The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach Books In Hindi Summary

The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach इंट्रोडक्शन हर कोई मिलियनेयर बन सकता है. यकीन मानिए क्योंकि ये सच है. ये समरी आपको सिखाएगी कि कैसे $5.00 जैसा छोटा अमाउंट भी आपकी जिदंगी बदल सकता है. सबसे पहले आपको हम लाटे फैक्टर (Latte Factor) के बारे में बताएँगे. दूसरा, आपको ये सिखाया जायेगा कि हमें दूसरों से पहले खुद को पे करना है. तीसरा, आपको इसे ऑटोमैटिक कैसे बनाना है वो सिखाया जाएगा. अगर आप इस समरी में दिए प्रिंसिपल को फॉलो करते हो तो आप और आपकी फेमिली एक बेहतर फ्यूचर का सपना देख सकते हो, जो जल्द ही हकीकत में बदल जाएगा. तो क्या आप मिलियनेयर बनना चाहते हो ? क्या आप भी अमीर बनकर एक खुशहाल और सक्सेसफुल लाइफ जीना चाहोगे? अगर जानना है कैसे तो इस समरी को ज़रूर सुनें. Meeting the Automatic Millionaire इस बुक के ऑथर डेविड बाक अपने मिड ट्वेंटी में थे जब वो पहली बार अपने ऑटोमैटिक मिलियनेयर से Meeting the Automatic Millionaire इस बुक के ऑथर डेविड बाक अपने मिड ट्वेंटी में थे जब वो पहली बार अपने ऑटोमैटिक मिलियनेयर से मिले. ये तब की बात है जब डेविड एक लोकल एडल्ट एजुकेशन प्रोग्राम में इन्वेस्टमेंट की क्लास ले रहे थे. 52 साल के जिम मैकइंटायर (Jim McIntyre) एक यूटिलिटी कंपनी में मिडल मैनेजर थे. वो डेविड की क्लास में एक स्टूडेंट थे. एक दिन जिम ने डेविड से पूछा कि क्या वो उनकी वाइफ के साथ एक मीटिंग फिक्स कर सकते है ताकि वो उनसे उनके फाईनेंशियल सिचुएशन के बारे में कुछ डिस्कस कर सके. जिम अगले महीने रिटायर होने की सोच रहे थे. एक ही कंपनी में काम करते हुए उन्हें 30 साल हो चुके थे और उनकी annual इनकम थी $40,000. डेविड को कभी ऐसा नहीं लगा कि जिम अमीर होंगे लेकिन फिर उन्हें अपनी दादी से सुनी हुई वो कहावत याद आई “Never judge a book by its cover” तो कुछ दिनों बाद जिम और उनकी वाइफ सू डेविड के ऑफिस उनसे मिलने पहुँच गए. दोनों एवरेज हार्डवर्किंग अमेरिकन लगते थे, जिम ने एक short स्लीव पोलो शर्ट पहनी थी जबकि उनकी वाइफ ने बाल में ब्लोंड रंग से कलर किया था. वो एक ब्यूटीशियन थी और जिम से दो साल छोटी थी. उन्हें देखकर डेविड को ऐसा लगा जैसे वो दोनों हाईस्कूल के समय के स्वीटहार्ट हैं. दोनों टीनएजर्स की तरह एक- दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे और काफी खुश और एक्साईटेड लग रहे थे. हापूर 7१५ पाCOIC९.५।।। CITणत ॥ तरह एक- दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे और काफी खुश और एक्साईटेड लग रहे थे. इससे पहले कि डेविड कुछ कहते, जिम उन्हें अपने plan के बारे में बताने लगे कि वो रिटायरमेंट के बाद क्या-क्या करने वाले है. अब क्योंकि वो कम उम्र में रिटायर हो रहे थे तो डेविड जानना चाहते थे कि जिम ने क्या सोचकर ये फैसला लिया है. डेविड बोले “Guys , इतना आगे तक जाने की जरूरत नहीं है. ज्यादातर लोग जिनसे मैं मिला हूँ, वो अपने अर्ली 50’s में भी रिटायर होने की नहीं सोच पाते.” डेविड की बात सुनकर जिम और सू ने एक दूसरे की तरफ देखा, जिम ने कहा” तो आपको नहीं लगता कि हम लोग अमीर है? “यही तो मैं जानना चाहता हूँ कि आप खुद को अमीर कैसे बोल सकते हो?’ डेविड ने जवाब दिया. दोनों ने डेविड को अपने फाईनेंशियल डॉक्यूमेंट दिखा दिए. पहली चीज़ जो डेविड ने नोटिस की वो ये थी कि उनके ऊपर कोई कर्जा नहीं था यानी जीरो debt. मैकइंटायर कभी कोई उधार लेते ही नहीं थे. दोनों के दो बच्चे थे जो कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुके थे. उनके अपने दो घर भी थे. एक में वो लोग रहते थे जिसकी वैल्यू थी $450,000. उनका दूसरा घर एक रेंटल प्रॉपर्टी था जिसकी वैल्यू $325,000 थी. डेविड को ये भी पता चला कि उन्होंने अपने दोनों घरो का लोन भी पूरा पे कर दिया था. । उनके रिटायरमेंट अकाउंट में जिम के पास लोन भी पूरा पे कर दिया था. उनके रिटायरमेंट अकाउंट में जिम के पास $610,000 और सू के पास $72000 का बेलेंस था, ये पैसा उनके 401 (के) अकाउंट में सेव था. साथ ही उन्होंने $160,000 के municipal bond भी ले रखे थे और इसके साथ इन दोनों के बैंक के सेविंग अकाउंट में $62,500 कैश पड़ा था. डेविड हैरान थे. कुल मिलाकर मैकइंटायर की नेट वर्थ $2 मिलियन के करीब पहुंचती थी. यानी वो अमीर लोग थे. उन्हें अपने इन्वेस्टमेंट पर इंटरेस्ट मिलता था और अपने रेंटल हाउस से हर साल उन्हें $26000 की कमाई होती थी. अब डेविड की समझ में आया कि क्यों जिम जल्दी रिटायर होना चाहते है. डेविड उनसे काफी impress हुए. वो उनकी वेल्थ प्लानिंग का सीक्रेट जानना चाहते थे. “क्या आपको कुछ ख़ानदानी पैसा भी मिला है?’ डेविड ने पूछा जिम ने कहा नहीं , उन्हें अपने पेरेंट्स से कोई जायदाद नहीं मिली बल्कि उन्हें पेरेंट्स ने उन्हें मनी मैनेजमेंट की नॉलेज दी थी. डेविड ने कहा” आपको पता है, हर हफ्ते मैं आप जैसे लोगों से मिलता हूँ जो मेरी क्लास में आते है. ऊपर से वो लोग अमीर लगते है पर उनमें से ज्यादातर गरीब होते है. उनमें से एक आदमी तो brand न्यू पोर्श गाड़ी लेकर आता है और रोलेक्स की घड़ी पहनता है. उसके ठाठ-बाठ देखकर डेविड को लगा वो काफी अमीर होगा पर जब उन्होंने उसकी फाईनेंशियल उसके ठाठ-बाठ देखकर डेविड को लगा वो काफी अमीर होगा पर जब उन्होंने उसकी फाईनेंशियल स्टेटमेंट देखी तो पता चला कि उस आदमी को अपने 1 मिलियन डॉलर वाले घर का $800,000 लोन पे करना था और उस पर $75000 का क्रेडिट कार्ड का उधार भी था. वो पोर्श जो वो चलाता था, वो उसने लीज़ पर ले रखी थी, ऊपर से उसे अपनी दो एक्स बीवियों को पैसा भी देना पड़ता था और उसके सेविंग अकाउंट में $100000 से कम पैसे पड़े थे. फिर आते है जिम और सू मैकइंटायर जैसे लोग, जो Ford Taurus चलाते थे, और जिम आज भी अपनी 18 साल पुरानी घड़ी पहनता है. दोनों अपनी शादीशुदा लाइफ से खुश थे. उनके बच्चे भी सक्सेसफुल थे. कुल मिलाकर उनकी लाइफ में कोई स्ट्रेस या टेंशन नहीं था इसलिए जिन और सू जल्दी रिटायरमेंट लेने की सोच रहे थे. “आखिर आपका सीक्रेट क्या है? डेविड ने पूछ ही लिया. तो कपल ने कहा कि डेविड पहले से जानते है कि सीक्रेट क्या है और वो ये सीक्रेट हर रोज़ अपनी क्लास में पढ़ाते है. फर्स्ट स्टेप है खुद को पहले पे करो. यानी सबसे पहले खुद के फ्यूचर के लिए पैसा इन्वेस्ट करो. जैसे ‘ ही आपको सैलरी मिले उसमे से कुछ परसेंट अपने 407(के) अकाउंट और बाकि के इन्वेस्टमेंट में सेव् कर दो. सेकंड स्टेप है अपने लाटे फैक्टर पर नजर रखो. जो सेकंड स्टेप है अपने लाटे फैक्टर पर नजर रखो. जो छोटे-छोटे खर्चे आप रोज़ करते हो, उसमे आपका काफी पैसा खर्चा होता है, इससे बैटर है कि इस पैसे को बचाओ और कहीं इन्वेस्ट कर दो. अगर आप रोज़ $5 लाटे कॉफ़ी पर खर्च करते हो तो ये महीने का $750 और साल का $7800 बनता है. आप खुद को शायद बोले कि मुझसे सेविंग नहीं होगी पर अगर आप रोज़ की अपनी $5 वाली लाटे पीना छोड़ दो तो आप साल का $1800 बचा सकते हो, अब इसे पैसे को आप कहीं भी ईजिली इन्वेस्ट कर सकते हो. थर्ड स्टेप है इसे ऑटोमैटिक बना लो. इसके लिए आपको विलपॉवर या सेल्फ डिसप्लीन की जरूरत नहीं है. इसका सीक्रेट है कि ये ऑटोमैटिक सेविंग है. कुछ ऐसा अरेंजमेंट कर दो कि हर महीने एक फिक्स अमाउंट automatically आपके इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाए. इससे पहले कि आपको बाकि चीजों पर पे करना पड़े, आपकी इन्वेस्टमेंट का पैसा पहले से कट चुका होगा. आपको सिर्फ एक बार ऑटोमैटिक सेविंग ऑप्शन सेट करना है फिर नेक्स्ट मन्थ से खुद आपका पैसे इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाएगा. विलपॉवर और डिसप्लीन ह्यूमन नेचर के हमेशा खिलाफ रहा है. लेकिन अगर अपने सेविंग ऑटोमैटिक कर दी तो आपके पैसे फालतू खर्च नहीं हो पाएंगे. इस तरह आप खुद को पहले पे कर पाओगे. किसी भी टैक्स या बिल को पे करने से पहले आपकी सैलरी कहीं भी ईजिली इन्वेस्ट कर सकते हो. थर्ड स्टेप है इसे ऑटोमैटिक बना लो. इसके लिए आपको विलपॉवर या सेल्फ डिसप्लीन की जरूरत नहीं है. इसका सीक्रेट है कि ये ऑटोमैटिक सेविंग है. कुछ ऐसा अरेंजमेंट कर दो कि हर महीने एक फिक्स अमाउंट automatically आपके इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाए. इससे पहले कि आपको बाकि चीजों पर पे करना पड़े, आपकी इन्वेस्टमेंट का पैसा पहले से कट चुका होगा. आपको सिर्फ एक बार ऑटोमैटिक सेविंग ऑप्शन सेट करना है फिर नेक्स्ट मन्थ से खुद आपका पैसे इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाएगा. विलपॉवर और डिसप्लीन ह्यूमन नेचर के हमेशा खिलाफ रहा है. लेकिन अगर अपने सेविंग ऑटोमैटिक कर दी तो आपके पैसे फालतू खर्च नहीं हो पाएंगे. इस तरह आप खुद को पहले पे कर पाओगे. किसी भी टैक्स या बिल को पे करने से पहले आपकी सैलरी आपके 401 (के) या इंडीविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट में जा चुकी होगी. आप चाहो तो स्टॉक्स, म्यूचअल फंड या इंडेक्स फंड में भी इन्वेस्ट कर सकते हो. जरूरी ये है कि आप इसे ऑटोमैटिक मोड में सेट कर दे क्योंकि यही तरीका है एक ऑटोमैटिक मिलियनेयर बनने का. हम नेक्स्ट चैप्टर में हर स्टेप पर और डिटेल से चर्चा करेंगे. The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach The Latte Factor ज्यादातर लोग सोचते है कि अमीर बनने का सीक्रेट है जल्द से जल्द पैसे कमाने के मल्टीपल तरीके ढूँढना, लोग अक्सर कहते है” अगर मै ज्यादा पैसा कमा सकता तो अमीर होता” आपने कितनी बार ये बात लोगो को कहते सुना है? लेकिन उस आदमी से पूछ लो जिसे पिछले साल ही इन्क्रीमेंट मिली है, उससे पूछो क्या वो ज्यादा पैसे सेव कर पाया. आपको जवाब शायद ना में मिलेगा. क्यों? क्योंकि सच्चाई ये है कि जितना हम कमाते है उतने ही हमारे खर्चे भी बढ़ जाते है. लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए. चाहे अभी आपकी कमाई कितनी भी हो, तो भी आप ऑटोमैटिक मिलियनेयर बन सकते हो. जिम मैकइंटायर ने भी बेसिक सैलरी से शुरुवात की थी. लेकिन जिम कहते है कि ट्रिक ये है कि आप अपनी छोटे-छोटे खर्चों पर गौर करो. हम अक्सर गैर-जरूरी चीजों पर रोज़ खर्चा करते है. हर एम्प्लोई सेम लाइफ जीता है, वो काम पर जाता है, पैसे कमाता है, खर्चा करता है, फिर काम पर जाता है, पैसा कमाता है फिर खर्चा करता है. ज्यादातर एम्प्लोईज़ हफ्ते में 50 घंटे काम करते है फिर भी पानिजी तो The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach The Latte Factor ज्यादातर लोग सोचते है कि अमीर बनने का सीक्रेट है जल्द से जल्द पैसे कमाने के मल्टीपल तरीके ढूँढना, लोग अक्सर कहते है” अगर मै ज्यादा पैसा कमा सकता तो अमीर होता” आपने कितनी बार ये बात लोगो को कहते सुना है? लेकिन उस आदमी से पूछ लो जिसे पिछले साल ही इन्क्रीमेंट मिली है, उससे पूछो क्या वो ज्यादा पैसे सेव कर पाया. आपको जवाब शायद ना में मिलेगा. क्यों? क्योंकि सच्चाई ये है कि जितना हम कमाते है उतने ही हमारे खर्चे भी बढ़ जाते है. लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए. चाहे अभी आपकी कमाई कितनी भी हो, तो भी आप ऑटोमैटिक मिलियनेयर बन सकते हो. जिम मैकइंटायर ने भी बेसिक सैलरी से शुरुवात की थी. लेकिन जिम कहते है कि ट्रिक ये है कि आप अपनी छोटे-छोटे खर्चों पर गौर करो. हम अक्सर गैर-जरूरी चीजों पर रोज़ खर्चा करते है. हर एम्प्लोई सेम लाइफ जीता है, वो काम पर जाता है, पैसे कमाता है, खर्चा करता है, फिर काम पर जाता है, पैसा कमाता है फिर खर्चा करता है. ज्यादातर एम्प्लोईज़ हफ्ते में 50 घंटे काम करते है फिर भी पानिजी तो 6. A ताकि हम खुद एम्प्लोईज़ हफ्ते में 50 घंटे काम करते है फिर भी उनकी सेविंग जीरो होती है. लेकिन अब हमें इस साइकिल को तोड़ना ही होगा को फ्यूचर की गरीबी से बचा सके. जैसे example के लिए डेविड का एक फ्रेंड था गैरी जिसे अपनी कंपनी मे प्रोमोशन मिलती गई और उसकी सैलरी $50000 से बढ़कर $500,000 तक पहुँच गई. लेकिन गैरी की इनकम बढने के साथ उसके खर्चे भी बढ़े, अब वो पहले से महंगे कपड़े पहनता था और उसने बढिया गाड़ी भी खरीद ली थी. उसे महंगे रेस्टोरेंट में खाने का शौक था और वो अपने वेकेशंस पर भी खूब खर्चा करता था. असल में गैरी के पास सेविंग के नाम पर कुछ नहीं बचता था. इतनी अच्छी सैलरी के बावजूद उसे फाईनेंशियल स्ट्रेस रहता था, जबकि जब उसकी सैलरी कम थी तब वो ज्यादा खुश था. लेकिन ऐसा क्यों हुआ? वो इसलिए क्योंकि गैरी को अपनी हाई-फाई लाइफस्टाइल मेंटेन करने के लिए खूब सारा पैसा खर्चे करना पड़ता था. उसे अपनी कंट्रीक्लब मेम्बरशिप की फीस पे करनी पडती थी, उसके बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे जिसके लिए उसे ज़्यादा फीस देनी पडती थी. साथ ही उसने बच्चो के लिए नैनी भी रखी हुई थी. उसने एक बड़ा घर ले रखा था जिसे खरीदने के लिए उसने लोन लिया था. गैरी को अब सिंपल लाइफस्टाइल की आदत नहीं रही थी इसलिए अब वो एक मुक़ाबले में फंस चुका था. ऊपर से उसके पास सेविंग के नाम पर कुछ भी नहीं था. अब चलिए डिस्कस कर लेते है कि डेविड ने लाटे फैक्टर कैसे क्रिएट किया. एक बार उनके पास इन्वेस्टमेंट कोर्स में एक स्टूडेंट आई, उस लड़की का नाम था किम. उसने क्लास में हाथ उठाकर सवाल पूछा था” डेविड, आपके आईडिया थ्योरी में तो अच्छे है पर इन्हें प्रैक्टिकल लाइफ में अप्लाई नहीं किया जा सकता”. “क्या मतलब है? तुम ये कैसे बोल सकती हो?’ डेविड ने पूछा. “मै एक एम्प्लोई हूँ और हर महीने की सैलरी पर गुज़ारा करती हूँ. बल्कि मेरे खर्चे बड़ी मुश्किल से पूरे हो पाते है. तो भला मै रोज़ के $5 कैसे सेव कर सकती हूँ? ये तो पॉसिबल ही नहीं है” क्लास में हर कोई किम से बात से सहमत था. तो डेविड ने समझाने के लिए सबको एक डेमो दिया. उन्होंने एक chalk उठाया और ब्लैकबोर्ड के पास गए. डेविड ने किम की तरफ देखते हुए कहा ” ओके, किम. प्लीज़ अब तुम हमें अपने रोज़ के खर्चों के बारे में बताओ” किम ने कहा कि रोज़ ऑफिस जाते हुए वो एक डबल नॉन फैट लाटे खरीदती है क्योंकि इसके बिना उसका दिन शुरू नहीं होता. लाटे उसे $3. 50 की पडती है. किम कॉफ़ी के साथ एक नॉन फैट मफिन भी खरीदती है जो $1.50 का पड़ता है. यानी रोज़ का टोटल खर्चा हुआ $5. फिर 10 बजे जब किम और उसकी कलीग का ब्रेक होता है तो दोनों A ह जा 41.50 का पड़ता ह. यानी रोज़ का टोटल खर्चा हुआ $5. फिर 10 बजे जब किम और उसकी कलीग का ब्रेक होता है तो दोनों जूस स्टॉल पर जाते है. किम अपना फेवरेट जूस लेती है जिसका प्राइस है $3.95, साथ ही वो जूस बूस्ट के लिए भी बोलती है, जिंको बिलोबा की डोज़ जो जूस वाला उसके जूस में एड कर देता है, ये उसे पड़ता है में $0.50 का. फिर किम एक पॉवर बार भी लेती है जो $1.75 का आता है. किम बताती जा रही थी और डेविड सब कुछ ब्लैकबोर्ड में लिखते जा रहे थे. तो किम रोज़ का टोटल $11.20 खर्च करती थी, और वो भी लंच टाइम से पहले. यही था उसका लाटे फैक्टर. अगर किम अपने छोटे-छोटे ख! पर लगाम रखती तो वो आसानी से पैसा बचा सकती थी और उसे अपने रिटायरमेंट के लिए इन्वेस्ट कर सकती थी. जैसे $5.00 रोज़ के हिसाब से साल के $1800 हुए. एवरेज तौर पर स्टॉक मार्केट साल का 10% रिटर्न देता है यानी किम अगर ये पैसा बचाए तो 65 की होने पर उसके अकाउंट में करीब $1.2 मिलियन पैसा सेव होगा. और अगर उसकी कंपनी उसके कोंट्रीब्यूशन के बराबर 50% भी देती है तो किम साल में $3000 तक सेविंग कर सकती है. अगर हर साल किम ऑटोमैटिक कोंट्रीब्यूशन करे और इसकी कंपाउडिंग साल में 10% मिले तो किम के 65 की होने पर उसके अकाउंट में $1,742, 467 होंगे. नपा पाग GAR Aन को और अगर उसकी कंपनी उसके कोंट्रीब्यूशन के बराबर 50% भी देती है तो किम साल में $3000 तक सेविंग कर सकती है. अगर हर साल किम ऑटोमैटिक कोंट्रीब्यूशन करे और इसकी कंपाउडिंग साल में 10% मिले तो किम के 65 की होने पर उसके अकाउंट में $7,742,467 होंगे. किम समझ चुकी थी कि उसकी लाटे की हैबिट उसे करीब $2000000 की पड़ रही है. कंपाऊडिंग का कांसेप्ट बड़ा पॉवरफुल है. आइन्सटाइन ने कहा था”कम्पाउंडिंग दुनिया का आंठवा अजूबा है”. अगर आप अपनी अनुअल सैलरी का 10% सेव कर पाए और इस पैसे को अगले चार या पांच साल के लिए इन्वेस्ट करते रहे तो इसमें कोई शक नहीं कि आप फ्यूचर में एक मिलियनेयर होगे. ये कोई इम्पॉसिबल चीज़ नहीं है. आप रोज़ के $5.00 से शुरुवात करो. ये आपका लाटे फैक्टर है. मान लो आप कॉफ़ी नहीं पीते तो आप सिगरेट, कैंडीज़, सॉफ्ट ड्रिंक्स, फास्ट फूड या पिज़्ज़ा या किसी भी चीज़ पर खर्च करते हो, वो पैसा आप बचा सकते हो और उसे इन्वेस्ट कर सकते हो. तो फिर आप भी अपनी कोई ऐसी छोटी हैबिट के बारे में सोचिये जिस पर आप रोज़ खर्च करते हो, यही आपका लाटे फैक्टर है और यही हैबिट आपको छोड़नी है. The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach Learn to Pay Yourself First द लाटे फैक्टर आपको ये आईडिया देगा कि आप आज से ही अपनी वेल्थ बिल्ड करने की शुरुवात कर सकते हो. आपने इतना तो कमा ही लिया है कि सेविंग और इन्वेस्टमेंट कर सको और आपको ये भी मालूम है कि हमें अमीर बनने के लिए क्या करना है. अगली गलतफ़हमी जिसके बारे में हम बात करेंगे, वो है बजटिंग यानि बजट बनाना. बहुत से लोग ये सोचते है कि बजटिंग इफेक्टिव होती है. लेकिन क्या आपको आज तक कोई ऐसा आदमी मिला है जो बजेट बनाकर सक्सेसफुल और खुश हो? बजटिंग क्यों काम नहीं करती, इसके पीछे एक सिंपल रीजन है और वो ये है कि बजटिंग कोई मज़ाक नहीं है. बजट बनाने का मतलब है फ्यूचर के लिए पैसे बचाने के चक्कर में मन मारकर जीना और डाईटिंग की तरह ही बजटिंग में भी कुछ कमियाँ है. अक्सर जो लोग बजट से जीते है, वो एक तरह से मन को मारकर जीते है और फिर एक दिन इस तरह निराश हो जाते हैं या टूट जाते हैं कि दुनिया भर की शॉपिंग करके ही इन्हें चैन मिलता है. इसलिए डेविड हमें एक मेथड बताते है. और वो है, पहले खुद को पे करो. पोरेटरीज और मिले भनो मी A मथड बतात ह. और वो है, पहले खुद को पे करो. ये बेहद बेसिक और सिंपल है. अक्सर लोग सैलरी मिलते ही सबको पेमेंट करना शुरू कर देते है. जैसे रेंट देना, गवर्नमेंट टैक्स पे करना, क्रेडिट कार्ड और टेलीफोन का बिल वगैरह. वो अपना पैसा बजट करते है ताकि सबको पेमेंट कर सके. फिर जो थोड़ा-बहुत बचता है उसे वो सेविंग के लिए रख देते है. दरअसल ये अप्रोच बहुत पुरानी और घिसी-पिटी है. सबको पेमेंट करने के बाद अक्सर हमारे पास सेविंग के नाम पर कुछ भी नहीं बचता है. अमेरिका में हर $7 जो कमाया जाता है, उसमे से 27 सेंट automatically फ़ेडरल इनकम विथहोल्डिंग टेकस में जमा हो जाता है. फिर स्टेट के हिसाब से हर अमेरिकन स्टेट इनकम टैक्स के लिए 5 सेंट और पे करते है. उसके बाद आता है सोशल सिक्योरिटी टैक्स और मेडीकेयर. इस तरह आपके हर 1$ में से 40 सेंट सीधा गर्वर्नमेंट के पास चला जाता है. यानी आपकी सैलरी का सिर्फ 70% हिस्सा आपके पास रहता है. इसलिए कभी भी पहले टैक्स मत जमा करो, पहले खुद को पे करो. खुद को पहले पे करने का मतलब है पहले अपने लिए पैसा सेव करना फिर दूसरों को देना. ये पैसा जो आप आज सेव और इन्वेस्ट कर रहे हो, कल आपके फ्यूचर में काम आएगा. आप एक प्रीटैक्स रिटायरमेंट अकाउंट क्रिएट कर सकते हो जैसे 401(k ) और IRA या इंडीविजुअल निगागोंभा टोटोभन निर्ट में काम आएगा. आप एक प्रीटैक्स रिटायरमेंट अकाउंट क्रिएट कर सकते हो जैसे 401(k ) और IRA या इंडीविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट. इसे ऐसे अरेंज करो कि कोई भी टैक्स कटने से पहले आपकी रिटायरमेंट का पैसा अकाउंट में सेव हो जाए. आप किस लिए काम करते हो? अपने लिए या अपनी फेमिली के लिए? या फिर क्रेडिट कार्ड कंपनी के लिए या बैंक और टेलीफोन कंपनी को पे करने के लिए? आपकी सैलरी से कितना टैक्स कटता है, आप कितना बिल भरते हो और टोटल कितनी सेविंग कर पाते हो? आपको शायद एहसास होगा कि आपका ज्यादा टाइम और एनर्जी सिर्फ खर्चे पे करने में चले जाते है. आप जो कुछ कमाते हो उसका ज़्यादातर हिस्सा आपकी फेमिली, आपके रिटायरमेंट प्लान या अच्छे फ्यूचर के लिए सेव नहीं होता बल्कि बिल्स भरने में चला जाता है. इसलिए आज से पहले खुद को पे करना स्टार्ट कर दो. एक प्रीटेक्स रिटायरमेंट अकाउंट खोल लो उसमे अपनी इनकम का 10% हर महीने सेव करो और अपना मंथली या ईयरली कोंट्रीब्यूशन ऑटोमैटिक कर दो. उसे एक बार सेट करके छोड़ दो फिर ये खुद ब खुद सेविंग करता रहेगा. हर महीने आपकी इनकम से 10% आपके रिटायरमेंट अकाउंट में चले जायेंगे. मान लो आपकी एनुअल इनकम है $50,000 यानी एक महीने में $4,200. इसका मतलब है कि आपको दिन के $140 सेव करने चाहिए. अगर आप 35 सालो या बैंक और टेलीफोन कंपनी को पे करने के लिए? आपकी सैलरी से कितना टैक्स कटता है, आप कितना बिल भरते हो और टोटल कितनी सेविंग कर पाते हो ? आपको शायद एहसास होगा कि आपका ज्यादा टाइम और एनर्जी सिर्फ खर्चे पे करने में चले जाते है. आप जो कुछ कमाते हो उसका ज़्यादातर हिस्सा आपकी फेमिली, आपके रिटायरमेंट प्लान या अच्छे फ्यूचर के लिए सेव नहीं होता बल्कि बिल्स भरने में चला जाता है. इसलिए आज से पहले खुद को पे करना स्टार्ट कर दो. एक प्रीटेक्स रिटायरमेंट अकाउंट खोल लो उसमे अपनी इनकम का 10% हर महीने सेव करो और अपना मंथली या ईयरली कोंट्रीब्यूशन ऑटोमैटिक कर दो. उसे एक बार सेट करके छोड़ दो फिर ये खुद ब खुद सेविंग करता रहेगा. हर महीने आपकी इनकम से 10% आपके रिटायरमेंट अकाउंट में चले जायेंगे. मान लो आपकी एनुअल इनकम है $50,000 यानी एक महीने में $4,200. इसका मतलब है कि आपको दिन के $140 सेव करने चाहिए. अगर आप 35 सालो तक रिटायरमेंट अकाउंट में इन्वेस्ट करते रहे तो आपको 10% का अनुअल रिटर्न मिलेगा, आप जानते है ये रकम कितनी बनती है? जी हाँ आपके पास $1,678,293.78 यानी एक मिलियन से भी ज्यादा पैसा होगा. The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach Now Make It Automatic आपको अलग से बजट बनाने की जरूरत नहीं है. आपको डिसप्लीन फॉलो करने की भी जरूरत नहीं है. सेविंग को ऑटोमैटिक बना लो ताकि वो सीधा आपके इन्वेस्टमेंट अकाउंट में चला जाए. बस आपको एक बार उसे सेट करना होगा और उसके बाद हर महीने आपके रिटायरमेंट अकाउंट या इंडेक्स फंड में हर महीने पैसा जमा होता रहेगा. क्योंकि जिम और सू मैकइनटायर ने तीस सालों तक यही किया, उन्होंने “Pay yourself forst system” बनाया जो automatically उनकी इनकम का 15% इन्वेस्ट कर देता था. असल में उन्होंने शुरुवात 4% सेविंग से की थी पर धीरे-धीरे ये रकम बढ़कर पहले 5%, फिर 7%, 10% और फिर 15% तक हो गई. इन दोनों को हर महीने कोई चेक नहीं देना पड़ता था और ना ही उन्हें टाइम, डिसप्लीन या बजटिंग की जरूरत पड़ी क्योंकि उनका ऑटोमैटिक सिस्टम खुद काम कर रहा था और उनका पैसा सही जगह इन्वेस्ट होता रहा. खुद डेविड ने कम अमाउंट से सेविंग स्टार्ट की थी. वो जब 25 साल के थे तो उन्होंने अपनी सैलरी से 7% सेव HT OTTE नि AT 19- बारा खुद डेविड ने कम अमाउंट से सेविंग स्टार्ट की थी. वो जब 25 साल के थे तो उन्होंने अपनी सैलरी से 7% सेव करना शुरू किया था और तीन महीने बाद इस पैसे को उन्होंने 3% कर दिया. फिर जब वो मैकइनटायर से मिले तब जाकर डेविड को एहसास हुआ और वो खुद से बोले “बस बहुत हो चुका, मैं जवानी के दिनों से ही सविंग शुरू कर दूंगा ताकि बुढ़ापे तक अमीर हो जाऊँ”. फिर उन्होंने अपनी सेविंग इन्वेस्टमेंट 10% बढ़ाई, फिर उसे 15%किया और फिर 20%. अब डेविड एक सुपर सेवर बन चुके थे. वो सब कुछ अडजस्ट कर पा रहे थे. उन्हें लाग्ने लगा कि वो एक सिंपल लाइफस्टाइल अपनाकर अपनी रिटायरमेंट के लिए और ज्यादा पैसा सेव कर सकते है. वो खुद पे हैरान थे कि कैसे वो कम पैसे में भी गुज़ारा कर सकते है. लेकिन डेविड कहते है कि एक अगर आपको आदत पड़ गई तो फिर कोई problem नहीं होती. आप अपने फालतू के खर्चे कण्ट्रोल कर सकते हो. सेविंग को ऑटोमैटिक बनाने का की-आईडिया ये है कि जो आपके पास है ही नहीं उसे आप खर्च नहीं कर सकते. यानी अगर पैसा wallet में रहेगा ही नहीं तो खर्च भी नहीं होगा. अब क्योंकि आपने सबसे पहले खुद को पे किया और अपने फ्यूचर के लिए इन्वेस्ट कर लिया तो आपका पैसा फालतू चीजों में खर्च भी नहीं होगा. अगर आप स्ट्रेस फ्री रिटायरमेंट के सपने देख रहे 27 A+TA – पारि भी नहीं होगा. अगर आप स्ट्रेस फ्री रिटायरमेंट के सपने देख रहे हो तो अपनी कंपनी, गवर्नमेंट, या फेमिली पर dependent मत रहो क्योंकि ये जिम्मेदारी सिर्फ आपके ऊपर है. सिर्फ आप ही अपना फ्यूचर सिक्योर कर सकते हो. तो अब, आइये जानते है कि कैसे अपने पर्सनल रिटायरमेंट अकाउंट को फंड करे और इसे ऑटोमैटिक कैसे बनाए. अगर आपका कोई रिटायरमेंट अकाउंट खुला है तो इसे यूज़ करना स्टार्ट कर दो. अमेरिका में सबसे कॉमन रिटायरमेंट अकाउंट को 401(k) कहा जाता है. ये वो अकाउंट है जिसमे आपकी कंपनी हर महीने अपनी तरह से कुछ पैसा कोंट्रीब्यूट करती है और आपके इन्वेस्टमेंट पर आपको साल का 10% रिटर्न मिलता है. जब आप इस अकाउंट को ऑटोमैटिक करोगे तो साल दर साल आपका पैसा कम्पाउंड होता चला जाएगा और रिटायरमेंट तक आप एक मिलियनेयर बन चुके होंगे. होता क्या है कि ज्यादातर एम्प्लोईज़ सोचते है कि कंपनी उन्हें जॉब में रखने के बाद अपने आप ही रिटायरमेंट प्लान में डाल देगी लेकिन इस भरोसे कभी मत रहना. अपनी जिम्मेदारी खुद लो, अपने ऑफिस के ह्यूमन रीसोर्से यानी एचआर डिपार्टमेंट में जाओ और उनसे रिटायरमेंट प्लान के बारे में पता करो. ऐसा अरेंजमेंट कर लो कि टैक्स का पैसा जाने से पहले आपका हिस्सा आपके अकाउंट में जाए और साथ ही एक फिक्स परसेंट सेट कर लो जो आपकी इनकम से जापका हिस्सा जापक जकाउटम जाएजार साय हा एक फिक्स परसेंट सेट कर लो जो आपकी इनकम से कटता रहे. अगर आपकी कंपनी कोई रिटायरमेंट प्लान या 401 (के) ऑफर नहीं करती तो आप एक इंडीविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट या IRA क्रिएट कर सकते हो. इसके लिए आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हो या किसी ब्रोकेज़ फर्म में जाकर पता कर सकते हो या फिर ऑनलाइन भी फॉर्म सबमिट कर सकते हो. अपने इंडीविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट में ऑटोमैटिक इन्वेस्टमेंट पे करने के तीन तरीके है. पहला है पेरोल डिडक्शन के जरिए . आपकी कंपनी आपकी सैलरी का कुछ परसेंट हिस्सा काट कर आपके इंडीविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट में डाल देगी. दूसरा तरीका है: आपके चेकिंग अकाउंट से डिडक्शन. आपकी कंपनी पैसा आपके चेकिंग अकाउंट में जमा करा देगी. फिर आपका बैंक या ब्रोकर वो पैसा आपके रिटायरमेंट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है. अब आता है तीसरा तरीका जो ऑनलाइन बैंकिंग. इसमें आप मंथली बिल पेमेंट की तरह ही मन्थली कॉन्ट्रिब्यूशन सेट कर सकते हो. आपका बैंक आपके इस पैसे को रिटायरमेंट अकाउंट में डाल देगा. में अब जितना ज्यादा परसेंट आपके रिटायरमेंट अकाउंट में जाए, उतना अच्छा होगा. खुद को चैलेंज करो और कोशिश करो कि ज्यादा से ज्यादा चीजों में आप कटौती कर पाए. अगर आप 10%,12% या 15% तक भी सेव कर पाए तो सोचो आपका रिटायरमेंट कितना खुशहाल टोमा A < अब जितना ज्यादा परसेंट आपके रिटायरमेंट अकाउंट में जाए, उतना अच्छा होगा. खुद को चैलेंज करो और कोशिश करो कि ज्यादा से ज्यादा चीजों में आप कटौती कर पाए. अगर आप 10%,12% या 15% तक भी सेव कर पाए तो सोचो आपका रिटायरमेंट कितना खुशहाल होगा. कम्पाउंड इंटरेस्ट कमाल की चीज़ होती है, ये हमेशा याद रखना. इसलिए अभी से सेव करना स्टार्ट कर दो क्योंकि जितनी जल्दी शुरू करोगे इंटरेस्ट उतना ही ज्यादा बढ़ता जाएगा. उन लोगो जैसे ना बनें जो कहते है “मैं अपनी इनकम से 5% सेव नहीं कर सकता” या” मेरी कंपनी इतना कोंट्रीब्यूट नहीं करती तो फिर मेरे सेव करने से क्या होगा” या ” स्टॉक में इन्वेस्ट करना बेवकूफी है” या “अगले महीने से सेविंग शुरू करूंगा” अगर आपके भी कुछ ऐसे ही बहाने है तो यकीन मानिए आप कभी ऑटोमैटिक मिलियनेयर नहीं बन पाओगे. तो इसके बजाये खुद को बोलिए” चाहे कुछ भी हो जाए, पहले मैं खुद को पे करूंगा”,” मै अपनी इनकम का 10% सेव करूंगा, और फिर इस अमाउंट को जितना हो सके, बढाते जाए” तो कल के लिए सेव करने का सबसे अच्छा वक़्त होता है इसकी शुरुआत आज और अभी से कर देना! The Automatic Millionaire: A Powerful One-step Pla… David Bach Conclusion आपने इस समरी में ऑटोमैटिक मिलेनियर यानी जिम और स मैकइनटायर की कहानी के बारे में जाना. सू उनकी तरह ऑटोमैटिक मिलेनियर बनने के लिए आपको तीन क्लियर स्टेप्स समझने होंगे. सबसे पहले तो अपना लाटे फैक्टर पता करो. ऐसी कौन सी छोटी सी हैबिट है या ऐसा कौन सा छोटा सा खर्च है जो आपकी डेली रूटीन में शामिल है. इस हैबिट को आज ही छोड़ दो और जो पैसा आप खर्च करते हो उसे अपने रिटायरमेंट अकाउंट में जमा करना शुरू कर दो. दूसरी चीज़, पहले खुद को पे करो फिर दूसरों को करो . अपनी इनकम का कुछ हिस्सा अपने इन्वेस्टमेंट अकाउंट में डालना स्टार्ट कर दो. गवर्नमेंट टैक्स, क्रेडिट कार्ड या टेलीफोन कंपनी को बिल पे करने से पहले खुद के फ्यूचर के लिए कुछ पैसा सेव करो. तीसरी चीज़, अपनी सेविंग को ऑटोमैटिक बना लो. एक बार में ही ऐसा अरेंजमेंट कर लो कि अगली बार जब आपकी सैलरी आए तो उसमें से कुछ पैसा सीधे आपके रिटायरमेंट अकाउंट में ऑटोमैटिक जमा अकाउंट में डालना स्टार्ट कर दो. गवर्नमेंट टैक्स, क्रेडिट कार्ड या टेलीफोन कंपनी को बिल पे करने से पहले खुद के फ्यूचर के लिए कुछ पैसा सेव करो. तीसरी चीज़, अपनी सेविंग को ऑटोमैटिक बना लो. एक बार में ही ऐसा अरेंजमेंट कर लो कि अगली बार जब आपकी सैलरी आए तो उसमें से कुछ पैसा सीधे आपके रिटायरमेंट अकाउंट में ऑटोमैटिक जमा हो जाए. अगर आपने ये सेटिंग कर ली तो इसके बाद आपको अलग से बजट बनाने की या खुद को डिसप्लीन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि पैसा अगर वॉलेट में होगा ही नहीं तो आप खर्च कहाँ से करोगे. अब जबकि आप समझ गए है कि एक ऑटोमैटिक मिलियनेयर बनने के लिए हमें क्या करना है, तो बस अब कम्पाउंडिंग इंटरेस्ट को अपना काम करने दो. रोज़ के $5 सेव करना स्टार्ट करो, खुद को पहले पे करो और सेविंग को ऑटोमैटिक सिस्टम पर डाल दो. आपको बस इतना ही करना है, क्योंकि इसके बाद तो आप आराम से बैठकर एक स्ट्रेसफ्री और खुशहाल रिटायरमेंट लाइफ जियोगे.

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