ART OF WAR Sun Tzu Books In Hindi Summary Pdf

ART OF WAR Sun Tzu इंट्रोडक्शन अगर आपको कोई बड़ी लड़ाई जीतनी हो तो क्या करोगे? क्या आप कभी ये सोचकर हैरान हुए हो कि कैसे मिलिट्री जर्नल और सिपाही अपनी जान की बाज़ी लगाकर जंग में जीत हासिल करते है? क्या आप किसी कॉम्पटीटिव फील्ड में हो और लगातार हालात से जूझने की कोशिश कर रहे हो? क्या आपको भी यही लगता है कि जीत या कामयाबी सिर्फ किस्मतवालों को मिलती है? क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ कि 100% कोशिश करके जीतने की कोशिश की मगर आप फेल हो गए हो? वू के राजा होलू ने सन जू की थ्योरी के बारे में सुन रखा था कि वो बड़ी ही कुशलता से सिपाहियों को कमांड कर सकता है. इस बात पर उसे ज्यादा यकीन तो नहीं था फिर भी अपना शक दूर करने के लिए हो लू ने सन जू से ये थ्योरी अपनी रखैलों और बाकि औरतों पर आजमाने को कहा. सन जू इस बात के लिए तैयार हो गया. उसने 180 औरतों को इकट्ठा किया और उन्हें कई दलों में बाँट दिया. हर दल की एक-एक मुखिया थी जो राजा की चहेती रखैलें थी दिपा. हर दल का एक-एक मुखिया पाणा राजा का चहेती रखैलें थी. फिर उसने उन सबको हिदायत दी. जब सन जू कहता “Eyes front यानी सामने देखो” तो औरतों को सामने की तरफ देखना होता था. जब वो कहता “Left turn यानी लेफ्ट मुड़ो” तो उन्हें बाई तरफ देखना था. और जब वो कहता “Right turn यानी राईट मुड़ो” तो उन्हें अपने दाई तरफ देखना था. और इसी तरह अंत में जब वो कहता “About turn यानी पीछे मुड़ो” तो औरतों को पीछे की तरफ घूमना होता था. औरतों को हिदायत देने के बाद सन जू ने ड्रिल स्टार्ट की. ड्रम की थाप के साथ ही उसने” राईट टर्न” का ऑर्डर दिया पर औरतों की हँसी छूट गई. सन जू ने कहा कि अगर सिपाहियों को आदेश समझ नहीं आ रहे तो इसका मतलब कि ये जर्नल की गलती है. एक बार फिर से ड्रम की एक ज़ोरदार थाप के साथ सन जू ने एक बार और आदेश दिया” लेफ्ट टर्न” पर इस बार भी औरतों ने आदेश मानने के बजाए हंसना शुरू कर दिया था. अब सन जू ने थोडा आवेश के साथ कहा” साफ़-साफ आदेश दिए जाने के बावजूद भी अगर सिपाई उस पर अमल नहीं करते तो इस में सारी गलती सिपाहियों की है. और टगत गाश टी यन न ने गे नगा थाटेश टे टाला और इसके साथ ही सन जू ने ये नया आदेश दे डाला. उसने कहा जो औरतें दल की मुखिया है, उन सबके सिर कलम कर दिए जाए. सन जू का ये आदेश सुनते ही राजा वू ने तुरंत सन जू से कहा कि वो थ्योरी अच्छी तरह से समझ चुके है इसलिए औरतों के सिर कलम करने की कोई जरूरत नहीं है. इस पर सन जू ने जवाब दिया कि राजा के चुने हुए जर्नल होने के नाते वो चाह कर भी राजा के उन आदेशों का पालन नहीं कर सकता जो मिलिट्री रूल्स का उल्लघंन करते है. इसलिए सन जू ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए सारी औरतों के सिर कलम करवा दिए, उसने दलों के मुखिया के तौर पर इस बार नई औरतों को चुना और एक बार फिर से ड्रिल स्टार्ट की. और इस बार औरतों ने वही किया, जैसा उन्हें आदेश दिया गया था. इस example से सन जू ने जिंदगी और मौत के बीच होने वाली उस जंग की एक झलक दे दी थी जिसका अनुभव लड़ाई के मैं दान में होता है. एक मिलिट्री जर्नल के तौर पर आपको अपने सिपाहियों को डिसप्लीन में रहने के लिए ट्रेन करना पड़ता है ताकि वो आपके हर आदेश का हूबहू पालन करे. जंग का ये एक बेहद अहम हिस्सा होता है. आखिर शरीर वही करेगा जो दिमाग कहेगा, यही तो नियम है. अपने कमांडर के आदेश पूरा करना सिपाईयों का फ़र्ज़ है वर्ना हार निश्चिन्त है. इस example से सन जू ने जिंदगी और मौत के बीच होने वाली उस जंग की एक झलक दे दी थी जिसका अनुभव लड़ाई के मैं दान में होता है. एक मिलिट्री जर्नल के तौर पर आपको अपने सिपाहियों को डिसप्लीन में रहने के लिए ट्रेन करना पड़ता है ताकि वो आपके हर आदेश का हूबहू पालन करे. जंग का ये एक बेहद अहम हिस्सा होता है. आखिर शरीर वही करेगा जो दिमाग कहेगा, यही तो नियम है. अपने कमांडर के आदेश पूरा करना सिपाईयों का फ़र्ज़ है वर्ना हार निश्चिन्त है. ये पक्का कर लेने के बाद कि आपके सोल्जर्स डिसप्लींड हो गए है, हमारा अगला कदम है एक ऐसी स्ट्रेटेजी तैयार करना जो हमे जंग जीतने में मदद करे. आने वाले चैप्टर्स में हम सीखेंगे कि जीत हासिल करने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ एक विनिंग स्ट्रेटेज़ी तैयार करना कितना जरूरी होता है. आप इस किताब में ये भी पढ़ेंगे कि जंग में जाने से पहले सारी केलकुलेश्न और प्रिपरेशन कर लेना कितना इम्पोर्टेट होता है. और आप ये भी सीखोगे कि कैसे बिना लड़े भी लड़ाई जीती जा सकती है और अंत में आपको हम एक ऐसा मोस्ट पॉवरफुल मेथड बताने जा रहे है जो किसी भी लड़ाई में आपको जीत की गांरटी देता है फिर चाहे आप किसी भी फीडल में क्यों ना हो. ART OF WAR Sun Tzu (प्लान बनाना) Laying Plans सन जू ने ज्यादातर लड़ाइयों में जीत हासिल की थी, अपनी आर्मी की वजह से नहीं बल्कि अपने दिमाग की वजह से. एक फिलोसफी है जो कहती है” विक्टरी एंड डीफीट आर आलरेडी डिसाइडेड बीफोर द वॉर बिगंस” यानी जीत और हार किसी भी लड़ाई में पहले से तय हो जाती है. इसलिए वॉर से पहले सारी तैयारीयाँ और केलकुलेशन करना बेहद जरूरी होता है. इससे आप पता लगा सकते है कि किसी पॉवर ज्यादा है और जीत का सेहरा किसके सिर बंधने वाला है. एक बार अगर आपने सोच लिया कि लड़ाई लडनी है तो फिर इन फाइव प्रिंसीपल्स को जानना आपके लिए जरूरी हो जाता है क्योंकि यही वो सबसे ज़रूरी पॉइंट्स हैं जो तय करेंगे कि आप ये जंग जीतोगे या हारोगे. पहला प्रिंसिपल है मोरल लॉ जिसका मतलब है कि लोगों को अपने रुलर पर पूरा भरोसा होना चाहिए चाहे कितना भी खतरा क्यों ना मंडरा रहा हो. इसका एक्जाम्पल हमने आपको ऊपर दिया था, जब सन जू को औरतों की एक आर्मी तैयार करने को बोला गया तो उसने जरा भी कसर नहीं रखी कि उसका हर कमांड पूरा किया जाए. किसी भी जंग में ये आपसी विश्वास बेहद जरूरी है पा || स रा नापास नहा रखा।4 सपाकर कमांड पूरा किया जाए. किसी भी जंग में ये आपसी विश्वास बेहद जरूरी है क्योंकि इसी से तय होगा कि सिफाई जंग के मैं दान में क्या एक्शन लेंगे और कैसे लड़ाई जीतेंगे. दूसरा प्रिंसिपल है हेवन जो दिन के अलग-अलग समय के बारे में बताता है जैसे टेम्परेचर और सीज़न. आपको ये समझना ही होगा लड़ाई कब शुरू की जानी चाहिए, आपको टेम्परेचर और सीज़न की सही-सही जानकारी होगी तो आप इनका पूरा फायदा उठा पायेंगे. तीसरा प्रिंसिपल है अर्थ यानी धरती यानी जहाँ लंबी और छोटी दूरियां तय की जाती है. ये ब्रॉड और नैरो ग्राउंड्स की बात करती है और लाइफ और डेथ की संभावना के बारे में बताती है. कई ऐसे भी ग्राउंड होते हैं जो आपके लिए फेवरेबल नहीं होते जबकि कुछ आपके फेवर में होते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप ये पहचान ले कि कहाँ आपको ज्यादा फेवर मिल सकता है, फिर उसी हिसाब से अपनी आर्मी को तैयार करे और ग्राउंड का पूरा एडवांटेज़ ले. चौथा प्रिंसिपल है कमांडर जो रीप्रेजेंट करता है विज़डम, डिसप्लीन, ब्रेवरी और इंटग्रेटी को. ये जर्नल है, ये आप है. आपको एक समझदार रुलर बनना होगा ताकि आपके सिपाही ख़ुशी-ख़ुशी आपका हर आदेश पूरी वफ़ादारी से निभाए. एक रूलर के लिए जरूरी है कि उसे अपनी सेना से वफ़ादारी और ईज्जत दोनों मिले,क्योंकि एक भी सिपाही अगर गदार निकला तो जीत को द्वार में सानभाए. एक रूलर कालए जरूराह कि उस अपना सेना से वफ़ादारी और ईज्जत दोनों मिले,क्योंकि एक भी सिपाही अगर गद्दार निकला तो जीत को हार में बदलते देर नहीं लगेगी. आने वाले चैप्टर्स में हम इसे और डिटेल में समझायेंगे. पांचवा और लास्ट प्रिंसिपल है मेथड और डिसप्लीन. यहाँ हम रीसोर्सेस मैनेज करने के बारे में बताएँगे जिसमे सिपाहियों का प्रॉपर अरेंजमेंट से लेकर, कण्ट्रोल ऑफ़ सप्लाइ और खर्चे कम करने पर बात होगी. ये सारे प्रिंसिपल डिस्कस करने के बाद अपनी आर्मी को दुश्मन की आर्मी से तौल कर देख लो, आपको अंदाजा लग जाएगा कि इस जंग में जीत आपकी होगी या दुश्मन की. सन जू इस किताब में ख़ास इस बात पर जोर देते है कि हमे सिर्फ वही लड़ाईयाँ लडनी चाहिये जहाँ हम सौ प्रतिशत जीत की उम्मीद दो. बगैर सोचे-समझे जंग में खुद को झोंकने का कोई फायदा नहीं , इसमें उल्टा आपकी हार है. अगर जीत की उम्मीद दो तभी आप आगे की प्लानिंग और स्ट्रेटेजी पर काम कर सकते हो. जंग एक तरह से धोखाधड़ी की कला है और यहाँ हम कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे है जिससे आप अपने दुश्मन को धोखा दे सकते हो. अगर आप पॉवरफुल तो कभी दुश्मन को इसका अंदाजा मत होने दो, उसे इसी धोखे में रखो कि आप कमज़ोर हो. यानी एक तरह से उसे अपने ऊपर हमला करने के लिए ललचाओ, उसे बिल्कुल पता नहीं माता मानिना नि.माती साटो मा टो और न कमज़ार हा. याना एक तरह स उस अपने ऊपर हमला करने के लिए ललचाओ, उसे बिल्कुल पता नहीं लगना चाहिए कि आप पूरी तरह से तैयार हो. और जब वो हमला करेगा तो मुंह की खायेगा. एक और ट्रिक है. अगर आप दुश्मन के बेहद करीब हो तो उसे एहसास कराओ कि आप उससे बहुत दूर हो. और जब आप सच में बहुत दूर हो तो उसे ये दिखाओ कि आप कहीं आस-पास ही हो. आपका दुश्मन शर्तिया चक्कर खा जाएगा. दुश्मन को गुमराह करने के लिए उसके सामने कोई चारा डाल दो. अगर आपका दुश्मन जल्दी गुस्से में आ जाता है तो उसे उकसाने और भड़काने की कोशिश करो. उसके सामने कमजोर होने की एक्टिंग करो ताकि दुश्मन को ओवर कांफिडेंस हो जाए और वो कोई भूल कर बैठे. फिर वहां पर अटैक कर दो जहाँ दुश्मन सबसे कमजोर है. इस तरीके से अटैक करना कि उसे बचने का मौका ना मिल सके. सरप्राइज़ अटैक यानी जब उन्हें उम्मीद भी ना हो ऐसे वक्त में हमला बोलने से दुश्मन को सोचने-समझने का वक्त नहीं मिलेगा और वो हडबडाहट में गलती पर गलती करता चला जाएगा, डिसेप्शन यानी आँखों में धूल झोंकना एक बेहद कारगर टेक्नीक है जो दुश्मन को चारो खाने चित्त कर देगी. जैसे कि हम एक्जाम्पल लेते है, आप जानते ही होंगे कि कई सारी कंपनीज़ और बिजनेस इंटरनेशनली ग्रो कर परे है शितालिा उठीं निगेनो और गणेगााल जस क हम एक्जाम्पल लत ह, आप जानत हा हागाक कई सारी कंपनीज़ और बिजनेस इंटरनेशनली ग्रो कर रहे है, सिर्फ इसलिए नहीं कि ये बड़े और सक्सेसफुल बैंड है बल्कि इसलिए भी कि उन्होंने काफी चालाकी से अपनी स्ट्रेटेज़ी प्लान की और हमेशा अपन दुश्मनों को चकमा देने में कामयाब रहे है. Appsumo एक वेबसाईट है जहाँ एंटप्रेन्योर्स के लिए ऑनलाइन सर्विसेज़ की डेली डील्स ऑफर होती है. ज्यादातर लोग सोचते है कि ये बड़ा आसान काम होगा, पर ऐसा नहीं है. आज की तारीख़ में ये एंटप्रेन्योर्स के लिए नंबर वन सॉफ्टवेयर डील साईट है. Appsumo के फाउंडर नोआह कागन ने ये बिजनेस लोगों की ज़रूरतों के बारे में जानते हुए और टारगेट करते हुए इस बिजनेस की शुरुवात की थी. फिर उन्होंने सेल्स करने और अपने पोटेंशियल कस्टमर्स तक पहुँचने के लिए स्ट्रेटेजीकली प्लान किया. इसके लिए नोआह ने ई-मेल और डिजिटल मार्केटिंग की हेल्प ली. फिर उन्होंने अपने उन कंज्यूमर्स को टारगेट करने पर फोकस किया जो उनकी सर्विसेज़ ले सके. ज्यादतर जो लोग बिजनेस स्टार्ट करते है, उन्हें लगता है कि शुरुवात के कुछ महीनों तक फेलर नॉर्मल है लेकिन नोआह के साथ ऐसा नहीं था. उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वो अपना बिजनेस स्टार्ट करते ही रेवेन्यू अर्न करना शुरू कर देंगे. Appsumo की लॉन्चिंग के दो साल बाद ही 2017- A ज्यादतर जो लोग बिजनेस स्टार्ट करते है, उन्हें लगता है कि शुरुवात के कुछ महीनों तक फेलर नॉर्मल है लेकिन नोआह के साथ ऐसा नहीं था. उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वो अपना बिजनेस स्टार्ट करते ही रेवेन्यू अर्न करना शुरू कर देंगे. Appsumo की लॉन्चिंग के दो साल बाद ही उन्होंने इसे मिलियन डॉलर बिजनेस बना दिया जिसके 500,000 से भी ज्यादा ई-मेल सब्सक्राइबर हैं. इससे पहले कि बाकि एंटप्रेन्योर्स को जरा भी अंदाजा होता कि Appsumo उनके लिए एक ख़तरा है, Appsumo में लोगों ने इतनी दिलचस्पी दिखाई कि कंपनी स्कसेस की उंचाईयों तक पहुँच गई. इसलिए किसी बी कॉम्पटीटिव फील्ड में स्ट्रेटेजीकली प्लान करना इम्पोर्टेट है. आज मार्केट में कई बिजनेस वैल्यूएबल प्रोडक्ट और सर्विस ऑफर कर रहे है. लेकिन भीड़ में अपनी पहचान बनाने के लिए आपको कुछ यूनिक और एसेंशियल ऑफर करना होगा. अपने दुश्मनों यानी कॉम्पटीटर्स को हराने के लिए आपके पास एक स्ट्रेटेजिक प्लान होना बहुत जरूरी है. इसलिए इससे पहले कि कोई दुश्मन आपको नीचे पटके, आप उसे अपने बिजनेस की पॉवर दिखानी होगी और अपनी कमजोरियों को बड़ी चालाकी से छुपाना होगा ताकि उसे आप पर हावी होने का मौका ना मिल सके. ART OF WAR Sun Tzu (स्ट्रेटेज़ी बनाकर अटैक करो) Attack by Strategy हर लड़ाई में जीत हासिल करना सुप्रीम एक्सीलेंस की निशानी नहीं होती. सुप्रीम एक्सीलेंस तब आती है जब आप दुश्मन को बिना लड़े ही हरा दो. और ऐसा करने से पहले अपने दुश्मन को अच्छी तरह जान लेना बहुत जरूरी है. बिना जाने आप उसे हरा नहीं सकते. क्योंकि जिस पल आपने समझ लिया कि सामने वाली की कमज़ोरी का फायदा कैसे उठाया जाए, समझ लो आपको कोई नहीं हरा सकता. आपको उसकी कमजोरी पर वार करना है और उसके स्ट्रोंग पॉइंट्स से बच कर रहना है. सन जू ने इस किताब में हमे कुछ ऐसे क्रिटिकल प्रिंसिपल्स बताए है जो हमे अटैक करने से पहले ध्यान में रखने होंगे. अगर तुम दुश्मन से दस गुना ज्यादा बड़े हो तो उसे चारो तरफ से घेर लो. अगर तुम दुश्मन से पांच गुना बड़े हो तो उस पर हमला करना ही होगा. अगर आप ताकत और फ़ोर्स में दुश्मन के बराबर हो तो आपको पूरे जी-जान से लड़ो. आपको पूरे जी-जान से लड़ो. और अगर दुश्मन का पलड़ा आपसे भारी है तो उससे हर हाल में बचके रहो. ये जानते हुए कि दुश्मन फ़ोर्स और ताकत में आपसे कहीं ज्यादा है और हारना तय है तो जान बचाकर भागने में ही भलाई है. यहाँ हम एक एक्जाम्पल लेंगे. 1960 की बात है, विएतनामी कम्युनिस्ट और यूनाईटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के बीच जंग छिड गई थी. विएतनामी हालात का जायजा लेते हुए जानते थे कि यू.एस. आर्मी के मुकाबले वो काफी कम संख्या में थे और उनके पास जो हथियार थे उनके मुकाबले अमेरिकन आर्मी कहीं ज्यादा एडवासं थी. विएतनामी ये भी जानते थे कि अमेरिका से सीधे-सीधे मुकाबला करना मौत को दावत देने के बराबर है इसलिए उन लोगों ने हिट एंड रन स्ट्रेटेज़ी अप्लाई करने का फैसला किया. हिट एंड रग स्ट्रेटेज़ी एक ऐसी टैक्टिक है जिसमे दुश्मन पर छुपकर छोटे-छोटे हमले किये जाते है और इससे पहले कि दुश्मन जवाबी कार्यवाही करे, हमला करने वाला फिर से छुप जाता है. अब क्योंकि विएतनामी अपनी जमीन के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे, वो एक अंडरग्राउंड टेरेन बना पाने में कामयाब रहे थे जिसे वो बचने के लिए और अमेरिकन्स से वाकिफ थे, वो एक अंडरग्राउंड टेरेन बना पाने में कामयाब रहे थे जिसे वो बचने के लिए और अमेरिकन्स के लिए बूटी ट्रेप्स बनाने के लिए इस्तेमाल करते थे. अंडरग्राउंड टेरेन की वजह से विएतनामी किसी भी बम हमले से साफ बचकर निकल जाते जिससे उनके कम से कम आदमी मरते. हिट एंड रन टैक्टिक ने बड़े ही इफेक्टिव तरीके से अमेरिकन्स को कमजोर करके रख दिया था जिसका पूरा फायदा उठाते हुए विएतनामी उन पर हमला कर रहे थे. सन जू ने कहा था” बैटर टू आउट थिंक एनिमी रेदर देन आउट फाऊट देम” इस तरह विएतनामी फ़ोर्स ने सन जू के कांसेप्ट पर चलते हुए सुपरपॉवर अमेरिका के दांत खट्टे करके रख दिए. अमेरिकन हिस्ट्री में ये पहली ऐसी लड़ाई थी जहाँ उन्होंने मुंह की खाई थी. सन जू के कांसेप्ट को और अच्छी तरह समझने के लिए यहाँ हम पांच प्रिंसिपल दे रहे हैं जो आपको जीत की गारंटी दे सकते है. इसलिए ये जानना बेहद जरूरी है कि कब लड़ना है और कब नहीं लड़ना, इस सारी नॉलेज के साथ आपकी जीत पक्की है. विएतनामी जानते थे कि वो अमेरिकन्स को फेस टू फेस बैटल में नहीं हरा सकते इसलिए उन्होंने दिमाग लड़ाकर ऐसी टैक्टिक निकाली जो काम कर गई. दूसरी बात, चौथी बात, ऐसी टैक्टिक निकाली जो काम कर गई. दूसरी बात, वो जानते थे कि अपनी आर्मी को कब और कहाँ तैनात करना है. तीसरी बात, आर्मी के अंदर यूनिटी होनी चाहिए. विएतनामी कभी भी ये लड़ाई नहीं जीत पाते अगर उनके अंदर यूनिटी नहीं होती. उनकी स्ट्रेटेजी आपसी भरोसे और कोर्डिनेशन पर बेस्ड थी. शायद ये एक बड़ी वजह थी जिसके कारण वो अपने दुश्मन अमेरिका को हराने में कामयाब रहे. किसी भी सरप्राईज़ के लिए तैयार रहे. अमेरिकन आर्मी की हार की एक बड़ी वजह ये भी कि वो शायद ओवर कांफिडेंस में आ गए थे, उन्हें लगा वो बड़ी आसानी से विएतनामी को हरा देंगे. वही दूसरी ओर विएतनामी स्ट्रेटेजिक प्लानिंग के साथ पूरी तरह से इस लड़ाई के लिए तैयार थे. लास्ट में ग्रुप को एक ऐसा जर्नल चाहिए जो मुश्किल से मुश्किल फ़ैसला ले सके और उन पर अमल कर सके. जैसा कि सन जू ने इस किताब की स्टार्टिंग में ही कहा था. एक बार आपने जर्नल अपोइन्ट कर दिया तो फिर उसके बाद सारे फैसले लेने और मिलिट्री सिचुएशन को कण्ट्रोल करने की जिम्मेदारी उसके कन्धो पर है. फिर उसका आदेश कोई भी यहाँ तक कि राजा भी नहीं टाल सकता. क्योंकि बात जब जंग की हो तो एक जर्नल ही एक्सपर्ट होता है. लास्ट में ग्रुप को एक ऐसा जर्नल चाहिए जो मुश्किल से मुश्किल फैसला ले सके और उन पर अमल कर सके. जैसा कि सन जू ने इस किताब की स्टार्टिंग में ही कहा था. एक बार आपने जर्नल अपोइन्ट कर दिया तो फिर उसके बाद सारे फैसले लेने और मिलिट्री सिचुएशन को कण्ट्रोल करने की जिम्मेदारी उसके कन्धो पर है. फिर उसका आदेश कोई भी यहाँ तक कि राजा भी नहीं टाल सकता. क्योंकि बात जब जंग की हो तो एक जर्नल ही एक्सपर्ट होता है. इसी तरह से जब बात आपकी लाइफ, आपके बिजनेस या प्रोफेशन की हो तो आप खुद एक एक्सपर्ट हो. और किसी को आपके फैसलों में दखल देने का हक नहीं है. आप देख सकते हो कि जो प्रिंसिपल हमे सन जू ने सिखाये है, उनमे किसी टेक्नोलोजी या पॉवर का जिक्र नहीं है बल्कि इनमे से सिर्फ स्ट्रेटेजी और प्रिपरेशन पर जोर दिया गया है. जब आपको खुद की काबिलियत और दुश्मन की ताकत का अंदाजा लग जाता है तब भले ही आपको सौ और लड़ाईयाँ लडनी पड़ जाए पर आप हार नहीं मानते. ART OF WAR Sun Tzu (कमजोर और मजबूत पॉइंट) Weak Points and Strong एक समझदार जर्नल अच्छे से जानता है कि अपने दुश्मन की कमजोरी का फायदा कैसे उठाया जाए. और साथ ही उसे अपने कमजोर पॉइंट्स भी पता होने चाहिए ताकि जब दुश्मन अटैक करे तो वो डिफेंड कर सके. एक बात और समझ लो, हर लड़ाई में सेम स्ट्रेटेजी या टैक्टिक नहीं अपनाई जाती. जैसे पानी जिस बर्तन में रहता है उसी के अनुसार शेप बदल लेता है, ठीक इसी तरह जर्नल को भी हर सिचुएशन के हिसाब से स्ट्रेटेजी चेंज करनी होगी. सिपाहियों का काम है लड़ना इसलिए वो जी-जान से लड़े और जर्नल्स का काम है अपने दुश्मन को ताकत तौलने के बाद ही जंग के मैदान की स्ट्रेटेज़ी प्लान करे. पानी का कोई फिक्स्ड शेप नहीं है और ना ही जंग स्ट्रेटेज़ी की होती है. हर लड़ाई का अलग मौसम, वक्त और नैचर है, इसलिए इन सबको ध्यान में रखते हुए एडवांटेज लेनी चाहिए. एक कुशल सिपाही कभी दुश्मन को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगा. यहाँ हम सन जू के कुछ तरीके बता रहे है जो आपको विनिंग एडवांटेज लेने में हेल्प करेंगे. ये धयान रहे कि बैटलफील्ड में आपको पहले पहंचना विनिंग एडवांटेज लेने में हेल्प करेंगे. ये धयान रहे कि बैटलफील्ड में आपको पहले पहुंचना है ताकि आराम करने का और लड़ाई के लिए मेंटली और फिजिकली तैयार होने का बराबर वक्त मिल सके. बैटलफील्ड में जो बाद में पहुँचता है, पहले तो वो थका होता है और दूसरा उसे तैयारियों का वक्त नहीं मिल पाता. जंग में कुछ भी करके ऐसे तरीके ढूंढ कर दुश्मन को वहां हमला करो जहाँ वो सबसे कमज़ोर हो. अगर दुश्मन लापरवाह है तो तुरंत हमला बोल दो. उनके पास प्रॉपर फूड सप्लाई है तो सबसे पहले उसे भी खत्म करो ताकि दुश्मन भूख से तड़फ उठे. अगर वो शान्ति से कैंप में सोये है तो उन्हें उकसा कर वहां से भागने पर मजबूर कर दो. इन तरीको से आप दुश्मन को वहां चोट पहुंचा सकते है जहाँ वो कमजोर है, और उन्हें हमला करने का मौका मत दो ताकि वो आपकी कामजोरी का फायदा ना उठा ले. किसी भी लड़ाई में सीक्रेसी बनाये रखना बहुत जरूरी है. यानी अपनी जरा सी भी खबर दुश्मन के हाथ मत लगने दो. उन्हें पता नहीं चलना चाहिए कि आप कब हमले की योजना बना रहे है. क्योंकि अगर उन्हें पता नहीं होगा कि आपका अगला हमला कहाँ होने वाला है तो हर लोकेशन पर तैयारी करके बैठ जाएगा. विनिंग एडवांटेज लेने में हेल्प करेंगे. ये धयान रहे कि बैटलफील्ड में आपको पहले पहुंचना है ताकि आराम करने का और लड़ाई के लिए मेंटली और फिजिकली तैयार होने का बराबर वक्त मिल सके. बैटलफील्ड में जो बाद में पहुँचता है, पहले तो वो थका होता है और दूसरा उसे तैयारियों का वक्त नहीं मिल पाता. जंग में कुछ भी करके ऐसे तरीके ढूंढ कर दुश्मन को वहां हमला करो जहाँ वो सबसे कमज़ोर हो. अगर दुश्मन लापरवाह है तो तुरंत हमला बोल दो. उनके पास प्रॉपर फूड सप्लाई है तो सबसे पहले उसे भी खत्म करो ताकि दुश्मन भूख से तड़फ उठे. अगर वो शान्ति से कैंप में सोये है तो उन्हें उकसा कर वहां से भागने पर मजबूर कर दो. इन तरीको से आप दुश्मन को वहां चोट पहुंचा सकते है जहाँ वो कमजोर है, और उन्हें हमला करने का मौका मत दो ताकि वो आपकी कामजोरी का फायदा ना उठा ले. किसी भी लड़ाई में सीक्रेसी बनाये रखना बहुत जरूरी है. यानी अपनी जरा सी भी खबर दुश्मन के हाथ मत लगने दो. उन्हें पता नहीं चलना चाहिए कि आप कब हमले की योजना बना रहे है. क्योंकि अगर उन्हें पता नहीं होगा कि आपका अगला हमला कहाँ होने वाला है तो हर लोकेशन पर तैयारी करके बैठ जाएगा. हमला कहाँ होने वाला है तो हर लोकेशन पर तैयारी करके बैठ जाएगा. और यही वो मार खा जाएगा, उसकी फ़ोर्स अलग-अलग हिस्सों में बंटी जायेगी. अगर दुश्मन सामने से मजबूत है तो जरूर पीछे से कमजोर होगा. अगर पीछे की तरफ से मज़बूत है तो सामने से कमज़ोर होगा. अगर वो बाई तरफ से खुद को डिफेंड करता है तो दाई तरफ से वीक होगा. और अगर वो दाई तरफ से डिफेंड कर रहा है तो मतलब बाई तरफ से वीक है. अगर उसने चारो तरफ से घेराबंदी कर रखी है तो फिर वो हर तरफ से कमज़ोर है. इन्सान तभी कमजोर होता है जब वो चारो तरफ से खुद को प्रोटेक्ट करने की कोशिश करे. पर किसी एक जगह पर फोकस करेगा तो वो जगह मजबूत हो जायेगी. यहाँ हम एक और सिचुएशन लेते है. जब दुश्मन संख्या में ज्यादा हो तो आपको उसे लड़ने से रोकने का कोई तरीका ढूंढना होगा. उसकी स्ट्रेटेज़ी और प्लान क्या है, ये आपको पता ही होंगे और उसके वीक और स्ट्रोंग पॉइंट्स क्या है ये भी पता करना होगा. अगर सामने वाला आप पर भारी पड़ सकता है तो उसकी कमजोरी का फायदा उठाओ और अपनी कमजोरी हार किसी भी सूरत में ज़ाहिर मत होने दो. सन जू कहते हैं कि लोग उनकी स्ट्रेटेज़ी के बारे में उसकी कमजोरी का फायदा उठाओ और अपनी कमजोरी हार किसी भी सूरत में ज़ाहिर मत होने दो. सन जू कहते हैं कि लोग उनकी स्ट्रेटेजी के बारे में जानते है और कॉपी भी करते है पर फिर भी वो जंग के उस कांसेप्ट को समझ नहीं पाते जिसके कारण सन जू हर जंग जीत जाते है. सन जू कहते है जंग के मैंदान में जो स्ट्रोंग है उसे अवॉयड करो और जो वीक है उस पर अटैक करो, ठीक यही कांसेप्ट बिजनेस या स्पोर्ट्स की फील्ड में भी अप्लाई होता है. एक स्टार्ट-अप फूड बिजनेस को चाहिए कि वो कभी भी बड़ी कंपनीज़ के रास्ते में ना आये. अपने सेम लेवल के कॉम्पटीटर्स से मुकाबला किया जा सकता है या उन कंपनीज़ के साथ जिन्हें आप हरा सकते हो. स्पोर्ट्स में रूकी बॉक्सर किसी वर्ल्ड चैम्पियन से लड़ने की भूल नहीं करता. आपको अपनी काबिलियत और हदें दोनों मालूम होनी चाहिए. एम्बिशिय्स बनना ठीक है पर उससे पहले प्रेक्टिकल बनो. यानी कमजोरी को निशाना बनाओ और मजबूत पॉइंट्स अवॉयड करो. इन प्रिंसिपल्स को अप्लाई करके पहले खुद को और अपने बिजनेस को इम्प्रूव करने का मौका दो, और फिर स्ट्रोंग से स्ट्रोंगर बनते जाओ. ART OF WAR Sun Tzu (जासूसों का इस्तेमाल) Use of spies इससे पहले के चैप्टर्स में सन जू ने बार-बार एक ही बात पर जोर दिया है और वो ये कि लड़ाई सिर्फ शरीर से नहीं बल्कि दिमाग से भी जीती जाती है. हर जंग तबाही लेकर आती है. इसमें वक्त और पैसे की बर्बादी तो होती ही है साथ ही मासूम लोगों का खून भी बहता है. एक बुद्धिमान और समझदार जर्नल वही है जो किसी भी सूरत में जंग को और जंग में होने वाली मौतों को रोक ले. हर लड़ाई के अपने नुकसान और खतरे है, अगर आप उन्हें लंबी दूरी तय करने पर मजबूर करते है तो वो इतना थक जायेंगे कि उनके अंदर लड़ने की ताकत ही नहीं बचेगी. इसलिए अगर आप चाहते है कि जीत आपकी हो तो इस तरह के रिस्क ना ले. एक समझदार और अच्छे लीडर के पास वो चीज़ होती है जो एक आम आदमी के पास नहीं होती यानी फोरनॉलेज. फोरनॉलेज जिसे दूरदर्शिता भी बोलते है, यानी किसी पास नहीं होती यानी फोरनॉलेज. फोरनॉलेज जिसे दूरदर्शिता भी बोलते है, यानी किसी घटना के घटने | पहले ही उसकी जानकारी होना. यहाँ तक कि प्राचीन काल में सन जू जैसे जर्नल भी इन स्प्रिचुअल बिलिफ्स पर ज्यादा यकीन नहीं करता था. फोरनॉलेज एक्सपिरियेस पर डिपेंडेंट नहीं है इसलिए एक्सपर्ट्स की बातों पर आँख मूंद कर भरोसा कर लेना कोई समझदारी नहीं होगी. हमे हर सिचुएशन के हिसाब से और जरूरत पड़ने पर अपने प्लान और स्ट्रेटेज़ी में बदलाव लाना सीखना होगा, ठीक ऐसे ही जैसे पानी जिस बर्तन में रखा जाता है उसी के अनुसार अपना आकार ले लेता है. इसलिए सिर्फ दुश्मन की चाल के बारे में पहले से अंदाजा लगा लेना और अपने अनुभवो पर निर्भर रहना काफी नहीं है. फोरनॉलेज दूसरों के ज्ञान से भी मिल सकती है जिन्हें हम जंग की जुबान में जासूस कहते है. पहले होते है लोकल स्पाईज़ यानी लोकल जासूस यानी उन लोगों से दुश्मन की खबर लेना जो दुश्मन के ईलाके में रहते है. दूसरे है इन्वार्ड स्पाईज़ यानी दुश्मन के हाई रैंकिंग ऑफिसर्स या ओफिशियल्स की मदद से दुश्मन के एक-एक चाल की खबर रखना. दूसरे है इन्वार्ड स्पाईज़ यानी दुश्मन के हाई रैंकिंग ऑफिसर्स या ओफिशियल्स की मदद से दुश्मन के एक-एक चाल की खबर रखना. तीसरे होते है कनवर्टेड स्पाईज़ जो दुश्मन के जासूसों को पकड़ लेते है फिर उन्ही को इस्तेमाल करके दुश्मन को गुमराह करने के लिए गलत जानकारी उन तक पहुंचाते है. चौथे आते है डूम्ड स्पाईज़ जो दुश्मन को फंसाने के लिए चारे की तरह इस्तेमाल होते है. ये वो जासूस होते है जिन्हें दूसरे जासूस दुश्मन को फंसाने के लिए यूज़ करते है.. ये ऐसे एक्टिंग करते है जैसे उन्होंने डूम्ड स्पाईज़ को पकड़ लिया हो ताकि वो दुश्मन को झांसा देकर उसका यकीन जीत सके. और अंत में आते है सरवाईविंग स्पाईज़ जो बड़ी कुशलता से जान की बाजी लगाकर दुश्मन के खेमे में घुसकर खबर का पता लगाते है और वापस सही-सलामत कैंप में लौट आते है. इन पांचो टाइप के जासूसों को स्ट्रेटेज़ी के साथ सही तरीके से इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी जर्नल की होती है. फोरनॉलेज सबसे हाएस्ट टाइप की नॉलेज होती है जो एक जर्नल अचीव करता है. फोरनॉलेज सबसे हाएस्ट टाइप की नॉलेज होती है जो एक जर्नल अचीव करता है. किसी भी आर्मी में जासूस सबसे अहम रोल अदा करता है. आर्मी किस काबिलियत के साथ अगला कदम उठायेगी या हालात को देखते हुए क्या फैसले लेगी, ये सब डिपेंड करता है उस खबर पर जो उन्हें जासूस के हवाले से मिलती है. ये थोडा कंट्रोवर्शियल तो है पर आज भी भी कई बड़े कॉर्पोरेट सेक्टर्स और कंपनीज़ अपने फायदे के लिए जासूसो का इस्तेमाल करती है. बड़ी कंपनियों की तो बात ही जाने दो, दुनिया के लगभग सभी देशो में पॉलिटिकल और डिप्लोमेटिक मामलों में जासूसी और जासूसों का इस्तेमाल सदियों से होता रहा है और आज भी हो रहा है. Conclusion इस किताब में आपने सीखा कि जीत मौके से नहीं बल्कि हमारी काबिलियत से मिलती है. आपने इस किताब से सीखा कैसे हर लड़ाई की इम्पोर्टेस को एक्सप्लोर करना जरूरी है और साथ ही हमे ये भी समझना होगा कि हम रिस्क पर क्या लगा रहे Conclusion इस किताब में आपने सीखा कि जीत मौके से नहीं बल्कि हमारी काबिलियत से मिलती है. आपने इस किताब से सीखा कैसे हर लड़ाई की इम्पोर्टेस को एक्सप्लोर करना जरूरी है और साथ ही हमे ये भी समझना होगा कि हम रिस्क पर क्या लगा रहे है. आपने ये भी सीखा कि वॉर में जाने से पहले जरूरी तैयारीयाँ और केलकुलेशन कर लेनी चाहिए. आपने ये भी पढ़ा कि जीत और हार जंग शुरू होने से पहले ही तय हो जाती है. आपने यहाँ बिना लड़े ही जंग जीतने का कांसेप्ट समझा. आपने सीखा कि वीक पॉइंट्स पर अटैक करने के साथ ही हमे स्ट्रोंग पॉइंट्स को भी डिफेंड करना है. आपने इस किताब में पढ़ा कि फोरनॉलेज सबसे पॉवरफुल टूल है जो अपने दुश्मन के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते है जिंदगी के हर पड़ाव और हर पहलू में हमे कॉम्पटीशन का सामना करना पड़ सकता है. इस किताब का मेन गोल आपको वायोलेंट बनाना नहीं बल्कि समझदार बनाना है. ये किताब आपको एहसास दिलाती है कि सफलता की आपने यहाँ बिना लड़े ही जंग जीतने का कांसेप्ट समझा. आपने सीखा कि वीक पॉइंट्स पर अटैक करने के साथ ही हमे स्ट्रोंग पॉइंट्स को भी डिफेंड करना है. आपने इस किताब में पढ़ा कि फोरनॉलेज सबसे पॉवरफुल टूल है जो अपने दुश्मन के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते है जिंदगी के हर पड़ाव और हर पहलू में हमे कॉम्पटीशन का सामना करना पड़ सकता है. इस किताब का मेन गोल आपको वायोलेंट बनाना नहीं बल्कि समझदार बनाना है. ये किताब आपको एहसास दिलाती है कि सफलता की राह पर चलने का मतलब सिर्फ संघर्ष करना ही नहीं बल्कि विचारों का मंथन करना भी है. इसलिए हमारे लिए एक स्ट्रेटेज़ी प्लान करना बहुत जरूरी हो जाता है. तो इस किताब को पढ़कर आपको इतना तो समझ आ गया होगा कि अगली बार जब भी आपके सामने कोई बैटल हो तो आप सन जू के बताए प्रिंसिप्ल अप्लाई कीजिये और अपनी जीत का डंका बजा दीजिये.

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