नहीं. वो इसलिए गरीब है क्योंकि ये चीज़े उन्हें डाउन कर रही है लेकिन असल में ऐसा कुछ भी नहीं है. वक्त आएगा तो आपको पता चलेगा कि रियल प्रॉब्लम ना तो इकॉनमी है और ना ही आपके हालात बल्कि असली प्रॉब्लम आपके अंदर है जो आप देख नहीं पा रहे हैं. जिंदगी बेहद मुश्किल है, लेकिन जिंदगी से शिकायत करके हम अपना फ्यूचर सिक्योर नहीं कर सकते. हम हालात का रोना रो सकते है पर उससे कोई फायदा नहीं होने वाला है. ना तो गवर्नमेंट को ब्लेम करके और ना ही किसी और पर डिपेंडेंट रहकर हमारा भला होगा. अगर आप एक सेफ और सिक्योर फ्यूचर चाहते हो तो आपको वो खुद क्रिएट करना होगा, आपको अपने इनकम के सोर्स पर कण्ट्रोल रखना होगा और सबसे इम्पोर्टेट बात तो ये कि अब वक्त आ गया है कि आप भी खुद का बिजनेस स्टार्ट कर दो. A The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki The Silver Lining बहुत से लोगों को economic अनसटॅनिटी और रिसेशन सुनने में नेगेटिव लगता है, लेकिन यही वक्त कुछ एंटप्रेन्योर्स के लिए अपोर्चुनिटी भी लेकर आता है कि वो कुछ क्रिएटिव सोचे. क्राइसिस के समय लोग अक्सर अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने को मजबूर हो जाते है, या कुछ ना कुछ जुगाड़ ढूंढ लेते है कि उनका गुजारा चल सके. तो अगर आपको फाईनेंशियली फ्री होना है और दौलत जमा करना है तो आपको ये बात समझनी होगी कि सिर्फ एक ही रास्ता है जो आपका बचा सकता है, वो ये कि अब आप भी बिजनेस की दुनिया में कदम रख ही लो. कितना भी मुश्किल वक्त हो, सिर्फ एंटप्रेन्योर ही होते है जो सर्वाइव कर जाते है और लगातार अपनी इनकम जेनरेट करते रहते है. तो इसलिए अगर आप उनमे से हो जो इस फील्ड में सक्सेसफुल होना चाहते है, तो अब वक्त आ गया है कि खुले दिमाग के साथ इस बारे में सोचा जाए. तो अपनी बिज़नेस स्किल्स को अनलॉक करने के लिए खुद को मेंटली तैयार कर लीजिए, वो भी ख़ासकर आज के मुश्किल दौर में, पॉल ज़ेन पिल्ज़र, जो सिटी बैंक के सबसे कम उम्र के ताईयोनि.टेंट शे रन्टोंने बिजनेस के जगिा करो.टों पॉल ज़ेन पिल्ज़र, जो सिटी बैंक के सबसे कम उम्र के वाईस प्रेजिडेंट थे, उन्होंने बिजनेस के ज़रिए करोड़ों कमाने के लिए बैंकिग की दुनिया को अलविदा कह दिया था. उन्होंने दो किताबें लिखी है जो न्यू यॉर्क टाइम्स बेस्ट सेलर किताबें रह चुकी है, जिसमे उन्होंने सेविंग और लोन क्राइसिस के बारे में पहले से ही एक्यूरेटली मेंशन कर दिया था. पॉल दो प्रेजीडेंशीयल एडमिनिस्ट्रेशन के इकनोमिक एडवाइज़र भी रह चुके है. यानि अगर किसी को भी एकदम सही फाईनेंशियल एडवाइज चाहिए हो तो वो पॉल से सलाह ले सकता है. पॉल मानते है कि करियर चुनने का जो ट्रेडिशनल बिलिफ था, वो आज इस नई सेंचुरी में बिलकुल बदल चुका है यानी एकदम उल्टा हो गया है. पुरानी ट्रेडिशनल बातें यानी कि स्कूल जाओ, अच्छे मार्क्स लाओ और सिक्योर जॉब करो वगैरह-वगैरह, आज बिजनेस करने से भी ज्यादा रिस्की हो गया है जिन्हें मानने से फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है. कई लोग बिज़नेस को रिस्की समझते हैं पर यही एक तरीका है अपनी लाइफ पर कण्ट्रोल करने का. अगर आपका खुद का बिजनेस होगा तो आप सिर्फ पैसा नहीं कमाते बल्कि आप उस चीज़ को चुनते हो जो हमेशा से आपका पैशन रहा है. US फेडरेल रिज़र्व के एक सर्वे में ये देखा गया कि एंटप्रेन्योर की नेट वर्थ एम्प्लोईज़ से पांच गुना ज्यादा A लाओ और सिक्योर जॉब करो वगैरह-वगैरह, आज बिजनेस करने से भी ज्यादा रिस्की हो गया है जिन्हें मानने से फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है. कई लोग बिज़नेस को रिस्की समझते हैं पर यही एक तरीका है अपनी लाइफ पर कण्ट्रोल करने का. अगर आपका खुद का बिजनेस होगा तो आप सिर्फ पैसा नहीं कमाते बल्कि आप उस चीज़ को चुनते हो जो हमेशा से आपका पैशन रहा है. US फेडरेल रिज़र्व के एक सर्वे में ये देखा गया कि एंटप्रेन्योर की नेट वर्थ एम्प्लोईज़ से पांच गुना ज्यादा होती है क्योंकि एंटप्रेन्योर अपनी इकॉनमी बिल्ड करते है, इसलिए फाईनेंशियल क्राइसिस के वक़्त में भी उनकी सिचुएशन एम्प्लोईज़ से ज्यादा स्ट्रोंग रहती है. जब आप इकनोमिक क्राइसिस और रिसेशन से गुजरते हो तो आपके पास दो चॉइस होती है, या तो हालात के आगे घुटने टेक दो या अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने का रिस्क लेकर मुश्किल वक्त का पूरा फ़ायदा उठाओ. अगर आप उनमे से है जो बिजनेसमैन बनने का रास्ता चुनते हैं तो खुद को याद दिलाते रहना कि आपको इस रास्ते पर चलने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार रखना है और चाहे कुछ भी हो जाए, हमेशा स्ट्रोंग और टफ बने रहना है. The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki Where do you live? कई सालों तक आप शायद यही सोचते रहे कि इतनी मेहनत करने के बावजूद भी आप अभी तक अमीर क्यों नहीं बन पाए. ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि आपने रास्ता ही गलत चुना है. अगर आप जानना चाहते है कि आप एक्जेक्टली कहाँ पर है और कहाँ से आपकी इनकम आती है तो जरा रुको और गौर से सोचो कि अभी आप किस रास्ते पर चल रहे है. इस चैप्टर में कियोसाकी चार अलग-अलग इनकम कि दुनिया के बारे में एक्सप्लेन करते है. ये उन लोगों के लिए एक गाईड की तरह काम करेगी जो अभी भी अपनी जॉब में कई तरह कि प्रॉब्लम का सामना कर रहे है या अपने आज कि इनकम से ज्यादा पैसे कमाना चाहते है. इसे” कैशफ्लो क्वाड्रेट” कहा जाता है. कैश फ्लो के चार सोर्स को” कैशफ्लो क्वाड्रेट” में डिवाइड किया गया है. हर क्वाड्रेट का अपना अलग characteristic और फंक्शन है. ये उन अलग-अलग मेथड को डिसाइड करता है जो बताते है कि एक कैश इनकम कैसे क्रिएट होगी. ये है एम्प्लोई यानी E, सेल्फ एम्प्लोयेड या smaal बिजनेस ओनर्स यानि S बिजनेस ओनर्स यानि B और इन्वेस्टर यानि । कि एक कश इनकम कस क्रिएट हागा. यह एम्प्लाई यानी E, सेल्फ एम्प्लोयेड या smaal बिजनेस ओनर्स यानि S, बिजनेस ओनर्स यानि B और इन्वेस्टर यानि ।. E क्वाटेंट किसी कंपनी के एम्प्लोईज़ को दिखाता है. उनके लिए पैसा कमाने का मतलब है कि उस जॉब को करना जिसके लिए उन्होंने अप्लाई किया था. अब ज्यादातर लोग इसी क्वाड्रेट से बिलोंग करते है क्योंकि हमारा एजुकेशन सिस्टम और कल्चर हमे जॉब करने के लिए ज्यादा पुश करता है. यानी स्कूल जाना, अच ग्रेड्स से पास होना और उसके बाद किसी कंपनी में सिक्योर जॉब करना. S क्वाड्रेट में सेल्फ एम्प्लोयेड लोग आते है. ये वो जगह है जहाँ ज्यदातर E वाले लोग ट्रांसफर होते है. ये मानते है कि इस क्वाड्रेट में रहने से उन्हें ज्यादा इनकम होगी और वो खुद के मालिक भी बने रहेंगे. हालाँकि ये भी एक जाल है. चाहे वो कितना ही कमा ले, तो भी S क्वाड्रेट वाले अभी भी नौकरी ही कर रहे है क्योंकि अगर वो काम करना बंद कर देंगे तो उनकी इनकम भी रुक जाएगी. ये क्वाड्रेट” स्लेवरी” के लिए भी स्टैंड होता है क्योंकि असल में आप बिजनेस के मालिक नहीं है बल्कि बिजनेस आपका मालिक है. जो लोग बड़ा बिजनेस स्टार्ट करना चाहते है वो B क्वाड्रेट में आते है. S और B क्वाड्रेट के बीच में ये फर्क है कि S क्वाड्रेट में आप अपने बिजनेस के एम्प्लोई हो जबकि B क्वाड्रेट में आप एम्प्लोईज़ को हायर करते हो जो आपके लिए काम कर सके फर्क है कि S क्वाड्रेट में आप अपने बिजनेस के एम्प्लोई हो जबकि B क्वाड्रेट में आप एम्प्लोईज़ को हायर करते हो जो आपके लिए काम कर सके. ज्यादातर लोग जो B क्वाड्रेट में है, उनका अपनी इनकम सोर्स पर डायरेक्ट कण्ट्रोल होता है. इन्वेस्टर्स जो | क्वाड्रेट में आते है, वो लोग है जो अलग-अलग बिजनेस में इन्वेस्ट करते है ताकि ज्यादा पैसा कमाया जा सके. इसे आप मोनोपोली के गेम से और अच्छे से समझ सकते है जहाँ प्लेयर्स ज्यादा पैसा कमाने के लिए होटल, घर वगैरह खरीद कर उसमें इन्वेस्ट करते है. अब इन सारे क्वाड्रेट में E और S quadrant में आपको ज्यादा लोग मिलेंगे. वो इसलिए क्योंकि सोसाईंटी उन्हें हमेशा यही बताती रही है कि यही वो जगह है जहाँ आपको फाईनेंशीयल सेफ्टी और सिक्योरिटी मिल सकती है. जबकि इसके उल्टा B और | क्वाड्रेट में आपको फाईनेंशीयल फ्रीडम मिल सकती है. इन क्वाडरेंट में रहने का मतलब है कि अब आपको अपनी जॉब, इकॉनमी या अपने बॉस पर डिपेंडेंट रहने की जरूरत नहीं है. ये लोग अब आपकी इनकम डिसाइड नहीं करेंगे कि आप क्या और कितना कमाएंगे. इन quadrants को समझकर आप खुद डिसाइड कर सकते हो कि इस वक्त आपकी क्या पोजीशन है, कमाने के लिए होटल, घर वगैरह खरीद कर उसमें इन्वेस्ट करते है. अब इन सारे क्वाड्रेट में E और Squadrant E में आपको ज्यादा लोग मिलेंगे. वो इसलिए क्योंकि सोसाईंटी उन्हें हमेशा यही बताती रही है कि यही वो जगह है जहाँ आपको फाईनेंशीयल सेफ्टी और सिक्योरिटी मिल सकती है. जबकि इसके उल्टा B और | क्वाड्रेट में आपको फाईनेंशीयल फ्रीडम मिल सकती है. इन क्वाडरेंट में रहने का मतलब है कि अब आपको अपनी जॉब, इकॉनमी या अपने बॉस पर डिपेंडेंट रहने की जरूरत नहीं है. ये लोग अब आपकी इनकम डिसाइड नहीं करेंगे कि आप क्या और कितना कमाएंगे. इन quadrants को समझकर आप खुद डिसाइड कर सकते हो कि इस वक्त आपकी क्या पोजीशन है, आप कहाँ पर खड़े हो और जिस क्वाड्रेट में अभी आप हो,वहां से किसी दूसरे quadrant में जाने के लिए आपको क्या करना है. ऐसा करने के लिए ये इम्पोर्टेट है कि सिर्फ जॉब बदलने से आपकी क्वाड्रेट भी बदल जायेगी, ये जरूरी नहीं है. अगर आप वाकई में एड्रेस चेंज करना चाहते हो तो आपको अपना माइंडसेट और वैल्यूज़ भी चेंज करने होंगे. A The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki It’s time to take control. अगर आपको अमीर बनना है तो एक बात ध्यान में रखना कि जब आप पहली बार कुछ स्टार्ट करो तो सिर्फ पैसे पर फोकस मत करना और ऐसी कोई एजुकेशन भी नहीं है जो आपको अपने गोल्स अचीव करने में हेल्प कर सकती है. इसके अलावा हार्ड वर्क का कांसेप्ट भी एक ग़लतफहमी ही है. यहाँ तक कि अगर ज्यादा पैसे कमाने के लिए आपका पूरा फोकस सिर्फ हार्ड वर्क पर रहे तो भी ये आपको उतना अमीर नहीं बना पाएगा जितना कि आप सोच रहे हो. वो इसलिए क्योंकि जब आपकी इनकम बढती है तब आपको टैक्स भी ज्यादा पे करना पड़ता है. ‘ अमीर बनने के लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने ड्रीम को कभी मत छोड़ो, अपने अंदर और ज्यादा डीटरमिनेशन, हिम्मत और सीखने की ईच्छा पैदा करो और अगर आपकी बेहतरी के लिए कुछ सैक्रीफाईस भी करना पड़े तो करो. सबसे इम्पोर्टेट बात, अपने इनकम के सोर्स पर कण्ट्रोल रखो. 1965 की बात है जब कियोसाकी और उनकी वाइफ किम जॉबलेस और होमलेस थे. तब दोनों ने अपनी परानी बाउन टोयोटा कार को ही अपना घर बना लिया पुरानी ब्राउन टोयोटा कार को ही अपना घर बना लिया था. दोनों में से किसी के पास भी जॉब नहीं थी और थोड़ी बहुत सेविंग जो उनके पास थी, उससे उनके रोज़ के खर्चे चल रहे थे. किस्मत से उनके एक दोस्त ने उन्हें अपना बेसमेंट रहने के लिए दे दिया. उनके रिश्तेदारों और दोस्तों को जब उनकी हालत का पता चला तो वो यही सवाल पूछते रहे कि” तुम कहीं जॉब क्यों नहीं कर लेते”. हालाँकि उन दोनों के पास कॉलेज की डिग्री भी थी और काम करने का स्किल भी, तो भी वो जानते थे कि किसी सिक्योर जॉब के लिए अप्लाई करना उनका ड्रीम नहीं है. उन्हें कोई जॉब नहीं बल्कि फाईनेंशियल फ्रीडम चाहिए थी जो वो हर हाल में अचीव करना चाहते थे. कभी-कभी ये कपल अपनी बेसिक ज़रूरतों के लिए कोई छोटी-मोटी जॉब कर लेता था. अपने डाउट और दुनिया भर के स्ट्रगल झेलने के बावजूद वो अपने डिसीजन पर कायम रहे—यही कि उन्हें कोई सिक्योर जॉब नहीं बल्कि फाईनेंशियल फ्रीडम हासिल करनी है. शुरुवात से ही दोनों का यही फैसला था. अपने गोल पर अडिग रहते हुए और लगातार उसे अचीव करने की कोशिश करते हुए फाईनली 1989 में उनका सपना पूरा हुआ जब वो मिलियनेयर बने. उनकी ये जर्नी बेहद मुश्किल और उतार-चढ़ाव से भरी थी. उनकी लाइफ के चार साल बेहद गरीबी में गुज़रे कभी-कभी ये कपल अपनी बेसिक ज़रूरतों के लिए कोई छोटी-मोटी जॉब कर लेता था. अपने डाउट और दुनिया भर के स्ट्रगल झेलने के बावजूद वो अपने डिसीजन पर कायम रहे—यही कि उन्हें कोई सिक्योर जॉब नहीं बल्कि फाईनेंशियल फ्रीडम हासिल करनी है. शुरुवात से ही दोनों का यही फैसला था. अपने गोल पर अडिग रहते हुए और लगातार उसे अचीव करने की कोशिश करते हुए फाईनली 1989 में उनका सपना पूरा हुआ जब वो मिलियनेयर बने. उनकी ये जर्नी बेहद मुश्किल और उतार-चढ़ाव से भरी थी. उनकी लाइफ के चार साल बेहद गरीबी में गुज़रे थे लेकिन उन्होंने रिस्क लेने की जो हिम्मत दिखाई थी, उसकी बदौलत आज वो वो इस मुकाम पर पहुंच गए थे. बात जब पैसे कमाने की और अमीर बनने की हो तो मुश्किलें सबको झेलनी पडती है. लेकिन जब भी ऐसे हालात आये, चाहे कुछ भी हो जाए, अपने फैसले पर टिके रहना और अपने सोर्स ऑफ़ इनकम को अपने कण्ट्रोल में रखना जैसा रॉबर्ट और उनकी वाइफ ने किया था क्योंकि सिर्फ आप को पता होता है कि आपके लिए क्या बेस्ट है. और ये आप पर डिपेंड करता है कि आपके डिसीजन आपको कहाँ लेकर जायेंगे. A < The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki It’s not about income. It’s about assets that generate income. जब लोग नेटवर्क मार्केटिंग कांफ्रेंस अटेंड करते है तो उनका मेन aim ये पता करना होता है कि किसी भी बिजनेस को ज्वाइन करने पर उनकी कमाई कितनी होगी. वो इसलिए क्योंकि वो अपने करंट E या S क्वाड्रेट इनकम को रिप्लेस करने के बारे में सोचते है इसलिए इस तरह के सवाल उठना नॉर्मल सी बात है. इसके साथ ही ये लोग अभी तक उस वैल्यू को नहीं समझ पाए है जो उनके हाथ में है. B और | क्वाड्रेट में ट्रान्सफर होने के लिए ये इम्पोर्टेट है कि आपको ये पता हो कि नेटवर्क मार्केटिंग की रियल वैल्यू कहाँ पर है. इसे एक्स्ट्रा पैसा कमाने का जरिया मत समझो, ऐसे किसी भी जाल में फंसने से बचो. बल्कि नेटवर्क मार्केटिंग उस एसेट की तरह है जो आपके हाथ में है, जो आपको ज्यादा इनकम जेनरेट करने में हेल्प करेगी. पिछले कुछ दशकों में कई लोगों को लगता रहा है कि उनका घर उनके एसेस्ट का एक पार्ट है. लेकिन अगर ये लोग जरा डिक्शनरी उठाकर देखे तो पता चलेगा कि एसेट की डेफिनेशन क्या होती है, एक एसेट वो है The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki It’s not about income. It’s about assets that generate income. जब लोग नेटवर्क मार्केटिंग कांफ्रेंस अटेंड करते है तो उनका मेन aim ये पता करना होता है कि किसी भी बिजनेस को ज्वाइन करने पर उनकी कमाई कितनी होगी. वो इसलिए क्योंकि वो अपने करंट E या S क्वाड्रेट इनकम को रिप्लेस करने के बारे में सोचते है इसलिए इस तरह के सवाल उठना नॉर्मल सी बात है. इसके साथ ही ये लोग अभी तक उस वैल्यू को नहीं समझ पाए है जो उनके हाथ में है. B और | क्वाड्रेट में ट्रान्सफर होने के लिए ये इम्पोर्टेट है कि आपको ये पता हो कि नेटवर्क मार्केटिंग की रियल वैल्यू कहाँ पर है. इसे एक्स्ट्रा पैसा कमाने का जरिया मत समझो, ऐसे किसी भी जाल में फंसने से बचो. बल्कि नेटवर्क मार्केटिंग उस एसेट की तरह है जो आपके हाथ में है, जो आपको ज्यादा इनकम जेनरेट करने में हेल्प करेगी. पिछले कुछ दशकों में कई लोगों को लगता रहा है कि उनका घर उनके एसेस्ट का एक पार्ट है. लेकिन अगर ये लोग जरा डिक्शनरी उठाकर देखे तो पता चलेगा कि एसेट की डेफिनेशन क्या होती है, एक एसेट वो है कि एसेट की डेफिनेशन क्या होती है, एक एसेट वो है जो “something worth something” यानी कुछ ऐसा जिसकी कोई कीमत होती है लेकिन असल में वो इसका मतलब एकदम उल्टा समझ लेते है. एसेट और लाएबिलिटी का फर्क आप इस चीज़ से समझो कि वो आपके पैसे खर्च करवा रहे है या आपको पैसा कमाकर दे रहे है. एक एसेट आपको पैसा कमाकर देता है जबकि लाएबिलिटी वो चीज़ है जो आपकी जेब से पैसे निकलवाती है. यानि इस हिसाब से आपका घर एक लाएबिलिटी हुआ जहाँ आपको इसकी रिपेयर और रेनोवेशन में पैसा खर्च करना पड़ता है. कियोसाकी के रिच डैड बिजनेस में, उनकी कंपनी पूरी दुनिया में फैली हुई है. उनका काम चाहे कुछ भी हो पर पैसा लगातार आता रहता है. वो इसलिए क्योंकि कियोसाकी एक अमीर इंसान वाला माइंडसेट रखते है जो जॉब के बजाए कड़ी मेहनत करके एसेट बिल्ड करना पसंद करता है. अगर आप B क्वाड्रेट में आना चाहते हो तो आपको पता होना चाहिए कि फर्स्ट और मोस्ट इम्पोर्टेट एसेट है, खुद का एक बिजनेस होना, इसलिए आपको सिर्फ उन्ही चीजों पर इन्वेस्ट करना चाहिए जो पैसा जेनरेट कर सके. रियल एस्टेट टीपीकली सेकंड लीडिंग एसेट है. हालाँकि लोगों को अक्सर कैपिटल गेन और कैश फ्लो के बीच का फर्क समझ नहीं आता. करना पसंद करता है. अगर आप B क्वाड्रेट में आना चाहते हो तो आपको पता होना चाहिए कि फर्स्ट और मोस्ट इम्पोर्टेट एसेट है, खुद का एक बिजनेस होना. इसलिए आपको सिर्फ उन्ही चीजों पर इन्वेस्ट करना चाहिए जो पैसा जेनरेट कर सके. रियल एस्टेट टीपीकली सेकंड लीडिंग एसेट है. हालाँकि लोगों को अक्सर कैपिटल गेन और कैश फ्लो के बीच का फर्क समझ नहीं आता. रियल एस्टेट बिजनेस होने का पर्पज है कि इसे आप एसेट के तौर पर रखे और प्रॉफिट के लिए बेचे नहीं . जब आप सस्ते दाम में कोई प्रॉपर्टी खरीदकर उसे महंगे दाम पर बेच देते हो तो आपने कैपिटल गेन जेनरेट किया होता है. लेकिन इससे आपको एहसास होगा कि आपने अपनी एसेट खत्म कर दी है. फाईनेंशियल फ्रीडम अचीव करने के लिए आपको ये जरूर पता होना चाहिए कि कोई चीज़ एसेट है या लाएबिलिटी या फिर सिर्फ आपको कैपिटल गेन देगी. सबसे इम्पोर्टेट बात ये कि आपको राईट एसेट की पूरी नॉलेज होनी चाहिए जो आपके लिए वेल्थ जेनरेट कर सके. इसमें आते है बिजनेस एजुकेशन, पर्सनल डेवलपमेंट और वो दोस्त जिनके और आपके सेम वैल्यूज़ है, नेटवर्क, लीडरशिप स्किल्स, बड़े सपने और उन्हें अचीव करने की कैपेसिटी डेवलप करना. कि एसेट की डेफिनेशन क्या होती है, एक एसेट वो है जो “something worth something” यानी कुछ ऐसा जिसकी कोई कीमत होती है लेकिन असल में वो इसका मतलब एकदम उल्टा समझ लेते है. एसेट और लाएबिलिटी का फर्क आप इस चीज़ से समझो कि वो आपके पैसे खर्च करवा रहे है या आपको पैसा कमाकर दे रहे है. एक एसेट आपको पैसा कमाकर देता है जबकि लाएबिलिटी वो चीज़ है जो आपकी जेब से पैसे निकलवाती है. यानि इस हिसाब से आपका घर एक लाएबिलिटी हुआ जहाँ आपको इसकी रिपेयर और रेनोवेशन में पैसा खर्च करना पड़ता है. कियोसाकी के रिच डैड बिजनेस में, उनकी कंपनी पूरी दुनिया में फैली हुई है. उनका काम चाहे कुछ भी हो पर पैसा लगातार आता रहता है. वो इसलिए क्योंकि कियोसाकी एक अमीर इंसान वाला माइंडसेट रखते है जो जॉब के बजाए कड़ी मेहनत करके एसेट बिल्ड करना पसंद करता है. अगर आप B क्वाड्रेट में आना चाहते हो तो आपको पता होना चाहिए कि फर्स्ट और मोस्ट इम्पोर्टेट एसेट है, खुद का एक बिजनेस होना, इसलिए आपको सिर्फ उन्ही चीजों पर इन्वेस्ट करना चाहिए जो पैसा जेनरेट कर सके. रियल एस्टेट टीपीकली सेकंड लीडिंग एसेट है. हालाँकि लोगों को अक्सर कैपिटल गेन और कैश फ्लो के बीच का फर्क समझ नहीं आता. करना पसंद करता है. अगर आप B क्वाड्रेट में आना चाहते हो तो आपको पता होना चाहिए कि फर्स्ट और मोस्ट इम्पोर्टेट एसेट है, खुद का एक बिजनेस होना. इसलिए आपको सिर्फ उन्ही चीजों पर इन्वेस्ट करना चाहिए जो पैसा जेनरेट कर सके. रियल एस्टेट टीपीकली सेकंड लीडिंग एसेट है. हालाँकि लोगों को अक्सर कैपिटल गेन और कैश फ्लो के बीच का फर्क समझ नहीं आता. रियल एस्टेट बिजनेस होने का पर्पज है कि इसे आप एसेट के तौर पर रखे और प्रॉफिट के लिए बेचे नहीं . जब आप सस्ते दाम में कोई प्रॉपर्टी खरीदकर उसे महंगे दाम पर बेच देते हो तो आपने कैपिटल गेन जेनरेट किया होता है. लेकिन इससे आपको एहसास होगा कि आपने अपनी एसेट खत्म कर दी है. फाईनेंशियल फ्रीडम अचीव करने के लिए आपको ये जरूर पता होना चाहिए कि कोई चीज़ एसेट है या लाएबिलिटी या फिर सिर्फ आपको कैपिटल गेन देगी. सबसे इम्पोर्टेट बात ये कि आपको राईट एसेट की पूरी नॉलेज होनी चाहिए जो आपके लिए वेल्थ जेनरेट कर सके. इसमें आते है बिजनेस एजुकेशन, पर्सनल डेवलपमेंट और वो दोस्त जिनके और आपके सेम वैल्यूज़ है, नेटवर्क, लीडरशिप स्किल्स, बड़े सपने और उन्हें अचीव करने की कैपेसिटी डेवलप करना. The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki A business where women excel नेटवर्क मार्केटिंग इंडस्ट्री के बारे में ये कहा जा सकता है कि इस फील्ड में औरतें मर्दो से चार गुना ज्यादा है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि जहाँ औरतें पार्ट-टाइम, स्टे एट होम बिजनेस में ज्यादा बिजी रहती है वही मर्द ज्यादातर फुल टाइम जॉब करते है और सबसे बढ़कर एक और बात है, नेटवर्क मार्केटिंग का दूसरा नाम कनेक्शन और रिलेशनशिप बिल्ड करना भी है, यानि एक ऐसा फील्ड जहाँ औरते नैचुरली एक्सपर्ट होती है. वेल्थ बिल्डिंग के गेम में एंटर करने के लिए ये इम्पोर्टेट है कि औरतें इस बात से पूरी तरह वाकिफ हो कि क्यों उन्हें इस तरह के बिजनेस में आना चाहिए और इसका फ़ायदा उठाना चाहिए. अगर नेटवर्क मार्केटिंग सही तरीके से की जाए तो औरतें इसे अपनी फाईनेंशीयल फ्रीडम अचीव करने और अमीर बनने का ज़रिया भी बना सकती है. कुछ साल पहले एक जर्नलिस्ट रॉबर्ट कियोसाकी की वाइफ किम कियोसाकी से मिली और उनसे कहा कि उन्हें औरतों को मनी मैनेजमेंट की इम्पोर्टेस के बारे में बताना चाहिए ताकि औरते पैसे के लिए दूसरो पर डिपेंडेंट ना रहे. जब वो लोग इस बारे में डिस्कस कर रहे थे तो किम को पता चला कि वो जर्नलिस्ट औरतों Aਨਸ ਪੇਸ਼ 4 ਜਜਾ | A < 1545C ना रह. जब पाला। इस बारम |ऽस्कस कर रहे थे तो किम को पता चला कि वो जर्नलिस्ट औरतों की फाईनेंशियल फ्रीडम को लेकर इतनी ज़ज्बाती क्यों थी. दरअसल हुआ ये था कि जर्नलिस्ट की 54 साल की माँ अपने तलाक के बाद उनके साथ रहने चली आई थी इसलिए वो अपनी माँ के साथ-साथ खुद को भी फाईनेंशियल इंडिपेंडेस के लिए मोटिवेट करना चाहती थी. अपनी फाईनेंशीयल चुएशन पर गौर करने पर जर्नलिस्ट को एहसास हुआ कि अगर कभी अचानक उसकी सैलरी आना बंद हो जाए तो उसके बैंक में गुज़ारा करने के लिए सिर्फ $7000 है. वो अच्छी तरह जानती थी कि इतने पैसे में दो लोगों का गुज़ारा होना मुश्किल है, इसलिए वो लोग पहले से ही गरीबी की कगार पर खड़े थे. ये एक तरह से उसके लिए वेक-अप कॉल था कि जल्द से जल्द इस बारे में कुछ एक्शन लेकर अपनी फाईनेंशियल सिचुएशन को कण्ट्रोल में करो. ये भी एक रीजन था कि वो औरतों की फाईनेंशीयल इंडीपेंडेस को लेकर अवेयरनेस क्रिएट करना चाहती थी ताकि हर औरत अपने पैरों पर खड़ी हो सके और कभी किसी पर डिपेंडेंट ना रहे. आज के टाइम में statistics से साफ पता चलता है कि आज औरतों के लिए माहौल किस कदर बदल गया है और साथ ही ये दिखाता है कि आज के वक्त में औरतों के लिए रियल लाइफ फाईनेंशीयल एजुकेशन और इंडीपेंडेस की जरूरत क्यों है. हालाँकि शुरुवात में दसकी जर्नी रिस्की हो सकती है पर अंत में दसका वेक-अप कॉल था कि जल्द से जल्द इस बारे में कुछ एक्शन लेकर अपनी फाईनेंशियल सिचुएशन को कण्ट्रोल में करो. ये भी एक रीजन था कि वो औरतों की फाईनेंशीयल इंडीपेंडेस को लेकर अवेयरनेस क्रिएट करना चाहती थी ताकि हर औरत अपने पैरों पर खड़ी हो सके और कभी किसी पर डिपेंडेंट ना रहे. आज के टाइम में statistics से साफ पता चलता है कि आज औरतों के लिए माहौल किस कदर बदल गया है और साथ ही ये दिखाता है कि आज के वक्त में औरतों के लिए रियल लाइफ फाईनेंशीयल एजुकेशन और इंडीपेंडेस की जरूरत क्यों है. हालाँकि शुरुवात में इसकी जर्नी रिस्की हो सकती है पर अंत में इसका प्रॉफिट जरूर मिलता है. अमीर बनने का गोल रखने के अलावा आपको ये भी याद रखना चाहिए कि नेटवर्क मार्केटिंग का बिजनेस आपको एन्जॉयमेंट और फन के साथ स्टार्ट करना है. इसे आप किसी प्रेशर की तरह ना ले और सबसे बड़ी बात तो ये है कि आप जो भी कर रहे है, आपको उसकी इम्पोर्टस का पता होना चाहिए कि आप वो काम क्यों कर रहे है. खुद को रोज़ याद दिलाते रहे कि आपका पर्पज क्या है क्योंकि एक एंटप्रेन्योर की असली पहचान यही है—ये जानना कि आपके लिए सबसे ज्यादा क्या मैटर करता है, बाहर जाना और अपने सपने को हकीकत में बदलना. The Business of the 21st Century Kim Kiyosaki and Robert Kiyosaki Conclusion इस समरी को सुनकर शायद आपने महसूस किया होगा कि सबसे ज़रूरी एसेट जो आपके पास अपने बिज़नेस कि जर्नी को स्टार्ट करने से पहले होना चाहिए, वो है फाईनेंशीयल नॉलेज. आपने इस समरी में उन तरीकों के बारे में सीखा जो आपको अपने गोल्स तक पहंचा सकते है और इससे भी बढ़कर आपने उन सारी बिजनेस अप्रोच्यूनिटी के बारे में भी जाना जो आपको ज्यादा इनकम बिल्ड करने में और एक क्वाड्रेट से दूसरे क्वाड्रेट में शिफ्ट होने में हेल्प करते है. तो जो भी बिजनेस लेसन आपने सीखे, उन्हें अप्लाई करने के लिए आपको हिम्मत के साथ-साथ स्ट्रोंग विलपॉवर कि भी ज़रुरत होगी, जो आपको अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर रिस्क लेने के लिए मोटिवेट करेगी. अमीर होने के लिए काफी मेहनत करनी पडती है, ये कोई आसान सफ़र नहीं है और ना ही इसमें आपको क्विक रिच स्कीम जैसा कोई शोर्ट-कट मिलेगा. लेकिन अगर आप हर तरह का रिस्क लेने और मेहनत करने के लिए तैयार हैं तो आपको All Done? Finished ना हासन जापा।पपप रप पानता पार शोर्ट-कट मिलेगा. लेकिन अगर आप हर तरह का रिस्क लेने और मेहनत करने के लिए तैयार हैं तो आपको बस इतना करना है: अपने गोल पर फोकस रखो, फिर आपके सपने पूरे होने से कोई नहीं रोक सकता. जब आप फाईनेंशीयल फ्रीडम अचीव करने की दिशा में बढ़ते है तो ये बात हमेशा याद रखना कि आपका फ्यूचर सिर्फ आपके हाथ में है, इस पर किसी और का कोई कण्ट्रोल ना तो है और ना ही होना चाहिए. आपका सारा फाईनेंस, इनकम और डिसीजन भी सिर्फ आपके होने चाहिए. आप ही है जो अपने डिसीजन और planning से अपनी दौलत ख़ुद कमाएँगे. अब जबकि आप इस समरी के अंत तक पहुंच चुके है तो आप आगे बढ़ने के लिए किस तरह के डिसीजन लेंगे या कौन सा रास्ता चुनेंगे? क्या आप अभी भी अपनी गरीबी में ही खुश है या आपके अंदर कुछ हिम्मत आई है कि कम्फर्ट जोन से बाहर आकर अपनी क्रिएटीविटी रीलिज़ करे और बिजनेस की दुनिया को एक्सप्लोर करके देखे? याद रखना, बेस्ट लाइफ वही है जहाँ पैसा आपके लिए पैसा कमाए, नाकि आप पैसा कमाने के लिए सारा दिन हाड-तोड़ मेहनत करते रहें.

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