Convert 2.0 Frank Kern’s Books In Hindi Summary

Convert 2.0 Frank Kern’s परिचय एक एंटप्रेन्योर होने के नाते आप हमेशा अपना बिजनेस इम्प्रूव करने के तरीके ढूंढते रहते होंगे. और हायर प्रॉफिट के लिए आप ज्यादा एडवरटीज़मेंट्स भी खरीदते होंगे. और आप अपने बिजनेस प्रोसेस को इम्प्रूव करने के लिए भी कुछ सोचते होंगे. प्लानिंग करते होंगे, लेकिन अगर इससे ज्यादा एफिशिएंट तरीका आपको मिल जाये तो ? एक ऐसा आसान सा रास्ता जिससे आप ज्यादा प्रॉफिट कमा सके ? और सबसे बढ़कर अगर आप अपनी कंपनी की रेपुटेशन बढ़ा सके ? यहाँ हम बात कर रहे है कन्वर्ट की जो इसी बारे में है. इसमें आप कांसेप्ट्स सीखेंगे जिससे आपको और आपके बिजनेस को काफी बेनिफिट होगा. ये कॉन्सेप्ट्स हमेशा ही इफेक्टिव प्रूव हुए है और यही लेखक फ्रेंक कर्न अपने क्लाइंट्स को सिखाते है. फ्रेंक कर्न इंटरनेट मार्केटिंग में एक एक्सपर्ट और कंसल्टेंट है उन्होंने कई ऑनलाइन बिज्नेसेस को चलाने में अपने क्लाइंट्स की हेल्प की है. और इस बुक को लिखने के पीछे भी उनका यही एम् है. क्या आप जानते है कि अपने बिजनेस प्रोसेस में चेंज लाये बिना भी आप अपने प्राइस इनक्रीज कर सकते है? पॉवर ऑफ़ इंट्रीइंसिक वैल्यू से आप इस बारे में सीखेंगे. क्या आपको ये जानना है कि कस्टमर्स को अटेक्ट करने में आपकी रेपटेशन और ओवर आल बारे में सीखेंगे. क्या आपको ये जानना है कि कस्टमर्स को अट्रेक्ट करने में आपकी रेपुटेशन और ओवर आल इमेज कितनी इम्पोर्टेन्ट है? ये सब आप एक कांसेप्ट में सीखेंगे जिसे पोजिशनिंग कहते है. हर चीज़ आपके कन्वर्शन प्रोसेस की तरफ लीड करती है जिसमे आप ज्यादा प्रॉफिट बनाते है और कस्टमर्स आपके लॉयल फेन बन जाते है. आपको हम 3 स्टेप्स ऑफ़ कन्वर्शन के बारे में बताएँगे जो है प्री-फ्रेमिंग, इन्डोकट्रीनेशन और कन्वर्शन. कस्टमर्स आपका ऑप्ट इन ऑफर ले उससे पहले ही ये प्रोसेस स्टार्ट हो जाता है. कन्वर्ट का अल्टीमेट गोल यही है कि ये आपके सेल्स प्रोसेस को ईजी बना देगा. इससे पहले कि आप सच में प्रोडक्ट बेचने के लिए ट्राई करे उससे पहले ये लोगो में आपके प्रोडक्ट की डिमांड पैदा करेगा. कन्वर्शन अप्लाई करके ना सिर्फ आप अपने कस्टमर्स से प्रॉफिट कमाएंगे बल्कि उनका दिल भी जीत लेंगे और यही सबसे इम्पोर्टेन्ट है. तो स्टार्ट करते है इसे. द विक्ट्री इक्वेशन आप अपने ऑनलाइन बिजनेस में विक्ट्री कैसे अचीव करेंगे? जब आप ये बुक पढेंगे तो ये विक्ट्री इक्वेशन ये गाइड की तरह काम करेगा.और कॉन्सेप्ट्स ऑफ़ पोजिशनिंग, प्रोमोशन और प्रोसेस आपके लिए उस प्रॉफिट में एड अप होते जायेंगे तो आपको मिलेगा. पोजिशनिंग प्लस प्रोमोशन प्लस प्रोसेस इज इकवल टु प्रॉफिट जी हां तो अगले चैप्टर में आप प्रॉफिट और में आपके प्रोडक्ट की डिमांड पैदा करेगा. कन्वर्शन अप्लाई करके ना सिर्फ आप अपने कस्टमर्स से प्रॉफिट कमाएंगे बल्कि उनका दिल भी जीत लेंगे और यही सबसे इम्पोर्टेन्ट है. तो स्टार्ट करते है इसे. द विक्ट्री इक्वेशन आप अपने ऑनलाइन बिजनेस में विक्ट्री कैसे अचीव करेंगे? जब आप ये बुक पढेंगे तो ये विक्ट्री इक्वेशन ये गाइड की तरह काम करेगा.और कॉन्सेप्ट्स ऑफ़ पोजिशनिंग, प्रोमोशन और प्रोसेस आपके लिए उस प्रॉफिट में एड अप होते जायेंगे तो आपको मिलेगा. पोजिशनिंग प्लस प्रोमोशन प्लस प्रोसेस इज इकवल टु प्रॉफिट जी हां तो अगले चैप्टर में आप प्रॉफिट और इंट्रीनसिक वैल्यू के बारे में और भी बहुत कुछ सीखेंगे. फिर हम पोजिशनिंग की तरफ प्रोसीड करेंगे जो आपके बिजनेस के लिए काफी इम्पोर्टेन्ट है. प्रोमोशन में आप कन्वर्शन के 3 स्टेप्स देख सकते है. ये प्री फ्रेमिंग से शुरू होता है फिर इसके बाद इंडोक्ट्रीनेशन आता है और फिर खुद कन्वर्शन प्रोसेस. फ्रेंक कर्न का कन्वर्ट फार्मूला आपको ये सिखाता है कि अगर आपका प्रोसेस सेम रहता है तो भी आप प्रॉफिट इनक्रीज कर सकते है. इसमें पोजिनिंग और प्रोमोशन पर ज्यादा फोकस दिया गया है. चलिए एंड इन माइंड से शुरू करते है और प्रॉफिट के बारे में थोडा और सीखते है. Convert 2.0 Frank Kern’s इंट्रीन्सिक वैल्यू प्रैक्टिकल वैल्यू + इंट्रीन्सिक वैल्यू = टोटल प्रीसीड वैल्यू जी हां ये है वैल्यू इक्वेशन है. ये आपको समझने में हेल्प करेगा कि और ज्यादा प्रॉफिट कैसे बनाया जाए. प्रेक्टिकल वैल्यू वो है जो आपका प्रोडक्ट आपके कस्टमर्स को देता है. जैसे कि मान लो आपका प्रोडक्ट है एक किचन नाइफ तो इसकी प्रैक्टिकल वैल्यू ये होगी कि ये मीट ईज़ी और फ़ास्ट काटता है. टोटल पर्सीड वैल्यू वो ओवरआल वैल्यू है जो आप अपने कस्टमर्स को देते है. अब अगर भले ही आप बेस्ट प्रेक्टिकल वैल्यू दे रहे है तो भी ये काफी नहीं होगा जब तक कि आप अपने कस्टमर्स को एक ग्रेट इंट्रीन्सीक वैल्यू नही देते. तो आप ज्यादा प्रॉफिट कैसे बनायेंगे? ज्यादातर कंपनीज़ सिर्फ इस बात पर फोकस करती है कि वे ज्यादा से ज्यादा स्टफ बेच सके. ये लोजिकल बात है. तो वो क्या करते है कि वो अपने काम का तरीका इम्प्रूव कर लेते है. वो अपना बिजनेस प्रोसेस इम्प्रूव करते है. लेकिन अगर आपका प्रोसेस और प्रोडक्ट सेम रहे फिर भी आप ज्यादा प्रॉफिट कमाए तो कैसा रहे ? जी हाँ, ये पोसिबल है. अपनी सेल्स इनक्रीज करने के लिए आप ऐसे ही अपना प्राइस इनक्रीज कर सकते है. लेकिन कैसे? तो इसका जवाब है. आप ऐसा कर लिए आप ऐसे ही अपना प्राइस इनक्रीज कर सकते है. लेकिन कैसे? तो इसका जवाब है, आप ऐसा कर सकते है इंट्रीन्सिक वैल्यू में इन्वेस्ट करके. इसे बैटर ढंग से समझने के लिए कार्स की स्टोरी लेते है. एक कार की प्रैक्टिकल वैल्यू क्या होगी? ये हमे एक डेस्टिनेशन से दूसरे डेस्टिनेशन तक ले के जाती है. कार से जाना चलकर जाने से बैटर है क्योंकि इससे टाइम और एनर्जी दोनों बचती है. कार आपको रेन, सन या स्नो से बचाती है. अगर आपके पास कार है तो आप उसमे अपने डॉग को घुमा सकते है, अपनी ग्रोस्रीज़ या गोल्फ क्लब्स ला सकते है. खुद की कार होते हुए आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ज़रुरत नहीं पड़ेगी. तो ये रहीं सारी बातें,चलो अब थोडा स्पेसिफिक बनते है. आपके ख्याल से एक बीएमडब्ल्यू 750 LI की प्रैक्टिकल वैल्यू क्या होगी? बेशक इसमें बेसिक फीचर्स है मगर इससे भी ज्यादा एक बीएमडब्ल्यू काफी रीलायेबल होती है. इसकी अपहोल्स्ट्री काफी कम्फर्टेबल है. ये स्मूदली चलती है और इसका एक्स्टीरियर डिज़ाइन काफी कूल है. एक बीएमडब्ल्यू 750LI की कीमत $86,000 से $90,000 के बीच होती है. तो आइये आगे बाते करते है रोल्स रोयस घोस्ट के बारे में तो अब रोल्स रोयस घोस्ट के बारे में क्या ख्याल है ? इस लक्जरी कार की कीमत $256,000 से लेकर $296,000 तक होती है. मगर इसके फीचर्स सेम बीएमडब्ल्यू 750LI जैसे ही है. रोल्स रोयस घोस्ट भी काफी रिलाएबल कार है. इसमें वो सब कुछ है जो किसी लक्जरी कार कार है. इसमें वो सब कुछ है जो किसी लक्जरी कार में होने चाहिए, कम्फरटेबल अपहोल्स्ट्री, स्मूद ड्राइव, कूल एक्स्टीरियर डिजाइन, लेकिन फिर ये कार बाकी कारो से डिफरेंट कैसे है ? आपको ये जानकर और भी सरप्राइजड होंगे कि रोल्स रोयस एक्चुअल में बीएमडब्ल्यू की बनाता है. है ना अमेजिंग राईट? सिर्फ बॉडी शेप और इंजिन में स्लाईट चेंज है वर्ना रोल्स रोयस घोस्ट और बीएमडब्ल्यू 750LI सेम कार ही है. तो फिर रोल्स रोयस बीएमडब्ल्यू से तीन गुना महँगी क्यों है? अल्टीमेटली ये इसकी इंट्रीन्सिक वैल्यू की वजह से है. रोल्स रोयस सिम्पली बेस्ट कार है. ऑटोमोबाइल मार्किट में इसकी हाई पोजिशनिंग है. ज़रा इमेजिन करे, आपकी एक कोंफ्रेंस है और आप वहां रोल्स रोयस में पहुँचते है. लोग आपको डिफरेंटली ट्रीट करना शुरू कर देंगे. इसपेश्ली कम्प्येर में जब आप हौंडा सिविक में या बीएमडब्ल्यू यूज़ करते. आपकी रोल्स रोयस हमेशा सबसे अलग दिखेगी. लोगो की क्यूरियसिटी आपके बारे में बढ़ जायेगी. वे आपको तुरंत ही एक इम्पोर्टेन्ट और सक्सेसफुल पर्सन समझने लगेगे. यही सीक्रेट है कि रोल्स रोयस के पीछे एक्स्ट्रा $200,000 के. रोल्स रोयस के अलावा फेरारी कंपनी की भी हाई इंट्रीन्सिक वैल्यू है. जब फेरारी कोई नया मॉडल रिलीज़ करती है तो ये यूनाइटेड स्टेट्स पहुँचने से पहले ही बिक चुकी होती है. फेरारी के फेन इस कार को स्ट्रेट इटली से आर्डर कर देते है. जैसे ही नया मॉडल आता है लोग एक्स्ट्रा $50,000 देकर भी इसे बुक करा लेते है. अगर आप फेरारी के सेल्सपर्सन है या बीएमडब्ल्यू यूज़ करते. आपकी रोल्स रोयस हमेशा सबसे अलग दिखेगी. लोगो की क्यूरियसिटी आपके बारे में बढ़ जायेगी. वे आपको तुरंत ही एक इम्पोर्टेन्ट और सक्सेसफुल पर्सन समझने लगेगे. यही सीक्रेट है कि रोल्स रोयस के पीछे एक्स्ट्रा $200,000 के. रोल्स रोयस के अलावा फेरारी कंपनी की भी हाई इंट्रीन्सिक वैल्यू है. जब फेरारी कोई नया मॉडल रिलीज़ करती है तो ये यूनाइटेड स्टेट्स पहुँचने से पहले ही बिक चुकी होती है. फेरारी के फेन इस कार को स्ट्रेट इटली से आर्डर कर देते है. जैसे ही नया मॉडल आता है लोग एक्स्ट्रा $50,000 देकर भी इसे बुक करा लेते है. अगर आप फेरारी के सेल्सपर्सन है तो आपको ये कार बेचने के लिए कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है. आपको इसे खरीदने के लिए लोगो को कन्विंस नहीं करना पड़ता है. आपको बस बैठकर आर्डर लेने होते है. इसलिए एक हाई इंट्रीन्सिक वैल्यू ना सिर्फ आपका प्रॉफिट इनक्रीज करती है बल्कि ये आपके प्रोडक्ट की डिमांड बढाकर सेल्स प्रोसेस में इफेक्टिवनेस लाती है. अगर आप भी अपने बिजनेस में सेम इफेक्ट चाहते है तो आपको इंट्रीन्सिक वैल्यू में इन्वेस्ट करने की ज़रूरत है. आपको हाई पेईंग कस्टमर्स मिल सकते है. आप हायर फीस और प्राइस चार्ज कर सकते है. इस तरह से आप बिना कोई प्रोसेस चेंज किये अच्छा प्रॉफिट कमा लेंगे. Convert 2.0 Frank Kern’s पोजिशनिंग हाई इंट्रीन्सिक वैल्यू आप कैसे अचीव कर सकते है? आप ये पोजिशनिंग के धू कर सकते है. आपको इसके के लिए अपनी “ग्लोबल डिजायर्ड पोजीशन” डिटरमाइन करनी होगी. रोल्स रोयस की हाई इंट्रीनन्सिक वैल्यू इस पोजिशनिंग की वजह से ही है. इसने ऑटोमोबाईल मार्किट में खुद को एसटेबिलिश करके अपनी एक हाई पोजीशन मेंटेन की है. आप भी खुद की ग्लोबल डिजायर्ड पोजीशन मेंटेन करके अपने बिजनेस में ऐसा इफेक्ट डाल सकते है. आपके आइडियल कस्टमर आपको कैसे देखे, मार्किट में कैसे आपको व्यू करे, ये आपके हाथ में है.मगर ग्लोबल डिजायर्ड पोजीशन हासिल करने से पहले आपको इन चार क्वेश्चन्स का ज़वाब देना होगा. पहला है” आपकी मैजिक पॉवर क्या है? दूसरा क्वेश्चन” आपकी सुपरहीरो आइडेंटीटी क्या है? और तीसरा क्वेश्चन है” आप किस चीज़ के लिए स्टैंड करते है? और चौथा क्वश्चन है” आपके किसके अगेंस्ट स्टैंड कर रहे है? इमेजिन करे कि आप हाइएस्ट प्राइस पे करने वाले 1,000 आइडियल कस्टमर्स के सामने खड़े है. यही वो लोग है जिनसे आपको बेस्ट प्रॉफिट मिल सकता है तो आप अब उनके आगे खुद को कैसे इंट्रोड्यूस करेंगे? यही है मैन सवाल. सबसे पहले तो अपनी मैजिक !! यही है मैन सवाल, सबसे पहले तो अपनी मैजिक पॉवर फिगर आउट कर ले. ऐसी क्या चीज़ है जो आप बेस्ट कर सकते है? जैसे कि आपकी मैजिक पॉवर हो सकती है कि आप पैसे सेव करने में बेस्ट हो या फिर गार्डनिंग या वेट लूज़ में आप माहिर हो. जो कुछ भी आप बढ़िया करते है उसके पूरे मास्टर बन जाओ. अब अगली चीज़ है अपनी सुपर हीरो आइडेंटीटी ढूढना. ये वो केरेक्टर होगा जो आप मार्किट करेंगे या आपके कस्टमर्स जिससे आपको पहचान सके. ये इमेज जो आप मार्किट में प्रेजेंट करेंगे यही आपकी सेल्स प्रोसेस को बढ़ाएगा. अगर आपने ये सही ढंग से कर ली तो आपकी सुपर हीरो आइडेंटीटी आपके प्रॉफिट, डिमांड और कन्वर्शन को इनक्रीज कर सकती है. लेकिन इसके लिए अपनी मैजिक पॉवर और सुपर हीरो आइडेंटीटी को क्लीयरली डिफाइन करे. ये बहुत स्पेसिफिक होना चाहिए ताकि आपका आईडिया मार्किट में छा जाए.उसके बाद वो चीज़ एस्टेबिलिश करे जिसके लिए और जिसके अगेंस्ट स्टैंड कर रहे है. अब हम मोमेंट पे वापस जाते है. वो डिफानिंग मोमेंट जब आपके सामने 1,000 आइडियल कस्टमर्स खड़े होकर आपको देख रहे है. इनमे से कोई भी अभी आपको नहीं जानता है. वे नहीं जानते कि आप कौन है और उनके लिए क्या कर सकते है. तो आपको अब बेस्ट इम्प्रेशन बनाना होगा. और यही आपका ऐम होना चाहिए. आपका इंट्रोडक्शन कुछ ऐसा होना चाहिए- “मेरा नाम है. मै मार्किट प्लेस में सबसे ज्यादा (अपना मैजिक पॉवर या सुपर प्लेस में सबसे ज्यादा (अपना मैजिक पॉवर या सुपर हीरो आइडेंटीटी इन्सर्ट करे) मै फेमस हूँ …” अब यही पर आपको वो इन्सर्ट करना है जिसके लिए आप स्टैंड करते है. ये खुद को इंट्रोड्यूस करने का एक बड़ा ग्रेट तरीका है जो अमेजिंग रिजल्ट देता है. आपको लोगो से नेगेटिव कम और पोजिटिव रिजल्ट्स ज्यादा मिलेंगे. जैसे एक्जाम्पल के लिए फ्रेंक कर्न ये करता था. “मेरा नाम फ्रेंक कर्न है और मुझे लोग ऑनलाइन बिजनेस कम्यूनिटी में सबसे ज्यादा डाइरेक्ट रिस्पोंस देने वाले इंटरनेट मार्केटिंग कोपीराइटर और कंसल्टेंट के तौर पर जानते है…” अब ये है लेखक का मैजिक पॉवर और सुपरहीरो आइडेंटीटी. उसकी स्किल यही है कि उसे काफी सारे क्लाइंट्स मिलते है जिन्हें वो अपनी टेक्नीक्स सिखाता है. इसके बाद” वो प्रॉफिटेबल इन्टरनेट मार्केटिंग प्रोमोशन्स क्रियेट करने के लिए बहुत फेमस है जो ब्रांड लोयेलिटी और गुडविल भी बनाता है…….” ये वो चीज़ है जिसके लिए कर्न स्टैंड करता है. वो ऐसी प्रोमोशन्स क्रियेट करना चाहता है जो रियल में कस्टमर्स की केयर करे और उन्हें लॉयल बनने के लिए एंकरेज करे. अपने इंट्रोडक्शन के एंड में आप लोगो को ये ज़रूर बताये में कि आप किस चीज़ के लिए स्टैंड करते है. जैसे फ्रेंड कर्न के लिए, ये “ओब्नोसियेक्स या सेल्सी” साउंड किये बगैर एंड होता था. क्योंकि वो सिर्फ प्रॉफिट के बारे में नहीं सोचता था. वो अपने कस्टमर्स के साथ पुशी नहीं होना चाहता था कि मेरा प्रोडक्ट खरीदो, खरीदो खरीदो. और सुपरहीरो आइडेंटीटी. उसकी स्किल यही है कि उसे काफी सारे क्लाइंट्स मिलते है जिन्हें वो अपनी टेक्नीक्स सिखाता है. इसके बाद” वो प्रॉफिटेबल इन्टरनेट मार्केटिंग प्रोमोशन्स क्रियेट करने के लिए बहुत फेमस है जो ब्रांड लोयेलिटी और गुडविल भी बनाता है…….” ये वो चीज़ है जिसके लिए कर्न स्टैंड करता है. वो ऐसी प्रोमोशन्स क्रियेट करना चाहता है जो रियल में कस्टमर्स की केयर करे और उन्हें लॉयल बनने के लिए एंकरेज करे. अपने इंट्रोडक्शन के एंड में आप लोगो को ये ज़रूर बताये कि आप किस चीज़ के लिए स्टैंड करते है. जैसे फ्रेंड कर्न के लिए, ये “ओब्नोसियेक्स या सेल्सी” साउंड किये बगैर एंड होता था. क्योंकि वो सिर्फ प्रॉफिट के बारे में नहीं सोचता था. वो अपने कस्टमर्स के साथ पुशी नहीं होना चाहता था कि मेरा प्रोडक्ट खरीदो, खरीदो खरीदो. आपकी मैजिक पॉवर, सुपरहीरो आइडेंटीटी, आप किसके लिए या किसके अगेंस्ट स्टैंड करते है, ये चार फैक्टर्स आपकी ग्लोबल पोजिशनिंग पाने में हेल्प करेंगे. याद रहे कि इन सबसे आपके प्रॉफिट और डिमांड पर बहुत इफेक्ट पड़ता है. इफेक्टिव पोजिशनिंग सेल्स को आपके लिए बहुत ईजी बना देगी. तो इन चार क्वेश्चन का ज़वाब ट्राई करे. अगर इनके आंसर क्लियर है तो कांग्रेचुलेशन आप अब इन पोजिशनिंग को दुनिया के सामने रख सकते है. Convert 2.0 Frank Kern’s हाउ टू कन्वर्ट? कन्वर्ट कैसे करे? हमने आपको इंट्रीन्सिक वैल्यू और पोजिशनिंग के बारे में बताया. अब आप कन्वर्शन के 3 स्टेप्स के साथ प्रोसीड करेंगे. अगर आप अपने विक्ट्री इक्वेशन में फिर से जाए तो देख सकते है कि हम पहले से ही प्रोमोशन पार्ट में है. कन्वर्ट का मतलब है सेल करना यानि कि प्रॉफिट कमाना. कन्वर्शन के ये 3 स्टेप्स क्या है? आइये जानते हैं पहला है प्री-फ्रेमिंग. ये आप अपना ऑप्ट इन प्रोडक्ट देने से पहले करते है. दूसरा है इंडोक्ट्रीनेशन जब आपके कस्टमर्स ऑप्ट इन लेते है और आपके लैंडिंग पेज तक पहुँचते है. फाइनली तीसरा वाला है कन्वर्शन और ये तब होता है जब आप अपनी एक्चुयल सेल्स करते है. ये वो टाइम है जब कस्टमर्स आपका प्रोडक्ट खरीदते है, इसके बाद आप कस्टमर्स से कम्यूनिकेशन लगातार बनाये रखे. हर स्टेप के लिए कुछ मेटीरियल है जो आप यूज़ कर सकते है. अब जब आपके पास अपना प्री-फ्रेमिंग, इंडोक्ट्रीनेशन और कन्वर्शन मेटीरियल है तो अब आपका टारगेट होगा कि कस्टमर्स में अपने प्रोडक्ट की इतनी डिमांड रखे कि लोग आपके बेचने से पहले ही आपका प्रोडक्ट खरीदना चाहे. इससे आपका प्रॉफिट, डिमांड और इंट्रीन्सिक वैल्यू तीनो बढेगी. A प्री-फ्रेमिंग आप अपनी पोजिशनिंग कैसे डिप्लॉय करेंगे? आप ये प्रोमोशन के धू कर सकते है.इस पॉइंट पे अभी के आपके कस्टमर्स के पास ऑप्ट इन ऑप्शन नहीं है. अभी वे आपके सेल्स फनल के अंदर भी नहीं आये है. तो आपको उन्हें प्री-फ्रेमिंग मेटीरियल देना होगा. वो इसलिए ताकि वे आपको समझे सके और लाइक करे. मार्केट में आपका प्रोडक्ट कंज्यूम होने सेपहले ही आपको प्री-फ्रेमिंग करनी पड़ेगी. वो इसलिए क्योंकि जब तक कस्टमर्स ऑप्ट इन करे उससे पहले ही वे आपके फैन बन जाए. अभी उन्होंने आपका प्रोडक्ट देखा भी नहीं है मगर वे इसे लेना चाहते है. प्री-फ्रेमिंग और इंडोक्ट्रीनेशन का गोल है आपके कस्टमर्स को एक्चुयल कन्वर्शन प्रोसेस तक लाना. जब आप उनके साथ एक रिलेशनशिप बिल्ड कर रहे है तो आपको उन तक अपनी गुडविल पहुंचानी होगी. क्योंकि कस्टमर्स के साथ आपको सिर्फ और सिर्फ प्रॉफिट नहीं कमाना है बल्कि आप उन्हें सच में हेल्प करना चाहते है. फ्रेंक कर्न इस बात पे जोर देते है कि आपको सच में अपने कस्टमर्स की केयर करनी चाहिए. इन्फोर्मेशन बिजनेस के लिए कन्वर्ट बेस्ट काम करता है. आप लोगो को बैटर बनने में हेल्प कर रहे है. आपको प्रोडक्ट फिटनेस हो सकता है या डाईट, रिलेशनशिप फाईनेन्स या कुछ भी जो लोगो की लाइफ स्टाइल इम्प्रूव कर सके. तो ये प्रोसेस आपकी सेल्स बनाने के बाद भी नहीं रुकता है. आपने कस्टमर्स के साथ अपना बाद भी नहीं रुकता है. आपने कस्टमर्स के साथ अपना रिलेशन नर्चर और मेंटेन भी करना है. “कल्ट फोलोविंग ऑफ़ रेविंग फेंस” इसी तरह बनाये जाते है. इसी तरीके से आपको रीपीट बायर्स मिलते है. ये याद रखे कि आपको गुडविल हमेशा कम्यूनिकेट करनी है. अपने कस्टमर्स की हेल्प करना एक सही चीज़ है, साथ ही ये सेलिंग को फास्टर और ईजीयर बना देता है जिससे ये सबके लिए एक विन-विन सिचुएशन जैसा है. अब आप कौन सा प्री-फ्रेमिंग मेटीरियल यूज़ कर सकते है? ये वो मेटीरियल्स है जो आपका मार्किट एक्चुयल इंटरएक्शन से पहले ही देख लेता है. आपका प्री-फ्रेमिंग मेटीरियल्स आपका पे-पर-क्लिक एड्स हो सकता है या वाइरल वीडियोज, ब्लोग्स, आर्टिकल्स और इंटरव्यू. चलो पीपीसी एड्स या पे-पर-क्लिक एड्स से स्टार्ट करते है. जो आप अपने एड में डालेंगे वो आपके बारे में लोगो की ओपिनियन को ग्रेटली इन्फ्लुयेंश करेगा. इसके अलावा पे-पर-क्लिक एड्स के दुसरे बेनेफिट्स भी है. ये मेग्नेट्स की तरह है जो सिर्फ उन्ही कस्टमर्स को अट्रेक्ट करता है जो आपको चाहिए. फ्रेंक कर्न के एक पे-पर- क्लिक एड का एक एक्जाम्पल लेते है. ये उसके यंग, रिच और क्रेजी वेबीनार प्रोडक्ट के बारे में है. फ्रेंक कर्न को अपटाईट कस्टमर्स पसंद नहीं थे बल्कि उसे ऐसे कस्टमर्स चाहिए थे जो एन्थूयास्टिक, मजेदार, क्रिएटिव के साथ हार्ड वर्किंग भी हो. यंग रिच और क्रेजी हेडलाइन्स फ्रेंक कर्न के आइडियल कस्टमर्स को अट्रेक्ट कर सकती थी. यही पापा नाका. पगारपार जा IIR’साफ पान के आइडियल कस्टमर्स को अट्रेक्ट कर सकती थी. यही वो लोग है जो एड पर क्लिक करेंगे. मगर जो अपटाईट होंगे वो नहीं करेंगे. वे यही सोचेंगे कि वेबिनार उनके लिए नहीं है. याद रहे कि आपको कस्टमर्स के साथ लॉन्ग टर्म रिलेशन बनाना है. यही लोग आपके लिए दिन रात काम करेंगे. इसलिए आपको सिर्फ उन्हें ही अट्रेक्ट करना है जो आपके लिए आइडियल दूसरा अच्छा प्री-फ्रेमिंग मेटीरियल है इंटरव्यूज़. जिस इंसान ने आपका इंटरव्यू लिया उसका आपकी पोजिशनिंग पे ग्रेट इम्पेक्ट पड़ेगा. अगर आप वो है जो इंटरव्यू ले रहे है तो जिसका भी आप इंटरव्यू लेंगे उसका आपकी पोजिशनिंग पर इन्फ्लुयेंश पड़ेगा. जैसे कि यूट्यूब पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमे टोनी रोब्बिन्स फ्रेंक कर्न का इंटरव्यू ले रहे थे. ये फ्रेंक की पोजिशनिंग के लिए एक बड़ी हेल्प प्रूव हुआ क्योंकि टोनी रोब्बिस सेल्फ हेल्प बिजनेस में एक अथोरिटी है और सेलेब्रिटी भी. इस इंटरव्यू की वजह से लोग फ्रेंक कर्न को भी टोनी रोब्बिन्स के लेवल का समझने लगे थे. वायरल वीडियो एक तरह से प्री-फ्रेमिंग का तरीका है जैसे ब्लॉग और आर्टिकल्स भी. एक टाइम था जब टोनी रोब्बिन्स ने अपने फेमस ब्लॉग में फ्रेंक कर्न का एक वीडियो अपलोड किया था. ये वीडियो तब लिया गया था जब फ्रेंक टोनी के लॉस वेगास के इवेंट में स्पीकर थे. इस वीडियो में फ्रेंक कर्न इन्टरनेट मार्केटिंग के बारे में सवालों के जवाब दे रहे है. टोनी ने कैपश्न रखा” दन्टरनेट मार्केटिंग लेजें.” जो फेंक कर्न को रिफर अट्रेक्ट करना है जो आपके लिए आइडियल है. दूसरा अच्छा प्री-फ्रेमिंग मेटीरियल है इंटरव्यूज़. जिस इंसान ने आपका इंटरव्यू लिया उसका आपकी पोजिशनिंग पे ग्रेट इम्पेक्ट पड़ेगा. अगर आप वो है जो इंटरव्यू ले रहे है तो जिसका भी आप इंटरव्यू लेंगे उसका आपकी पोजिशनिंग पर इन्फ्लुयेंश पड़ेगा. जैसे कि यूट्यूब पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमे टोनी रोब्बिन्स फ्रेंक कर्न का इंटरव्यू ले रहे थे. ये फ्रेंक की पोजिशनिंग के लिए एक बड़ी हेल्प प्रूव हुआ क्योंकि टोनी रोब्बिस सेल्फ हेल्प बिजनेस में एक अथोरिटी है और सेलेब्रिटी भी. इस इंटरव्यू की वजह से लोग फ्रेंक कर्न को भी टोनी रोब्बिन्स के लेवल का समझने लगे थे. वायरल वीडियो एक तरह से प्री-फ्रेमिंग का तरीका है जैसे ब्लॉग और आर्टिकल्स भी. एक टाइम था जब टोनी रोब्बिन्स ने अपने फेमस ब्लॉग में फ्रेंक कर्न का एक वीडियो अपलोड किया था. ये वीडियो तब लिया गया था जब फ्रेंक टोनी के लॉस वेगास के इवेंट में स्पीकर थे. इस वीडियो में फ्रेंक कर्न इन्टरनेट मार्केटिंग के बारे में सवालों के जवाब दे रहे है. टोनी ने कैपश्न रखा” इन्टरनेट मार्केटिंग लेजेंड” जो फ्रेंक कर्न को रिफर करता था. ये वन ब्लॉग पोस्ट एक आर्टिकल भी था जिससे लोगो को बिजनेस में फ्रेंक की अच्छी रेपुटेशन और पोजिशनिंग के बारे में इन्फोर्मेशन मिली. Convert 2.0 Frank Kern’s इंडोक्ट्रीनेशन आपकी प्री फ्रेमिंग की वजह से आइडियल कस्टमर्स अब आपकी रडार के अंदर है. अब आपका नेक्स्ट स्टेप होगा उनको अपना इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल देना. इंडोक्ट्रीनेशन का फर्स्ट पर्पज है आपकी पोजीशन स्ट्रोंग करना. और सेकेण्ड है कस्टमर्स को गुडविल कम्यूनिकेट करना. जितना गुडविल आप उनको देंगे आपकी इनकम उतनी ही आपकी बढती जायेगी. और थर्ड ये कि इंडोक्ट्रीनेशन आपके कस्टमर्स का ट्रस्ट एस्टेबिलिश करता है. क्या रीजन है कि लोग कोई प्रोडक्ट या सर्विस क्यों नहीं खरीदते है ? ऐसा नहीं कि उन्होंने खरीदना नहीं होता है बल्कि आप उन्हें खरीदने के लिए मजबूर भी नहीं कर सकते. लोग जब आपका प्रोडक्ट नहीं खरीदते तो इसके पीछे मेन वजह यही होती है कि वे आप पर ट्रस्ट नहीं करते. वे आप पर इसलिए ट्रस्ट नहीं करते क्योंकि आपने उन तक अपनी गुडविल पहुंचाई नहीं है. इसलिए इस स्टेज पे आपको काम करने की ज़रुरत है. सबसे इम्पोर्टेन्ट बात है कि इंडोक्ट्रीनेशन लोगो की डिजायर बिल्ड करता है. कभी ना कभी आपको इन्टरनेट पे कोई कूल सी चीज़ देखने को मिलती है लेकिन आप फिर भी नहीं खरीदते. क्योंकि आपको उसकी उतनी भी जरूरत नहीं लगती. अब यही पर लेकिन आप फिर भी नहीं खरीदते. क्योंकि आपको उसकी उतनी भी ज़रूरत नहीं लगती. अब यही पर इंडोक्ट्रीनेशन काम आता है. इसमें आप अपना प्रोडक्ट कस्टमर्स के सामने एक्सपोज़ करते है, एक तरह से उनके दिल में डिजायर बिल्ड करते है कि वे उस प्रोडक्ट को खरीद ले. इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल देने से आप लोगो को कन्वेंस कर लेते है कि उन्हें सच में उस प्रोडक्ट की ज़रुरत है. इस पॉइंट पे आपका कस्टमर्स ऑप्ट इन करता है. वे ईजिली आपके सेल्स फनल में एंटर कर जाते है. अब वे आपके प्रोडक्ट लांच के लिए प्रीपेयर्ड हो रहे है. इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल आपके कस्टमर्स को आपका प्रोडक्ट लेने के लिए उतावला बना देगा. याद रखे आपकी पोजिशनिंग, प्री फ्रेमिंग और इंडोक्ट्रीनेशन ये तीनो आपके इंट्रीन्सिक वैल्यू को इनक्रीज करती है. इनमे से हर चीज़ खुद कन्वर्शन की तरफ लीड करेगी. अब, बाकी कंपनीज अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए स्ट्रेट कस्टमर्स के पास जाती है. और यही पर वे फेल जो जाती है. आप इस मौके का फायदा उठा सकते है. अब क्योंकि आपके सारे कोम्प्टीटर्स सेम चीज़ कर रहे होते है तो आपके लिए ये ईजी हो जाता है. ज़्यादातर कंपनीज लोगो को डायरेक्ट ही अपना प्रोडक्ट खरीदने के लिए बोलती है. वे इस बात को नहीं समझते कि पहले कस्टमर्स का मन टटोला जाए, उन्हें सॉफ्ट किया जाए. अगर आप उन्हें कुछ बेचना चाहते हो तो थोडा उनकी खुशामद तो करनी पड़ेगी. ऐसे ही अपना प्रोडक्ट सेल्स पिच करने से बात नहीं बनेगी. हो तो थोडा उनकी खुशामद तो करनी पड़ेगी. ऐसे ही अपना प्रोडक्ट सेल्स पिच करने से बात नहीं बनेगी. यही चीज़ इंडोक्ट्रीनेशन में की जाती है. आप एक तरह से अपने आइडियल कस्टमर्स को सॉफ्ट करके उन्हें मना रहे होते है. इमेजिन करो कि आप किसी को डेट करना चाहते है. तो आप खुद को इंट्रोड्यूस करेगे कुछ ऐसे” हाई, मेरा नाम फ्रेंक है” और फिर वो कहेगी” हाई, मेरा नाम नतालिया है” अब फ्रेंक डाइरेक्ट ये नहीं बोलेगा” हाई, नतालिया मैं तुम्हे प्यार करता हुं !” क्योंकि ऐसा कहने पर शायद नतालिया आपका सर तोड़ दे.बदले में वो कहेगी” गो टू हेल” वो चली जायेगी और आपसे फिर कभी नहीं मिलना चाहेगी. इसीलिए इंडोक्ट्रीनेशन आपके बिजनेस के लिए बहुत ज़रूरी है. अगर आप इसे अप्लाई करेंगे तो आपको कस्टमर्स के साथ कई चांसेस मिलेंगे. आप उनका ट्रस्ट गेन कर सकते है और उनके दिल में डिजायर जगा सकते है कि वे आपका प्रोडक्ट लेना चाहे. मतलब कि प्रोडक्ट बेचने के लिए ये बहुत ज़रूरी है कि कस्टमर आपसे प्यार करे. अब इंडोक्ट्रीनेशन का मटिरियल डिस्कस कर लेते है जो है वेबीनार्स, टेलीसेमिनार्स, और मेनीफेस्टोज़. इसमें से पहले वाले दो वीडियो फॉर्म में है. अगर आप अपने प्रोमोशन के लिए वीडियोज यूज़ नहीं करते तो ऐसा करने का ये ग्रेट टाइम है क्योंकि वीडियोज से आपको काफी हेल्प मिलेगी. अगर आप कैमरा में आने से शर्माते है या खुद को इतना भी प्रेजेंटेबल नहीं समझते तो कोई बात नहीं, आप रिकोर्ड कर सकते है. जब कोई रामात पा पु५ पाना ना प्रणापल नहा सन्मशत तो कोई बात नहीं, आप रिकोर्ड कर सकते है. जब कोई नहीं देख रहा होता है तो रीकोर्ड करना ईजी होता है. और अपने वेबिनार्स और टेलीसेमिनार्स करने के लिए आपको जैसे कम्फ़र्टेबल लगे वैसा करे. अपने एक वेबिनार्स में फ्रेंक कर्न ने खुद को इन्टरनेट के प्रेजिडेंट के रूप में प्रेजेंट किया था जिसमे वो स्टेट ऑफ़ इन्टरनेट एड्रेस को स्पीच डिलीवर करता है. ये एक मजेदार, क्रिएटिव और एक्साइटिंग कांसेप्ट था बिलकुल ऐसा ही जैसा फ्रेंक को अपने बिजनेस में चाहिए. वेबिनार ने फ्रेंक के व्यूवर्स को बढ़िया एंटरटेनमेंट भी दिया और बढ़िया कंटेंट भी. मगर आपको ये चीज़ भी ध्यान रखनी होगी कि अपने इंडोक्ट्रीनेशन वीडियोज में अभी कोई सेल्स की बात नहीं करनी है आप सिर्फ ये कस्टमर्स के साथ बांड स्ट्रोंग करने के लिए कर रहे है. एक बार ऐसा हुआ कि फ्रेंक प्लेन से कहीं जा रहा था. उसने “द नेगेटिविटी इन द मिडिया एंड स्कारसिटी माइंडसेट” पे अपनी फीलिंग्स लिखना स्टार्ट किया. उसके नोट्स 20 या 30 पेजेस तक पहुंच गए थे. ये बड़ा ही अमेजिंग था कि उसने यही नोट्स अपने इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल के तौर पे यूज़ किये. जो फ्रेंक कर्न ने किया वो एक मेनिफेस्टो था पीडीऍफ़ फ़ाइल में स्कैन किये हुए सिम्पल हैण्डरिटन नोट्स. फ्रेंक ने इसे अपना “मॉस कण्ट्रोल” प्रोडक्ट प्रोमोट करने के लिए अपलोड किया. ये ज़रूरी नहीं कि आप अपने वीडियोज या मेनिफेस्टो की क्वालिटी पर ओवरथिंकिंग करे. आप परफेक्ट नहीं है तो कोई बात नहीं. सबसे त्तिमरी है मेत तो साा ााने कंटेंट में टालने है ती आपको जैसे कम्फ़र्टेबल लगे वैसा करे. अपने एक वेबिनार्स में फ्रेंक कर्न ने खुद को इन्टरनेट के प्रेजिडेंट के रूप में प्रेजेंट किया था जिसमे वो स्टेट ऑफ़ इन्टरनेट एड्रेस को स्पीच डिलीवर करता है. ये एक मजेदार, क्रिएटिव और एक्साइटिंग कांसेप्ट था बिलकुल ऐसा ही जैसा फ्रेंक को अपने बिजनेस में चाहिए. वेबिनार ने फ्रेंक के व्यूवर्स को बढ़िया एंटरटेनमेंट भी दिया और बढ़िया कंटेंट भी. मगर आपको ये चीज़ भी ध्यान रखनी होगी कि अपने इंडोक्ट्रीनेशन वीडियोज में अभी कोई सेल्स की बात नहीं करनी है आप सिर्फ ये कस्टमर्स के साथ बांड स्ट्रोंग करने के लिए कर रहे है. एक बार ऐसा हुआ कि फ्रेंक प्लेन से कहीं जा रहा था. उसने “द नेगेटिविटी इन द मिडिया एंड स्कारसिटी माइंडसेट” पे अपनी फीलिंग्स लिखना स्टार्ट किया. उसके नोट्स 20 या 30 पेजेस तक पहुंच गए थे. ये बड़ा ही अमेजिंग था कि उसने यही नोट्स अपने इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल के तौर पे यूज़ किये. जो फ्रेंक कर्न ने किया वो एक मेनिफेस्टो था पीडीऍफ़ फ़ाइल में स्कैन किये हुए सिम्पल हैण्डरिटन नोट्स. फ्रेंक ने इसे अपना “मॉस कण्ट्रोल” प्रोडक्ट प्रोमोट करने के लिए अपलोड किया. ये ज़रूरी नहीं कि आप अपने वीडियोज या मेनिफेस्टो की क्वालिटी पर ओवरथिंकिंग करे. आप परफेक्ट नहीं है तो कोई बात नहीं. सबसे ज़रूरी है मैसेज जो आप अपने कंटेंट में डालते है. जी हां। Convert 2.0 Frank Kern’s कन्वर्शन अब तक तो आपके कस्टमर्स आपको जान चुके होंगे क्योंकि आपने उनके दिल में अपने लिए जगह बनाकर उन्हें अपना फैन जो बना लिया है. अब वे हर कीमत पर आपका प्रोडक्ट लेने को तैयार है. आप खुद देख सकते है कि ये 3 स्टेप कन्वर्शन प्रोडक्ट्स को प्रोमोट करने के ट्रेडिशनल स्टाइल से कितना डिफरेंट है. कुछ बड़ी कंपनीज़ आज भी ट्रेडिशनल स्टाइल यूज़ करती है. वे अपने प्रोडक्ट्स की एडवरटाईजिंग पर खूब सारा खर्च करते है. हालांकि इन्टरनेट से सारी इन्फोर्मेशन मिल जाती है और अब लोग ढेर सारे प्रोमोशन और एड्स से फेड अप हो चुके है. ओल्ड मार्केटिंग मेथोड्स से अलग कन्वर्शन प्रोसेस गुडविल, रेप्यूटेशन और डिजायर में इन्वेस्ट करता है. ये एड्वरटीज्मेंट्स के कम्पेयर में ज्यादा ईजी भी है और चीपर भी. जब आप एड्स के लिए पे नहीं करेंगे तो इसका मतलब आप ज्यादा प्रॉफिट अपनी जेब में रखेंगे. और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात, कन्वर्शन बहुत इफेक्टिव है, जी हाँ, ये लोगो में आपके प्रोडक्ट के लिए डिजायर All Done? Finished जारसपत २-पाभात, पाम्पराग पहरा २ापटप जी हाँ, ये लोगो में आपके प्रोडक्ट के लिए डिजायर पैदा करता है. एक बार आपसे प्रोडक्ट खरीदने के बाद भी उनकी डिजायर कम नहीं होगी. आपका उनके साथ एक स्ट्रोंग बांड है इसलिए आप दोनों के बीच एक कम्यूनिकेशन बना रहेगा. आपके कस्टमर्स आपका हर नया प्रोडक्ट लेना चाहेंगे क्योंकि वे अब आपके लिए लॉयल है. और ये लॉयल बायर्स ही आपके रीपीट कस्टमर्स बनेगे. जिसका मतलब है और ज्यादा प्रॉफिट. आई फोंस का एक्जाम्पल लेते है. ये तो मानना पड़ेगा कि एप्पल ने अपने आई-फोन्स को एक हाई इंट्रीन्सिक वैल्यू दी है. मार्किट में बाकी और भी ब्रांड्स के मोबाइल है जिनमे आई फोंस से बैटर फीचर्स मिल जायेंगे. कोई ग्राफिक्स में अच्छा है. किसी में स्टोरेज बढ़िया है और किसी का कैमरा अच्छा है लेकिन फिर भी आई फोन अपनी जगह है. आप देख सकते है कि लोग इसके कितने दीवाने है और इसे ही लेना ज्यादा पसंद करते है.क्योंकि एप्पल ने मार्किट में अपनी एक हाई पोजिशनिंग एस्टेबिलिश कर रखी है. हर कोई एप्पल का मैजिक पॉवर और सुपर हीरो आइडेंटीटी के बारे में जानता है. कंपनी ने हमेशा कोम्प्लीकेटेड डिजाइन के अगेंस्ट रही है और यूजर फ्रेंडली प्रोडक्ट्स ही बनाती आई है. एप्पल का प्री फ्रेम्ड डिकेड्स तक रहेगा. All Done? Finished आई है. एप्पल का प्री फ्रेम्ड डिकेड्स तक रहेगा. इसीलिए कंपनी का अपना एक कल्ट फोलोविंग है यानी एक अलग कस्टमर फोलोविंग है. आपको ऐसे कई एप्पल फैन्स मिल जायेंगे जो इस बात पे आयूमेंट कर सकते है कि आई-फोन या मैक बाकी फोन्स से बैटर क्यों है. जब भी एप्पल कोई नया प्रोडक्ट रीलीज़ करता है तो लोग उसे लेने के लिए लाइन में लग जाते है. क्या ये क्रेज़िनेस नहीं है ? उनका आईडिया कुछ ऐसा है” ओह, आपको ये नया फोन चाहिए? तो जाओ, बाकी लोगो की तरह लाइन में खड़े हो जाओ. जब आपकी बारी आएगी तो आपको बता दिया जायेगा.” कुछ लोग तो बेघर लोगो को अपनी जगह लाइन में खड़े रहने के लिए पे कर देते है. बेशक एप्पल ने अपने इंडोक्ट्रीनेशन मटिरियल में A-गेम डाला है. उन्होंने अपनी पोजिशनिंग बनाई है और ये गुडविल कम्यूनिकेट किया है कि वे अपने कस्टमर्स को हमेशा बेस्ट एक्सपीरिएंस देंगे. अगर आप एप्पल का कोई प्रोडक्ट यूज़ करते है या किसी को जानते है जो यूज़ कर रहा है तो आपको लेवल ऑफ़ ट्रस्ट और डिजायर पता होगी जो कंपनी ने बिल्ट की है. अब, आपकी ग्रोइंग कंपनी पे फोकस करते है. अब कन्वर्ट का टाइम है, अपना प्रोडक्ट सेल करके प्रॉफिट कमाने का टाइम है. और सोचना ये है कि ऐसा क्या All Done? Finished कमाने का टाइम है. और सोचना ये है कि ऐसा क्या कन्वर्शन मटिरियल होगा जो आप यूज़ करेगे? इन्टरनेट मार्किंग में ह्युमन इंटरएक्शन से दूर रहने का कल्चर रहा है. मगर वन-ओन-वन कन्वर्शन अभी भी ईज़ियेस्ट, क्विकेस्ट और सबसे ज्यादा इफेक्टिव तरीका है कन्वर्ट करने का. ऐसा करके आपको कोई इम्प्रेसिव सेल्स प्रेजेंटेशन क्रियेट करने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी. वन-ओन-वन कन्वर्शन आपको बेसिक्स तक वापस ले जाता है. जब आप किसी कस्टमर से वन-ओन-वन कम्यूनिकेट करते है तो वो आपकी गुड इंटेंशन को तुरंत फील कर लेता है. फिर उसके बाद आप उन्हें अपना सेल्स लैटर,फॉलो अप इमेल्स, वीडियो सेल्स लैटर और स्नेल मेल या डायरेक्ट मेल दे सकते है. अब यही सेम इफेक्ट आप ब्लॉग पोस्ट्स के शू भी श्रू अचीव कर सकते है. आप कस्टमर्स को गुडविल देते हुए और ज्यादा प्रॉफिट कमा सकते है. इसलिए पहला स्टेप होगा कि अपने ओसम प्रोडक्ट को शो कराने के लिए एक वीडियो बनाकर इसे अपने ब्लॉग में अपलोड कर दे. ये आपका प्री फ्रेमिंग है. जैसे ही कस्टमर्स आपका वीडियो देखेंगे आप उन्हें इंडोक्ट्रीनेशन करेंगे. इसके बाद जो होगा वो है कन्वर्शन. इस वीडियो के नीचे आप अपने सेल्स लैटर या आर्डर फॉर्म का लिंक डाल दे. और फाइनली आपको अपने ब्लॉग पोस्ट के श्रू All Done? Finished डाल दे. और फाइनली आपको अपने ब्लॉग पोस्ट के श्रू कस्टमर्स को डायरेक्ट एक इमेल सेंड करनी है. कन्क्ल्यूजन इस बुक में आपने विक्ट्री इक्वेशन के बारे में सीखा. आपको हमने इंट्रीन्सिक वैल्यू और पोजिशनिंग के बारे में भी बताया. आपको अपना बिजनेस और प्रॉफिट इम्प्रूव करने के लिए ढेर सारा पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं है. आपको बस थोडा ज्यादा टाइम और एफर्ट देकर अपने कस्टमर्स से कम्यूनिकेट करना है. आपने यहाँ प्री फ्रेमिंग, इंडोक्ट्रीनेशन और कन्वर्शन के बारे में भी जाना. बाकी लोग सेम मार्केटिंग टेक्नीक्स यूज़ कर रहे है, लेकिन ये बुक आपको आल्टरनेट प्रोवाइड करा रही है. तो क्या अब भी आप आउटडेटेड और इनएफिशिएंट तरीके अपनाकर प्रोमोशन करेंगे? या फिर आप कुछ डिफरेंट ट्राई करने की हिम्मत करेगे? आपको कन्वर्शन के सारे बेनेफिट्स पता है इसलिए अब अगर आप इन्हें अप्लाई करते है तो समझ लो कि आप अपने कॉम्पटीटर्स से ज्यादा एडवांटेज ले रहे है. आपको किसी को कुछ भी खरीदने के लिए बोलना नहीं पड़ेगा. अगर आप उनकी हेल्प करेंगे और उन्हें अच्छा स्टफ देंगे तो नेचुरल है कि वो सिर्फ आपका ही All Done? Finished प्रॉफिट इम्प्रूव करने के लिए ढेर सारा पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं है. आपको बस थोडा ज्यादा टाइम और एफर्ट देकर अपने कस्टमर्स से कम्यूनिकेट करना है. आपने यहाँ प्री फ्रेमिंग, इंडोक्ट्रीनेशन और कन्वर्शन के बारे में भी जाना. बाकी लोग सेम मार्केटिंग टेक्नीक्स यूज़ कर रहे है, लेकिन ये बुक आपको आल्टरनेट प्रोवाइड करा रही है. तो क्या अब भी आप आउटडेटेड और इनएफिशिएंट तरीके अपनाकर प्रोमोशन करेंगे? या फिर आप कुछ डिफरेंट ट्राई करने की हिम्मत करेगे? आपको कन्वर्शन के सारे बेनेफिट्स पता है इसलिए अब अगर आप इन्हें अप्लाई करते है तो समझ लो कि आप अपने कॉम्पटीटर्स से ज्यादा एडवांटेज ले रहे है. आपको किसी को कुछ भी खरीदने के लिए बोलना नहीं पड़ेगा. अगर आप उनकी हेल्प करेंगे और उन्हें अच्छा स्टफ देंगे तो नेचुरल है कि वो सिर्फ आपका ही प्रोडक्ट लेंगे. अगर आपको सच में औरो केयर करते है और सही कर रहे है तो यकीन मानिए, आपको इसका बेनिफिट ज़रूर मिलेगा. आपका प्रॉफिट इम्प्रूव होगा और लाइफ का आउटलुक भी. आपके रेविंग फेंस कहीं आस-पास ही है तो आपको पता है कि क्या करना है. All Done? Finished

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