How I Made It: 40 Successful Entrepreneur… Rachel Bridge Books In Hindi Summary Pdf

How I Made It: 40
Successful Entrepreneur…
Rachel Bridge
Introduction

इस दुनिया में हर तरह के बिज़नस करने वाले होते हैं | आपको खुद का बिज़नस शुरू करने के लिए किसी
खास उम्र, खास जगह या कोई स्पेशल डिग्री की कोई जरूरत नहीं है. आप चाहे लड़का हो या लड़की,
जवान हो या ना हो आप कभी भी अपने बिज़नस की शुरुआत कर सकते हैं । इस किताब में author रेचल
ने कुछ ऐसे ही लोगों की success story इकट्ठा की है और बताया है की वो कैसे कामयाब हुए । इसमें आप ये जानेंगे की वो भी बिल्कुल आप की ही तरह एक आम इंसान थे, बस उन्होंने पहला कदम आगे बढ़ाया और चलते रहे । उन्होंने रास्ते में आई हुई परेशानियों से डरकर कभी हार नहीं मानी और तब तक पीछे मुड़कर नहीं देखा जब तक वो कामयाब नहीं हो गए। आप भी ऐसा कर सकते हैं , इन कहानियों को inspiration के तौर पर लीजिए, हो सकता है जब तक आप ये समरी खतम करें आपको भी कोई बिज़नस शुरू करने का idea मिल जाए । John Mudd: Founder of The Real Crisps Company जॉन ने 15 साल की उम्र में पढाई छोड दी थी । पहले उन्होंने फल के बाज़ार में काम किया, फिर एक बेकरी के लिए डिलीवरी बॉय का काम किया तब जॉन को पता चला की वो किसी भी सामान को अच्छे से बेच सकते हैं. उन्हें एक van पर केक और सॉसेज बेचने का जॉब मिला।

जब वो 28 साल के थे तब उन्हें स्मिथ क्रिस्प्स (Smith Crisps) ने salesman के तौर पर अपने साथ काम करने के लिए रख लिया । जॉन ने उस कंपनी में बहुत ही अच्छा काम किया और वो धीरे- धीरे प्रमोट होते चले गए। अपनी जिंदगी में उन्होंने पहली बार एक सूट पहना और कंपनी की गाड़ी में बैठे। जल्द ही वो Area Sales Manager बना दिए गए। 15 साल Smith Crisps में काम करने के बाद जॉन, Benson’s Crisps में marketing manager की पोस्ट पर काम करने लगे । उनका काम था नए idea सोचना जिससे की नए crisps बनाए जा सकें । जॉन को पता चला की वो आस-पास के bar और pub में crisp बेच सकते हैं । उनसे ऊंची पोस्ट वाले लोगों ने इस idea को रिजेक्ट कर दिया पर जॉन ने उन्हें समझाया की ये idea
एक गज़ब का idea है और ये उन्हें ऊंचाइयों तक पहुँचा सकता है. जॉन को पूरा विश्वास था कि उनका
आईडिया ज़बरदस्त हिट साबित होगा. उनके seniors के ना मानने पर जॉन ने 50 साल की उम्र में इस idea पर काम करके अपना खुद का बिज़नस खड़ा करने का फैसला लिया ।

जॉन ने बताया की उनके लिए ये करना थोड़ा डरावना था । लोगों ने उन्हें कहा की इस उम्र में नया बिज़नस शुरू करना काफी risky साबित हो सकता है पर जॉन के पास खोने के लिए कुछ नहीं था इसलिए उन्होंने अपना पूरा ज़ोर इस idea को कामयाब बनाने में लगा दिया । जॉन ने एक बिज़नस प्लैन बनाया और एक
accountant से सलाह ली कि इसके लिए पैसे का इंतज़ाम कैसे किया जाए । उसके बाद जॉन ने खुद
ही मार्केट को समझा और उस पर रिसर्च की। उन्होंने Mark and Spencer’s Crisps ant gch plain
पेपर बैग में डाला और अलग-अलग pub में लोगों को उसे चखने का ऑफर दिया । 80% से ज़्यादा
लोगों को crisps पसंद आए और फिर जॉन ने इस idea को continue किया। उन्होंने Real Crisps कंपनी की शुरुआत की । उन्होंने इसका नाम रियल रखा क्योंकि उनकी बेटियों Rebecca और रेचल के नाम का
combination था । जॉन ने कुल मिलाकर 1,35,000 euros का फंड इकट्ठा किया । 25,000
euro उन्हें Benson’s से रिटाइर होने पर मिले और बाकी के $1,00,000 का उन्होंने बैंक से लोन ले लिया। जॉन ने Wales में एक फैक्ट्री किराये पर ली और 3 लोगों को काम पर रखा । इस तरह रियल क्रिस्प्स का बिज़नस 1997 में शुरू हुआ।

इस बिज़नेस के शुरू होने के बाद जॉन को समझ आया की उन्हें बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है । उन्होंने
बहुत साल salesman के तौर पर काम किया था पर कभी managing director के तौर पर नहीं
इसलिए उन्हें इस काम का कोई एक्सपीरियंस नहीं था । अपने बिज़नस के शुरुआती 2 सालों में उन्होंने
एक हफ्ते में सातों दिन काम किया. वो एक दिन में कम से कम 15 घंटे काम किया करते थे। जॉन ने अपने item वेल्स के bar और आस-पास की दुकानों में बेचना शुरू किया और उन्हें एक प्रॉब्लम समझ आई की उनके पास अच्छी क्वालिटी के कुकर नहीं थे जिसकी वजह से crisps बहुत ही oily बनते थे । साथ ही साथ बिज़नस को भी और पैसों की ज़रूरत थी. 135,000 euros में से 80,000 euro तो सिर्फ second-hand मशीन और कुछ महीनों में ही महंगी पैकिजिंग की वजह से खर्च हो गए थे। Adsa और Tesco कंपनी रियल क्रिसप्स में interested थी पर जॉन के पास इतनी पूंजी नहीं थी । वो कुछ ऐसे लोगों से मिले जो की उनके साथ पैसे लगा सकें और उन्हें Bar और restaurant foods कंपनी मिली । वो रियल क्रिसप्स के बैंक लोन
चकाने के लिए तैयार थे पर बदले में उन्हें बिजनस की 80% ownership चाहिए थी । जॉन इस बात से राज़ी हो गए।

ये एक मुश्किल फैसला था पर रियल क्रिसप्स को आगे बढ़ाने का बस यही एक तरीका था । जल्द ही Adsa
and Tesco कंपनी भी रियल क्रिसप्स का साथ देने लगी । कंपनी की सेल्स काफी तेजी से बढ़ गई और
फिर 2007 में , बिजनस शुरू करने के ठीक 10 साल बाद जॉन ने अपना बिज़नस 10 मिलियन euro में
बेच दिया। जॉन अपनी कामयाबी पर बहुत ही गर्व महसूस करते हैं | जब भी वो किसी सूपर मार्केट में जाते हैं और रियल क्रिसप्स को देखते हैं वो खुद से यही कहते हैं -” चाहे जो भी हो, मैं ही वो इंसान हूँ जिसने इसकी शुरुआत की थी”।

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Darren Richards: Founder of
Dating Direct.com

बचपन से ही डैरेन का सपना था की वो अपना खुद का बिज़नस शुरू करें । उन्होंने कभी स्कूल में अच्छे नंबर
लाने पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि उन्हें विश्वास था की वो एक दिन अपना खुद का बिज़नस ज़रूर करेंगे ।
16 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और कई सालों तक एक वेटर के तौर पर काम करते रहे।
जब वो एक रेस्टोरेंट में काम कर रहे थे , उनका दिमाग हमेशा ही इधर-उधर लगा रहता था. डैरेन
यही सोचते रहते थे की वो कौन स बिज़नस शुरु कर सकते हैं । एक रात उन्हें खयाल आया की वो एक
ऑनलाइन डेटिंग साइट बना सकते हैं , डैरेन उस वक्त 33 साल के थे । उनकी शादी नहीं हुई थी और उन्होंने
हाल में ही अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेक-अप किया था। उन्हें पता चला की इंटरनेट एक परफेक्ट जगह हो
सकती है अपने लिए एक पार्टनर ढूँढने की। पर वो निराश हो गए क्योंकि उन्होंने आज तक जितनी भी डेटिंग साइट देखी थी वो अमेरिका की थी और कोई भी साइट डेटिंग को इतना seriously नहीं लेती थी । कुछ मेंबर्स के तो username ही काफी अजीब थे जैसे की sexv babe या फिर hot pants| डैरेन को पता चला की सिर्फ वही एक नहीं हैं जो सीरियस डेट चाहते हैं उनके जैसे और भी लोग हैं इसलिए उन्होंने अपनी रिसर्च शुरू की । उन्होंने अपने दोस्तों से इस बारे में पूछताछ की, उनसे राय ली.

उन्होंने कुछ वेबसाईट magazines पढ़ी और फिर उन्होंने एक सिम्पल साइट बनाई जहाँ लड़के लड़कियाँ
अपनी प्रोफाइल बना सकते थे। साइट बहुत ही बेसिक थी पर वो बहुत लोगों को पसंद आई । इससे उन्हें पता चला की बहुत सारे लोगों को इसकी ज़रूरत है और फिर उन्होंने एक प्रोफेशनल वेबसाईट बनाने वाले को ढूँढना शुरू किया जोकी उन्हें एक अच्छी वेबसाईट तैयार कर के दे सके जहाँ मेंबर्स एक दूसरे से बात कर सकें । आखिरकार, उन्हें एक वेब डेवलपर मिला, जो कंपनी में 20% पार्टनरशिप के बदले एक इंटरैक्टिव साइट बनाने को तैयार हुआ। इस तरह DatingDirect.com लॉन्च किया गया था, और तीन महीने के अंदर इसके 40,000 मेंबर बन गए थे। पर डैरेन के सामने अभी एक और प्रॉब्लम थी की वो कैसे लोगों से अपने काम के लिए पैसे लें ? उनके सामने सिर्फ एक ही रास्ता था की वो लोगों को कहें की वो क्रेडिट कार्ड से pay करें । इसी बीच Barclaycard बैंक ने डैरेन के ऑफर को 3 बार रिजेक्ट कर दिया था क्योंकि उन्हें लगा डेटिंग साइट में बहत हाई रिस्क है । उनके लिए ये बिजनस बिल्कुल pornography और gambling जैसा ही था।

तो उसके बाद डैरेन ने क्या किया ? वो खुद गाड़ी चलाकर बैंक ऑफिसर के घर गए और उन्हें अपनी
वेबसाईट का demo दिया । बैंक ऑफिसर इस से बहुत प्रभावित हुए। वो Barclaycard की सर्विस
डेटिंग साइट को देने के लिए तैयार हो गए। 5 साल बाद , 2004 तक Datingdirect.com के लगभग 1.5 मिलियन मेंबर बन चुके थे और उसे कई मिलियन पाउंड्स का प्रॉफ़िट हुआ। 2007 तक कंपनी के 5 मिलियन मेंबर हो गए । फिर डैरेन ने फैसला किया की वो अपना बिज़नस एक फ्रेंच कंपनी Meteec को बेच देंगे और उन्होंने 30 मिलियन euro में अपना बिज़नस बेच दिया । उसी साल डैरेन ने अपनी नई ऑनलाइन कंपनी- www.propertyindex.com को लॉन्च किया । ये दूसरे देशों में प्रॉपर्टी को बेचने या किराये पर देने का काम करती थी। उसके बाद उन्होंने Tenerife में 3 bar भी खरीदे।

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Penny Streeter: Founder of Ambition
24 Hours

जब penny ने पहले अपनी खुद की हायरिंग agency शुरू करने की कोशिश की तब वो किसी भूचाल से कम नहीं था । उन्होंने 30,000 euro उधार लेकर एक आलीशान ऑफिस किराये पर लिया. उन्होंने डिजाइनर कुर्सियाँ , बड़े टेबल और फैन्सी photocopier खरीदे । तीन महीने बाद बिज़नस बंद करने की नौबत आ गई और उनके क्लाइंट्स बिल्कुल ही 0 हो चुके थे। अंत में penny को ये बिज़नस बंद करना पड़ा । उनके 30,000 euro बुरे तरीके से डूब चुके थे और वो बड़े कर्जे में आ गई थीं। उन्हें ये झेलना पड़ा क्योंकि उनके पास 0 बिजनस एक्सपीरियंस था। Penny का जन्म जिम्बॉब्वे में हुआ था । साउथ अफ्रीका में पलि-बढ़ीं। वो 16 साल की उम्र से इंग्लैंड आकार रहने लगी और एक trainee के तौर पर काम करने लगीं । कुछ दिन उन्होंने एक ब्यूटी थेरपिस्ट के तौर पर भी काम किया। penny को जल्द ही पता चल गया की वो इन सब कामों के लिए नहीं बनी हैं तो उन्होंने एक हायरिंग agency में काम ढूँढना ठीक समझा। उन्हें उसी वक्त एक consultant के तौर पर रख लिया गया और जल्द ही उन्हें ब्रांच मैनेजर की पोस्ट पर प्रमोट कर दिया गया । यही वो समय था जब penny ने अपना खुद का बिज़नस शुरू करने के बारे में सोचा।

जब उनका बिज़नस नहीं चला तो वो अपनी बहन की रेस्टोरेंट चलाने में मदद करने के लिए साउथ अफ्रीका
वापस लौट गईं पर तभी उनका छोटा बेटा एक बड़ी बीमारी से ग्रस्त हो गया तो penny ने UK जाकर एक नई शुरुआत करने की कोशिश की। ये सब penny के लिए बहुत मुश्किल था । वो अपने पति से अलग हो चुकी थीं. वो अपने तीसरे बच्चे की माँ बनने वाली थीं । वो पूरी तरह से टूट चुकी थीं । कुछ समय के लिए उन्हें और उनके बच्चों को बिना घर के एक शेल्टर हाउस में गुज़ारा करना पड़ा। penny ने कई काम ढूँढने की कोशिश की पर उन्होंने अपना हायरिंग agency बनाने के सपने को ज़िंदा रखा । उन्होंने एक बार फिर इस सपने को मौका देने का फैसला किया । इस बार penny ने बहुत ध्यान से काम किया । उनकी एक दोस्त थी जिन्होंन उनके ऑफिस में penny को काम करने के लिए एक छोटी सी जगह दी । वो कभी बैंक नहीं गईं थीं क्योंकि उन्हें पता था की बैंक वाले सिर्फ उनका मज़ाक उड़ाएँगे। penny की माँ ने भी उनकी बहुत मदद की । उन दोनों ने एक-एक दिन अलग अलग कर के बच्चों को संभालने का फैसला किया । फिर उन्होंने लोगों को सेक्रेटरी की position के लिए hire करना शुरू किया. फिर धीरे – धीरे उन्होंने स्टाफ को financial sector में भी hire करना शुरू कर दिया ।

इस बार penny ने पैसे बर्बाद नहीं किए। इस बार वो कंपनी के खर्चों को लेकर बहुत ध्यान देती थी । एक
दिन penny को देखभाल करने वाले लोगों को यानी caregivers को नर्सिंग होम तक पहुँचाने का ऑर्डर
मिला। उन्हें समझ आया की उस जगह देखभाल करने वालों की बहुत डिमांड थी। उन्होंने खुद ही caregivers को pick up किया और उन्हें नर्संग होम तक छोड़ा। उन्हें समझ आया की 24 घंटों में caregivers की और भी ज़्यादा डिमांड बढ़ने वाली थी। उन्होंने caregivers को ट्रेनिंग देना शुरू किया और उनकी कंपनी भी अब एक licenced नर्सिंग एजेंसी बन चुकी थी । उनके बिज़नस ने अब नर्संग होम्स को नर्स सप्लाइ करना शुरू कर दिया था। penny की कंपनी – Ambition 24 hours देश भर में फेमस हो गई । अब उसकी UK में 19 ब्रांच हैं, जहाँ 200 employee काम करते हैं और उनका साल भर का टर्नोवर 65 मिलियन euro है । penny कहती हैं की आप हार्ड वर्क कर के ही कामयाब हो सकते हैं । उनका मानना है की कामयाब लोग वही हैं जिन्होंने कभी अपने बिज़नस को छोड़ा नहीं या लाख परेशानियों के बाद भी हार नहीं मानी । वो ऐसे लोग हैं जो हमेशा अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के बारे में ही सोचते हैं।

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Rosemary Conley: Inventor of the Hip
and Thigh Diet

रोजमेरी का सफर शुरू हुआ जब एक सेक्रेटरी के तौर पर काम करते करते उनका वज़न बहुत बढ़ गया था।
उन्होंने मेहनत करके कुछ वज़न घटा लिया और तब ही उन्हें ये idea आया की वो एक slimming club की शुरुआत कर सकती हैं ताकि वो दूसरी औरतों को भी वज़न घटाने में मदद कर सकें। उनके पहले क्लाइंट उनके पड़ोसी थे । वो सभी उनके किचन में इकट्ठा हुए । रोजमेरी ने पोस्टर छपवाने के लिए 8 euro खर्च किए और पास में ही एक हॉल बुक किया । उनके weekly session की फीस 25 pence थी और फूल टाइम जॉइन करने के वो 1 euro लेती थीं। रोज़मेरी इस बात से बहुत खुश थी की हर हफ्ते उनके मेंबर जब वेट मशीन पर अपना वज़न चेक करते थे तो देखते थे कि उन्होंने 7 pound तक वेट कम कर लिया था। उन्होंने अपने slimming club को कभी भी पैसे कमाने का ज़रिया नहीं समझा. वो इसे चला रही थी क्योंकि उन्हें ये काम करना अच्छा लगता था | रोजमेरी की क्लास को धीरे-धीरे बहत लोग जानने लग क्योंकि इससे उन्होंने काफी वज़न भी घटा लिया था ।

इससे रोज़मेरी को एहसास हुआ की उन्होंने कुछ अलग और स्पेशल खोज निकाला है । उन्होंने अपने hips
और thighs का काफी fat lose कर लिया था । एक लोकल रेडियो ने उनकी नई डाइइट के बारे में
कई लोगों को बताया, जिसे उन लोगों ने फॉलो किया और उन्हें भी इससे बहुत फ़ायदा हुआ। रोजमेरी ने एक
fondla fred ‘Hip and Thigh Diet’, such लिए उन्हें 750 euro एड्वान्स में मिला । एक साल बाद उन्हें उनका पहला रॉयल्टी चेक मिला । इससे रोज़मेरी ने एक नई गाड़ी खरीद ली । उनकी बुक Hip and Thigh Diet एक बेस्ट सेलर साबित हुई। रोज़मेरी ने जल्दी ही अपना खुद का फिटनेस और डाइट का बिजनस शुरू कर लिया । उन्होंने अपनी 30 किताबें छपवाईं, 30 फिट्नस वीडियो बनाए और अपनी खुद की एक magazine लॉन्च की. उन्होंने 180 फिटनस club की franchise शुरू की जिसमें कुल 80,000 मेंबर थे।
रोजमेरी का मानना है की वो यहाँ तक नहीं पहुँच पाती अगर वो एक बुरे समय से न गुज़रती तो । उनका
मानना है की हमें ज़िंदगी में हमेशा आगे की ओर एक उम्मीद के साथ देखना चाहिए ताकि हम आगे बढ़ते रहे
और समाज में बदलाव लाने की कोशिश करते रहें।

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Harry Cragoe: Founder of PJ Smoothies

जब हैरी 8 साल के थे तब वो टेबल के नीचे से छुपकर अपने माता पिता और उनके दोस्तों की बिज़नस के बारे में चल रही बातें सुना करते थे। उनके माता-पिता के ज़्यादातर दोस्त खुद का ही बिज़नस चलाते थे इसी
वजह से हैरी को ये तो बचपन में ही समझ आ गया था की वो किसी और के लिए काम नहीं कर सकते हैं
| उन्होंने 18 साल की उम्र में स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी और अपने शहर में commodity broker के तौर पर काम करने लगे पर उन्होंने जल्द ही ये काम छोड़ दिया और अपने 3 दोस्तों के साथ मिलकर एक
कंपनी शुरू की । उनका water – filter बेचने का बिज़नस था । ये बिज़नस हैरी को लॉस एंजिल्स ले गया । जब तक वो uk में थे तब तक वो ज़्यादा फिट नहीं थे पर जब वो लॉस एंजिल्स गए तो उन्होंने फिट रहना शुरू
किया और वहीं उन्होंने ये जाना की smoothies उन्हें बहुत पसंद हैं । उनका मानना था की फिट रहना
मतलब अच्छा और हेल्थी खाना खाना । हैरी को smoothies इतनी पसंद थीं की उन्होंने सोचा क्यों ना इसी का बिजनस शरू किया जाए |

हैरी को smoothies इतनी पसंद थीं की उन्होंने सोचा क्यों ना इसी का बिज़नस शुरू किया जाए। उन्होंने अपना water – filter का बिज़नस बेच दिया और UK वापस चले गए । वहाँ वो कुछ रेस्टोरेंट में गए और उन्होंने देखा की हेल्थी ड्रिंक्स में उनके पास ऑफर करने के लिए सिर्फ ऑरेंज और एप्पल जूस ही
है। हैरी को समझ आ गया की उनका बिज़नस अच्छा चल सकता है। उन्होंने अपने एक दोस्त से बिज़नस पार्टनर बनने के लिए पूछा । साथ मिलकर उन्होंने 100,000 euro की पूंजी लगाई । इस बिजनस को शुरू करने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दाँव पर लगा दिया. उन्होंने अपना घर और गाड़ी भी बेच दिए । जो चीज उनके पास बची थी वो थे सिर्फ कपड़े और जूते । उन्हें पूरा विश्वास था की smoothies का बिज़नस उन्हें सब
वापस दिला देगा। पर हैरी को पता चला की British manufacturers इस बात के लिए राज़ी नहीं हो रहे थे । वो smoothies बेचने में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे तो वो वापस U.S गए और वहाँ एक manufacturer को ढूंढा जो उनके लिए काम करने को राजी हो गया. उनका पहला बैच 40,000 केस का था । अब बस उन्हें जरूरत थी smoothies को UK तक पहुँचाने की. इसके लिए उन्होंने फैसला किया कि smoothie को फ्रोजेन फॉर्म में शिप किया जाएगा। इसके बाद हैरी ने smoothies की packaging के लिए एक डिजाइनर ढूंढा, साथ ही उन्होंने दिन के 12 घंटे काम किए ताकि उन्हें उनका smoothie try करने और बेचने वाले स्टोर मिल सकें । हैरी ने फैसला किया की वो smoothies का नाम Pete and Johnny या फिर शॉर्ट में PJ रखेंगे जो की उनके 2 दोस्तों के नाम थे।

हैरी का पहला कस्टमर फुलहम का एक कल्लेंस सुपर मार्केट था । उस वक्त बहुत ठंड थी और PJ
Smoothies बाकी सभी प्रोडक्ट से ज़्यादा महेंगे थे पर सिर्फ 2 घंटों में ही उनकी आधी bottle बिक गईं
। ये बात जानकार हैरी को बहुत खुशी हुई । लोगों ने उनसे कहा की ये बस उनकी अच्छी किस्मत का नतीजा है. कुछ ही दिनों में उनका प्रोडक्ट बिकना बंद हो जाएगा पर PJ Smoothies कामयाब होता गया। जल्द ही supermarket chain Tesco और Waitrose ने PJ Smoothies के ऑर्डर देने शुरू कर दिए। 2 साल यूंही निकल गए | Smoothies US में बनाई जाती और UK में डिलीवर की जाती । फाइनली हैरी ने फैसला किया की अब वो अपनी एक फैक्ट्री UK में भी खोलेंगे । ये एक बहुत बड़ा फैसला था क्योंकि एक फैक्ट्री किसी भूखे जानवर से कम नहीं होती । जैसे जैसे फैक्ट्री बढ़ती है वैसे वैसे पैसे की मांग भी बढ़ती जाती है पर एक और फैक्ट्री लगाने से PJ Smoothies और नए flavours बना सकता था।

हैरी ने 24 घंटे और 7 दिन अपनी टीम के साथ काम किया पर तभी उनके साथ एक हादसा हो गया. वो 80
फुट की ऊंचाई से गिर गए और उनके hips, कलाई और कुछ हड्डियाँ टूट गईं। उन्हें कम से कम 6 हफ्तों
के लिए अस्पताल में ही रहना पड़ा पर उन्होंने बहुत मेहनत की ताकि वो सिर्फ 2 हफ्तों में ही अस्पताल से
डिस्चार्ज हो जाएँ । हैरी ने समझाया की उनके बिजनस का खयाल रखने के लिए वहाँ कोई भी नहीं था।
2004 तक PJ Smoothies की हर हफ्ते लगभग 350,000 bottle बिक जाती थी। इस कंपनी का टर्नोवर करीब 12 मिलियन euro था और Smoothies के 14 अलग flavours बनाए गए थे। 2006 में हैरी ने इस कंपनी को 20 मिलियन euro में Pepsico को बेच दिया था।

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Mike Clare: Founder of Dreams

माइक ने 12 साल एक salesman के तौर पर काम किया. फिर उन्होंने फैसला किया की अब वो अपना
खुद का बिजनस शुरू करेंगे । ये उनके लिए सही फैसला नहीं था क्योंकि उनकी पत्नी जल्द ही उनके पहले बच्चे को जन्म देने वाली थीं | वो एक नए घर में भी शिफ्ट होने वाले थे । माइक ने लंबे समय तक एक फर्नीचर स्टोर के लिए area manager के तौर पर काम किया था पर वो 30 साल के थे और एक चांस लेना चाहते थे । उन्हें लगा ये अच्छा मौका है ओना खुद का बिजनस शुरू करने का । उनकी पत्नी उनका बहुत साथ देती थीं. उन्होंने कहा की अगर हम हारे भी तो बाद में हारने से बेहतर है हम अभी हार जाएँ ।
और फिर माइक ने किसी तरह बैंक से 8000 euro का लोन लिया। उसमें उन्होंने अपनी 4000 euro
की सेविंग को भी जोड़ा. 4000 उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड से ये कहकर पैसे उधार लिए की उन्हें अपने
किचन को तोडकर दोबारा बनवाना है ।

माइक ने एक पुरानी गाड़ी बनाने वाली दुकान को किराये पर लिया और अपने बिजनस का नाम सोफ़ा
बेड सेंटर रखा । वो जगह तेल से महकती रहती थी पर माइक ने उस जगह को सुंदर बनाने की पूरी कोशिश की । अपना बिजनस शुरू करने के एक रात पहले उन्होंने खुद ही फर्श साफ किया और सुंदर सा doormat
लगाया। पहले ही दिन माइक ने 2 सोफ़ा बेड बेचे । वो बहुत खुश थे। उन्हें पता चल गया था की उनका बिजनस idea ज़रूर कामयाब होगा । माइक Buckinghamshire में पले – बढ़े थे । 12 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था इस वजह से उन्हें काफी छोटी उम्र में ही काम करना पड़ा था। उन्हें एक प्राइवेट स्कूल से पब्लिक स्कूल जाना पड़ा। उनके क्लास के बाकी बच्चे ये कहकर चिढ़ाते थे की उनके बोलने का तरीका उन सब से अलग है। शनिवार और रविवार को माइक लोगों की गाड़ीयाँ धोया
करते थे । जब वो 16 साल के थे तो वो इस्तेमाल किए हुए टेंट को camp वाली जगह से उठाते और उन्हें
वापस बेच देते ताकि उनके पास कछ पैसे आ सकें।

सोफ़ा बेड सेंटर शुरू करने के 2 साल बाद उन्होंने 2 और नए स्टोर खोले। सोफ़ा बेड के अलावा अब उन्होंने
बेड बेचना भी शुरू कर दिया था और फिर अपनी कंपनी का नाम बदलकर ड्रीम्स रख दिया । उनके
accountant ने कहा के ये एक अजीब नाम है पर माइक को इस नाम पर विश्वास था । उन्होंने कहा
की ये नाम बिल्कुल नया और अनछुआ था। ड्रीम्स हर उस चीज को अपना सकते हैं जो भी नींद से मिलती है
और इस वजह से वो आगे के दिनों में bed शीट , bedside lamp और यहाँ तक की पजामा बेचना
भी शुरू कर सकते हैं। 2002 में midlands में एक फैक्ट्री लेकर कंपनी ने खुद के बेड बनाने शुरू कर दिए। ये बेड होटेल, नींग होम और युनीवर्सिटी को बेचे जाने लगे । उनकी सेल काफी बढ़ गई थी और 2008 तक ड्रीम्स कंपनी ने देशभर में अपनी 185 branch खोल ली थी। उस कंपनी का साल भर का टर्नोवर 200 मिलियन euro था। माइक का मानना है की कामयाबी तीन चीजों से मिलकर बनती है – किस्मत , सही skills और हार्ड वर्क euro था। 

Conclusion
आपने इस समरी में Real Crisps company, Datingdirect.com, Ambition 24 hours,
हिप एण्ड थाइ डाइट , PJ Smoothies और ड्रीम्स जैसी companies की success story के बारे
में जाना। आपने सीखा की कोई भी किसी भी बैकग्राउंड से आकर अपने बिजनस की शुरुआत कर सकता है । वो शख्स कोई भी हो सकता है, एक लड़का या लड़की, जवान या बुजुर्ग, पढ़ा-लिखा या जो पढ़ा-लिखा ना भी हो, वो भी अपना खुद का बिज़नेस शुरू कर सकता है। अपना खुद का बिज़नस शुरू करने के लिए आपको किसी एक ही rule को फॉलो करने की ज़रूरत नहीं है । क्या आप भी हमेशा अपना बिज़नस शुरू करने के सपने देखते रहते हैं? क्या आप किसी सही वक्त या सही समय का इंतज़ार कर रहे हैं ? अगर हाँ तो सही वक्त अभी है। शुरू में आपको डर लगेगा ठीक वैसे ही जैसे इस समरी में सारे बिज़नस ओनर्स को लगा था पर आपको बस चलते रहना है. रुकना नहीं है। खुद पर विश्वास रखिए । हर बिज़नस के अपने उतार – चढ़ाव होते हैं लेकिन पक्के इरादे और लगातार बिना रुके कड़ी मेहनत करते रहने पर आप ज़रूर कामयाब होंगे।

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