Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan. Books In Hindi Summary

Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan इंट्रोडक्शन Debt. Equity. Asset. Investment. अगर आप भी औरों की तरह हैं, तो यह चार शब्द सुनकर आपका भी सिर दर्द करने लगता होगा। यह को पूरी तरह बेकार लगता होगा और आप उनके बारे में सीखने में बिल्कुल भी इंटरेस्टेड नहीं होंगे। बदकिस्मती से, आप इन शब्दों से बच नहीं सकते और ना ही आप अपने financial मुश्किलों से बच सकते हैं। समय आ गया है कि आप आगे बढ़कर फाइनेंस के बारे में पढ़ें और सीखें।पैसा तभी डरावना हो सकता है जब आप उसे डरावना समझे। इस समरी में आप simple financial system के बारे में सीखेंगे। आप सीखेंगे कि अपने पैसों का हिसाब रखना कितना आसान है और आप ऊपर कहे गए 4 शब्दों का आसान मतलब समझेंगे। पैसों के बारे में बात करना या सोचना मुश्किल हो, ऐसा जरूरी नहीं है। The Money Order क्या कभी ऐसा भी समय रहा है जब आप अपने पैसे के बारे में चिंता नहीं कर रहे थे? जब आप काम पर जाते हैं तो आप bills pay करने के बारे में सोचते हैं। बस में जब ड्राइवर आपको बताता है कि बस का किराया बढ़ गया है तब आप चिंता करते हैं। आपको ref में हता जाप UIIISpdy करन क बार मसाचत ह। बस में जब ड्राइवर आपको बताता है कि बस का किराया बढ़ गया है तब आप चिंता करते हैं। आपको café में एक pastry खरीदने में भी बुरा लगता है कि आप इस पैसे को बाद के लिए बचा सकते थे। हालांकि आपको अच्छी पेस्ट्री खाए हुए बहुत समय हो गया है। आपको पैसे से जुड़ी problem कभी खत्म होती नहीं दिखती। लेकिन इन सभी परेशानियों हल है। कोई भी अपने financial matter खुद हैंडल कर सकता है। इसे बहुत complicated होने की जरूरत नहीं है। अपनी financial life को एक पैसे के बक्से की तरह देखिए। अगर आपको आसान लगे तो आप इसे piggy bank की तरह भी देख सकते हैं. आप उस मनी बैंक को अपनी कमाई से भर देते हैं और आप rent, रोज़ के खर्चों और emergency जैसे खर्चों के लिए उस बॉक्स से पैसे निकालते हैं। अक्सर महीने के आखिर में उस बॉक्स में कुछ पैसे बच जाते हैं। वह बचे हुए पैसे आपके बच्चों के कॉलेज के खर्चे या आपके रिटायरमेंट प्लान में जा सकते हैं । ज्यादातर लोग यह गलती करते हैं, उन्हें लगता है कि मनी बॉक्स में बचे हुए पैसे investment के लिए हैं। वह तुरंत stocks खरीदने के बारे में सोचते हैं या फिर अपने पेंशन प्लान में invest करने के बारे में सोचते हैं। आप सोच सकते हैं, “क्या बचे हुए पैसे इस्तेमाल करने का यही सबसे अच्छा तरीका नहीं है?” तो हाँ. खर्चों के लिए उस बॉक्स से पैसे निकालते हैं। अक्सर महीने के आखिर में उस बॉक्स में कुछ पैसे बच जाते हैं। वह बचे हुए पैसे आपके बच्चों के कॉलेज के खर्चे या आपके रिटायरमेंट प्लान में जा सकते हैं । ज्यादातर लोग यह गलती करते हैं, उन्हें लगता है कि मनी बॉक्स में बचे हुए पैसे investment के लिए हैं। वह तुरंत stocks खरीदने के बारे में सोचते हैं या फिर अपने पेंशन प्लान में invest करने के बारे में सोचते हैं। आप सोच सकते हैं, “क्या बचे हुए पैसे इस्तेमाल करने का यही सबसे अच्छा तरीका नहीं है?” तो हाँ, यह सही तरीका है, लेकिन यह आपका सबसे पहला concern नहीं होना चाहिए। अगर आपके पास बचे हुए पैसे हैं तो आपको सबसे पहले investment के बारे में नहीं सोचना चाहिए। उस बचे हुए पैसे को medical emergency, नौकरी चले जाने, या किसी फैमिली मेंबर की death जैसे emergency के लिए संभालकर रखने के बारे में सोचना चाहिए। इसीलिए आपका पहला concern यही होना चाहिए की ऐसे unexpected समय के लिए आप कुछ पैसे अलग करके रखें। खासतौर पर उस समय के लिए जब आपको ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ सकती है। A . Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan Don’t Stash That Cash! इस बुक की जो ऑथर हैं, Monika, वह अपने दोस्त Anu से बिल्कुल opposite है. जहां Monika हर चीज़ plan कर के एक मेथड के साथ करती है वहीं Anu किसी चीज़ को plan नहीं करती और तुरंत डिसिशन ले लेती है। Anu एक carefree, single parent gi qe freelance designer के तौर पर अपनी कमाई पर जीतीं हैं। Anu को पैसों के बारे में बात करना बोरिंग लगता है और उनके पास बर्बाद करने के लिए समय नहीं है। एक दिन लंच के समय Monika को यह जानकार आश्चर्य हुआ कि Anu पहली बार अपने financial matter के बारे में बात करना चाहती थी। वह इस बात को लेकर बहुत ज्यादा परेशान थी कि उन्हें नहीं पता था उनका पैसा कहां जा रहा है। उन्हें यह तो समझ में आ रहा था कि उनका पैसा बैंक में आता है लेकिन उसके बाद कहां और कैसे खर्च होता है यह उनकी समझ में नहीं आ रहा था। क्या आप भी Anu की तरह हैं? क्या आप भी समझ नहीं पाते कि आपका पैसा कहां गायब हो गया ? क्या आप हमेशा यह कहते हैं कि आपके पास पैसे सेव क्या आप भी Anu की तरह हैं? क्या आप भी समझ नहीं पाते कि आपका पैसा कहां गायब हो गया ? क्या आप हमेशा यह कहते हैं कि आपके पास पैसे सेव करने जितने पैसे नहीं हैं? Anu की और आपकी प्रॉब्लम यह है कि आपके पैसे खर्च करने के तरीके में कोई system नहीं है। आपके पास अपने खर्च का हिसाब रखने का सिस्टम नहीं है। इसके लिए आपको सिर्फ इतना करने की जरूरत है कि आप कितना खर्च कर रहे हैं और कितना बचा रहे हैं उस पर ध्यान दें। हां, यह सुनने में बोरिंग लगता है। अपने खर्च का हिसाब रखना कोई मजेदार काम नहीं है । लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हालांकि आप यह सोचते हैं कि आप खर्चीले नहीं है, लेकिन आप sale या डिस्काउंट का बोर्ड देखते ही तुरंत कोई चीज खरीद लेते हैं। आप grocery खरीदते समय अपने बजट से ज्यादा खर्च कर देते हैं। फिर जब आपके पास कम पैसे बचते हैं तब आपको आश्चर्य होता है। Anu को अपने खर्चों का लिस्ट बनाना बोरिंग लगता है। ज्यादातर लोग खर्च का हिसाब रखना बंद कर देते हैं क्योंकि यह उन्हें झंझट लगता है। इसीलिए Monika खर्च का हिसाब रखने के लिए एक आसान और बेहतर तरीका बताती हैं। अपने पैसों को जरूरत के हिसाब से कई हिस्सों में अपने पैसों को जरूरत के हिसाब से कई हिस्सों में बांट लीजिए। जैसे Monika अपने पैसों को तीन हिस्सों में बांटती है – income, spending, और saving। यह सुनने में काफी आसान लग रहा है, लेकिन इसी का तो Monika ने भरोसा दिलाया था। Monika तीन बैंक अकाउंट इस्तेमाल करती हैं. उन तीन बैंक अकाउंट को उन्होंने अलग-अलग नाम दिया है, वे नाम हैं – income account, spend it account, और invest it account| नाम में बहुत ताकत होती है, अब मान लीजिए कि आपके लॉन में रोज एक मुर्गा दौड़ता फिरता है. आप उस मुर्गे को पसंद करने लगते हैं और उसका नाम Cheeku the chicken रख देते हैं । अब सोचिए क्या आप कभी चीकू को मारकर खा पाएंगे? Monika को नहीं लगता कि आप ऐसा कर पाएंगे। किसी चीज को एक identity यानी पहचान देने के बाद उसे चोट पहुँचाने से हमें guilt महसूस होता है। इसलिए Monika अपना बजट जल्दी से जल्दी बनाती है। जैसे ही उनकी salary उनके income account में आती है, वह जरूरत के पैसे अपने spend it account में डालकर बाकी बचे हुए पैसे invest it account में डाल देतीं हैं. आप Monika के इस तरीके के बारे में शिकायत भी कर सकते हैं जैसे कि आपकी salary बहुत कम है। आप Monika के इस तरीके के बारे में शिकायत भी कर सकते हैं जैसे कि आपकी salary बहुत कम है। लेकिन अगर आप ध्यान से सोचें तो आपको पता चलेगा कि salary आपका एकलौता पैसे का source नहीं है। आपकी जिंदगी में छोटे छोटे bonus भी आते हैं। जैसे आपका कोई रिश्तेदार आपको खाने पर बुलाए, जिससे आपका उस समय का खाने का खर्चा बच जाता है। आपके काम में आपको refund या discount मिल जाए या आपका कोई दोस्त आप से लिये हुए उधार के पैसे लौटा दे। पॉइंट यह है कि कई बार हमें एक्स्ट्रा पैसे मिलते हैं. आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप उसे तुरंत खर्च ना कर दें बल्कि अपने इनकम अकाउंट में डालें। कोशिश करें जितना हो सके अपने हाथ में cash ना रखें क्योंकि जब आपके हाथ में cash नहीं होता है तो उसे खर्च करने के chance भी कम हो जाते हैं। online banking करना शुरू कीजिए, उससे चीजें आसान हो जाएगी। Monika के अनुसार आपको यह पहले 3 महीने करके देखना चाहिए। जैसे ही आप को सैलरी मिले, आप उसे सभी अकाउंट में बांट दें और फिर ध्यान दें कि जो amount आपने spend it account में डाला है क्या वह आपके लिए काफ़ी है या फिर यह आपको कम लग रहा है? क्या आपके पास invest it errorint में जरूरत के जितना सा है? दनों से A < माला पपा पर जापक लिए पापा b पापार पर आपको कम लग रहा है? क्या आपके पास invest it account में ज़रुरत के जितना पैसा है? इनमें से कोई भी सिचुएशन क्यों ना आए, अपने invest it account के पैसे अपने spend it account में मत डालिए। आपको ऐसा करने से क्या मिलेगा? ऐसा करने से यह हुआ कि Monika को समझ में आया कि वह महीने भर में कितना खर्च करती हैं और किस तरह छोटी-छोटी खरीदारी में भी पैसे का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। आगे चलकर, इससे उन्हें यह भी समझने में मदद मिली कि वह invest it account में कितना पैसा डाल सकती हैं। Monika को यह समझ में आया कि अगर वह कोशिश करें तो वह काफी पैसे बचा सकतीं हैं और यह सब आप पर भी लागू होता है। पैसे में label लगाने को आप भी behavioral economics के जरिए समझ सकते हैं। आपका ब्रेन उस label को समझता है और आपको बेकार के पैसे खर्च करने से रोकता है। आपका ब्रेन आपको बताता है कि आप जो कर रहे हैं वह गलत है। इसे “mental accounting” कहा जाता है। समय के साथ आप उन labels के साथ छेड़छाड़ करना नापसंद करने लगते हैं। Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan Finally, We’re Investing आपकी तरह Monika भी investment से कोई लेना-देना नहीं रखना चाहती थीं। उन्हें यह मुश्किल और डरावना लगता था और साथ ही उन्हें यह भी लगता था कि उनके पास इन्वेस्ट करने के लिए काफ़ी पैसे नहीं है। जैसा कि हमने पिछले चैप्टर में पढ़ा, Monika के पास invest करने के लिए पैसे थे, उन्हें सिर्फ अपनी financial life को मैनेज करने की जरूरत थी। Monika भी आपकी तरह ही स्ट्रगल कर रही थी। उन्हें अपने परिवार को support करना था। Monika और उनके पति की कमाई से उनका खर्च मुश्किल से चल रहा था। एक नए शादीशुदा कपल होने के कारण उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा था। फिर उनकी एक बेटी हुई, हालांकि Monika और उनके पति परिवार के नए मेंबर को लेकर बहुत खुश थे, लेकिन उन्हें financial risk भी झेलने पड़े। Monika जब भी काम पर जातीं तो उन्हें अपने पास ना पाकर उनकी बेटी रोने लगती, इसलिए Monika ने जॉब छोड़ने का फैसला लिया। वह अपना पूरा ध्यान अपनी बेटी को देना चाहती थीं। उनके परिवार और दोस्तों को लगा कि उनका दिमाग खराब हो गया है। लेकिन Monika को आने फैसले पर कभी गळताता A < । पापण ५॥ पारा पा ‘पाता दोस्तों को लगा कि उनका दिमाग खराब हो गया है। लेकिन Monika को अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। अपनी बेटी पर ध्यान देना ऐसा काम नहीं था जिसके लिए उन्हें कभी पछतावा हुआ हो। हां, यह उनके लिए मुश्किल जरूर था, क्योंकि घर में कमाने वाले सिर्फ उनके पति थे। हालांकि Monika इधर-उधर के काम करके थोड़ा बहुत कमा लेती थीं, लेकिन वह कमाई regular नहीं थी। वो दोनों अक्सर बाहर का खाना नहीं खा पाते थे, ना ही छुट्टियों में छुट्टी ले पाते थे। लेकिन Monika को यह पता था कि वक़्त हमेशा ऐसा नहीं रहेगा और उनकी ज़िन्दगी में भी बदलाव आया। उस स्ट्रगल के दौरान Monika ने कुछ सीखा. Monika ने बहुत मेहनत कर के पैसे खोज निकाले। यह सीख आप पर भी लागू होती है कि मुश्किल समय में आप भी पैसे पा सकते हैं। क्यों इतने सारे लोग invest करने से घबराते हैं? आपको लगता है कि आपके पास invest करने के लायक पैसे नहीं है, लेकिन यह कारण बकवास है। यह कहना ऐसा है जैसे कि आप कह रहे हो आप exercise शुरू करने के लिए fit होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसा कि हमने पहले बताया, अगर आप ठीक से खोजेंगे तो आपको हमेशा पैसे मिलेंगे, तौर पर तब, जब आपको पैसे मिलते ही आप उस पर income का label लगा दें। खास Monika के अनुसार इस हिचकिचाहट का कारण है मीडिया, जो investment को गलत ढंग से लोगों को दिखाता है। news और movies में आप investment को एक लाइन की तरह स्क्रीन में ऊपर नीचे जाते देखते हैं। लोग बहुत तेजी से और कुछ चिल्लाकर भी बोलते हैं। वह brokers, stocks और कई complicated terms के बारे में बात करते हैं। लेकिन यह सब trader के नज़रिए से दिखाया जाता है, आप एक investor हैं और दोनों में बहुत बड़ा फ़र्क है। तो invest करने के बारे में ज्यादा जानने के लिए थोड़ा समय निकालें। याद रखें, इसे investor के तौर पर पढ़ें, trader होना एक बिल्कुल ही अलग टॉपिक है। सवाल पूछने से डरे नहीं, investors अक्सर इस बारे में अपनी expert राय शेयर करने के लिए तैयार रहते हैं। Monika के अनुसार investment आपकी financial problem को solve कर सकते हैं। ये कुछ सवाल हैं जो आपके investment journey में guide का काम करेंगे इसलिए खुद से पूछे – क्या यह investment आपके बच्चों को कॉलेज भेजने में आपकी मदद कर सकता है? क्या यह investment आपको आने वाले 5 सालों में कार खरीदने में मदद कर सकता है? “मझे कितना invest करना चाहिए?” यह सवाल “मुझे कितना invest करना चाहिए?” यह सवाल आपको गाइड नहीं कर सकता क्योंकि इसका जवाब बहुत सी चीजों पर depend करता है। जैसे आप invest क्यों करना चाहते हैं, कितने समय के लिए invest करना चाहते हैं, वगैरह वगैरह। अपने invest करने के purpose को ज्यादा महत्व दीजिए, जिससे कि आपका दिमाग जल्द से जल्द ‘mental accounting’ करना शुरू कर दे। invest करने का सबसे सही समय अभी है। यह बिलकुल exercise करने की तरह है, आप जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतनी ही जल्दी आप result देख पाएंगे। अगर invest करना आपको अभी भी डरावना लगता है, तो आप ‘mental accounting’ का तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप अपने “invest it account” को 3 हिस्से में बांट सकते हैं – “almost there, in some time, और far away”IAlmost there में आप वह investment रख सकते हैं जिनका इस्तेमाल आप आने वाले 2 से 3 साल में करने वाले हैं, जैसे कि घर खरीदना या कहीं घूमने जाना। In sometime में आप वो investment रख सकते हैं जो कि आप आने वाले 3 से 7 साल में इस्तेमाल करेंगे, जैसे कि रिटायरमेंट प्लान या फिर बच्चों की कॉलेज फीस। A < अगर invest करना आपको अभी भी डरावना लगता है, तो आप ‘mental accounting’ का तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप अपने “invest it account” को 3 हिस्से में बांट सकते हैं – “almost there, in some time, और far away”IAlmost there में आप वह investment रख सकते हैं जिनका इस्तेमाल आप आने वाले 2 से 3 साल में करने वाले हैं, जैसे कि घर खरीदना या कहीं घूमने जाना। In sometime # 3114 at investment Red सकते हैं जो कि आप आने वाले 3 से 7 साल में इस्तेमाल करेंगे, जैसे कि रिटायरमेंट प्लान या फिर बच्चों की कॉलेज फीस। Far away में आप ऐसे खर्चों के लिए investment रख सकते हैं जिनका आपको अभी अंदाजा नहीं है, जैसे कि रिटायरमेंट। हालांकि आपको लग रहा है कि आप को रिटायर होने में अभी काफी समय है, लेकिन धीरे-धीरे ही सही, रिटायरमेंट का समय क़रीब आ ही जाएगा। यह जानना कि आप अपना पैसा किस पर खर्च करेंगे, आपको पैसे के मामले में समझदार बनाता है। exact amount होना जरूरी नहीं है, अपने खर्च का एक estimate यानी अंदाज़ा होना ही काफ़ी है। A Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan Let’s De-Jargon Investing एक दिन Monika बाल कटवाने के लिए अपने फेवरेट सलून में गईं। उनकी hair stylist, Clara, ने बातचीत के दौरान उन्हें बताया कि वह काफी परेशान है क्योंकि उन्हें लगता है कि वह अपना पैसा सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। हालांकि वह एक comfortable जिंदगी जी रही थी, लेकिन Clara को उससे ज्यादा कुछ चाहिए था। जिस कारण से Clara अपने पैसों से और ज्यादा पैसे नहीं कमा पा रही थी, वही परेशानी शायद आपकी भी होगी। finance के बारे में बात करना clara को बिल्कुल पसंद नहीं था। उनके अनुसार वह finance को समझने के लिए बहुत ही बेवकूफ़ थीं। इससे Monika को यह समझ आया कि इसी कारण से बहुत से लोगों में financial skills की कमी होती है। आप बस इसे सीखना नहीं चाहते हैं। आप जितने नासमझ होंगे, लोग उतना ही आपका फायदा उठाएंगे। तो आपको नॉलेज के जरिए खुद को ताकतवर बनाना होगा। तो Monika investment से जडी उन NA८ आप बस इसे सीखना नहीं चाहते हैं। आप जितने नासमझ होंगे, लोग उतना ही आपका फायदा उठाएंगे। तो आपको नॉलेज के जरिए खुद को ताकतवर बनाना होगा। तो Monika investment से जुड़ी उन important चीजों के बारे में बता रही हैं जो आपको जाननी चाहिए। Debt, equity, और real assets ऐसे तीन concept हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। वह हर चीज जो आप borrow करते हैं यानी उधार लेते हैं वह debt होता है। किसी बिजनेस का मालिक होना और उससे जुड़े risk को उठाना उसे Equity कहते हैं। Debt और equity को ‘financial assets’ कहा जाता है। वहीं real assets वह चीज है जिन्हें आप देख सकते हैं जैसे कि सोना या real estate मतलब जमीन और घर। आपके मनी बॉक्स में debt, equity, और real assets के लिए भी एक जगह होनी चाहिए। Debt क्या है यह आपको पहले से ही पता होगा। आपका घर, कार या क्रेडिट कार्ड लोन पर हो सकता है। लेकिन Monika के लिए इसका अलग ही मतलब है। मान लीजिए आप अपने बैंक में deposit कर रहे हैं, बैंक आपके deposit को एक उधार के रूप में देखेगा। आप उन्हें अपना पैसा रखने दे रहे हैं, इसका A < मान लीजिए आप अपने बैंक में deposit कर रहे हैं, बैंक आपके deposit को एक उधार के रूप में देखेगा। आप उन्हें अपना पैसा रखने दे रहे हैं, इसका मतलब है, आप उस पैसे को खर्च करने के समय को आगे बढ़ा रहे हैं। बैंक आपको ये समझदार काम करने और पैसे खर्च ना करने के लिए award के तौर पर interest देता है। आपके पैसे को लेकर आपने जो बैंक पर भरोसा दिखाया है उसके लिए एहसानमंद होता है। इस तरह ये दोनों के लिए एक win-win situation है। सोना एक real asset है और भारत में बहुत सोना है जिसका मतलब है भारतीयों के पास काफी सोना है। एक तरह से inflation का इस पर positive effect होता है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है, कि समय के साथ सोना और महंगा होता जाएगा। फिर भी सोना आपको बैंक जितना interest नहीं देता और आप इसे किसी को उधार नहीं दे सकते, यह इसके 2 disadvantage हैं। सोने से पैसा कमाने का सिर्फ एक ही तरीका है कि अगर इसकी कीमत लगातार बढ़ती जाए। मान लीजिए आपने 3 साल पहले सोना खरीदा था, अब अगर आप उसे आज बेचने जाएँ, तो उसका सिर्फ 2-3% ही return rate मिलेगा। Monika अपने readers को सोना खरीदने की सलाह देती हैं, लेकिन हद से ज़्यादा नहीं बल्कि Monika अपने readers को सोना खरीदने की सलाह देती हैं, लेकिन हद से ज़्यादा नहीं बल्कि reasonable amount खरीदने की सलाह देती हैं। वह इस पर invest it account का 5 से 10 percent से ज्यादा खर्च करना सही नहीं मानतीं। Real estate भी एक तरह का real asset है। बहुत से लोग इसी तरह के investment से अमीर हुए हैं। लेकिन अगर आपने इसे समझदारी से नहीं किया, तो आप अपना सारा पैसा गवां सकते हैं। Monika के एक दोस्त हैं जिनके साथ ऐसा हो चुका है। उनके दोस्त Dan ने शहर के एक जाने माने area एक फ्लैट खरीदा था। उसने अपने income का 40% उसमें लगा दिया. इसके लिए उसने loan भी लिया था, लेकिन इतना पैसा काफी नहीं था। आगे चलकर Dan को अपना घर गिरवी रखना पड़ा क्योंकि बैंक को collateral यानी security चाहिए था। Situation उतनी ही खराब थी जितनी सुनने में लग रही है। Monika ने Dan को गलत फैसले लेने से रोकने की कोशिश की थी। Dan ने एक अच्छा घर होते हुए भी नया फ्लैट क्यों लिया? वह भी तब जब Dan जल्दी ही रिटायर होने वाला था। अब चिंता की बात ये थी कि उसने फ्लैट के लिए जो इतने सारे लोन लिए थे वह उसे किस तरह चुकाएगा? यह सब वह सवाल है जो आपको किसी भी चीज़ में invest करने बात ये थी कि उसने फ्लैट के लिए जो इतने सारे लोन लिए थे वह उसे किस तरह चुकाएगा? यह सब वह सवाल है जो आपको किसी भी चीज़ में invest करने से पहले सोचना चाहिए। Dan ने बताया कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसने real estate investment के कामयाब होने की बहुत सी कहानियां सुनी थीं। वह भी अमीर होना चाहता था और उसकी पत्नी भी उसे real estate में इन्वेस्ट करने के लिए बोल रही थी। Real estate में इन्वेस्ट करने का उस समय trend चल रहा था। Emotions हमें बेवकूफ़ बना देते हैं। वह कभी-कभी हमसे वो पैसे खर्च करवा देता है जो हमारे पास है ही नहीं और यही Dan के साथ भी हुआ। जब उसने सबको अमीर बनते हुए देखा तो उसकी ego hurt होने लगी और उसकी पत्नी ने उस पर दबाव डालकर इस situation को और भी बिगाड़ दिया। हर साल, उस फ्लैट को रिपेयर और renovate कराने के कारण Dan लगातार पैसे खर्च करता रहा । यह सब इसलिए कर रहा था क्योंकि दूसरे लोग भी ऐसा ही कर रहे थे। Dan अमीर होने का दिखावा करने के लिए बहुत सा पैसा खर्च कर रहा था। Dan शायद अमीर हो भी जाता लेकिन उसने एक खराब financial decision ले लिया। । यह सब इसलिए कर रहा था क्योंकि दूसरे लोग भी ऐसा ही कर रहे थे। Dan अमीर होने का दिखावा करने के लिए बहुत सा पैसा खर्च कर रहा था। Dan शायद अमीर हो भी जाता लेकिन उसने एक खराब financial decision ले लिया। अब Dan घबराया हुआ था क्योंकि वो जल्दी ही रिटायर होने वाला था । अब वह उस फ्लैट को बेचने की सोच रहा था । लेकिन उस समय real estate का market down था और उसने इसमें अपना पूरा पैसा लगा दिया था। Real estate में invest करना सबके लिए नहीं होता है। आपको समय-समय पर इसके maintenance पर खर्च करना होगा। फिर इसमें property taxe और insurance का भी खर्च होगा। मतलब की, यह एक ऐसा long-term investment है जो सबके लिए नहीं है। तो ऐसा मत सोचिए कि आप कोई जगह खरीदकर तुरंत अमीर हो जाएंगे। हाँ, यह हो सकता है कि आपके दोस्त इसके जरिए पैसा कमा रहे हों । लेकिन इसका भी बहुत ज्यादा chance है कि आप ऐसा ना कर पाएँ। अपना पैसा कहीं भी लगाने से पहले बहुत बार उसके बारे में सोचें और फिर फ़ैसला लें। Let’s Talk Money: You’ve Worked Hard for It, Now … Monika Halan Putting It All Together एक buffet में हर इंसान अपनी प्लेट में वही खाना लेता है जो उसे खाना पसंद है। शायद एक 15 साल की लड़की को फ्राइड खाना ज़्यादा पसंद हो तो वो ऑयली खाना लेगी तेल, जैसे फ्राइड चिकन या फिर किसी तरह की मिठाई। लेकिन उसकी माँ, जो अभी 40 की होने वालीं है, उनके healthy खाना लेने के chances ज्यादा है, जैसे की सलाद या sushil खाने की पसंद की तरह ही, हमारे खर्चे भी अलग-अलग होते हैं। अगर आप पैसे के मामले में सावधान रहना चाहते हैं, तो आपको कोई चीज सिर्फ इसलिए नहीं खरीदनी चाहिए क्योंकि आप खरीद सकते हैं। आपको money box याद है? आप जो भी चीज खरीदें उसकी आपके money box में जरूरत होनी चाहिए या यूं कहिए कि आपको वही प्रोडक्ट खरीदना चाहिए जो खरीदने के लायक हो। अब आपको कैसे पता चलेगा कि वह प्रोडक्ट खरीदने के लायक है या नहीं ? तो इसके लिए कुछ खरीदने के लिए आपको तीन चीजों का ध्यान रखना चाहिए- All Done? Finished A < चाहिए जो खरीदने के लायक हो। अब आपको कैसे पता चलेगा कि वह प्रोडक्ट खरीदने के लायक है या नहीं ? तो इसके लिए कुछ खरीदने के लिए आपको तीन चीजों का ध्यान रखना चाहिए- 1. उसकी कॉस्ट यानी कीमत- किसी भी चीज को खरीदने से पहले उसकी कॉस्ट देखना आम बात है। कॉस्ट 3 तरह की होती है, उसमें से एक है प्रोडक्ट की कॉस्ट, जैसे कि बस का टिकट। दूसरा है ongoing cost- इसमें आपको कोई प्रोडक्ट अपने पास रखने के लिए बार-बार pay करना पड़ता है। जैसे कि ज़्यादा पैसे कमाने के लिए पैसे invest करना। तीसरा है exit load- यह वह पैसा है जो आपको तय समय से पहले बाहर निकलने के लिए देना पड़ता है। जैसे कि मान लीजिए आपके पास life insurance है लेकिन कुछ कारणों से आपको बीच में वो contract तोड़ना पड़े तो कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के लिए आपको इंश्योरेंस कंपनी को पैसे देने पड़ेंगे। 2. दूसरा है उसका return- आप किसी भी investment का return सोचकर ही उसमें invest करते हैं। इसलिए कभी भी invest करने से पहले यह देख लीजिए कि उस product की return देने की काबिलियत कितनी है। 2. दूसरा है उसका return- आप किसी भी investment का return सोचकर ही उसमें invest करते हैं। इसलिए कभी भी invest करने से पहले यह देख लीजिए कि उस product की return देने की काबिलियत कितनी है। ऐसे प्रोडक्ट से संभलकर रहिए जो absolute numbers इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि इंश्योरेंस, एक investment agent आपको किसी एक खास stock में Rs 1 lakh invest करने के बारे में बताता है और कहता है कि उसके बदले में आपको Rs 5 lakhs का रिटर्न मिलेगा। यह सुनने में बहुत अच्छा लगता है, है ना ? लेकिन यहां पर एक चीज है जिसे agent नहीं बताता, वो ये कि उस Rs] lakh को Rs 5 lakhs बनने में 30 साल लगेंगे। आपके investment का return हर साल सिर्फ 5.5% होगा। रिस्क और रिटर्न को अच्छी से समझ लीजिए। छोटे रिटर्न आपको आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन बड़े रिटर्न, जैसा कि हमने पहले बताया, उसमें काफी रिस्क होता है. बड़े रिटर्न के लालच में ज्यादा पैसा invest मत कीजिए। 3. exit कॉस्ट यानी समय से पहले निकलने की कीमत- investment में lock-in period होता हाता . बड़ रC1 फ लालचम ज्यादा पसा ||IVES मत कीजिए। 3. exit कॉस्ट यानी समय से पहले निकलने की कीमत- investment में lock-in period होता है, मतलब आप एक तय समय से पहले अपना पैसा नहीं निकाल सकते। यह कंपनियों का तरीका है यह पक्का करने का कि आप अपने investment में और पैसे डालते रहेंगे। अगर आपने contract तोड़ने की कोशिश की तो आपको उसके लिए pay करना पड़ेगा। यह exit loan जैसा ही है। Traditional plan को तोड़ना मुश्किल होता है, जैसे life या child insurance policy। मान लीजिए आपने शुरू के 3 साल के अंदर ही pay करना बंद कर दिया तो यह भी हो सकता है कि आपको आपका पैसा वापस ना मिले। इसीलिए आपको कांटेक्ट साइन करने से पहले उसे अच्छी तरीके से पढ़ लेना चाहिए। Conclusion सबसे पहले अपने सीखा की पैसे बचाना सबसे आसान काम है। आपका ये कहना कि सेव करने के लिए पैसे बचे ही नहीं तो सिर्फ एक बहाना है। इससे बचने के लिए आपको बस एक मनी बॉक्स को visualize करना है। यह वह money box है जिसमें आप अपनी अच्छी तरीके से पढ़ लेना चाहिए। Conclusion सबसे पहले अपने सीखा की पैसे बचाना सबसे आसान काम है। आपका ये कहना कि सेव करने के लिए पैसे बचे ही नहीं तो सिर्फ एक बहाना है। इससे बचने के लिए आपको बस एक मनी बॉक्स को visualize करना है। यह वह money box है जिसमें आप अपनी income रखते हैं, और यहीं से आप खर्च के लिए पैसे निकालते भी हैं। आपको अपनी priorities समझने की और उस पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर आपके पास पैसे बचे है, तो उसे तुरंत invest करने के बारे में मत सोचिए। उसे emergency के लिए बचाकर रखिए। दूसरी चीज जो आपने सीखी वह यह है कि आप अपने फाइनेंसियल सेटअप के बारे में जितनी जल्दी सोचेंगे उतना अच्छा है। अपने पैसे के लिए एक system बनाएं, उसे complicated होने की जरूरत नहीं है। अपने पैसों को जरूरत के हिसाब से बाटें। Monika इसके लिए तीन कैटेगरी बताती है- income, spending, 31k saving तीसरी चीज जो अपने सीखी, वह है जानकारी की ताकत यानी learning की पावर | आपको spending, 3ft savingi तीसरी चीज जो अपने सीखी, वह है जानकारी की ताकत यानी learning की पावर । आपको Investment तब तक डरावना लगता है जब तक आप इसके बारे में जानकारी नहीं पा लेते। अपनी financial knowledge बढ़ाने के लिए समय निकालें। चौथी चीज जो आपने सीखी वो यह है कि investment के 3 main feature होते हैं -debt, equity, और real assets| फायदेमंद investment पाने के लिए आपको इन तीनों terms के बारे में जानना होगा। सही जानकारी ना होने के कारण Investment फेल हो जाते हैं। पांचवी चीज है यह जानना की कोई product invest करने के लायक है या नहीं। आपको कीमत यानी कॉस्ट , return, और तय समय से contract से बाहर निकलने की कीमत (कॉस्ट) के बारे में सोच समझकर invest करना चाहिए। financial matters के बारे में सीखने के लिए समय निकालें। आप जितना कम जानेंगे लोग उतना आपका फायदा उठाएंगे। नॉलेज ही असली पावर है। इसे अपने पैसे को बढ़ाने और ख़ुद को ताकतवर बनाने के लिए इस्तेमाल कीजिए।

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