HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis. Books In Hindi Summary Pdf

HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis इंट्रोडक्शन क्या आप पैसे कमाने के लिए शोर्ट कट अपनाने में यकीन रखते हो? क्या आप जल्द से जल्द अमीर होना चाहते हो? क्या आप “गेट रिच क्विक” के एडवरटीज़मेंट में यकीन रखते हो? क्या आप खुद को अमीर समझते हो? क्या आपकी भी यही ईच्छा है कि काश आपके बैंक एकाउंट में ढेर सारा रुपया होता? इस बुक में हम कुछ ऐसे तरीके सीखेंगे जो हम अमीर बनने और अपनी अमीरी बरकरार रखने में मदद करेंगे. आप ये भी सीखेंगे कि फेलियर इस प्रोसेस का एक पार्ट है और आप सीखोगे कि सक्सेसफुल होने के लिए सिर्फ़एक ग्रेट आईडिया ही काफी नहीं होते, और आप ये भी सीखोगे कि ऐसे कौन सी गलतियाँ है जो आपको अपना बिजनेस शुरू करते वक्त अवॉयड करनी चाहिए. ये बुक आपको रिएलाईज़ कराएगी कि हर इंसान अमीर बन सकता है लेकिन हर कोई वो मेहनत नहीं करना चाहता जो अमीर बनने के लिए चाहिए. Harnessing the Fear of Failure फेलिक्स जो इस किताब के ऑथर है, जानते थे कि कोई भी उनकी इस किताब पर यकीन नहीं करेगा. आप शायद ये किताब पढते वक्त कछ ऐसा ही सोच रहे होंगे Harnessing the Fear of Failure फेलिक्स जो इस किताब के ऑथर है, जानते थे कि कोई भी उनकी इस किताब पर यकीन नहीं करेगा. आप शायद ये किताब पढ़ते वक्त कुछ ऐसा ही सोच रहे होंगे, लेकिन फेलिक्स पूरे दावे से कहते है कि इस किताब में जो कुछ लिखा है, वो किताब के टाईटल से रिलेटेड है. बेशक फेलिक्स आपको खुश नहीं कर पाए, ना ही आपको हेल्दी बना पाए पर एक अमीर एंटप्रेन्योर बनने में जरूर मदद कर सकते है, इस बात का फेलिक्स हमे पूरी तरह यकीन दिलाते है. आपको याद होगा, हमने पहले भी बताया है कि अमीर बनने का कोई शोर्टकट नहीं होता. जल्द से जल्द अमीर बनना एक धोखा और जाल है, क्योंकि पैसा कमाना कोई मज़ाक नहीं है. इसलिए सब्र रखे और अपनी कोशिशों में तब तक डटे रहे जब तक कि कामयाब नहीं हो जाते. यही फेलिक्स ने भी किया था और आपको भी करना होगा. अमीर बनने की इस कोशिश में फेलिक्स की राह में अगर कोई चीज़ बार-बार आड़े आ रही थी तो वो थी, फेलियर . फेलियर सुनने में नेगेटिव वर्ड लगता है ना? अगर फेलियर का कोई रूप होता तो वो शायद एक भयानक गोरिला बनकर हमारे सामने खड़ा हो जाता. फेलियर से हर कोई डरता है. आप आप खुद ही सोचो कि एक खूख्वार गोरिला के सामने आप कब तक टिक सकते हो? लेकिन फेलिक्स के पास एक ग्रेट आईडिया है. सकते हो? लेकिन फेलिक्स के पास एक ग्रेट आईडिया है. आपने शुरुवात कर ली है तो मान लो कि आप अमीर होने का रास्ता आधा पार कर चुके हो, जरूरत सिर्फपहला कदम उठाने की है. हाँ, फेलियर आपके पीछे पड़ सकती है, बार-बार आपका रास्ता रोक सकती है. लेकिन आप जब तक एक बार कोशिश नहीं करोगे, कभी अमीर नहीं बन सकते. लोग शायद आपका मजाक उड़ाए, आपको क्रिटीसाईज़ करेंगे, यहाँ तक कि आपको डरायेंगे कि इस रास्ते पर मत चलो. फेलिक्स को भी तब कई ऐसे लोग मिले थे जिन्होंने उन्हें डिसकरेज किया था. उन्हें बिजनेस वेंचर स्टार्ट करने से मना किया था, फेलिक्स जानते थे उनमे से कुछ उनके शुभचिंतक भी थे जो उन्हें सिर्फ़आगाह करना चाहते थे ताकि फेलिक्स नुकसान में ना रहे. हमारे करीबी लोग और कलीग हमेशा ही हमारा भला चाहते, पर इसका ये मतलब नहीं कि आप फेलियर के डर से पीछे हट जाए. आप सफल हो सकते है, ये जानना हमे कई बार डरा देता है, लेकिन जानना ही काफी नहीं है, आपको सफल होने के लिए सच में एक्शन लेना होगा. हार की कल्पना से भी इंसान डरता है, और फेलिक्स ये जानते थे. जब आप फेल होते हो तो लोग कुछ इस तरह बोलते है” मैंने तुम्हे मना किया था ना”. पर क्या आपको मालूम है, पछतावे का एहसास इससे भी बुरा तरह बोलते है” मैंने तुम्हे मना किया था ना”. पर क्या आपको मालूम है, पछतावे का एहसास इससे भी बुरा होता है? फिर आप जिंदगी भर यही सोचकर पछताते रहोगे “काश! मैंने वो बिजनेस स्टार्ट कर दिया होता” “काश मैंने लोगों की बातें नहीं सुनी होती”, क्या पता आज मै अमीर बन गया होता”. वही दूसरी तरफ इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि आप फेल नहीं होंगे, तो अब ऐसे में आप क्या डिसीजन लेंगे?’ . हाँ, आप हारा हुआ महसूस करेंगे, हाँ, लोग आपको डिसअपोइन्ट कर सकते है. लेकिन दुनिया यही पर खत्म नहीं हो जाती, कम से कम आप ये तो बोल पाएंगे’ मैंने कोशिश की पर मै सक्सेसफुल नहीं रहा, चलो कोई नहीं दूसरा आईडिया ट्राई करते है” आप चाहे फेल हो या कामयाब, लोगों फिर भी बोलते रहेंगे. इसलिए लोगों की परवाह करना छोड़ दो, अपने चारों तरफ एक ऐसी दीवार बना लो जो आपको क्रिटिक्स की बातो से बचा कर रखे, पर हां, दीवार इतनी भी मोटी ना बना लेना कि आपके परिवार और दोस्तों की अच्छी और काम की सलाह भी आपको सुनाई ना दे.. कुल मिलाकर फर्स्ट स्टेप है, टेक अ स्टेप, और फेल होने के लिए कमर कस कर तैयार रहो, क्रिटिक्स की बातो को पर्सनली मत लेना, सिर्फ़उनकी सुनना जो लोग आपके अपने है और जो आपका भला चाहते है. HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis The Fallacy of the Great Idea अक्सर लोग कहते है, जो औरों से अलग होता है, वो काफी दूर तक जाता है. अगर आप अमीर बनना चाहते है तो आपको कुछ ऐसा करना होगा जो कभी किसी ने ना किया हो. लेकिन फेलिक्स इस बात को पूरी तरह नकारते है. दुनिया में रोज़ ही ग्रेट आईडिया जन्म लेते है लेकिन हर आईडिया कामयाब नहीं होता. आपको सिर्फ़ग्रेटनेस पर फोकस नहीं करना है बल्कि ये ध्यान रखना है कि उस आईडिया को इम्प्लीमेंट कैसे किया जाए. ग्रेट आईडिया रनिंग शूज़ जैसे होते है. अच्छी क्वालिटी के शूज़ एथलीट को तेज़ दौड़ने में मदद करते है और लंबे टाइम तक चलते है, पर गुड शूज़ की तब तक अहमियत नहीं है जब तक कि एथलीट उसे पहन ना ले. अगर आप गोल्ड मेडल चाहते हो तो सिर्फ़शूज़ पहनने से काम नहीं चलेगा, आपको खुद पूरी मेहनत से दौड़ना होगा. फेलिक्स कहते है, ठीक ऐसे ही सिर्फ़ग्रेट आईडिया आपको अमीर नहीं बना सकता, मेहनत तो आपको खुद ही करनी होगी. जैसे अब रे क्रोक को ही ले लो. McDonald’sके बिजनेस आईडिया के पीछे रे का टी टाश शा तेशक ने माफट का कांपोट किपट खुद ही करनी होगी. जैसे अब रे क्रोक को ही ले लो. McDonald’sके बिजनेस आईडिया के पीछे रे का ही हाथ था. बेशक रे ने फ़ास्ट फूड का कांसेप्ट क्रिएट नहीं किया था और ना ही वो पहले थे जिन्होंने ये बिजनेस स्टार्ट किया था. उनका आईडिया ना तो ग्रेट था और ना ही यूनिक पर इसके बावजूद रे ने इसे वो फेमस एम्पायर बनाया जो आज McDonald’sहै. और ये सब हुआ क्योंकि रे ने McDonald’sमें अपना प्लान इम्प्लीमेंट किया. उन्होंने McDonald’sके मेन्यू और प्राइस को रेगुलेट किया. रे ने देशभर में McDonald’s की फेंचाईज़ी सेट की. साथ ही उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि McDonald’s के किचन में हेल्थ को ध्यान में रखते हुए काम किया जाए, और लास्ट में उन्होंने McDonald’sको एक ऐसे फ़ास्ट फूड चेन के तौर पर पेश किया जहाँ आपके पूरे पैसे वसूल होते है. सुनने में आसान लगता है ना? लेकिन इन सारे आईडियाज़ को इम्प्लीमेंट करना काफी मुश्किल और challenging काम था. हालाँकि बाद में McDonald’sको इन सारी ट्रिक्स का पूरा फ़ायदा मिला. तब से लेकर आज तक McDonald’s लोगों का फेवरेट फ़ास्ट फूड जॉइंट बना हुआ है और आगे भी यूं ही बना रहेगा. इसलिए सिर्फ़ग्रेटनेस देखने के बजाए इस बात पर भी फोकस करो कि आपका आईडिया एक स्मूथ और प्रॉपर तरीके में इम्प्लीमेंट किया जा सके. अक्सर स्टार्ट-अप कंपनीज़ यही गलती करती है. वो यूनिक अपना प्लान इम्प्लीमेंट किया. उन्होंने McDonald’sके मेन्यू और प्राइस को रेगुलेट किया. रे ने देशभर में McDonald’s की फेंचाईज़ी सेट की. साथ ही उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि McDonald’s के किचन में हेल्थ को ध्यान में रखते हुए काम किया जाए, और लास्ट में उन्होंने McDonald’sको एक ऐसे फ़ास्ट फूड चेन के तौर पर पेश किया जहाँ आपके पूरे पैसे वसूल होते है. सुनने में आसान लगता है ना? लेकिन इन सारे आईडियाज़ को इम्प्लीमेंट करना काफी मुश्किल और challenging काम था. हालाँकि बाद में McDonald’sको इन सारी ट्रिक्स का पूरा फ़ायदा मिला. तब से लेकर आज तक McDonald’s लोगों का फेवरेट फ़ास्ट फूड जॉइंट बना हुआ है और आगे भी यूं ही बना रहेगा. इसलिए सिर्फ़ग्रेटनेस देखने के बजाए इस बात पर भी फोकस करो कि आपका आईडिया एक स्मूथ और प्रॉपर तरीके में इम्प्लीमेंट किया जा सके. अक्सर स्टार्ट-अप कंपनीज़ यही गलती करती है. वो यूनिक बनने के चक्कर में अपना काफी टाइम वेस्ट कर देती हैं. उन्हें समझ ही नहीं आता कि आईडिया को इम्प्लीमेंट करने के बाद अगला स्टेप क्या होना चाहिए, और यही वो पॉइंट है जहाँ पहुँच कर ये कंपनियाँ फेल हो जाती है. HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis The Five Most Common Start-up Errors पहली गलती है इच्छा को मजबूरी समझ लेना. अगर आप अमीर बनना चाहते हो तो आप पहले ही फेल हो चुके हो. क्योंकि इच्छाएँ और तमन्नाएँ ही हमारा सबसे बड़ा डाउनफाल है. ये फीलिंग्स टेम्परेरी है यानी आती-जाती रहती है. अगर आप सच में अमीर बनने का सपना देखते हो तो आपको एक स्ट्रोंग फाउंडेशन की जरूरत पड़ेगी. आपके अंदर कम्पल्शन होना चाहिए कि आप अपनी ईच्छा को समझ सके. आपके अंदर पैशन और कमिटमेंट होना जरूरी है. डेडिकेशन होना भी उतना ही जरूरी है. किसी शक की गुंजाईश ही मत रखो. या तो आप सफल होगे या फेल होगे. दूसरी गलती है कैश फ्लो को लेकर हद से ज़्यादा उम्मीदें रखना. आप शायद सोचे”ओह, मेरे पास को इन कामो के लिए अकाउंटेंट है” लेकिन फेलिक्स आपको बताते है कि ऐसी गलती कभी मत करना. बात स्टार्ट-अप की हो तो कैश एक इम्पोर्टेट चीज़ होती है, अब ये एक ज़ाहिर सी बात है, है कि नहीं? लेकिन अक्सर आप कुछ ज़्यादाही सोचने लगते है, अपने ग्रेट आईडिया पर आप कुछ ज़्यादाही अटेंशन देने लगते टो या फिर आने काटनेस टिपार्टमेंट पर या कल अक्सर आप कुछ ज़्यादाही सोचने लगते है, अपने ग्रेट आईडिया पर आप कुछ ज़्यादाही अटेंशन देने लगते हो, या फिर अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट पर आप कुछ ज़्यादा ही डिपेंडेंट हो जाते हो. बेशक इंसान को जरूरत पर मदद मांगनी चाहिए पर फेलिक्स आपसे सिर्फ़ये चाहते है कि अपने फाइनेंशियल मैटर को और अच्छी तरह समझने की कोशिश करो. अगर आपका कैश फ्लो अच्छा है तो ये आपके लिए अच्छी न्यूज़ है. लेकिन कैश फ्लो अच्छा नहीं है तो आपका बिजनेस बंद होने की कगार पर पहुँच सकता है. इसलिए पैसे का पूरा हिसाब-किताब रखो, आपका कैश कहाँ से आता है और कहाँ जाता है इस पर खास ध्यान रखो. फेलिक्स विशवास दिलाते है कि ये सब सुनने में जितना मुश्किल लगता है, उतना है नहीं. तीसरी गलती जो अक्सर लोगों से होती है, वो है फेलियर को मज़बूत करना. ये ज़ाहिर बात है कि फेल होने के बाद कोई भी पीछे हटने की सोचेगा, लेकिन फेलियर के तुंरत बाद ही दोबारा कोशिश करना बेहद मुश्किल लगता है क्योंकि नेगेटिव थॉट्स आपकी हिम्मत तोड़ देते है. आप कशमकश में फंस जाते है कि दोबारा कोशिश करे या ना करे. पर सवाल ये है कि हम गलतियों को होने से कैसे रोके? तो जवाब है आप नहीं रोक सकते, आप क्या कोई भी नहीं रोक सकता. पर हाँ आप उन गलतियों से सीख जरूर सकते है और सबसे बड़ी गलती है उसी गलती को बार-बार रीपीट करना. गिव अप करने में कोई शर्म नहीं है. फेलिक्स सबसे बड़ी गलती है उसी गलती को बार-बार रीपीट करना. गिव अप करने में कोई शर्म नहीं है. फेलिक्स ने अपनी इसी जिद की वजह से करोड़ो रूपये गँवा दिए. वो बार-बार एक नाकामयाब प्रोडक्ट पर इन्वेस्ट करते रहे, यानि फेलिक्स अपनी फेलियर बार-बार दोहराते रहे. चौथी गलती है छोटी सोच और बड़ा दिखावा. सफलता को सिर पर मत चढने दो. अभी आपको काफी आगे तक जाना है. आपको इस गलती के अपोजिट करना चाहिए: यानि एक्ट स्माल बट थिंक बिग. ऐसा कई तरीकों से किया जा सकता है. अपने employees के सामने अच्छा एक्जाम्पल सेट करो. लंच का टाइम खत्म होने के बाद भी यूं ही बैठे मत रहो, आपके पास पैसा है तो इसका ये मतलब नहीं कि आप फालतू पैसा खर्च करे. फेल्क्सिब्ल बने, अपने employees की बात सुने और उनसे भी सीखने की कोशिश करे. यानी कुल मिलाकर चाहे आप कितने ही सक्सेसफुल क्यों ना हो, हमेशा हम्बल रहो. हाँ बेशक आपका आईडिया दुनिया बदल सकता है, लोगआपकी बड़ी सोच की तारीफ करेंगे पर इसके बावजूद इंसान को मॉडेस्ट बनकर रहना चाहिए. फिफ्थ और लास्ट गलती है सटेलेंट को इग्नोर करना. हमेशा टेलेंटेड लोगों की तलाश में रहो और फिर उन्हें जाने मत दो. बेशक टेलेंटेड लोगों को सिर्फ़सेलरी के दम पर टिकाये रखना नामुमकिन है,क्योंकि उन्हें अपनी फ्रीडम भी चाहिए होती है, उन्हें कुछ प्रोजेक्ट्स का इंचार्ज बना दो और डिसीजन लेने की फ्रीडम दो. चौथी गलती है छोटी सोच और बड़ा दिखावा. सफलता को सिर पर मत चढने दो. अभी आपको काफी आगे तक जाना है. आपको इस गलती के अपोजिट करना चाहिए: यानि एक्ट स्माल बट थिंक बिग. ऐसा कई तरीकों से किया जा सकता है. अपने employees के सामने अच्छा एक्जाम्पल सेट करो. लंच का टाइम खत्म होने के बाद भी यूं ही बैठे मत रहो, आपके पास पैसा है तो इसका ये मतलब नहीं कि आप फालतू पैसा खर्च करे. फेल्क्सिब्ल बने, अपने employees की बात सुने और उनसे भी सीखने की कोशिश करे. यानी कुल मिलाकर चाहे आप कितने ही सक्सेसफुल क्यों ना हो, हमेशा हम्बल रहो. हाँ बेशक आपका आईडिया दुनिया बदल सकता है, लोगआपकी बड़ी सोच की तारीफ करेंगे पर इसके बावजूद इंसान को मॉडेस्ट बनकर रहना चाहिए. फिफ्थ और लास्ट गलती है सटेलेंट को इग्नोर करना. हमेशा टेलेंटेड लोगों की तलाश में रहो और फिर उन्हें जाने मत दो. बेशक टेलेंटेड लोगों को सिर्फ़सेलरी के दम पर टिकाये रखना नामुमकिन है,क्योंकि उन्हें अपनी फ्रीडम भी चाहिए होती है, उन्हें कुछ प्रोजेक्ट्स का इंचार्ज बना दो और डिसीजन लेने की फ्रीडम दो. उन्हें यकीन दिलाओ कि आप उन पर भरोसा करते हो. टेलेंटेड employees वही टिकते है जो कंपनी उनके टेलेंट को वैल्यू देती है. HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis Cardinal Virtues आपको अगर अमीर बनना है तो आपके अंदर कुछ ऐसी खूबियों का होना भी ज़रूरी है. अगर नहीं है तो उन्हें डेवलप करो. पहली खूबी है persistence, यानी बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना, आपने ये वर्ड शायद कई सारी सेल्फ-हेल्प बुक्स में पढ़ा होगा. इसका मतलब है कि चाहे कुछ भी हो जाये, हमे अपने गोल्स से पीछे नहीं हटना है. फेलिक्स मानते है कि परसिस्टेंट बनना बहुत बड़ी खूबी है जो अक्सर हर किसी में नहीं होती. जो लोग परसिस्टेंट होते है, हर चुनौती का सामना करके आगे बढ़ते रहते है. लेकिन पेर्सिसटेन्स का मतलब ये भी है कि आपको मालूम होना चाहिए कि हमे कब गिव अप करना है. Persistence का मतलब है दोबारा कोशिश करना, बार-बार करना जब तक सफल नहीं हो जाते. फेलियर के बावजूद खुद पर यकीन बनाये रखना कि एक दिन हम कामयाब होंगे. जैसे कि मान लो, आपको स्कूल से कोई प्रोजेक्ट मिला. आप उस पर जी-जान से मेहनत करते हो. लेकिन करते-करते आपको लगता है कि कुछ गलती हो रही है, आप जो बनाना चाहते हो, वो बन नहीं पा रहा है. तो आप उस प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव लाने के बारे में सोचोगे, क्योंकि परसिस्टेंट होने नारा 117 – की ताना חובודנו. बदलाव लाने के बारे में सोचोगे, क्योंकि परसिस्टेंट होने का दूसरा नाम चेंज भी है. बेशक आपको ज़्यादाटाइम लग जाये, पर आप जरूरी बदलाव करते हुए आगे बढ़ते रहोगे क्योंकि आप मामूली काम से संतुष्ट नहीं हो सकते इसलिए आप अपने काम को बेस्ट बनाना चाहते हो. दूसरी virtue यानी खूबी है सेल्फ बिलिफ, यानी खुद पर विशवास रखना. जब आपको खुद पर पूरा भरोसा होता है तब आपके सामने अनगिनत मौके आते है. फेलिक्स आपसे यही चाहते है कि अपने अंदर सेल्फ बिलिफ डेवलप करे. इसके बिना आप कुछ अचीव नहीं कर सकते. अगर आपको ही खुद पर भरोसा नहीं होगा तो और किसको होगा? खुद पर यकीन रखो कि आप जैसा कोई और नहीं है. आपके अंदर कुछ खास है, आपकी खूबियाँ, खामियां और आपका नेचर किसी और के पास नहीं है. आप ही सबसे फ़ास्ट स्पर्म भी थे! सभ्यता के इतिहास में आप जैसा कोई और नहीं हो सकता. शायद ये कुदरत का करिश्मा है या आपकी तकदीर. या क्या पता भगवान की यही मर्जी है कि आप सबसे अलग हो. आप चाहे जो भी माने पर दुनिया में आपका जन्म एक खास मकसद के लिए हुआ है. तो आप भला खुद पर यकीन क्यों नहीं कर सकते? अगर आप अमीर बनना चाहते हो तो आपको खुद पर भरोसा भी रखना पड़ेगा. तीसरा वयूँ यानी खूबी है ट्रस्ट योर इंस्टिंक्ट. फेलिक्स अक्सर अपने फाईनेंशियल एडवाईजर की तीसरा वर्दू यानी खूबी है ट्रस्ट योर इंस्टिंक्ट. फेलिक्स अक्सर अपने फाईनेंशियल एडवाईजर की सलाह के खिलाफ जाकर डिसीजन लेते है. कई बार तो वो अपने बिजेनस पार्टनर्स की भी नहीं सुनते. जैसे वो फेलिक्स को किसी कंपनी में इन्वेस्ट करने से मना करते है पर अगर फेलिक्स का दिल कहता है कि उन्हें फायदा होगा, तो वो इन्वेस्ट कर लेते है. और उनका अंदाजा सही निकलता है. फेलिक्स के इंस्टिक्ट पॉवर से उनकी कंपनी को काफी बड़ा फायदा पहुँचता है. किसी की सलाह ना सुनना लापरवाही वाली बात लगती है. लेकिन फेलिक्स जोर देते है कि वो कोई मैनेजर नहीं है और ना ही बिजनेसमेन है. फेलिक्स एक एंटप्रेन्योर है और एक एंट्प्रेन्योर अपनी गट फीलिंग से चलता है. फेलिक्स इस गट फीलिंग के साथ पैदा नहीं हुए थे. उन्होने सालों के अनुभव से इसे डेवलप किया है. बात जब पैसे कमाने की हो तो अपने जजमेंट पर भरोसा रखना सीखो. शुरुवात में सबको डर लगता है कि कहीं उनका अंदाजा गलत ना साबित हो. इस बात का क्या प्रूफ है कि किसी इन्वेस्टमेंट से आपको फायदा ही होगा? बिजनेस में कुछ भी दावे से नहीं कहा जा सकता पर अपने अनुभवों के दम पर इंसान अपनी गट फीलिंग पर भरोसा कर सकता है. फोर्थ वयूँ यानी खूबी है diversify. चाहे आप कितने ही तैयारी के साथ क्यों ना चले, जरूरी नहीं कि सब कुछ आपकी प्लानिंग के हिसाब से हो. अक्सर आपकी गलती नहीं होती बस जो होना है तो हो जाता है कुछ आपकी प्लानिंग के हिसाब से हो. अक्सर आपकी गलती नहीं होती. बस जो होना है, वो हो जाता है. और आपके पास सिवाए एक्सेप्ट करने के और कोई चारा नहीं बचता. अपनी पहली स्टार्ट-अप कंपनी खोलते वक्त खास तौर पर आपको ये बात ध्यान में रखनी चाहिए. अपनी हिम्मत को टूटने मत दो. एक कंपनी खुली तो उसी के भरोसे मत बैठो. बिजनेस को एक्सपेंड करना भी सीखो. अलग-अलग इंडस्ट्री में बैक-अप कंपनीज़ बनाओ. फिफ्थ वर्दू यानी खूबी है सुनो और सीखो. फेलिक्स काफी बिज़ी रहते है. उनके साथ हर रोज़ उनका पर्सनल असिस्टेंट रहता है. कई बार तो उनके असिस्टेंट के भी असिस्टेंट होते है. फेलिक्स इस बात का शो-ऑफ़ नहीं कर रहे, वो सिर्फ़इस बात पर जोर दे रहे है कि हमे अपना एक शेड्यूल बनाकर रखना चाहिए, अब जैसे फेलिक्स मानते है कि अगर उन्होंने भी कोई शेड्यूल रखा होता तो वो शायद ज़्यादा लोगों की बातें सुन पाते क्योंकि फेलिक्स मानते है कि जब हम दूसरो की बातें और सलाह सुनते है तो हमे काफी कुछ सीखने को मिलता है. फेलिक्स अपने एक्जीक्यूटिव से बातें करते है, वो अपने एम्प्लोईज़ से भी बातें करते है, लेकिन फेलिक्स इन सारी बातचीत का एक टाइम लिमिट सेट करके रखते है. हर रोज़ वो कुछ ना कुछ नया सुनते है, जो उन्हें एक तरह की ख़ुशी देता है. और सबसे बड़ी बात है कि इससे नए आईडिया जन्म लेते है जैसे कि अगर उनके बिजनेस पार्टनर ने किसी के भी असिस्टेंट होते है. फेलिक्स इस बात का शो-ऑफ़ नहीं कर रहे, वो सिर्फ़इस बात पर जोर दे रहे है कि हमे अपना एक शेड्यूल बनाकर रखना चाहिए, अब जैसे फेलिक्स मानते है कि अगर उन्होंने भी कोई शेड्यूल रखा होता तो वो शायद ज़्यादा लोगों की बातें सुन पाते क्योंकि फेलिक्स मानते है कि जब हम दूसरो की बातें और सलाह सुनते है तो हमे काफी कुछ सीखने को मिलता है. फेलिक्स अपने एक्जीक्यूटिव से बातें करते है, वो अपने एम्प्लोईज़ से भी बातें करते है, लेकिन फेलिक्स इन सारी बातचीत का एक टाइम लिमिट सेट करके रखते है. हर रोज़ वो कुछ ना कुछ नया सुनते है, जो उन्हें एक तरह की ख़ुशी देता है. और सबसे बड़ी बात है कि इससे नए आईडिया जन्म लेते है. जैसे कि अगर उनके बिजनेस पार्टनर ने किसी पोटेंशियल प्रोडक्ट के बारे में बताया तो फेलिक्स का दिमाग उस आईडिया को सुनकर घोड़े की तरह दौड़ने लगता है. वो मन ही मन उस प्रोडक्ट की रूप-रेखा दिमाग में बना लेते है. उसमें क्या-क्या इम्प्रूवमेंट लानी है, ये भी सोच लेते है. यहाँ तक कि वो मिलता-जुलता प्रोडक्ट ऑनलाइन देखना भी शुरू कर देते है. अपने पार्टनर के साथ हुई इस बातचीत से फेलिक्स को दो फायदे होते है: एक तो उन्हें नॉलेज मिली और दूसरा उन्हें एक पोटेंशियल प्रोडक्ट बनाने का आईडिया मिला. HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis The Power of Focus क्या आपको कभी हाई स्कोर मिला है? उस वक्त कैसा महसूस हुआ था? या फिर जब आपने नया बिजनेस खोला,तब कैसा लगा था? और तब कैसा लगा था जब आपकी ड्रीम गर्ल आपको मिली? सक्सेसफुल होना अच्छा लगता है ना? लेकिन सफलता सिर चढ़कर बोलती है, सफलता के नशे में कई बार आदमी अपना फोकस खो बैठता है. हमेशा याद रहे कि आप अमीर बनने की कोशिश कर रहे हो. एकदम सीधी बात है पर जिंदगी में कई ऐसी परेशानियां है जो आपका ध्यान भटका सकती है. सेम यही चीज़ फेलिक्स के साथ हुई. उन्होंने शुरुवात में मैगजीन बेचने का काम भी किया. फेलिक्स सेल्स बढ़ाने के अलग-आलग तरीके अपनाते थे. यहाँ तक कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को भी हेल्प करने के लिए बोला. क्योंकि लड़कीयों को अक्सर लोग मना नहीं करते. और रात खत्म होते-होते फेलिक्स की जेब भर जाती थी. फिर कुछ ही वक्त बाद फेलिक्स एक मैगज़ीन पब्लिशर बन गए. ये उनके लिए अच्छा काम था. पर फिर उनका इस काम से मन हटने लगा. वो किसी भी तरह अमीर बनना चाहते थे, यही उनका इकलौता गोल OTTो निनाने साड़ी पनि । फिर उनका इस काम स मन हटन लगा. वा कसा भा तरह अमीर बनना चाहते थे, यही उनका इकलौता गोल था. फेलिक्स ने बेस्ट मैगजीन पब्लिशर बनने की ठान ली, उन्हें गलत ना समझे क्योंकि वो इस काम से खूब पैसे कमा रहे थे. पर क्योंकि वो अपनी फील्ड में बेस्ट थे इसलिए उन्हें कभी कोई दूसरा प्रोफिटेबल बिजनेस करने का ख्याल ही नहीं आया. एक बिजनेसमेन का दिमाग कभी शांत नहीं रहता, फेलिक्स पब्लिशिंग इंडस्ट्री के बाहर भी खूब पैसा कमा सकते थे. वो कई और कंपनीज़ में पैसा इन्वेस्ट कर सकते थे. लेकिन उन्हें अपना पब्लिशिंग का काम बहुत पसंद था, इस काम में उनका दिल लगता था. वैसे अपने काम से प्यार करने में कोई बुराई नहीं है पर फेलिक्स का गोल तो अमीर बनना था. अगर आप अमीर बनने का सपना देखते हो तो आप वही जाओगे जहाँ पैसा होगा. पॉवर ऑफ़ फोकस के लिए भी एक सही माहौल की जरूरत पड़ती है. और आप अकेले अपने दम पर कभी अमीर नहीं बन सकते, इसलिए आपको एक ऐसा एन्वायरमेंट क्रिएट करना होगा जो आपके गोल्स को सपोर्ट कर सके. ऐसे दोस्त और प्रोफेशनल चुनिए जो आपको सही गाईड कर सके और सही सलाह दे. अपनी इंडस्ट्री से जुड़े कुछ अच्छे लोगों के साथ दोस्ती रखिये, उनसे सीखिए, उनसे बात कीजिये. आपके अमीर बनने के सफर में ह्यूमन कैपिटल बहुत इम्पोर्टेट फैक्टर है. इसलिए आपको अपनी लाइफ से जुड़े हर इंसान को सोच-समझ कर चुनना होगा, जैसे — समान- इम्पाट पर ह. सालाए जापपा जपना लाइस जुड़े हर इंसान को सोच-समझ कर चुनना होगा, जैसे कि आपके एम्प्लोईज़, आपके पार्टनर्स यहाँ तक कि आपके सप्लायर्स भी. नहीं, हम आपको चूजी बनने को नहीं बोल रहे. बस इतना बता रहे है कि आपकी सफलता के पीछे आपसे जुड़े हर इंसान का हाथ है. बात जब ह्यूमन कैपिटल चूज़ करने की हो तो फेलिक्स के पास हमारे लिए ये सुझाव है: सबसे पहले, एम्प्लॉयमेंट डिसीजन कभी अकेले मत लो यानी कि किसे काम पर रखना है, ये कभी अकेले डिसाइड मत करो. हो सकता है कि आपने कुछ ऐसी चीज़े नज़रअंदाज़ कर दी हो जो बाद में आपकी कंपनी के लिए प्रोब्लम क्रिएट करे. जब भी एम्प्लोई इंटरव्यू हो, अपने साथ एक कलीग को जरूर रखे, दूसरी बात, नोट्स लेते रहे पर बोले तभी जब कुछ पूछना हो. याद रहे, आप ये पता करने की कोशिश कर रहे है कि जिसका आप इंटरव्यू ले रहे है, वो आपकी कंपनी में फिट होगा या नहीं. और ये भी देखे कि आपको अमीर बनाने के लिए उस इंसान में आपको सपोर्ट करने की काबिलियत है या नहीं. तीसरी बात: कोई भी फैसला बिना भेदभाव के करे. बेशक आपको एक अच्छा एम्प्लोई चुनने का हक है पर अपनी पंसद-नापसंद के बेस पर किसी की योग्यता यानी टेलेंट को मापने की कोशिश ना करे. बस ये देखो कि उस कैंडिडेट में लॉयल्टी, आनेस्टी जैसे खूबियाँ है या नहीं , और सबसे बड़ी बात, ये जरूर देखे कि वो आपको पैसा कमाने में हेल्प कर सकता है या नहीं. HOW TO GET RICH- One of the World’s Greatest E… Felix Dennis How to Stay Rich फेलिक्स आपको टिप्स दे ही चुके है कि अमीर कैसे बना जाए पर अब आगे क्या? बेशक, आपको अपनी अमीरी बरकरार भी तो रखनी पड़ेगी. जो पैसा आपने इतनी मेहनत से कमाया है, उसे संभाल कर रखना भी तो ज़रूरी है. शुरू में फेलिक्स से भी कई सारी गलतियाँ हुई, उन्होंने जो कुछ कमाया, सब उड़ा दिया था. फेलिक्स को आज ये सोचकर बड़ा अफ़सोस होता है कि जो पैसा उन्होंने फालतू में खर्च किया था, उसे वो इन्वेस्ट भी कर सकते थे. फेलिक्स जो कुछ मेहनत से कमाया था, उसे ड्रग्स, अल्कोहल और महंगी स्पोर्ट्स कार में उड़ा दिया था. फेलिक्स चाहे तो उस पैसे से एक और कंपनी या बिजनेस खोल सकते थे. लेकिन उनकी किस्मत अच्छी थी कि उन्हें जल्द ही अपनी गलती समझ में आ गई और फेलिक्स अपना पैसा सही जगह इन्वेस्ट कर पाए. हालांकि तब तक वो काफी कुछ गंवा चुके थे. फेलिक्स इसलिए अमीर बने रहे क्योंकि उनका बिजनेस माइंड हमेशा एक्टिव रहा. फेलिक्स ने कई कंपनीज खरीदी III. राष4. पापापा पुष्य नपा पुमा ५.पापस इसलिए अमीर बने रहे क्योंकि उनका बिजनेस माइंड हमेशा एक्टिव रहा. फेलिक्स ने कई कंपनीज़ खरीदी और कई जगह पैसा इन्वेस्ट किया या प्रोडक्ट खरीदे. साथ ही वो एक भरोसेमंद एडवाइज़र की सलाह लेना कभी नहीं भूले. फेलिक्स एक और सलाह देते है कि जो पैसा आपने गँवा दिया या खर्च हो गया, उसे भूल जाओ. क्योंकि जो हो चुका है, उसे आप वापस बदल नहीं सकते. भले ही आपने वो पैसा किसी को गिफ्ट किया, इन्वेस्ट किया या फिर किसी को उधार दिया, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वो पैसा तो अब वापस आने से रहा. तो इसके बजाए क्यों ना अभी जो पैसा आपके पास है, उसे डबल करने के बारे में सोचा जाए. जो पैसा आप दोस्तों या परिवार वालो को उधार देते हो, उसे वापस पाने की उम्मीद ना ही रखो तो अच्छा है, फेलिक्स अपने अनुभवों से बताते है कि अगर आपके दोस्त या फेमिली पैसे उधार मांगे तो उन्हें ये समझ कर देना कि आपने उन्हें गिफ्ट किया है, क्योंकि अगर आप पैसा वापस मांगने जाओगे तो हो सकता है कि आपके रिश्तों में कडवाहट आ जाए, इसलिए अच्छा यही होगा कि आप हो सके तो एक मदद के तौर पर पैसा उधार दे, इससे आपके रिश्ते भी खराब नहीं होंगे और आप मांगने की शर्मिंदगी से भी बच जायेंगे. ५,२सत जापारिरतत नाराष 10 हाजार जाप मांगने की शर्मिंदगी से भी बच जायेंगे. आप चाहे कितने भी अमीर क्यों ना बन जाओ, कभी पैसे का घमंड मत करो. अमीर होने का ये मतलब नहीं कि आप लोगों से बदसुलूकी करो. किसी को पैसे देने का ये मतलब नहीं कि वो आपके गुलाम है और आपको उनकी इन्सल्ट करने का हक है. याद रखो, आप खुद अपने दम पर अमीर नहीं बने, बल्कि आपकी मेहनत के पीछे भी कई लोगों का हाथ रहा, और आपको हमेशा ही लोगों की मदद की जरूरत पड़ती रहेगी. लाइफ के हर एरिया में ग्रो करने की कोशिश करे, अगर पर्सनेलिटी डेवलप करना चाहते है तो सेमिनार या conferenceअटेंड करे. अपने बिजनेस पार्टनर के साथ लंच पर जाए और उनसे ट्रेड टिप्स शेयर करे. ऐसे टेलेंटेड लोगों की तलाश में रहे जो आपके साथ मिलकर काम कर सके और आपकी तरक्की में अपना योगदान दे सके, ऐसे लोग से हमेशा कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करे. याद रहे आप सिर्फ़अमीर है, स्मार्ट नहीं, ये दोनों बातें सेम नहीं है. सिर्फ़पैसा आ जाने से कोई स्मार्ट नहीं बन जाता, हालाँकि आप लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन सकते हो. आपके पास जितना ज्ञान होगा, आप उतने कीमती बनोगे. भले ही आप पैसा कमाने में नंबर उतने कीमती बनोगे. भले ही आप पैसा कमाने में नंबर वन बनो पर कभी घमंड मत करना क्योंकि अमीर लोग ऐसे ही अमीर बने रहते है. Conclusion आपने इस किताब में सीखा कि अमीर बनने की पहली शुरुवात है कि हम अपनी इनर शेल्फ को इम्प्रूव करे, हमे अपना माइंडसेट बदलना होगा, अपने एक्श्न और अपने उसूलों यानी लाइफ प्रिंसिपल पर ध्यान देना होगा. इस किताब से आपने सीखा कि स्कसेसफुल बनने के लिए लाइफ में एक बार फेलियर का स्वाद चखना भी जरूरी है, हमारी गलतियां कई बार हम पर भारी पड़ जाती है, ये हमारा सेल्फ कोंफिडेंस कम करती है, पर गलतियाँ करना इंसान का स्वभाव है और इंसान अपनी गलतियों से ही सबक सीखता है इसलिए अगर अमीर बनना है तो फेल होने से मत डरो. फेलियर सक्सेस की पहली सीढ़ी है. अमीर और सक्सेसफुल लोग अपनी जिंदगी में कई बार फेल होते है पर साथ उन्होंने हज़ारो बार जीत का स्वाद भी चखा है. आपने इस किताब से सीखा कि कोई ग्रेट आईडिया आपको अमीर नहीं बना सकता. आप चाहे कोई अनोखा बिजनेस या प्रोडक्ट प्लान करने में कई साल आपका अमार नहा बना सकता. आप चाह काइ अनोखा बिजनेस या प्रोडक्ट प्लान करने में कई साल लगा दो. लेकिन अगर आप अपने आईडिया को एक प्रॉपर तरीके से एक्जीक्यूट नहीं कर पाए तो आपके फेल होने का पूरा चांस है. इसलिए आईडिया इम्पोर्टेट तो है पर उसे सही तरीके से इम्प्लीमेंट करने पर भी ख़ास ध्यान देना होगा. यहाँ आपने ये भी सीखा कि अमीर बनने के लिए आपको नए मोरल स्टैण्डर्ड भी अपनाने होंगे. अपने गोल्स तक पहुँचने की कोशिशे लगातार जारी रखनी है, लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिए कि कब गिव अप करना है. इसके साथ ही सेल्फ बिलिफ़ बनाये रखने की भी जरूरत पड़ेगी. क्योंकि सिर्फ़आप ही हो जो खुद को अमीर बना सकते हो, इसलिए खुद पर एक यकीन हमेशा बनाये रखना. सीखने के लिए हमेशा तैयार रहो, जहाँ से भी कोई जानकरी मिलती है. ले लो, ये मत सोचो, हमे अब कुछ सीखने की जरूरत नहीं है या हमारी उम्र नहीं रही. नई-नई चीज़े सीखना हमे एक बेहतर इंसान बनने में हेल्प करता है. आपने इस किताब में सीखा कि हमे कभी अपने गोल से फोकस नहीं हटाना है. चाहे जिंदगी में कितना ही कम्फर्ट क्यों ना मिल रहा है, पैसा कमाने का मौका कभी मत छोडो जहाँ से भी आप मेहनत और जो खुद को अमीर बना सकते हो, इसलिए खुद पर एक यकीन हमेशा बनाये रखना. सीखने के लिए हमेशा तैयार रहो, जहाँ से भी कोई जानकरी मिलती है. ले लो, ये मत सोचो, हमे अब कुछ सीखने की जरूरत नहीं है या हमारी उम्र नहीं रही. नई-नई चीज़े सीखना हमे एक बेहतर इंसान बनने में हेल्प करता है. आपने इस किताब में सीखा कि हमे कभी अपने गोल से फोकस नहीं हटाना है. चाहे जिंदगी में कितना ही कम्फर्ट क्यों ना मिल रहा है, पैसा कमाने का मौका कभी मत छोड़ो. जहाँ से भी आप मेहनत और ईमानदारी से पैसा कमा सकते हो, कमा लो. क्योंकि कई ऐसे भी लोग है दुनिया में जो बार-बार कोशिशो के बाद भी फेल हो जाते है. पैसा कमाना अगर आसान होता तो हर कोई करोड़पति होता. लेकिन अमीर वही बनता है जो डेडीकेट है. हर महान काम को पूरा होने में वक्त लगता है इसलिए पूरी मेहनत और लगन के साथ डटे रहिये. आपकी मेहनत एक दिन रंग जरूर लाएगी.

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