E-Myth Mastery Michael E. Gerber Books In Hindi Summary Pdf

E-Myth Mastery Michael E. Gerber इंट्रोडक्शन क्या आप एक ऐसे वर्ल्ड क्लास ब्रांड का नाम बता सकते हैं, जिसे आप पसंद करते हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कि वह ब्रांड सक्सेसफुल कैसे बना? क्या आप नहीं चाहते कि आपकी कंपनी भी उतनी ही सेसफुल हो? हाँ आप जरूर चाहते होंगे। इस बुक में वो सब जानकारी है, जिसकी ज़रुरत आपके बिजनेस को उसके करंट स्टेट से रियल वर्ल्ड क्लास सक्सेस तक ले जाने के लिए है। सक्सेसफुल बिजनेस ओनर ऐसी स्किल्स जानते हैं और हर दिन प्रेक्टिस करते हैं। आपको भी उन्हें जानना होगा। यह बुक आपको एक आन्ट्रप्रनर की तरह सोचने का तरीका सिखाएगी। आपको यह समझने की ज़रूरत है कि एक आन्ट्रप्रनर होने का क्या मतलब है। आप समझेंगे कि आन्ट्रप्रनर होने का मतलब क्रिएशन नहीं बल्कि पैशन और हार्ड वर्क है। एक सक्सेसफुल आन्ट्रप्रनर तब तक प्रैक्टिस करता है जब तक उसके बिजनेस को बढ़ाने वाली स्किल्स में वह मास्टर ना बन जाए। आप बिजनेस में एक लीडर, एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, एक फाइनेंसियल एक्सपर्ट, और एक मैनेजर की तरह काम करने की कला सीखेंगे।यह बुक सिर्फ कॉन्सेप्ट्स नहीं समझाती है। यह ऐसे वर्किंग प्लान्स भी पजेंट करती है जिसे आप अपने गोल को सिफ कान्सप्ट्स नही समझाता ह। यह एस वाफग प्लान्स भी प्रजेंट करती है जिसे आप अपने गोल को पाने तक, हर दिन प्रैक्टिस कर सकते हैं। अगर आप सीखना चाहते हैं कि आपके साधारण बिजनेस को वर्ल्ड क्लास सक्सेस तक कैसे पहुंचाना है, तो हमारे साथ बने रहें, और हम आपको दिखाएँगे कि यह कैसे होगा। अ ई-मिथ पॉइंट ऑफ व्यू मैं आपसे पूछू, आन्ट्रप्रनर कौन होते है? तो क्या आप उसका जवाब दे पाएँगे? शायद नहीं। इस दुनिया कुछ ही लोग आन्ट्रप्रनर होने का मतलब समझते हैं। इस शब्द का मतलब जानना ज़रूरी है, अपनी कंपनी बनाने से पहले, खास तौर पर ये जानना ज़रूरी है कि आपके लिए इसका क्या मतलब है। क्योंकि बहुत से लोग आन्ट्रप्रनर बनने में फेल हो जाते हैं, इसलिए हम मानते हैं कि वह लोग जिनके पास कोई यूनिक गिफ्ट है वही अपने बिजनेस को सक्सेसफुल बना सकते हैं। लेकिन यह सोच गलत है। आन्ट्रप्रनरशिप बस कड़ी मेहनत और प्रैक्टिस के बारे में है। वर्ल्ड क्लास बिजनेस बनाने के लिए कुछ इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स हैं, जिन्हें सभी आन्ट्रप्रनर को हर दिन प्रेक्टिस करना चाहिए। इसे प्रैक्टिस करने में सालों लग सकते हैं। एक बार जब आन्ट्रप्रनर आन्ट्रप्रनरशिप मे मास्टर हो गया तभी वह एक वर्ल्ड क्लास कंपनी बना सकता है।अगर आन्ट्रप्रनरशिप क्रिएट करने की पावर है, तो फिर क्यों ज्यादातर लोटे बिजनेस फेल हो जाते हैं? किएट करने जान्ट्रप्रनरारापाएट करन का पावर 6, ता फिर क्या ज्यादातर छोटे बिजनेस फेल हो जाते हैं? क्रिएट करने की पावर इसका जवाब नहीं है। हम सभी कुछ ना कुछ वैल्युएबल क्रिएट कर सकते हैं। टेक्नीशियन और आन्ट्रप्रनर के बीच में फर्क ना जानना ही प्रॉब्लम है।टेक्नीशियन हर काम करता है। अगर वो एक रेस्टोरेंट खोलता है, तो वो कैसियर, वेटर, मैनेजर और जेनेटर, सबका काम एक साथ करेगा। उसके बिना बिजनेस नहीं चल सकता।टेक्नीशियन आन्ट्रप्रनर की मेंटालिटी फॉलो नहीं करता। वो अपने बिजनेस पर काम करने के बदले, किसी भी एम्प्लोई की तरह बिजनेस में काम करता है। वहीं दूसरी ओर, आन्ट्रप्रनर अपने बिजनेस के लिए ऐसा सिस्टम बनाता है, जो उसके ना रहते हुए भी काम करे। वह ऐसा सिस्टम बनाता है जो उसे अपने बिजनेस को बढ़ाने और कंपनी बनाने की आज़ादी दे। इसे और अच्छे से समझाने के लिए, दो ऐसे बिजनेस का एग्जाम्पल लेते हैं, जो एक समय में शुरू किए गए थे। वो हैं वॉलमार्ट और पैगीस डाइनर (WalMart and Peggy’s Diner) दोनों ही सन् 1950 में शुरू हुए थे। पैगी ने अपना समय, मेहनत और पैसा सब डाइनर को चलाने में लगा दिया। उनका एक विज़न था, और उन्होंने उसे सफल करने की कोशिश की। सैम वॉल्टन का भी एक विज़न था। उन्होंने भी अपना समय, मेहनत और पैसा, एक ऐसे रिटेल स्टोर बनाने में लगाया, जो उन्हें लगा कि लोगों को इसकी जरूरत है।तो फिर तणों तॉलमार्ट नटन वटा रातोय ना गा और पीय पा मा एक पिज़न या। उन्हान मा जपना समय, महनत और पैसा, एक ऐसे रिटेल स्टोर बनाने में लगाया, जो उन्हें लगा कि लोगों को इसकी जरूरत है।तो फिर क्यों, वॉलमार्ट बहुत बड़ा सक्सेस बन गया और पैगीस डाइनर छोटा रह गया? इसका जवाब है कि सैम के पास एक क्लियर विज़न था और पैगी के पास नहीं। सैम ने एक सिस्टम बनाया था और पैगी ने नहीं। सैम वॉल्टन अपने आउट ऑफ द बोक्स सोच के लिए जाने थे. उन्होंने ये समझ कर अपना बिजनेस शुरू किया था कि उन्हें किस तरह के कस्टमर्स को टारगेट करना है।सैम को पता था की बॉस कैसे बना जाता है, उन्होंने अपने बिजनेस पर काम किया। उन्होंने उसे वर्ल्ड क्लास ब्रांड में बदल दिया, जिसे हर कोई जानता है और भरोसा करता है। वहीं दूसरी ओर, पैगी ने सिर्फ एक डाइनर बनाया बस। उन्होंने खाना बनाकर और खाना सर्व कर के अपने बिजनेस में काम किया।उनके पास कभी भी वर्ल्ड क्लास विज़न नहीं था, इसके लिए उन्होंने कोई सिस्टम नहीं बनाया। उनका गोल क्लियर नहीं था. गोल्स जो क्लियर नहीं हैं और बिजनेस ऑपरेशन जो खुद से काम नहीं कर सकता, यही वह गलतियां है जो ज्यादातर आन्ट्रप्रनर करते हैं।आप ये गलती ना करें। बिजनेस में काम करने के बजाय बिजनेस पर काम करें। हमेशा लीडर किस तरह सोचें। E-Myth Mastery Michael E. Gerber पैशन, परपस और प्रैक्टिस ज्यादातर लोग सोचते हैं कि खुद का बिजनेस चलाना आसान है। उन्हें लगता है कि, अगर उनके पास कोई स्किल है और गहरी इच्छा है, तो वह कुछ भी अचीव कर सकते हैं। लेकिन वो गलत हैं। एक फुल बिजनेस बनाने के लिए, आपको बिजनेस चलाने का के लिए ज़रूरी स्किल्स को जानना होगा और उन्हें तब तक प्रैक्टिस करना होगा, जब तक आप उसमें मास्टर ना हो जाए। बिजनेस चलाने के स्किल्स को सीखने के लिए जितने प्रैक्टिस की ज़रुरत है, उसके लिए बहुत ज्यादा पैशन होना चाहिए। अगर आप अपने बिजनेस को लेकर पैशनेट नहीं है तो आप बहुत आसानी से हार मान लेंगे। पैशन, पर्पस और प्रैक्टिस मिल कर एक वर्ल्ड क्लास आन्ट्रप्रनर बनाते हैं।अब आप किसी भी म्यूजिशियन के बारे में सोचिए जिसे आप जानते हैं। आपको क्या लगता है कि एक प्यानो प्लेयर को अपनी स्किल मास्टर करने के लिए और दुनिया भर में फेमस होने के लिए, हर दिन कितनी प्रैक्टिस करनी पड़ती है? बिज़नेस करना भी बिल्कुल वैसा ही है। शॉन 12 साल के थे जब उन्होंने सैक्सोफोन बजाना सीखने की कोशिश की थी। उनके सेक्सोफोन टीचर ने उन्हें कहा था कि, उन्हें एक पागल इंसान की तरह, हर दिन पैक्टिस करनी होगी। सीखने की कोशिश की थी। उनके सेक्सोफोन टीचर ने उन्हें कहा था कि, उन्हें एक पागल इंसान की तरह, हर दिन प्रैक्टिस करनी होगी। उनके टीचर ने उन्हें हर दिन प्रैक्टिस करने के लिए खास इंस्ट्रक्शन दिए थे। शॉन को प्रैक्टिस करने में कोई लॉजिक दिखाई नहीं देता था । उन्हें प्रैक्टिस करना पसंद नहीं था, उन्हें लगता था कि टीचर के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करने का कोई पॉइंट नहीं है।लेकिन शॉन के पास फॉलो करने के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं था। शुरुआत में, शॉन ने अपने स्किल्स में कोई फर्क नहीं देखा। उनकी उंगलियां तेज़ नहीं चल रही थीं, और उनके सैक्सोफोन की धुन भी बेहतर नहीं हुई थी।समय के साथ शॉन रिजल्ट के बारे में भूल कर सिर्फ प्रैक्टिस करने में फोकस करने लगे। उन्होंने अपने टीचर पर भरोसा किया कि उन्हें पता है वो क्या कर रहे हैं। अचानक शॉन में बदलाव होने शुरू हुए । जितना ज्यादा वो प्रेक्टिस करते, उतना उसे फील करते थे। उन्हें समझ नहीं आया कि वो क्या था, लेकिन वह उन्हें और ज़्यादा प्रेक्टिस करने के लिए पुस कर रहा था। शॉन रोज प्रैक्टिस करने के लिए पैशनेट हो गए। उन्होंने अपनी सारी एनर्जी उस चीज को बढ़ाने मे फोकस कर दी जो उस पर हावी हो रही थी। उन्होंने फील किया कि यह वही है जो उन्हें करना चाहिए था, और उसके बाद वो कभी नहीं रुके। आन्ट्रप्रनर्स को भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्हें अपना खट का बिजनेस बनाने के लिए जरूरी स्किल्स सीखना दी जो उस पर हावी हो रही थी। उन्होंने फील किया कि यह वही है जो उन्हें करना चाहिए था, और उसके बाद वो कभी नहीं रुके। आन्ट्रप्रनर्स को भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्हें अपना खुद का बिजनेस बनाने के लिए ज़रूरी स्किल्स सीखना चाहिए, फिर हर दिन उसकी प्रेक्टिस करनी चाहिए, जब तक कि उन्हें अपनी चीज नहीं मिल जाती, जो उन्हें बाकी दुनिया से अलग बनाती है। उन्हें बस अपनी कंपनी पर ही नहीं, बल्कि आन्द्रप्रनरशिप के क्राफ्ट पर भी ध्यान देना चाहिए। द रिलक्टन्ट आन्ट्रप्रनर क्या आपके पास एक प्रोजेक्ट है जिसे आपने कुछ महीने पहले शुरू किया था और अब भी वो आपकी डेस्क पर अधूरा पड़ा हुआ है? सभी के पास अधूरे प्रोजेक्ट्स होते हैं, क्योंकि समय के साथ, हम उस पैशन को खो देते हैं जिसने हमें वो प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए पुस किया था। कुछ दिन हम काम करने के लिए मोटिवेटेड फील करते हैं। बाद में हम बस आराम करना चाहते हैं।अपने नए बिजनेस में पैशन खोने का मतलब ये नही कि आप कुछ गलत कर रहे हैं या गलत रास्ते पर हैं। पैशन के लिए समझ और प्रेक्टिस की जरूरत है। चलिए, सारा और उसके बिजनेस बनाने की कोशिश के एक्सपीरियंस को देखते हैं। उन्हें पाईज़ बनाना पसंद है, और उन्होंने अपनी शॉप खोलने का फैसला किया। के एक्सपीरियंस को देखते हैं। उन्हें पाईज़ बनाना पसंद है, और उन्होंने अपनी शॉप खोलने का फैसला किया। शुरुआत में, सारा ने वही गलती की जो ज्यादातर नए बिजनेस ओनर्स करते हैं। वो अपने बिजनेस में एक एम्प्लॉई की तरह काम कर रही थी, बॉस की तरह नहीं। उसकी ज़िम्मेदारियाँ थीं कि वो पाईज़ बनाएँ, उन्हें बेचें, दुकान साफ़ करें, फिर घर जाएँ। सारा, इस बुक के ऑथर, माइकल से मिलीं और उनसे सीखने की कोशिश की। माइकल ने उन्हें समझाया कि एक बॉस की तरह कैसे सोचते हैं और बिजनेस ओनर बनने के लिए ज़रूरी नए स्किल्स कैसे सीखें। 10 साल बाद सारा फिर माइकल से मिलीं। उनका हाल ज़्यादा अच्छा नहीं था और उनका बिजनेस जितना आगे बढ़ना चाहिए था नहीं बढ़ पा रह था। उन्होंने माइकल को उनकी मदद करने को कहा।इस बार उनकी प्रोब्लम दूसरी थी। सारा माइकल की बताई हुई सभी प्रिंसिपल्स प्रेक्टिस कर रहीं थीं। वो बॉस की तरह सोच रही थीं और जो काम आन्ट्रप्रनर को करना चाहिए, वो सब कर रहीं थीं। तो आपको क्या लगता है कि प्रोब्लम कहाँ थी? वह था उनका पैशन। सारा ने एक सक्सेसफुल बिजनेस चलाने के प्रिंसिपल्स तब तक प्रैक्टिस किए जब तक वो प्लानिंग, मैनुअल बनाने और नई स्ट्रेटजी ट्राय करने के लिए हर वक़्त सोचने लगी। उन्होंने ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ समय बाद वो अपने बिजनेस के लिए अपना पैशन खोने लगीं। उनका फोकस अपने बिजनेस पर काम करने से हटकर हुई सभी प्रिंसिपल्स प्रेक्टिस कर रहीं थीं। वो बॉस की तरह सोच रही थीं और जो काम आन्ट्रप्रनर को करना चाहिए, वो सब कर रहीं थीं। तो आपको क्या लगता है कि प्रोब्लम कहाँ थी? वह था उनका पैशन। सारा ने एक सक्सेसफुल बिजनेस चलाने के प्रिंसिपल्स तब तक प्रैक्टिस किए जब तक वो प्लानिंग, मैनुअल बनाने और नई स्ट्रेटजी ट्राय करने के लिए हर वक़्त सोचने लगी। उन्होंने ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ समय बाद वो अपने बिजनेस के लिए अपना पैशन खोने लगीं। उनका फोकस अपने बिजनेस पर काम करने से हटकर आन्ट्रप्रनर बनने में लग गया। वह बस प्लानिंग और स्ट्रेटजी बनाने के बारे में सोचने लगी, और अपने विज़न और कस्टमर्स को भूल गईं। एक सक्सेसफुल आन्ट्रप्रनर बनने के लिए आपको अपना विज़न याद रखना होगा। आपको उन चीजों पर फोकस करना चाहिए जो आपकी बिजनेस के लिए जरूरी है और अपने बिजनेस को अच्छा चलाने के लिए पैशनेट रहना चाहिए नहीं तो आप आसानी से उस दिशा की ओर भटक सकते हैं जो आपके बिजनेस के लिए फायदेमंद नहीं है। वर्ल्ड क्लास कंपनी बनाने के लिए यह जरूरी है कि आप अपने पैशन को समझें और हर दिन वह करें जो करना जरूरी है। E-Myth Mastery Michael E. Gerber एंटरप्राइज लीडर के डिसिप्लिन एक अच्छे लीडर की डेफिनेशन अलग अलग जगह अलग अलग हो सकती है। हर सोसाइटी में लीडरशिप को देखने का अपना एक अलग तरीका होता है। इकलौता प्रिंसिपल जिस पर सभी सहमत होंगे, वह है डिसिप्लिन जो लीडरशिप के लिए बहुत जरूरी है। लीडरशिप के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. एक लीडर होने का मतलब है आपको अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेने के लिए मेंटली और इमोशनली पूरी तरह से तैयार रहना होगा।बहुत से लोग आपके डिसीज़न से सहमत नहीं होंगे, लेकिन आपको आपके बिजनेस के लिए जो जरूरी है वो करने के लिए तैयार रहना होगा। लीडर होना आपको अकेलापन फील करा सकता है, लेकिन आपको अकेले रहना और भले ही दुनिया के खिलाफ चलना हो, आपको अपने शब्दों की भी जिम्मेदारी लेना सीखना पड़ेगा। लीडरशिप कैसे काम करती है इसका एग्जाम्पल देने के लिए हम आपको एक सिंपल टास्क देंगे जो आप घर में भी कर सकते हैं। पहले आपको एक्सेप्ट करना सीखना होगा। अगर आप खुद को एक लीडर की तरह नहीं देखते हैं और दूसरों को ये बता कर प्राउड फील नहीं करते हैं , तो आप हमेशा अपनी टीम को लीड करने से डरेंगे। अपने शब्दों को बंदूक की गोलियों की तरह समझें। दसे सिर्फ तब ही फायर करें जब करने से डरेंगे। अपने शब्दों को बंदूक की गोलियों की तरह समझें। इसे सिर्फ तब ही फायर करें जब आप स्योर हों और जब आप उनके रिजल्ट की पूरी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार हों। आपको हमेशा पता नहीं होगा कि हर सिचुएशन में क्या बोलना है। कभी-कभी आपको नामुमकिन से लगने वाले फैसले भी लेने होंगे, लेकिन हमेशा याद रखें कि लीडरशिप एक ऐसी स्किल है जिसे आप समय के साथ इंप्रूव सकते हैं। दूसरा, आपको यह चुनने की जरूरत है कि आपका फोकस कहाँ होना चाहिए। आपके बिजनेस में सबसे ज्यादा इंपोर्टेट और सबसे कम इंपोर्टेट चीजों की एक लिस्ट बनाएं। आपकी लिस्ट में आपका विज़न, आपका बिजनेस मॉडल, आप अपने एम्प्लाइज़ को कैसे ट्रीट करतें हैं, और आपका रिजल्ट शामिल हो सकता है। हमारा आखिरी सुझाव यह है कि आप हर दिन अपने बिजनेस में जो भी करते हैं उसे लिखें। सभी एक्शन को जिम्मेदारी के हिसाब से केटेगरी में बांटने की कोशिश करें जो उस पर फिट बैठता है। आप आन्ट्रप्रनर के लिए E का यूज़ कर सकते हैं, जो आपके अंदर के लीडर के बारे में बताता है, मैनेजर के लिए M, जो मेनेजमेंट वर्क के बारे में बताता है, और technician के लिए T, जो कि आपका रेगुलर काम है जैसे कि पाईज़ बेक करना। जब आप अपने बिजनेस में हर दिन ये टास्क प्रेक्टिस करते हैं, तो आप एक लीडर के रूप में इंप्रूव करेंगे। आपको यह सीखने की जरूरत है कि काम को उसकी करते हैं, तो आप एक लीडर के रूप में इंप्रूव करेंगे। आपको यह सीखने की जरूरत है कि काम को उसकी इम्पोर्टेस के हिसाब से कैसे बांटना चाहिए, ऑर्गेनाइज कैसे करना चाहिए, और जो सबसे ज्यादा मैटर करता है उस पर फोकस कैसे करें। मार्केटिंग लीडर का डिसिप्लिन जब आप मार्केटिंग के बारे में सीखना चाहते हैं, तो आपको कई बुक्स और रिसोर्सेस मिलेंगे, जो आपको वह सब कुछ सिखाएँगे जो आपको जानना चाहिए। फिर भी, ज्यादातर लोग अपने प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए ज्यादा कस्टमर पाने में फेल हो जाते हैं। क्यों? प्रोब्लम ये नहीं है कि मार्केटिंग मुश्किल है। मार्केटिंग के प्रिंसिपल्स को समझना आसान है। इन प्रिंसिपल्स में अपना मार्केट स्टडी करना, उस मार्केट को सर्व करने वाला अपना विज़न सेट करना, प्रोडक्ट बनाना और उस प्रोडक्ट को बेचना शामिल है। प्रॉब्लम ये है कि अगर आप एक मार्केटर के रूप में सफल होना चाहते हैं, तो आपको बहुत ज्यादा पैशन, डिसिप्लिन, फोकस और हार्ड वर्क की ज़रूरत है। बहुत से लोगों के पास वो क्या पाना चाहते हैं इसका क्लियर विजन नहीं है। कई लोगों में सालों तक लगातार चलने का पैशन नहीं है जो तब तक बना रहे जब तक बिजनेस वर्ल्ड क्लास नहीं बन जाता। बहुत से लोगों पास ज़रूरी और इफेक्टिव काम करने के लिए फोकस नहीं है। जब तक बिजनेस वर्ल्ड क्लास नहीं बन जाता। बहुत से लोगों पास ज़रूरी और इफेक्टिव काम करने के लिए फोकस नहीं है। अगर आप सबसे ज़्यादा सक्सेसफुल बिजनेसेस को देखेंगे तो आप नोटिस करेंगे कि उन सभी के पास एक क्लियर विज़न था जिसने उन्हें वर्ल्ड क्लास ब्रांड के लेवल तक पहुंचाया। जैसे कि स्टारबक्स हर जगह फेमस है यहाँ तक कि जो लोग यूनाइटेड स्टेट्स में नहीं रहते, वो भी स्टारबक्स के बारे में जानते हैं। हाईली फोकस्ड मार्केटिंग प्लान कंपनी को गाइड करता है। आप उनका फोकस उनके logo, उनके डिस्प्ले और उनकी सर्विस में देख सकते हैं।स्टारबक्स ने एक ऐसे कस्टमर एक्सपीरियंस देने के लिए बहुत मेहनत की है, जो आप और कहीं नहीं पा सकते। आपको कॉफी कहीं भी मिल सकती है, लेकिन स्टारबक्स मे वो आपको अलग-अलग ब्रांड्स ऑफर करते हैं, जो उन्होंने खुद बनाया है। यहाँ तक की उनकी कॉपी की ख़ुशबू भी सबसे अलग है।जब आप स्टारबक्स की कॉफी खरीदते हैं तब आप एक यूनिक एक्सपीरियंस चाहते हैं। एंप्लॉईज़ का पहनावा, कस्टमर्स का लुक, स्मैल और शोर। स्टारबक्स में, आप सिर्फ अपनी कॉफी का मज़ा नहीं लेते बल्कि आप अपनी कॉफी को फील करते हैं। ये भी यूनिक है कि दुनिया भर में सभी स्टारबक्स एक जैसे हैं। वह हर जगह एक जैसा यूजर एक्सपीरियंस बनाने में फोकस करते हैं। एक सक्सेसफुल मार्केटिंग प्लान ऐसा ही होना चाहिए. यह पैशनेट है, फोकस्ड है ” के लेवल तक पहुंचाया। जैसे कि स्टारबक्स हर जगह फेमस है यहाँ तक कि जो लोग यूनाइटेड स्टेट्स में नहीं रहते, वो भी स्टारबक्स के बारे में जानते हैं। हाईली फोकस्ड मार्केटिंग प्लान कंपनी को गाइड करता है। आप उनका फोकस उनके logo, उनके डिस्प्ले और उनकी सर्विस में देख सकते हैं।स्टारबक्स ने एक ऐसे कस्टमर एक्सपीरियंस देने के लिए बहुत मेहनत की है, जो आप और कहीं नहीं पा सकते। आपको कॉफी कहीं भी मिल सकती है, लेकिन स्टारबक्स मे वो आपको अलग-अलग ब्रांड्स ऑफर करते हैं, जो उन्होंने खुद बनाया है। यहाँ तक की उनकी कॉपी की ख़ुशबू भी सबसे अलग है।जब आप स्टारबक्स की कॉफी खरीदते हैं तब आप एक यूनिक एक्सपीरियंस चाहते हैं। एंप्लॉईज़ का पहनावा, कस्टमर्स का लुक, स्मैल और शोर। स्टारबक्स में, आप सिर्फ अपनी कॉफी का मज़ा नहीं लेते बल्कि आप अपनी कॉफी को फील करते हैं। ये भी यूनिक है कि दुनिया भर में सभी स्टारबक्स एक जैसे हैं। वह हर जगह एक जैसा यूजर एक्सपीरियंस बनाने में फोकस करते हैं। एक सक्सेसफुल मार्केटिंग प्लान ऐसा ही होना यह पैशनेट है, फोकस्ड है और सच में कस्टमर के बारे में सोचते है।अगर आप अपनी मार्केटिंग स्किल्स को इंप्रूव करना चाहते हैं तो ग्रेट फ्रेंचाइज़ मॉडल्स को स्टडी करें और उनकी राह पर चलने की कोशिश करें। E-Myth Mastery Michael E. Gerber फाइनेंशियल लीडर के डिसिप्लिन अगर आप एक छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन आपके पास इतने पैसे नहीं है तो यह चैप्टर आपको सिखाएगा कि पैसे को कैसे समझें और आप इसे काम मे कैसे ला सकते हैं। इस मॉडर्न वर्ल्ड में, अनगिनत तरीके हैं जिससे आप पैसे कमा सकते हैं। हमें हर दिन और हर जगह पैसा बनाना सिखाया जाता है। लेकिन किसी ने हमें यह नहीं सिखाया कि बेहतर जीवन जीने के लिए इसका उपयोग कैसे किया जाए। दिसंबर 1985 को, माइकल गर्बर को ऐसी खबर मिली जिसने उनका जीवन हमेशा के लिए बदल दिया। उनका बिजनेस अच्छा चलने लगा था। माइकल ने एक नया घर खरीदा, और वो उस पैसे को एंजॉय कर रहे थे जिसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर मेहनत की थी। लेकिन एक दिन उनके बिजनेस पार्टनर ने उनसे कहा कि वह लोग फेल हो रहे हैं। वो क़र्ज़ में थे और उनका बिजनेस डूब रहा था। समय के साथ, बिल्स बढ़ने लगे, क्रेडिटर्स शिकायत करने लगे, एंप्लॉईज़ को देने के लिए उनके पैसा नहीं था।माइकल शॉक मे थे। उन्हें विश्वास था कि उनका बिजनेस बहुत अच्छा कर रहा है और वो सही दिशा की ओर बढ़ रहे थे। वह खुश थे, और उन्हें लग रहा था कि उनका विज़न अब सच होने वाला था।लेकिन बिजनेस क्लाइंट खोने लगा दसलिए कर्ज चकाना भी मश्किल हो उनका विज़न अब सच होने वाला था।लेकिन बिजनेस क्लाइंट खोने लगा इसलिए क़र्ज़ चुकाना भी मुश्किल हो गया माइकल ने फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स को हायर करने की कोशिश की और एक एक कर उन्होंने उन सबको काम से निकाल दिया। कुछ ने उनके बिजनेस में और भी पैसे का नुकसान कराया और कुछ अपने पीछे एक लंबा बिल छोड़कर गए जिसने माइकल के क़र्ज़ को और भी बढ़ा दिया था। क्रेडिटर्स में अब पेशेंस नहीं बचा था। कुछ ने कंपनी पर कोर्ट केस करने की धमकी दी, और कुछ ने कोर्ट केस कर दिया।माइकल ने अपने प्लांस को देखा। वो सब परफेक्ट थे। उन्होंने अपने बिजनेस प्लान को फॉलो करके एक परफेक्ट कंपनी बनाई थी, तो फिर क्या गलत हो गया?उनके आसपास सभी ने उन्हें कंपनी बेच देने को कहा, क्योंकि अब कंपनी को वापस पाने की कोई उम्मीद नहीं थी। क्लाइंट्स कम हो रहे थे और क़र्ज़ बढ़ रहे थे। माइकल ने सभी बेकार के खर्चे कम करने का फैसला किया। उन्होंने कुछ एंप्लॉईज़ को निकाल दिया और उनकी पत्नी को फाइनेंशियल प्लान हेंडल करने दिया। धीरे-धीरे, उसकी पत्नी ने चीजों को बदलना शुरू किया। उन्होंने क्लाइंट्स से आमने सामने मिलने के बजाय उनसे फोन पर बात करने लगी जो तेज और इफेक्टिव तरीका था। पिछले फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के opposite, माइकल की पत्नी ने वादे किए और उन्हें पूरा करने के लिए वह सब कुछ किया जो वह कर उनकी पत्नी को फाइनेंशियल प्लान हेंडल करने दिया। धीरे-धीरे, उसकी पत्नी ने चीजों को बदलना शुरू किया। उन्होंने क्लाइंट्स से आमने सामने मिलने के बजाय उनसे फोन पर बात करने लगी जो तेज और इफेक्टिव तरीका था। पिछले फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के opposite, माइकल की पत्नी ने वादे किए और उन्हें पूरा करने के लिए वह सब कुछ किया जो वह कर सकती थीं। धीरे धीरे उनके क्लाइंट्स बढ़ने लगे, और इनकम भी हर दिन बढ़ने लगी।माइकल और उनकी पत्नी ने अपना क़र्ज़ चुका दिया, और वो अपने विज़न पर फिर से काम करने लगे। इस कहानी से हमने सिखा कि जब पैसे की बात आए तो हम किसी पर भरोसा नहीं कर सकते। इकलौती चीज जो आपको अपनी कंपनी का एक्यूरेट डेटा रिसीव करने की गारंटी देती है, वो है आपका आपके एंप्लॉईज़ के साथ एक साफ समझौता। हर दिन आप किस डेटा को स्टडी करेंगे और वह किस फॉर्म में होगा इसे लेकर आपको क्लियर होना चाहिए। किसी पर आँख बंद कर के भरोसा ना करें और अपने कंपनी को अनजाने मे डूबने ना दें।हमेशा इस बात को लेकर केयरफुल रहे कि आप अपने पैसे को कैसे हैंडल करते हैं क्योंकि एक दिन आप बहुत खुश हो सकते हैं और दूसरे दिन 2 मिलियन डॉलर के क़र्ज़ में डूबे हुए भी हो सकते हैं. E-Myth Mastery Michael E. Gerber मैनेजमेंट लीडर का डिसिप्लिन जब आप अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं तो आप खुश होते हैं या डरते हैं? अगर आप डरते हैं, तो आप अपने अतीत को आप पर हावी होने दे रहे हैं। जब हमारे साथ कोई नया एक्सपीरियंस होता है, तो हम उसे खुले दिमाग से पूरी तरह एक्सपीरियंस नहीं कर पाते। हम उसमें अपनी पिछले दुख भी मिला देते हैं। ऐसा हमारे बिजनेस में भी हो सकता है। कई बार हमारे बिजनेस प्लान हमारी पिछले फैलियर से एफैक्ट हो जाते हैं इसलिए हम अपना फ्यूचर साफ नहीं देख पाते। एक मैनेजर का काम एंप्लॉईज़ की साधारण सोच को बदलना है ताकि वे वर्ल्ड क्लास कंपनी बनाने के गोल्स को पूरा कर सकें। मैनेजर को बिजनेस के कोर वैल्यू को खोए बिना उसे डेवलप करने के तरीके खोजने होंगे। मैनेजर को कुछ सवालों के जवाब ढूंढने होते हैं, जैसे कि हम वर्ल्ड क्लास कंपनी कैसे बन सकते हैं? क्या बदलना चाहिए और क्या रखने के लायक है? एक अच्छे मैनेजर को हमेशा पास्ट को कंट्रोल में रखने की और उसे प्रेजेंट को एफैक्ट ना करने देने की कोशिश करनी चाहिए। एक अच्छा मैनेजर हमेशा कोशिश करनी चाहिए। एक अच्छा मैनेजर हमेशा ज्यादा सक्सेस पाने और नई स्ट्रेटजी ट्राय करके फ्यूचर को हैंडल कर सकता है।सोचिए कि आपने एक कंपनी बनाई है। लंबे समय तक, आप कस्टमर्स को वैल्युएबल प्रोडक्ट और सर्विस देने में सक्सेसफुल रहे हैं। आप पैसे कमा रहे हैं, और आप अपनी करंट सक्सेस से सेटिस्फाइड है। लेकिन, क्योंकि दुनिया हमेशा बदलती रहती है, एक दिन नींद से उठ कर आपको ये पता चलता है कि आपकी सर्विस की अब कोई जरूरत नहीं है। कस्टमर अब आपके प्रोडक्ट के बदले एक नए और बेहतर प्रोडक्ट खरीद रहे हैं। अगर आपके पास एक अच्छी मैनेजमेंट टीम होगी तो वो बदलाव को पहले से भांप जाएंगे। अच्छा मैनेजर हमेशा आगे से प्लान तैयार रखता है, ताकि वह कस्टमर की अभी की ज़रुरत को और फ्यूचर में जो बदलाव वो चाहते हैं उसे पूरा कर सके। एक अच्छा मेनेजर इस बात की एक लिस्ट बनाता है कि प्रोडक्ट में क्या रखना है और क्या बदलना है। फिर, वो कंपनी को उसके पुराने मॉडल से एक नई दिशा में ले जाने के लिए कदम उठाना शुरू कर देता है। अच्छे मैनेजमेंट के बिना, कोई भी कंपनी कुछ ही समय में नए कंपीटीटर से हार सकती है। इसलिए एक मेनेजर के रूप में, आपको अपने पास्ट, प्रेजेंट और यहां तक IS ICICI VDr CIRIS STI के रूप में, आपको अपने पास्ट, प्रेजेंट और यहां तक कि अपने फ्यूचर की प्रोब्लम्स को सोल्व करना होगा। कॉन्क्लूज़न अब आपको पता है कि वर्ल्ड क्लास कंपनी बनाना नामुमकिन सपना नहीं है। बहुत से आन्ट्रप्रनर्स ने पहले भी यह किया है, और आप भी यह कर सकते हैं। आपको बस आन्ट्रप्रनरशिप के लिए ज़रूरी यूनिक स्किल्स की एक क्लियर समझ चाहिए । उन्हें अच्छे से प्रैक्टिस करें, और फोकस बनाए रहने की पूरी कोशिश करें। यह बुक हेल्पफुल थी क्योंकि इसने आपको आन्ट्रप्रनर की तरह सोचना और काम करना सिखाया। आपने पैशन, पर्पस और प्रैक्टिस के इंपॉर्टेस को जाना। आपने जाना की खुद का बिजनेस शुरू करने से, आप अपने बिजनेस के लीडर, मैनेजर और फाइनेंशियल एक्सपर्ट बन जाते हैं।आप एक साधारण एंप्लॉई की तरह सोचकर और काम करकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि आपका बिजनेस बढ़ जाए। आपको यह जानना होगा कि अपनी टीम को कैसे लीड करें, अपनी प्रायोरिटी को कैसे मैनेज करें और अपने पैसे को कैसे कंट्रोल करें। अपनी टीम से सभी चीज़ों के लिए रिस्पांसिबल होने All Done? Finished यह बुक हेल्पफुल थी क्योंकि इसने आपको आन्ट्रप्रनर की तरह सोचना और काम करना सिखाया। आपने पैशन, पर्पस और प्रैक्टिस के इंपॉर्टेस को जाना। आपने जाना की खुद का बिजनेस शुरू करने से, आप अपने बिजनेस के लीडर, मैनेजर और फाइनेंशियल एक्सपर्ट बन जाते हैं।आप एक साधारण एंप्लॉई की तरह सोचकर और काम करकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि आपका बिजनेस बढ़ जाए। आपको यह जानना होगा कि अपनी टीम को कैसे लीड करें, अपनी प्रायोरिटी को कैसे मैनेज करें और अपने पैसे को कैसे कंट्रोल करें। अपनी टीम से सभी चीज़ों के लिए रिस्पांसिबल होने की उम्मीद ना करें, क्योंकि वो गड़बड़ कर सकते हैं। बिजनेस की दुनिया में एक गलती आपको बहुत सारे पैसे का नुकसान करा सकती है। इसलिए अपने विज़न को क्लियर रखें, हार्ड वर्क करें और हमेशा अपने कॉम्पिटिटर्स के खिलाफ जीतने के लिए तैयार रहें। आपकी कंपनी इस दुनिया में अगली वर्ल्ड क्लास कंपनी हो सकती है, इसलिए ऐसा होने के लिए हर दिन कड़ी मेहनत करें।

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