Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki. Books In Hindi Summary

Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki इंट्रोडक्शन क्या आपको लगता हैं कि काश आप एक अलग तरह की जिंदगी जी रहे होते? क्या आपकी जिंदगी का कोई ऐसा पहलू है जिसे आप बदलना चाहते हैं? आप अभी, खुद से कितने सैटिस्फाइड हैं? ये इंसान की फ़ितरत होती है कि वो बहुत कुछ पाने की इच्छा करता है और ऐसा करने से आप खुद को रोक नहीं सकते. वैसे इसमें शर्म की कोई बात नहीं हैं. ऑथर रॉबर्ट भी अपनी जिंदगी में बहुत कुछ पाना चाहते थे और जितना वो चाहते थे, उन्हें उससे ज़्यादा ही मिला. इस बुक में, आप रॉबर्ट के माइंडसेट यानि उनकी मानसिकता के बारे में जानेंगे. उन्होंने जिस तरह से चीजों के बारे में सोचा, उसने उन्हें कामयाब बनाया. वो कहते हैं कि इस बात का ताल्लुक बिलकुल इससे नहीं हैं कि आपके पास अभी कितना पैसा हैं. ये सिर्फ आपके सपने और एस्पिरेशन तय करते हैं. क्या आप कामयाब होने के दूसरे मौके यानि सेकंड चांस के लिए तैयार हैं? अमीर पैसे के लिए काम क्यों नहीं करते हैं पैसों का मामला बड़ा पेचीदा होता हैं. पैसों की बात करना आपका सिरदर्द बन सकती हैं. लेकिन पैसे को माटाना थााा लिा नटन तरी हैं .थााको यो अमीर पैसे के लिए काम क्यों नहीं करते हैं पैसों का मामला बड़ा पेचीदा होता हैं. पैसों की बात करना आपका सिरदर्द बन सकती हैं. लेकिन पैसे को समझना आपके लिए बहुत जरूरी हैं. आपको ये जानना होगा कि आप पैसे को कैसे अपने काम में ला सकते हैं. हाँ, ऐसा हो सकता हैं. चाहे आप यंग हो या बूढ़े, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आप पैसों के मामले में स्मार्ट बन सकते हैं. इसकी जानकारी इकठ्ठा करना ही इसकी चाबी हैं. पैसे के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानना आपको बेहतर फैसले लेने में मदद करेगी. सब उम्मीदें कभी खत्म नहीं होती. आप अभी भी पैसे के साथ अपने रिश्ते को बदल सकते हैं. आपको बस एक और मौका चाहिए. आजकल, अमीर और ज़्यादा अमीर हो रहे हैं, जबकि गरीब और मीडियम क्लास और गरीब हो रहे हैं. ये क्यों हो रहा हैं? ऐसा इसलिए हैं क्योंकि पैसे की अब नई पहचान हैं. पहले, अमीर वे थे जिनके पास ज़मीन और जायदाद थे. अब, ऐसा नहीं हैं. आज, अगर आपके पास इन्फॉर्मेशन हैं तो आप अमीर हैं. ऐसा इसलिए हैं क्योंकि इंसानियत अब एक नए ज़माने में हैं, जो हैं इन्फॉर्मेशन का ज़माना. इन्फॉर्मेशन और नॉलेज ही आपको ऊंचाई पर ले जाएगा. और? इन्फॉर्मेशन तो मुफ्त हैं, इसलिए कोई भी अमीर बन सकता हैं. अगर ऐसा हैं, तो हर कोई अमीर क्यों नहीं हैं? इसका जवाब ये हैं कि आपको अपने इन्फॉर्मेशन का सही इस्तेमाल करने की ज़रूरत हैं. फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन ग इस्तेमाल करने की ज़रूरत हैं. फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन एक ज़रूरत बन गई हैं. इसके बिना, आपके पास पर्सनल प्रॉपर्टी नहीं बन सकती. फाइनेंशियल नॉलेज आपका हथियार है. ये किसी भी बंदूक या तलवार से कहीं ज़्यादा ताकतवर होता है. क्या आप अपनी गरीबी हटाना चाहते हैं? अगर हाँ, तो अपने फाइनेंशियल नॉलेज को बढ़ाइए. अब आपको अमीर बनने के लिए एक एकड़ जमीन की ज़रूरत नहीं हैं. आपको पैसे के लिए काम करने की ज़रूरत नहीं हैं. ये बात कन्फ्यूज़ करता हैं, हैं ना? अगर आप काम नहीं करते हैं तो आप आखिर कैसे अमीर बन सकते हैं? हालांकि, अमीर लोग ऐसा ही करते रहे हैं. आजकल के हमारे मोनेटरी सिस्टम यानि पैसों के सिस्टम में कमी हैं. जो लोग फाइनेंशियल तौर से कम जानकार हैं, पैसा उनका फायदा उठाता हैं. आप अपनी सैलरी का गुलाम बन जाते हैं. आपको तीन बातों को जानना चाहिए जो बहुत ही ज़रूरी हैं. ये हैं टैक्स, इन्फ्लेशन यानि मुद्रास्फीति और बचत. ये तीन चीजें आपको दौलतमंद बनने से रोक रही हैं. रॉबर्ट कियोसाकी ने दिखाया कि हर साल ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सरकारी हेल्प की ज़रूरत पड़ती हैं. इस गरीबी के भी कारण हैं. हमारा मोनेटरी सिस्टम हमारे ही खिलाफ काम करता है. आप अपनी नौकरी करते हैं, आपको सैलरी मिलती है लेकिन टैक्स और महंगाई के कारण आपके पैसों की वैल्यू घट जाती है. इन्फ्लेशन यानि महँगाई तब होती हैं जब बैंक बहुत ज़्यादा पैसा छापता हैं. ऐसे में टैक्स भी बढ़ जाता हैं. हालांकि, अमीर लोग ऐसा ही करते रहे हैं. आजकल के हमारे मोनेटरी सिस्टम यानि पैसों के सिस्टम में कमी हैं. जो लोग फाइनेंशियल तौर से कम जानकार हैं, पैसा उनका फायदा उठाता हैं. आप अपनी सैलरी का गुलाम बन जाते हैं. आपको तीन बातों को जानना चाहिए जो बहुत ही ज़रूरी हैं. ये हैं टैक्स, इन्फ्लेशन यानि मुद्रास्फीति और बचत. ये तीन चीजें आपको दौलतमंद बनने से रोक रही हैं. रॉबर्ट कियोसाकी ने दिखाया कि हर साल ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सरकारी हेल्प की ज़रूरत पड़ती हैं. इस गरीबी के भी कारण हैं. हमारा मोनेटरी सिस्टम हमारे ही खिलाफ काम करता है. आप अपनी नौकरी करते हैं, आपको सैलरी मिलती है लेकिन टैक्स और महंगाई के कारण आपके पैसों की वैल्यू घट जाती है. इन्फ्लेशन यानि महँगाई तब होती हैं जब बैंक बहुत ज़्यादा पैसा छापता हैं. ऐसे में टैक्स भी बढ़ जाता हैं. फिर, लोगों को अपने फाइनेंस के साथ लड़ना पड़ता हैं. टैक्स देने के बाद, आपकी सैलरी कम पड़ जाती हैं. इसलिए, लोग कर्ज में डूबने को मजबूर हो जाते हैं. इसलिए अमीर और गरीब के बीच का फर्क बड़ा होता जा रहा हैं. अब, आपका गोल अमीर बनना हैं. ये वो मौका हैं जिसका आप इंतजार कर रहे हैं. ये सेकंड चांस आपके लिए पैसों का रास्ता बना सकता हैं. Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki ॥ वो शख्स जो भविष्य देख सकता हैं रॉबर्ट कियोसाकी ने डॉ. आर. बकमिनस्टर फुलर (Dr. R. Buckminster Fuller) की बहुत तारीफ़ की. डॉ. फुलर अपने टाइम से आगे चलने वाले शख्स थे. वो एक आर्किटेक्ट थे जिन्होंने बहुत सारे खूबसूरत इमारतें बनाए थे. डॉ. फुलर को अक्सर “भविष्य के दादाजी कहा जाता था. उनके डिजाइन अलग और एडवांस होते थे. कोई और उनकी टैलेंट की बराबरी नहीं कर सकता था. अपनी जिंदगी में, डॉ. फुलर ने लगभग 50 हॉनररी डिग्रीज हासिल की. और, सबसे बड़ी बात, डॉ. फुलर का नाम नोबेल प्राइज के लिए भी सुझाया गया था. डॉ. फुलर ने कई लोगों की ज़िन्दगियों में असर डाला जिनमें एक रॉबर्ट भी हैं. डॉ. फुलर ने रॉबर्ट को अपनी ज़िंदगी में सेकंड चांस लेने के लिए इंस्पायर किया था. रॉबर्ट अपनी जिंदगी में अच्छा कर रहे थे. लेकिन डॉ. फुलर के जुनून ने उन्हें ऐसे इंस्पायर किया जैसे उनके अंदर की आत्मा जाग गई थी. उन्हें लगा आखिर वे अपनी ज़िन्दगी के साथ कर क्या रहे थे. आखिर वो दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए क्या कर रहे थे? रॉबर्ट डॉ. फुलर के फिलॉसोफी को अपनी जिंदगी में OTI थे? रॉबर्ट डॉ. फुलर के फिलॉसोफी को अपनी जिंदगी में शामिल करना चाहते थे. इसलिए, उन्होंने डॉ. फुलर के लिखी हर बुक को पढ़ा. वहीं से, रॉबर्ट ने सेकंड चांस को अपनाया था. उन्होंने अपना ज़्यादा टाइम मैडिटेशन, यानि ध्यान करने में बिताया. उन्होंने लोकल बार में शराब पीना छोड़ दिया. रॉबर्ट ने वैसे बिज़नस डील्स किए गए जो उनकी सोच से मैच करते थे. डॉ. फुलर के और भी ऐसे प्रिंसिपल थे जिन्हें रॉबर्ट ने अपनाया था. एक प्रिंसिपल ये हैं कि अगर आप ज़्यादा लोगों की मदद करते हैं तो इससे आपका भी प्रभाव बढ़ जाता हैं. जब भी रॉबर्ट को अमीर बनने का मौका मिला, उन्होंने इस प्रिंसिपल को याद रखा. इसका सबसे अच्छा एग्जाम्पल हैं बोर्ड गेम कैशफ्लो. रॉबर्ट और उनकी पत्नी, किम, लोगों को फाइनेंशियल तौर पर सीखने में मदद करना चाहते थे. इसलिए, वे कैशफ्लो गेम लेकर आए. शुरू में , कैशफ्लो को बहुत सारी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा. इसे खेलना मुश्किल था. इसे बनाना बहुत महंगा था. लेकिन रॉबर्ट और किम, डॉ. फुलर के बताए रास्ते से हटे नहीं, उस पर कायम रहे. अगर वे कैशफ्लो गेम को आसान बनाते तो लोग पैसों के बारे में सही से नहीं सीख पाते. इसे बनाने के लिए, रॉबर्ट और किम ने एक मज़ेदार आईडिया निकाला. उन्होंने एक सेमिनार ऑर्गनाइज़ किया जहाँ बोर्ड गेम मुफ्त में खेला जा सकता था. इसके कई पार्टिसिपेंट्स इसे खेलकर हैरान हुए थे. उन्हें एहसास हुआ कि पैसे को समझना कितना NA८ गेम लेकर आए. शुरू में , कैशफ्लो को बहुत सारी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा. इसे खेलना मुश्किल था. इसे बनाना बहुत महंगा था. लेकिन रॉबर्ट और किम, डॉ. फुलर के बताए रास्ते से हटे नहीं, उस पर कायम रहे. अगर वे कैशफ्लो गेम को आसान बनाते तो लोग पैसों के बारे में सही से नहीं सीख पाते. इसे बनाने के लिए, रॉबर्ट और किम ने एक मज़ेदार आईडिया निकाला. उन्होंने एक सेमिनार ऑर्गनाइज़ किया जहाँ बोर्ड गेम मुफ्त में खेला जा सकता था. इसके कई पार्टिसिपेंट्स इसे खेलकर हैरान हुए थे. उन्हें एहसास हुआ कि पैसे को समझना कितना आसान हो सकता हैं. कैशफ्लो एक कामयाब गेम बन गया फिर चाहे वो प्रोडक्शन सेल्स में हो या फिर लोगों की मदद करने में.रॉबर्ट खुद को हर तरह से धनवान मानते थे. वो ढींगे नहीं मार रहे क्योंकि यही सच्चाई हैं. वो और उनकी फैमिली फाइनेंशियली अच्छा कर रहे हैं. रॉबर्ट अपने नॉलेज पर गर्व महसूस करते हैं. उनका दिमाग फाइनेंशियल जानकारी से भरा हैं. कुछ उन्होंने सेमिनार से सीखे और कुछ अपनी नाकामी से. वो अमीर इसलिए भी हैं क्योंकि वो बहुत दयालु हैं. रॉबर्ट ने अपने बुक्स और कैशफ्लो गेम से लोगों में अपने नॉलेज को बाँटा हैं. इससे उन्होंने काफी लोगों की मदद की. Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki एक क्वाड्रिलियन कितना होता है? पहले ये पता लगाना आसान होता था कि कौन अमीर हैं. वे लोग अमीर होते थे जो एक अच्छा सूट खरीद सकते थे. वे लोग घोड़ा गाड़ी में शहर घूमने निकलते थे. लेकिन आजकल ये बताना मुश्किल हैं कि कौन अमीर हैं और कौन नहीं. क्योंकि हमारी सिविलाइज़ेशन यानि हमारी सभ्यता एक अलग ही युग से गुज़र रही हैं. जो हैं जानकारी का युग, द एज ऑफ़ इन्फॉर्मेशन. इन्फॉर्मेशन के इस ज़माने की पहचान सिर्फ नॉलेज ही हैं. आप नॉलेज को देख नहीं सकते, लेकिन यही इसकी खूबसूरती हैं. हालाँकि आप इसे नहीं देख सकते हैं, फिर भी आप इसे ज़्यादा से ज़्यादा बटोर सकते हैं. अमीर होने का क्या मतलब हैं, इस ज़माने में इसकी अलग ही पहचान हैं. लेकिन ये इन्फॉर्मेशन आपको नीचे गिरा भी सकता हैं. इन्फॉर्मेशन दिखाई नहीं देता, तो आप अपने कॉम्पिटिटर पर नज़र कैसे रख सकते हैं? जो न दिखाई दे, उसे कैसे देख सकें, आपको यही सीखना हैं. यही एक इकलौता तरीका हैं जिससे आप इस ज़माने में कामयाब हो सकते हैं. आपका फ्यूचर तभी अच्छा होगा जब आपका मन वो देखना शुरू कर दें जो आपकी आखें न देख पाए. डॉ. फुलर के हिसाब से आपका ब्रेन और माइंड एक 4014, ——– A . डॉ. फुलर के हिसाब से आपका ब्रेन और माइंड एक ही चीज नहीं हैं. आपका ब्रेन उन चीजों को देखता हैं जो आपके आँखों के सामने होता हैं, जो हक़ीक़त हैं. जबकि आपका माइंड वो चीजें देख पाती हैं जिसे आँखें नहीं देखती. आपका ब्रेन चीज़ों को देखता हैं और आपका माइंड चीज़ों के बीच के लिंक को देखता हैं. एग्जाम्पल के लिए हमारे सोलर सिस्टम को लेते हैं. आपका ब्रेन पृथ्वी और मार्स जैसे ग्रहों के बारे में पता लगाता हैं जबकी आपका माइंड ग्रेविटी के बारे में भी ध्यान रखता हैं. आपका माइंड आपको इन्फॉर्मेशन देता हैं कि ग्रेविटी इन ग्रहों को एक दूसरे के चारों ओर घूमने में मदद करता हैं. ये हमारी एजुकेशन सिस्टम हैं जो हमारे ब्रेन और माइंड को एक दूसरे से अलग होकर काम करने के लिए मज़बूर करती हैं. स्कूल में, आपको सिखाया जाता हैं कि हर सवाल का एक ही जवाब हैं. ऐसी परवरिश आपके माइंड और ब्रेन को साथ मिलकर काम करने से रोकती हैं. यही आपको अपनी ज़िन्दगी में सेकंड चांस का फायदा उठाने से रोकता हैं. सेकंड चांस उसी को फायदा देती हैं जिसमें नपा तुला हिम्मत हो. ऐसा जिसके पास किसी प्रॉब्लम के लिए कई सारे सोल्यूशन्स हो. सबसे ज़रूरी बात, सेकंड चांस के लिए हिम्मत चाहिए. रिस्क उठाने के लिए आपके पास हिम्मत होनी चाहिए. देखिए, आपका ब्रेन और माइंड इस ” रिस्क” को अलग-अलग तरीके से देखते हैं. आपको इनको राज़ी करना होगा. जैसा कि हमने बात की, कि किसी भी सोल्यूशन्स हो. सबसे ज़रूरी बात, सेकंड चांस के लिए हिम्मत चाहिए. रिस्क उठाने के लिए आपके पास हिम्मत होनी चाहिए. देखिए, आपका ब्रेन और माइंड इस ” रिस्क” को अलग-अलग तरीके से देखते हैं. आपको इनको राज़ी करना होगा. जैसा कि हमने बात की, कि किसी भी प्रॉब्लम के कई सारे सोल्यूशन होते हैं. सेकंड चांस को भी इसी की जरूरत हैं. ये कोई गारंटी नहीं देता हैं कि आप जो रिस्क उठाएंगे, वो ही कामयाब होगा. सेकंड चांस का मतलब हमेशा सही होने के बारे में नहीं हैं. ये तो एक्शन लेने के बारे में हैं. ये अपनी गलतियों से सीखने के बारे में हैं. तो, ये सब बातें इस इन्फॉर्मेशन के ज़माने में कैसे फिट बैठता हैं? खैर, आज के इस ज़माने की पहचान इसके गैजेट्स से हैं जो हरेक शख्स के पास हैं. आपके फोन या iPad को सिर्फ छूने भर से ही आप दौलत कमा सकते हैं. कभी स्कूल न खत्म करने वाले लोग अब अरबपति हैं. एग्जाम्पल के लिए, स्टीव जॉब्स और बिल गेट्स. अगर आपका ब्रेन और माइंड एक साथ काम करता हैं, तो आप अगले अरबपति बन सकते हैं. इन्फॉर्मेशन सभी के लिए फ्री हैं. गरीब अमीर बन सकता हैं. अमीर या तो अमीर रह सकता हैं या गरीब बन सकता हैं. ये सब तो फाइनेंशियल नॉलेज पर डिपेंड करता हैं जिसे आप फ्री पा सकते हैं. Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki “अच्छे ग्रेड लीजिए” का opposite पढ़ाई-लिखाई हर इंसान की ज़िंदगी की ज़रूरत हैं. लोगों का भी जवाब यहीं होता हैं, अगर आप उनसे पूछते हैं कि आपकी जिंदगी कैसे बेहतर हो सकती हैं. लेकिन क्या आपको लगता हैं कि हमें ऐसे पुराने ढंग की पढ़ाई-लिखाई की वाकई में ज़रूरत हैं? क्या ये आपको आपके लाइफ में सेकंड चांस, दूसरा मौका देने में मदद करेगा? हां, पढ़ाई-लिखाई ज़रूरी हैं. हमारे एजुकेशन सिस्टम में पढ़ाई-लिखाई तो बहुत ज़्यादा होती ही हैं. लेकिन रॉबर्ट का मानना हैं कि ऐसी एजुकेशन सिस्टम हमेशा सही नहीं होती. अमेरिका में, कॉलेज के ग्रेजुएट्स भरे हुए हैं. हालांकि, बेरोजगारी दर भी बहुत ज़्यादा हैं. रॉबर्ट का मानना हैं कि हमारा एजुकेशन सिस्टम हमें अमीर बनाए, ऐसा शायद ही होता हो. ऐसा सिस्टम सिर्फ कुछ तरह के इंटेलिजेंस पर फोकस करती हैं. अफ़सोस की बात हैं कि हमारे स्कूल्स अलग -अलग तरह के इंटेलिजेंस की ज़रूरतों को बैलेंस नहीं कर पाती हैं. हम सब अलग-अलग तरह की इंटेलिजेंस वाले लोग हैं. हमारा एजुकेशन सिस्टम सैकड़ों साल पहले डिजाइन की गई थी, और ये किसी भी तरह के अंतर या बदलाव 43 117 हमारा एजुकेशन सिस्टम सैकड़ों साल पहले डिजाइन की गई थी, और ये किसी भी तरह के अंतर या बदलाव को नजरअंदाज करती हैं. ये सिस्टम स्टूडेंट्स से भी ऐसे ही बनने की उम्मीद करता हैं. इसलिए, जब कोई स्टूडेंट स्लो या ज़्यादा एक्टिव होता हैं, तो उन्हें प्रॉब्लम माना जाता हैं. अपना सेकंड चांस शुरू करने से पहले, ये पता करें कि आपका कौन से टाइप का इंटेलिजेंस हैं. अगर आपने अपने स्कूल में बुरा परफॉर्म किया हैं तो निराश मत होइए इसका मतलब ये हरगिज़ नहीं हैं कि आप कभी कामयाब नहीं हो सकते या दौलतमंद नहीं बन सकते. आपके सेकंड चांस की शुरुवात में आपको ये जानना होगा कि आपको कौन सा एजुकेशन सूट करता हैं. रॉबर्ट के हिसाब से , चार टाइप के इंटेलिजेंस होते हैं. ये हैं फिजिकल, मेन्टल, इमोशनल और स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस. आपकी मांसपेशियाँ यानि मस्सल्स फिजिकल इंटेलिजेंस से जुड़ा हैं. मेन्टल इंटेलिजेंस वो होती हैं जो लोग स्कूल में सीखते हैं. और, जब आप अपने लाइफ के मुश्किलों का सामना करते हैं, तो वो आपका इमोशनल इंटेलिजेंस होता हैं. आखिर में, स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस वो हैं जो आपके दिल की इच्छाओं से जुड़े होते हैं. आर्टिस्ट, राइटर्स और कवि इस टाइप के इंटेलिजेंस से जुड़े होते हैं. अपने सेकंड चांस में अपना सबकुछ झोंकने के लिए, इन चारों तरह के इंटेलिजेंस को सुधारें. आप अपने आसपास के एनवायरनमेंट को बदलकर ऐसा कर सकते हैं. जिम जाइए. लाइब्रेरी में एक बक पढिए. इन चारों तरह के इंटेलिजेंस को सुधारें. आप अपने आसपास के एनवायरनमेंट को बदलकर ऐसा कर सकते हैं. जिम जाइए, लाइब्रेरी में एक बुक पढ़िए, या कुछ नया सीखिए. अल राउंडर बनने की कोशिश कीजिए. रॉबर्ट ने खासकर इमोशनल इंटेलिजेंस की ज़रूरत पर जोर दिया. कई लोग इसी इमोशनल इंटेलिजेंस की कमी के कारण कामयाब नहीं हो पाते. अगर आप अपने इमोशंस को कंट्रोल नहीं कर सकते हैं तो आप अपने गोल को हासिल नहीं कर सकते. अपने लिए दौलत इकठ्ठा करते हुए आप बहुत बेसब्र हो जाते हैं. और, इस बेसब्री में आप उन स्कीम्स को अपनाते हैं जो आपको जल्दी अमीर बनाने का वादा करती हैं. थेरपिस्ट की मदद से इमोशनल इंटेलिजेंस में सुधार किया जा सकता हैं. आपके प्रॉब्लम सुलझाने में वे आपका गाइड करेंगे. इस तरह मदद लेने में कोई शर्म की बात नहीं हैं. आपके इमोशन यानी आपकी भावनाएँ, आपकी बॉडी के ताकत को कम कर सकती हैं. एक प्रोफेशनल हेल्प से आप खुद को इस परेशानी से निकाल पाएंगे. चारों इंटेलिजेंस के बारे में दोबारा से सोचिए. हरेक तरह के इंटेलिजेंस में खुद को रेटिंग दीजिए. इसमें आप सबसे ज़्यादा 10 का स्कोर सकते हैं. अगर आपका टोटल स्कोर 30 से ऊपर हैं, तो आप अपने सेकंड चांस के लिए तैयार हैं. अगर 30 से कम हैं, तो ये पता लगाना होगा कि आपको कहां सुधारने की जरूरत हैं. अपनी कमजोरियों को दर करने के लिए रॉबर्ट ने खासकर इमोशनल इंटेलिजेंस की ज़रूरत पर जोर दिया. कई लोग इसी इमोशनल इंटेलिजेंस की कमी के कारण कामयाब नहीं हो पाते. अगर आप अपने इमोशंस को कंट्रोल नहीं कर सकते हैं तो आप अपने गोल को हासिल नहीं कर सकते. अपने लिए दौलत इकठ्ठा करते हुए आप बहुत बेसब्र हो जाते हैं. और, इस बेसब्री में आप उन स्कीम्स को अपनाते हैं जो आपको जल्दी अमीर बनाने का वादा करती हैं. थेरपिस्ट की मदद से इमोशनल इंटेलिजेंस में सुधार किया जा सकता हैं. आपके प्रॉब्लम सुलझाने में वे आपका गाइड करेंगे. इस तरह मदद लेने में कोई शर्म की बात नहीं हैं. आपके इमोशन यानी आपकी भावनाएँ, आपकी बॉडी के ताकत को कम कर सकती हैं. एक प्रोफेशनल हेल्प से आप खुद को इस परेशानी से निकाल पाएंगे. चारों इंटेलिजेंस के बारे में दोबारा से सोचिए. हरेक तरह के इंटेलिजेंस में खुद को रेटिंग दीजिए. इसमें आप सबसे ज़्यादा 10 का स्कोर दे सकते हैं. अगर आपका टोटल स्कोर 30 से ऊपर हैं, तो आप अपने सेकंड चांस के लिए तैयार हैं. अगर 30 से कम हैं, तो ये पता लगाना होगा कि आपको कहां सुधारने की ज़रूरत हैं. अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए हिम्मत बाँधिए. अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत में बदलिए. na A < Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki “एक अच्छी नौकरी कीजिए” का opposite जब आप एक बच्चे थे, तो क्या आप एक ज़्यादा सैलरी वाली नौकरी का सपना देखते थे? या हो सकता हैं कि आपने अपना ऑफिस बनाने का भी सपना देखा हो. अब तो, कॉर्पोरेट दुनिया की सीढ़ी चढ़ने को शायद ही कोई अपना सपना मानता हो. अब हर कोई अपना खुद का बॉस बनने की ख्वाहिश रखता हैं. हर कोई चाहता हैं कि वो एक बिज़नस मैन बने. आखिर क्यों न हो? आजकल नौकरी करने में कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं हैं. लोगों की जगह कंप्यूटर और रोबोट आ रहे हैं. अपना बिज़नस ही एक वो तरीका हैं जिससे आपको फाइनेंशियल आज़ादी मिल सकती हैं. इसलिए, आप देख सकते हैं कि बहुत सारे स्टूडेंट्स हाई स्कूल और कॉलेज बीच में ही छोड़ देते हैं. वे आखिर में करोड़पति बन जाते हैं. वे अपने लिए एक नाम कमाते हैं और कामयाब भी होते हैं. अफ़सोस, बिज़नस करना आसान नहीं होता. ज़्यादातर बिज़नस चार से पांच सालों में नाकाम हो जाते हैं. कारण ये हैं कि ये बिज़नस किसी एक बात में स्पेशलाइज करते हैं. एक कामयाब बिजनेसमैन बनने के लिए, आपको हर चीज के बारे में थोड़ा बहुत जानने की जरूरत हैं. स्पेशलिस्ट का तरीका पुराने ज़माने के तरीकों में से हैं. 7 मेंनी लिए कहते हैं. इस तरह, आप बिज़नस के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा सीखेंगे जबकि आपके पास अभी भी अपनी नौकरी सलामत हैं. बिज़नस में कामयाब होने के लिए आपके पास 8 चीजें होनी चाहिए. ये हैं कैश फ्लो, कम्युनिकेशन, सिस्टम, लीगल, प्रोडक्ट, टीम, लीडरशिप और मिशन. अगर इनमें से एक भी न हो तो आपका बिज़नस कामयाब नहीं होगा. याद रखिए कि एक बिजनेसमैन को हर चीज के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी होनी ही चाहिए. ये 8 बातें सीखी जा सकती हैं. आप अपने फील्ड के एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं. आप इसके बारे में सेमिनार में भी भाग ले सकते हैं. यहां तक कि आपका खुद का एक्सपीरियंस भी बहुत कुछ सीखा सकती हैं. आपको हमेशा सीखते रहना हैं, ऐसी माइंडसेट रखनी चाहिए. क्या आप नौकरी और बिज़नस के बीच किसी एक को चुनने में फंसे हुए हैं? इसके जवाब के लिए आप अपने अंदर की आवाज़ को सुनिए. इसका जवाब पाना और भी आसान हो सकता हैं अगर आप अपनी अलग-अलग इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने के लिए थोड़ा टाइम लगाएं. आपको क्या खुश करती हैं? आपके पास कौन से स्किल्स या हुनर हैं? ये सोचिए. आप सिक्योरिटी चाहते हैं या आज़ादी? दोनों पर फोकस करना नामुमकिन हैं. अपने सेकंड चांस के लिए, वही चुनिए जो आपके लिए सबसे बेहतर हैं. ८ Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki “अपनी हैसियत के हिसाब से जिएँ” का opposite बहुत से लोग अपनी हैसियत के मुताबिक रहना पसंद नहीं करते हैं. इसलिए वे कर्ज लेते हैं. वे अपनी हैसियत से बाहर महंगे कपड़े और कार खरीदते हैं जबकी वे जानते हैं कि वे इसका बोझ नहीं उठा सकते. वे एक ऐसी लाइफस्टाइल जीते हैं जो उनको क़र्ज़ में डुबो देती हैं. रॉबर्ट का मानना हैं कि लोगों को अपने हैंसियत के हिसाब से रहने के लिए कहना बेकार हैं. लोग ऐसी सलाह को नजरअंदाज कर देते हैं. रॉबर्ट तब ये सुझाव देते हैं कि इसके बजाय अपने लिए पैसे कमाने के ज़रिए को बढ़ाइए. इससे आपकी जिंदगी बदल जाएगी. सिर्फ पैसे जोड़ने में और कड़ी मेहनत करने में ध्यान देना बंद कीजिए. इससे आप कभी अमीर नहीं बन सकते. इसके बजाय, अपनी इनकम और अपने एसेट पर फोकस कीजिए. अपनी नज़र उन चीज़ों पर मत रखिए जिन्हें आप खरीदना चाहते हैं बल्कि अमीरों की तरह अपनी नजर उन मौको पर रखिए जो आपके लिए एसेट बना Second Chance: For Your Money, Your Life and Our… Robert Kiyosaki “अपनी हैसियत के हिसाब से जिएँ” का opposite बहुत से लोग अपनी हैसियत के मुताबिक रहना पसंद नहीं करते हैं. इसलिए वे कर्ज लेते हैं. वे अपनी हैसियत से बाहर महंगे कपड़े और कार खरीदते हैं जबकी वे जानते हैं कि वे इसका बोझ नहीं उठा सकते. वे एक ऐसी लाइफस्टाइल जीते हैं जो उनको क़र्ज़ में डुबो देती हैं. रॉबर्ट का मानना हैं कि लोगों को अपने हैंसियत के हिसाब से रहने के लिए कहना बेकार हैं. लोग ऐसी सलाह को नजरअंदाज कर देते हैं. रॉबर्ट तब ये सुझाव देते हैं कि इसके बजाय अपने लिए पैसे कमाने के ज़रिए को बढ़ाइए. इससे आपकी जिंदगी बदल जाएगी. सिर्फ पैसे जोड़ने में और कड़ी मेहनत करने में ध्यान देना बंद कीजिए. इससे आप कभी अमीर नहीं बन सकते. इसके बजाय, अपनी इनकम और अपने एसेट पर फोकस कीजिए. अपनी नज़र उन चीज़ों पर मत रखिए जिन्हें आप खरीदना चाहते हैं बल्कि अमीरों की तरह अपनी नजर उन मौको पर रखिए जो आपके लिए एसेट बना देखिए. खुद को याद दिलाते रहिए कि आपके लाइफ में एक गोल हैं. अपनी एसेट बढ़ाइए ताकि आप अपनी लाइफस्टाइल को एन्जॉय कर सकें. कन्क्लूज़न आपने सीखा कि नॉलेज से आप अमीर बन सकते हैं. अपने फाइनेंशियल नॉलेज पर आपको मेहनत करने की ज़रूरत हैं. सिर्फ अपनी कॉर्पोरेट नौकरी पर पूरी तरह से डिपेंड मत कीजिए. टैक्स और इन्फ्लेशन आपको कर्ज में डुबो देगी. आपने सीखा कि अमीर बनने के लिए आपको एक नियम मानना ज़रूरी हैं. रॉबर्ट ने हमेशा अपने हरेक बिज़नस में अपने इस नियम को याद रखा. इसलिए रॉबर्ट ने पैसा कमाया. लेकिन उन्होंने दूसरों को भी प्रेरणा दी और उनकी ज़िन्दगियों में असर डाला. वो ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि उनके पास बांटने के लिए फाइनेंशियल जानकारी थी. आपने इनफार्मेशन के इस ज़माने के बारे में भी जाना. अगर आपके पास फाइनेंशियल नॉलेज हैं, तो आप इससे प्रॉफिट कमा सकते हैं. आपको किसी भी प्रॉब्लम के लिए सबसे अलग और दमदार सोल्यूशन लाना होगा. जिनके पास ऐसा करने की हिम्मत हैं, वही इस ज़माने में कामयाब हो सकता हैं. A < इससे प्रॉफिट कमा सकते है. आपको किसी भी प्रॉब्लम के लिए सबसे अलग और दमदार सोल्यूशन लाना होगा. जिनके पास ऐसा करने की हिम्मत हैं, वही इस ज़माने में कामयाब हो सकता हैं. आपने ये भी जाना कि पढ़ाई में अच्छे नंबर का मतलब ये नहीं होता हैं कि ये कामयाबी का रास्ता बनाएगा. आपको ये भूलना होगा कि एक ही तरह की समझदारी या एक ही तरह का इंटेलिजेंस होता हैं. अपने सभी तरह के इंटेलिजेंस से खुद को जोड़े रखिए. ये आपको एक बेहतर इंसान बनाएगा. सबसे ज़रूरी बात, ये आपको कामयाब बनने में हेल्प करेगा. आपने सीखा कि एक पक्की नौकरी का सपना नहीं देखना, गलत नहीं हैं. अगर आप फाइनेंशियल आज़ादी चाहते हैं, तो आप बिज़नस कर सकते हैं. एक बिजनसमैन होने का मतलब हैं कि आपको हर चीज के बारे में थोड़ा बहुत जानना चाहिए. हर एक्सपीरियंस से कुछ सीखिए. बहुत पैसा होना ख़ुशी की बात है और, आराम की जिंदगी जीना हर इंसान का सपना होता हैं लेकिन अपने वैल्यूज को कभी नहीं भूलना चाहिए. दूसरों की मदद कीजिए और दयालू बनिए. इसके बदले में आपके साथ भी अच्छा ही होगा. आखिर, रॉबर्ट कियोसाकी के साथ ठीक ऐसा ही तो हुआ था, है ना?

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