30DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER Books In Hindi Summary Pdf

30DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER इंट्रोडक्शन क्या आप भी एक यूट्यूबर है ? क्या आप अपने विडियो एडिट और पब्लिश करते रहते है पर इसके बावजूद आपके विडियो को लाइक और सब्सक्रिप्शन नहीं मिलते या हो सकता है कि आप अपना यूट्यूब चैनल क्रिएट करने की सोच रहे हो लेकिन ये सोचकर डरते हो कि शायद लोग उसे subsbcribe नहीं करेंगे. जब भी हम किसी सक्सेसफुल यूट्यूब क्रिएटर को देखते है तो हमे लगता है कि शायद अपनी डेडिकेशन और हार्ड वर्क की वजह से उन्हें इतनी सक्सेस मिली है और अगर देखा जाए तो, ज्यादातर केस में हार्ड वर्क और डेडिकेशन काफी हद तक मैटर भी करता है. लेकिन सच्चाई का दूसरा पहलू ये भी है कि बात जब एक सक्सेसफुल यूट्यूब चैनल क्रिएट करने की हो तो कई बार सिर्फ हार्ड वर्क और डेडिकेशन से काम नहीं चलता. हमे इसके अलावा राईट और वेल टार्गेटेड स्ट्रेटेजी की भी जरूरत पड़ती है जो लोगों को यानि ऑडियंस को हमारी तरफ खींचकर ले आये. तो ये समरी इसमें आपकी हेल्प करने वाली है. इसमें आप और भी ज्यादा फोकसद चैनल सेट करके 1 इसमें आप और भी ज्यादा फोकस्ड चैनल सेट करके अपनी ऑडियंस को टारगेट करना सीखेंगे जिससे कि आपको एक ऐसा यूट्यूब टाइटल सोचने में हेल्प मिलेगी जो आपका मैसेज लोगों तक पहुंचाए और ज्यादा से ज्यादा व्यूवर्स को attract कर सके. साथ ही आप एक बैंड एस्टेबिलिश करके उसके साथ कंसिस्टेंट रहना भी सीख सकेंगे. जब आप कंसिस्ट रहेंगे तो आपके स्बसस्क्राईबर्स आपके कंटेंट को और ज्यादा सपोर्ट करेंगे. और सबसे बड़कर, आप ऐसी इफेक्टिव स्ट्रेटेज़ी डिस्कवर कर पायेंगे जो आपको डिजिटल वर्ल्ड में अपनी ऑनलाइन प्रेजेंस प्रोमोट करने में हेल्प कर सके. इसमें आप जो भी लेसन सीखेंगे, उन्हें अप्लाई करने के बाद आपके लिए अपनी पहचान बनाना और भी आसान हो जायेगा और आप अपना इन्फ्लुएंस लोगों की लाइफ में और ज्यादा एक्सपैंड कर पाएंगे. इन्फ्लुएंस ऐसी पॉवरफुल चीज़ है जिससे आप दुनिया को और ज्यादा पॉजिटिव बनने में हेल्प कर सकते है. तो अगर आप एक ऐसा कंटेंट क्रिएटर बनना चाहते है जिसके पास इन्फ्लुएंस की पॉवर हो तो समरी को पूरा ज़रूर सुनें. आपको सिर्फ 30 दिन लगेंगे एक बैटर यूट्यूब चैनल बनाने में. अगर आप इसमें दी गई स्ट्रेटेज़ीज़ को यूज़ करोगे तो देखना आपको इतने तरानातर्य मिलेंगे नि थाIT गन ट ना.योगे त्याचा 2 बैटर यूट्यूब चैनल बनाने में. अगर आप इसमें दी गई स्ट्रेटेज़ीज़ को यूज़ करोगे तो देखना आपको इतने स्बसक्राईबर्स मिलेंगे कि आप हैरान रह जाओगे. आप सोच भी नहीं सकते कि आप लोगों पर इस हद तक इम्पैक्ट डाल सकते हो कि व्यूवर्स आपके नेक्स्ट कंटेट का बेसब्री से वेट करने लगेंगे. Target Audience ऐसे बहुत से यूट्यूबर्स है जो बहुत जल्द ढेर सारे सब्सक्राईबर्स बनाना चाहते है. शायद इसी वजह इनका कंटेंट बहुत ब्रॉड होता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनके कंटेंट से रिलेट कर सके. लेकिन होता क्या है कि इतनी मेहनत के बावजूद इनके सब्सक्राईबर्स बहुत कम बनते है क्योंकि ज्यादातर व्यूवर्स इनके चैनल से जुड़ नहीं पाते है, उन्हें ऐसा फील नहीं होता कि ये चैनल उनके लिए बना है या यहाँ उन्हें कुछ अपने काम की चीज़ मिलेगी. तो एक सक्सेसफुल यूट्यूब चैनल बनाने के लिए आपको अपनी टारगेट ऑडियंस तक पहुंचना होगा. आपको उन्हें खासतौर पर पहचानना होगा ताकि वो जब आपके चैनल पर आये तो उन्हें ऐसा लगे कि ये चैनल तो बस उन्ही के लिए बना है यानि आपको उन्हें अपने चैनल का एक पार्ट फील कराना होगा, तभी व्यूवर्स को लगेगा कि वो एकदम सही जगह आये है. अपने माइंड में अपने टारगेट ऑडियंस की क्लियर 3 अपने चैनल का एक पार्ट फील कराना होगा, तभी व्यूवर्स को लगेगा कि वो एकदम सही जगह आये है. अपने माइंड में अपने टारगेट ऑडियंस की क्लियर पिक्चर रखे ताकि आप उनकी ज़रूरतों को समझ पाएं, आपको पता चल सके कि उन्हें क्या चाहिए. तभी आप ऐसा कंटेंट क्रिएट कर पायेंगे जो आपके व्यूवर्स को आपसे जोड़कर रखे. इस बुक के ऑथर टिम ने अपना यूट्यूब चैनल “विडियो क्रिएटर्स” शुरू किया था तो सबसे पहले उन्होंने अपनी टारगेट ऑडियंस को आइडेंटीफाई कर लिया था कि वो विडियो किनके लिए बनायेंगे. इसे तीन लेवल में करना होता है. तो सबसे पहले तो टिम ने फर्स्ट लेवल टारगेट के तौर पर विडियो क्रिएटर्स को आइडेंटीफाई कर लिया यानि उन्होंने ये श्योर कर लिया कि उनका चैनल किसी पॉडकास्ट, म्यूजिक, या ब्लॉग क्रिएटर्स के लिए नहीं है. दूसरी चीज़, उन्होंने इसे नैरो डाउन करके यूट्यूब क्रिएटर्स तक लिमिटेड रखा. तो इसलिए सेल्फ होस्टेड फिल्म्स और विडियो साइट जैसे विमो और वाइन पहले से ही excluded थे. तीसरी चीज़, टिम अपना टारगेट और भी नैरो करते हुए हॉबी क्रिएटर्स तक लिमिट रहे. इसका मतलब ये हुआ कि ये चैनल स्पेश्फिकली फुल टाइम यूट्यूब क्रिएटर्स या मार्केटर्स के लिए तो बिल्कुल भी नहीं थी. जोमा गोट और गाटा गोशिर्ट ने 4 लिए ता बिल्कुल मा नहा पा. तो अपने टारगेट को और ज्यादा स्पेशिफाई करने के बाद टिम खुद से सवाल पूछते है जिससे उन्हें ये डिसाइड करने में हेल्प मिलती है कि उनकी ऑडियंस कौन होगी. इसमें उनके टारगेट ऑडियंस के बिलीफ्स, वैल्यूज़, पर्पज और रीजन्स आते है जिन्हें लेकर वो यूट्यूब पर कंटेट बनाते है. तो नैरो डाउन करने के थर्ड स्टेप में टिम खुद उन सवालों के जवाब देते है. ऐसा इसलिए कि वो खुद एक हॉबी क्रिएटर है. इस तरह, उन्हें अपने जैसे हॉबी क्रिएटर्स की नीड्स और प्रॉब्लम को समझने में हेल्प मिली और उनकी ऑडियंस के लिए भी उन तक पहुँचना ईज़ी हो जाता है क्योंकि वो एक दूसरे से रिलेट कर सकते है. फाईनली, टिम ने ये देखा कि उनके चैनल की टारगेट ऑडियंस हॉबी यूट्यूब क्रिएटर्स होगी जो अपने विडियोज के जरिये दूसरों की लाइफ इम्प्रूव करने की कोशिश करते है. अपने टारगेट ऑडियंस को आइडेंटीफाई करने के बाद टिम अपना बिलिफ स्टेटमेंट भी क्रिएट कर पाए. अपने टारगेट ऑडियंस को वैल्यू देने के लिए ये चीज़ इम्पोर्टेट है. वो मानते है कि वो अपने चैनल के जरिए हजारो हॉबी यूट्यूब क्रिएटर्स को ट्रेन करके इस दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते है. 5 कर सकते है. फाईनली, टिम ने ये देखा कि उनके चैनल की टारगेट ऑडियंस हॉबी यूट्यूब क्रिएटर्स होगी जो अपने विडियोज के जरिये दूसरों की लाइफ इम्प्रूव करने की कोशिश करते है. अपने टारगेट ऑडियंस को आइडेंटीफाई करने के बाद टिम अपना बिलिफ स्टेटमेंट भी क्रिएट कर पाए. अपने टारगेट ऑडियंस को वैल्यू देने के लिए ये चीज़ इम्पोर्टेट है. वो मानते है कि वो अपने चैनल के जरिए हजारो हॉबी यूट्यूब क्रिएटर्स को ट्रेन करके इस दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते है. अपनी ऑडियंस को नैरो डाउन करना ऐसा लगता है जैसे आप काफी सारे लोगों को एलिमिनेट करोगे. लेकिन यही बेस्ट तरीका है जिससे आपके सब्सक्राईबर्स आपके चैनल के साथ एंगेज रहेंगे. वो इसलिए क्योंकि जो कनेक्शन वो आपके चैनल के साथ फील करेंगे उससे उनके अंदर एक ट्रस्ट और लॉयल्टी की फीलिंग आएगी और यही लोग आपके सॉलिड सब्सक्राईबर्स होंगे. इसके अलावा इससे आपको लाइक माइंडेड लोगों की एक कम्यूनीटी क्रिएट करने में हेल्प मिलेगी जिनके साथ कनेक्ट करके आप काफी एन्जॉय करने वाले है. 6 30 DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER चैनल टाइटल (Channel Title) एक सक्सेसफुल चैनल बनाने से पहले सबसे इम्पोर्टेट चीज़ जो आपको बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करनी चाहिए, वो है इसका टाईटल. कई यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स अपने नाम को ही अपने चैनल का टाइटल बना लेते है. हालाँकि अगर गोल और कंटेंट के हिसाब से देखा जाये तो हर बार अपना नाम यूज़ करना बेस्ट चॉइस नहीं होती. टाइटल चूज़ करते वक्त ये इम्पोर्टेट है कि ऐसा नाम चूज़ करो जो मीनिंगफुल होने के साथ-साथ सुनने में काफी अट्रेक्टिव भी लगे. वो इसलिए क्योंकि आपका टाइटल यूट्यूब में कई जगह शो करेगा जिसमे रिलेटेड चैनल सेक्शन, विडियो कॉमेंट्स, सर्च रीजल्ट, फीचर्ड चैनल लिस्ट और भी काफी कुछ शामिल है. टिम की बात करे तो उन्होंने ये डिसाइड किया कि वो अपने चैनल टाइटल में अपना नाम यूज़ नहीं करेंगे. वो इसलिए क्योंकि उनके नाम का कोई मतलब नहीं बनता, ख़ासकर उनके टारगेट ऑडियंस के लिए. उन्हें लगता है कि अगर कोई उनके चैनल पर आएगा तो टाइटल देखते ही भाग जाएगा. 7 तो ये सोचकर टिम ने अपने चैनल का नाम रखा “विडियो क्रिएटर्स” जोकि उनके टारगेट ऑडियंस को डिसक्राइब भी करता है. तो अगर कोई भी अचानक से उनके चैनल पर आएगा, वो देखते ही समझ जायेंगा कि ये चैनल किस बारे में है. इससे व्यूवर्स के लिए इसकी क्रेडिबीलीटी और भी बढ़ जाती है. वैसे ये टेक्नीक टिम के लिए काम करती है, लेकिन जरूरी नहीं सबके लिए यही बेस्ट ऑप्शन हो. कुछ कंटेट क्रिएटर्स मानते है कि अपना नाम या कंपनी का नाम यूज़ करना ज्यादा सही रहेगा और इस तरह से उनकी पहचान बनना शुरू हो जाती है. अपने चैनल का टाइटल चूज़ करने का मेन पर्पज है अपने गोल को डिसक्राइब करना और ये तय करना कि आप यूट्यूब पर खुद को कैसे देखना चाहते हो. इसलिए ये बेहद जरूरी है कि आपको अपने गोल्स पता हो ताकि आपका चैनल टाइटल और बैंड नेम उससे मैच कर सके. अगर आप चाहो तो ऊपर दिए दोनों एक्ज़म्प्ल को कम्बाइन भी कर सकते हो जैसे अपने नाम और चैनल का कंटेंट यूज़ करना. हालाँकि अगर आप अपने चैनल का टाइटल छोटा रखना चाहते है तो आप सिर्फ एक ही स्ट्रेटेजी यूज़ कर सकते हो. अगर आप छोटा टाइटल चाहते हो तो आपको सिर्फ एक स्ट्रेटेज़ी यूज़ करनी होगी. आप चाहे जो भी चूज़ करे, आपके अंदर पॉवर है वही पिक करने की जिसे आप लॉन्ग रन में यूज़ कर होगी. आप चाहे जो भी चूज़ करे, आपके अंदर पॉवर है वही पिक करने की जिसे आप लॉन्ग रन में यूज़ कर पाएं. अब क्योंकि आपके चैनल का टाइटल यूट्यूब में कई जगह शो करेगा इसलिए आपको सोच समझकर कोई क्रिएटिव नाम चूज़ करना चाहिए. इसके लिए एक तरीका ये है कि आप अपने सारे आईडिया को एक पेपर पर लिख लें. फिर उन सबके फायदे और नुकसान चेक कर ले. अगर आपके पास पहले से ही ब्रैड टाइटल है जिसने अपनी एक पहचान बना रखी है तो बैटर यही होगा कि आप इसी नाम को यूज़ करते रहे. इस तरीके से आपकी ऑडियंस के लिए आपके चैनल को एक्सेस करना ईज़ी हो जायेगा क्योंकि आपने पहले से ही अपनी ब्रैड क्रिएट कर रखी है. Branding Consistency लोगों को अपने चैनल से जोड़ने के लिए और अपने सब्सक्राईबर्स बढ़ाने के लिए आपको एक स्ट्रोंग ब्रैड एस्टेबिलिश करनी होगी और फिर उसके साथ आपको कंसिस्टेंट रहना होगा. क्रेडिबीलीटी बिल्ड करने का सीक्रेट यही है कि आप branding के श्रू अपने चैनल में क्लियर और रिलेटेड कंटेंट पब्लिश करो. Branding कंसिस्ट रहे इसके लिए आपको अपने चनलम क्लियर जारारलटकट पाब्लश करा. Branding कंसिस्ट रहे इसके लिए आपको अपने चैनल के कंटेंट पर भी नज़र बनाये रखनी होगी. चेक करो कहीं आप अपने हर विडियो में सेम कलर तो यूज़ नहीं करते. ये भी चेक करो कि आपका फॉण्ट कौन सा है और देखो क्या ये एक दूसरे को कॉम्प्लीमेंट करते है या नहीं सबसे इम्पोर्टेट चीज़ है, अपने चैनल के मैसेज रीव्यू करते रहो. देखो, क्या ये कंसिस्टेंटली आपके आइकॉन, हेडर, थम्बनेल, डिसक्रिप्शन, ट्रेलर और कंटेंट में डिलीवर हो रहे है या नहीं. . Branding कंसिस्टेंसी की इफेक्टिवनेस देखने के लिए आप यूट्यूब पर ब्लैक नई कॉमेडी और CrazyFunnyStuffCFS चैनल को सर्च कर सकते हो. फिर इनके डिजाईन और branding को कम्पेयर करो. जैसा कि उनके हेडर में शो किया गया है, ब्लैक नर्ड एक कॉमेडी चैनल है जो इफेक्टिली अपने मैसेज लोगों तक पहुंचाता है. इसमें इनके पब्लिशिंग शेड्यूल भी शामिल होते है, जो इन्हें इनकी branding के साथ और ज्यादा कंसिस्टेंट बनाता है. ये चीज़ CrazyFunnyStuffCFS चैनल के एकदम अपोजिट है जिसमे कोई हेडर इन्फोर्मेशन नहीं है. और जहाँ तक फोंट्स के यूज़ का सवाल है तो आप नोटिस कर सकते हो कि ब्लैक नई कॉमेडी एक ऐसा चैनल है जो अपने पूरे चैनल में एक जैसा फॉण्ट यूज़ और जहाँ तक फोंट्स के यूज़ का सवाल है तो आप नोटिस कर सकते हो कि ब्लैक नर्ड कॉमेडी एक ऐसा चैनल है जो अपने पूरे चैनल में एक जैसा फॉण्ट यूज़ करता है. जो थम्बनेल ये क्रिएटर के फेस का स्क्रीन शॉट लेने के लिए यूज़ करता है वो भी कंसिस्टेंट रहता है. वही दूसरी तरफ CrazyFunnyStuffCFS ऐसी कोई इमेज या टेक्स्ट शो नहीं करता जो इसकी वैल्यू को रीप्रेजेंट करे. साथ ही इसके थम्बनेल्स भी रैंडम होते है. इससे ये चीज़ साफ़ हो जाती है कि चैनल में अभी branding की कमी है. अब आप फ़र्क समझने की कोशिश करो. मान लो आप फर्स्ट टाइम इन दोनों चैनल पर आये हो. तो खुद से सवाल करो कि इनमे से कौन सा चैनल ज्यादा क्रेडिबल लगता है. जाहिर है आपका जवाब होगा ब्लैक नर्ड कॉमेडी चैनल. ब्लैक नर्ड कॉमेडी की branding कंसिस्टेंसी ना सिर्फ इसकी क्रेडिबीलीटी बढाती है बल्कि ये ऐसा कंटेंट भी क्रिएट करती है जो व्यूवर्स की आँखों को लुभाता है. इसके तावा ये यूट्यूब पर बड़े इफेक्टिव तरीके से अपने चैनल का मैसेज और पर्पज भी डिलीवर कर देते है. ये अपनी branding का यूज़ करके बड़े क्लियर वे में अपनी वैल्यू शो करते है. ये पता करने के लिए कि आपकी branding ऑडियंस को अच्छी और क्रेडिबल लगेगी कि नहीं, ये पता करने के लिए कि आपकी branding ऑडियंस को अच्छी और क्रेडिबल लगेगी कि नहीं, अपने चैनल को एक फर्स्ट टाइम viewer की नजरो से देखने की कोशिश करो. खुद से पूछो कि क्या आपका चैनल, हेडर, कंटेंट और थम्बनेल कंसिस्टेंटली आपका मैसेज एक्सप्रेस कर पाते है या नहीं देखो कि आपके विडियो यूनिफाईड है या नहीं या कहीं ऐसा तो नहीं लगता कि उन्हें रेंडमली कलेक्ट किया गया है. अगर आपको लगता है कि आपके चैनल को कुछ इम्प्रूवमेंट की जरूरत है तो इसके डिजाईन और ग्राफिक्स को अपडेट करने में कोई हर्ज नहीं है. आप अपने किसी फ्रेंड को अपना चैनल रीव्यू करने को बोल सकते हो. उनका नजरिया पता करो कि आपके चैनल को लेकर वो क्या सोचते है, क्या उन्हें लगता है कि आपका चैनल मैटर करता है. उनसे फीडबैक लेकर आप अपने चैनल को इतना अपीलिंग और अट्रेक्टिव बनाओ कि वो आपके ऑडियंस का दिल जीत ले. क्योंकि आज की डेट में लोग ज्यादा डिजाईन कांशस हो गए है तो इसलिए आपको भी अपना चैनल ऐसे डिजाईन करना चाहिए जो आपके कंटेंट की वैल्यू बढ़ा दे. ऐसा करने से आपको 100% लॉयल सब्सक्राईबर्स मिलेंगे जो आपके चैनल और ब्रैड से बखूबी वाकिफ होंगे. 30 DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER Video Predictability अपने चैनल पर रेगुलर बेसिस पर विडियो पब्लिश करना जरूरी है ताकि व्यूवर्स लम्बे टाइम तक आपके चैनल के साथ इंगेज्ड रहे और उन्हें एंटरटेनमेंट मिलता रहे. लेकिन ये जानना भी उतना ही इम्पोर्टेट है कि विडियो पोस्ट करने के बाद आपको कुछ और भी करना होता है यानि ये श्योर कर लेना कि आपके चैनल पर विडियो प्रेडिक्टेबिलिटी बनी रहे. विडियो प्रेडिक्टेबिलिटी आपके विडियो की ड्यूरेशन से रिलेट करती है. इसका मतलब है कि इसकी लेंग्थ आपके पहले वाले विडियो की ड्यूरेशन से मैच करती हो. इसके अलावा आपको अपने विडियो की क्वालिटी और वैल्यू भी श्योर कर लेनी चाहिए. इसलिए कंसिस्टेंट रहे. इससे आपके सब्सक्राईबर्स को आपका स्टाइल जानने और समझने में हेल्प मिलेगी और ये उनके लिए एक प्रेडिक्टेबल चैनल एक्सपीरिएंस बिल्ड करेगा. ये स्ट्रेटेज़ी ख़ासतौर पर उन लोगों को रेकमंड की जाती है जिन्होंने अभी-अभी इस प्लेटफॉर्म पर अपने करियर की शुरुवात की है, लेकिन जो लोग विडियो ये स्ट्रेटेज़ी ख़ासतौर पर उन लोगों को रेकमंड की जाती है जिन्होंने अभी-अभी इस प्लेटफॉर्म पर अपने करियर की शुरुवात की है, लेकिन जो लोग विडियो सीरीज़ बनाते है, उनके लिए एक एक्सेप्शन है. मान लो टिम के चैनल का नाम “विडियो क्रिएटर्स” है. इस चैनल में इन्होने दो डिफरेंट कंटेंट रखे है. एक है, न्यूज़ सीरीज़ जो हर ट्यूज़डे को पब्लिश होती है और दूसरी है यूट्यूब टिप्स सीरीज़ जिन्हें वो हर wednesday को अपलोड करते है. ये दोनों सीरीज़ की अलग लेंग्थ की है. ट्यूज़डे सीरीज़ के लिए उनके विडीयो कंटेंट करीब 7-9 मिनट के होते है. जबकि उनके wednesday सीरीज़ करीब 4-5 मिनट लम्बे होते है. हालाँकि दोनों लेंग्थ डिफरेंट है पर इसके बावजूद दोनों सीरीज़ की विडियो पोस्ट सेम टाइम रेंज में आती है. इस तरह टिम अपने चैनल की कंसिस्टेंसी बनाये रखते है. व्यूवर्स भी ये जानते है कि किस दिन किस विडियो में उन्हें क्या देखने को मिलेगा. विडियो की लेंग्थ के अलावा टिम अपने प्रोडक्शन की वैल्यू और विडियो क्वालिटी पर भी काफी ध्यान देते है. लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप कोई वर्ल्ड क्लास मूवी जैसे विडियो बनाये, हम बस इतना कहना चाहते है कि आपके विडियो की क्वालिटी ऐसी हो कि व्यूवर्स उन्हें देखना पसंद करे और कंसिस्टेंसी बनाये रखे, क्वालिटी ऐसी रखे जैसे ये आपके स्टाइल का एक कि व्यूवर्स उन्हें देखना पसंद करे और कंसिस्टेंसी बनाये रखे, क्वालिटी ऐसी रखे जैसे ये आपके स्टाइल का एक पार्ट हो. एक सिचुएशन है जो सेम विडियो क्वालिटी प्रोड्यूस करने की इम्पोर्टेस पर जोर देती है, वो है टिम का एक्सपीरिएंस. पहले जब वो कई चैनल देखा करते थे तब उन्होंने ऐसे चैनल नोटिस किये जो बड़े ही फेसिनेटिंग ट्रेलर प्रोड्यूस करते थे. लेकिन जब उन्होंने उन चैनल के बाकि विडियो चेक किये तो उन्हें ऐसा लगा जैसे वो विडियो किसी और क्रिएटर ने बनाये हो. इसलिए विडियो की इनकंसिस्टेंट क्वालिटी आपके व्यूवर्स को बोरिंग लगेगी और आपके कंटेट में उनका इंटरेस्ट कम होता जायेगा. टिम के एक्सपीरिएंस से आप अपने विडियो की ड्यूरेशन और क्वालिटी में कंसिस्टेंसी की इम्पोर्टेस को समझ सकते है. अगर आपने विडियो पोस्ट किये है और आपको इनकंसिस्टेंसी नज़र आ रही है तो जरूरत के हिसाब से एडजस्टमेंट कर ले. आप को फ्यूचर विडियो के लिए भी पहले से प्लान कर लेना चाहिए और लगातार इम्प्रूवमेंट करते रहिये. बेशक इतना सब कुछ करने के लिए आपको और ज्यादा एफर्ट लगाना पड़ता है पर ये समझ लो कि इससे आपके चैनल को ही फायदा मिलेगा. अगर आप कंसिस्टेंटली अपना कंटेट अपलोड करते है तो आपको या५।१TII ।। १ (रातामा इससे आपके चैनल को ही फायदा मिलेगा. अगर आप कंसिस्टेंटली अपना कंटेट अपलोड करते है तो आपको ऐसे सब्सक्राईबर्स मिलेंगे जो लम्बे वक्त तक आपके चैनल के साथ एंगेज रहेंगे. Branded Video Intro अपने यूट्यूब चैनल को पर्सनलाईज़ करने का एक तरीका ये भी है कि आप एक इंट्रो विडियो बना ले. इस तरह लोगों को आपका पर्पज समझ में आएगा कि आप विडियो क्यों बना रहे है और आप उन तक कौन सा मैसेज़ पहुंचाना चाहते है. हालाँकि ये हमेशा जरूरी नहीं होता. कई सक्सेसफुल चैनल ऐसे है जिन्होंने बगैर कोई इंट्रो दिए अपना चैनल शुरू कर दिया था. ये डिपेंड करता है कि इससे आपके व्यूवर्स पर वैल्यू एड होता है या नहीं. आप अगर इंट्रो विडियो डालना चाहते है तो बेशक डाले पर ये 5 सेकेंड से ज्यादा लम्बा ना हो. साथ ही इसमें आपके चैनल का नाम, लोगो और मोटो भी होना चाहिए. ध्यान रहे, ऑडियंस का अटेंशन टाइम काफी छोटा होता है. जो चीज़ उन्हें तुरंत क्लिक कर गई तो कर गई वर्ना कोई भी लम्बे-लम्बे विडियो देखना पसंद नहीं करता. अक्सर यूट्यूबर्स को अपने इंट्रो विडियो का एडवांटेज लेना नहीं आता, जिसकी वजह से उन्हें उतने व्यूवर्स नहीं मिल पाते लेकिन अगर आप प्रॉपर तरीके से इंट्रो विडियो बनाकर डालते है तो इससे आपके चैनल को काफी बूस्ट मिलता है और साथ ही आपके चैनल का इन्फ्लुएंस भी बढ़ता है. हाजा५4. पगारपतुएस नापा. जैसे एक्जाम्पल के लिए टिम के चैनल को देखने से लगता है कि इसमें कंटेंट का ओवरव्यू है और इसमें व्यूवर्स को फर्स्ट इम्पोर्टेंस देने की बात कही गई है. ये टीज़र सिर्फ 15 सेकेंड का है जो ऑडियंस को पूरा विडियो देखने के लिए इंस्पायर करता है. फिर इसके बाद आता है उनका विडियो इंट्रो जो उन्होंने एक्जेक्टली 5 सेकंड का बनाया है. उनके चैनल का मोटो “मास्टर द प्लेटफॉर्म, स्प्रेड योर मैसेज” इंडीकेट किया गया है. ये विडियो क्रिएटर्स को टारगेट ऑडियंस के तौर पर ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसका पर्पज है नए व्यूवर्स को अपने चैनल का इंट्रोडक्शन देना और उन्हें सब्सक्राईब करने के लिए एनकरेज करना. इससे ऑडियंस को इस चैनल का मेन फोकस और विडियो को समझने में हेल्प मिलती है और उनके सब्सक्राईबर्स के लिए ये एक तरह का रीमाइंडर है जो उन्हें यूट्यूब पर आने का पर्पज और वैल्यू याद दिलाता है. ऐसे और भी कई तरीके है जिससे आप अपने विडियो के जरिये व्यूवर्स को अपने चैनल की एक झलक दिखा सकते है. टिम की स्ट्रेटेज़ी काफी सिंपल और फोर्मल है जो उनकी विडियो मेकिंग थीम के साथ एकदम फिट बैठती है. इसलिए आपके चैनल का फोकस काफी मैटर करता है. अगर आप डेली vlog बनाते है तो आप पहले वाले विडियो से भी क्लिप एड कर सकते है बठता है. इसालए आपकचनल का फोकस काफा मटर करता है. अगर आप डेली vlog बनाते है तो आप पहले वाले विडियो से भी क्लिप एड कर सकते है ताकि जो नए व्यूवर्स है, उन्हे रीकैप मिल सके. इसके एकदम अपोजिट ऐसा भी टाइम होता है जब विडियो इंट्रोडक्शन बिलकुल ज़रूरी नहीं होता. ये तब होता है जब व्यूवर्स सिर्फ कंटेट देखना चाहते है और उन्हें इंट्रोडक्शन टाइम waste और बोरिंग लगता है. इसका एक्जाम्पल है ” हाउ टू” वाले डेयो और दूसरे रिलेटेड टॉपिक्स, क्योंकि व्यूवर्स यहाँ डायरेक्ट कंटेंट देखना चाहते है. अगर आप डाउट में हो कि विडियो इंट्रोडक्शन डाले या नहीं तो आप अपने यूट्यूब एनालिटीक्स पर एक नज़र डाल सकते हो. अगर आपको अपने इंट्रोडक्शन के दौरान कोई व्यूज़ नहीं मिला है तो आप इंट्रो विडियो को या तो हटा दो या फिर चेंज कर दो. बस आपको ये ध्यान रखना है कि ये आपके कंटेंट में वैल्यू एड कर रहा है या नहीं. यूट्यूब विडियो पर एक बात हमेशा लागू होती है, वो है फर्स्ट इम्प्रेशन इज़ द लास्ट इम्प्रेशन, यानि आपके चैनल की सक्सेस काफी हद तक इस बात पर डिपेंड करती है कि आपने अपना इंट्रोडक्शन कैसा दिया है. तो इसलिए इंट्रो विडियो ऐसा बनाये जो व्यूवर्स को आपका चैनल स्किप करने के लिए नहीं बल्कि सब्सक्राईब करने के लिए एनकरेज़ करे. 30 DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER Titles थम्बनेल के साथ जो पहली चीज़ यूजर देखता है, वो है विडियो टाईटल इसलिए ये बेहद इम्पोर्टेट है कि आप अपने हर विडियो को एक प्रॉपर और कन्विंसिंग टाईटल दे. अगर आप ऐसे टाईटल रखते है जो एकदम से ध्यान खींचते है तो आपकी टारगेट ऑडियंस सेम दूसरे टॉपिक वाले विडियो को छोड़कर सिर्फ आपका विडियो ओपन करेगी. टाईटल रखने से पहले अपनी टारगेट ऑडियंस को माइंड में रखे. ये ध्यान रहे कि आपके ज्यादातर व्यूवर्स सिर्फ इसलिए आपके विडियो देखते है कि इनसे उन्हें कुछ बेनिफिट मिलता है, उनका पर्पज सोल्व होता है. इसलिए ये ध्यान रहे कि जिस पर्पज से वो आपके विडियो देखना पसंद है, वो पर्पज उन्हें टाईटल में ही दिख जाए. बेशक आपको अपने व्यूवर्स का इंटरेस्ट बनाये रखने के लिए थोडा और क्रिएटिव माइंड होना पड़ेगा. टिम ने अभी हाल ही में जो पोस्ट शेयर की थी, उसका पहले टाईटल था” यूट्यूब हैज़ अ न्यू लीडरशिप”, आप देख सकते है कि ये टाईटल सुनने में बेहद कॉमन और अनअटेक्टिव लग रहा था तो टिम ने इसे बदल कर” पहले टाईटल था” यूट्यूब हैज़ अ न्यू लीडरशिप”, आप देख सकते है कि ये टाईटल सुनने में बेहद कॉमन और अनअट्रेक्टिव लग रहा था. तो टिम ने इसे बदल कर” हाउ यूट्यूब’स न्यू सीईओ मे चेंज यूट्यूब” रख दिया. और हैरानी की बात थी कि टाईटल चेंज करते ही ज्यादा व्यूज़ मिलने लगे. वो इसलिए क्योंकि नया टाईटल ऑडियंस को लेकर कंसर्न शो कर रहा है, इसे पढ़ते ही लगता है कि इस विडियो में यूट्यूब के ऑडियंस के मतलब की बात कही गई है. हालाँकि कंटेंट अभी भी सेम है पर इसे टाईटल के थू जिस तरीके से प्रजेंट किया श्रू गया है, उससे व्यूवर्स पर काफी ज्यादा इम्पैक्ट पड़ा. कई बार क्या होता है कि सबसे ज़्यादा बोरिंग विडियो भी सिर्फ अपने टाईटल की वजह से ट्रेंड कर जाते है. इन्हें हम ‘क्लिकबेट” भी बोल सकते है. इन्हें देखते ही व्यूवर्स का ध्यान एकदम इनकी ओर खिंचा चला जाता है. लेकिन अगर आप टाईटल में ही बता देंगे कि आज का आपका विडियो किस बारे में है, तो इससे आपका विडियो पोपुलर नहीं होने वाला. बल्कि आपको ऑडियंस को ये एक्सप्लेन करना है कि ये विडियो उनके लिए क्यों मैटर करता है. टिम की बात करे तो उन्हें विडियो का सेकंड टाईटल पहले वाले से ज्यादा कंसर्न शो करता है. वो एक सीक्रेट टिप ये देते है कि रीच और रीटेंशन टेक्नीक यूज़ की जाये. रीच यानि ऐसे की-वर्ड्स यूज़ करना जो आपके विडियो के कंटेंट को बेस्ट वे में -A-A-TA+1 टेक्नीक यूज़ की जाये. रीच यानि ऐसे की-वर्ड्स यूज़ करना जो आपके विडियो के कंटेंट को बेस्ट वे में डिसक्राइब कर सके. और रीटेंशन यानि ऐसे एंगेजिंग टाईटल्स लिखना कि विडियो देखते ही एकदम से व्यूवर्स की नज़र उस पर पड़ जाए और वो आपका विडियो ओपन किये बगैर रह न सके. आप इन दोनों मेथड्स को एक साथ यूज़ करके अपने विडियो के लिए कोई सूटेबल टाईटल लिख सकते हो. टिम अपने टाईटल को बेलेंस करने के लिए इन दोनों का यूज़ करते है. रीच से गूगल को हेल्प मिलती है कि वो आपके विडियो को व्यूवर की सर्च में यूज्ड कीवर्ड्स के हिसाब से रैंक दे सके. लेकिन सिर्फ रीच मेथड यूज़ करने से टाईटल काफी बोरिंग लगेगा. सेम यही चीज़ रीटेंशन के साथ भी है. बेशक ये आपके टाईटल को अट्रेक्टिव बना सकता है लेकिन सिर्फ और सिर्फ प्योर रीटेंशन से काम नहीं चलेगा, इससे आपके कंटेंट का मीनिंग ही खोकर रह जायेगा. तो बेस्ट तरीका है कि 70% रीटेंशन और 30% रीच का यूज़ किया जाए. क्योंकि टिम को यही मेथड सूट करता है. लेकिन हाँ, इसके बावजूद आपके चैनल के थीम, गोल और फ़ोकस पर भी काफी बातें डिपेंड करती है. हमेशा अपनी ऑडियंस को माइंड में रखकर विडियो बनाओ और टाईटल लिखो. चाहे तो सेकंड और थर्ड पॉइंट ऑफ़ व्यू से भी सोच सकते हो, शुरुवात में आपको ये सब काफी मुश्किल लग सकता है पर एक बार आप यूज्ड टू हो गए तो फिर आपको राईट टाईटल बनाने में कोई दिक्कत नहीं आयेगी. 30 DAYS TO A BETTER YOUTUBE CHANNEL TIM SCHMOYER Social Media जब आप अपने यूट्यूब चैनल को प्रोमोट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सोशल मिडिया यूज़ करोगे तो इससे ना सिर्फ आपको और ज्यादा व्यूज़ मिलेंगे बल्कि आपके सब्सक्राईबर्स भी बढ़ेंगे. ये जानना जरूरी है कि मल्टीपल प्लेटफॉर्स के जरिये अपनी सोशल मिडिया प्रेजेंस को कैसे एस्टेबिलिश किया जाए, ताकि आपका यूट्यूब इन्फ्लुएंस एक्सपैंड हो सके. इसके लिए आपको ऐसे सोशल मिडिया साइट्स पर एकाउंट खोलने चाहिए जो बेहद पोपुलर हो जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम और ट्विटर. फिर अपने चैनल को प्रोमोट करने के लिए इन सोशल मिडिया एकाउंट्स को अपने यूट्यूब चैनल से लिंक कर दे. आप यहाँ सेम टॉपिक्स, विडियो और पिक्चर्स पोस्ट कर सकते हो ताकि ऑडियंस सीधे आपके चैनल तक पहुंच सके और आपका कंटेट देख सके. यहाँ जो सबसे ज्यादा कॉमन स्ट्रेटेज़ी यूज़ होती है वो है हैशटैग के ज़रिए ऑनलाइन लेटेस्ट टॉपिक्स तक पहँचना. टिम दसी टेकनीक की हेल्प से अपने यत्यब All Done? Finished यहा जा सबस ज्यादा कामन स्ट्रटज़ा यूज़ हाता हवा है हैशटैग के ज़रिए ऑनलाइन लेटेस्ट टॉपिक्स तक पहुँचना. टिम इसी टेकनीक की हेल्प से अपने यूट्यूब विडियो को प्रोमोट करने का काम करते है. यूट्यूब पर अपने विडियो पब्लिश करने से पहले वो अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर एक एंगेजिग कंटेंट पोस्ट कर देते है ताकि ऑडियंस की क्यूरियोसिटी बढ़ जाये. इसके लिए वो या तो स्टिल फ्रेम फ़ोटो का यूज़ करते है या 15 सेकंड का टीजर विडियो . फिर वो इसकी डिसक्रिप्शन लिखकर viewers के अंदर एक एक्साईटमेंट जगा देते है ताकि वो उनके आने वाले कंटेंट का बेसब्री से इंतज़ार करे. और लास्ट में वो यूट्यूब यूआरएल भी देते है जहाँ से व्यूवर्स उनके विडियो तक पहुँच सके और इसे ट्रेंड करने के लिए वो अपने पोस्ट के comment सेक्शन में रीलेटेड हैशटेग टाइप करते है. इसके अलावा टिम एक पुरानी स्ट्रेटेज़ी यूज़ करते है जो आज भी उतनी ही इफेक्टिव है. ये स्ट्रेटेज़ी है कनेक्टिंग कम्यूनिटीज़. इसमें वो अक्सर उन लोगों को फीचर करते है जिनके टारगेट ऑडियंस सेम होते है. जब उन्हें लगता है कि कोई अनाउंसमेंट या न्यूज़ उनके ऑडियंस के लिए इम्पोर्टेट है तो वो उन्हें अपने विडियो में शामिल कर लेते है और उन्हें ट्वीट कर देते है. साथ ही वो यत्यब और बाकि रिलेटेड पेज को भी टैग करना में शामिल कर लेते है और उन्हें ट्वीट कर देते है. साथ ही वो यूट्यूब और बाकि रिलेटेड पेज को भी टैग करना नहीं भूलते. अक्सर टिम को अपने followers या नेटवर्क की तरफ से रीट्वीट मिल जाता है. जिसकी वजह से उनका विडियो बहुत सारे लोग देख लेते है और शेयर भी करते है और बदले में वो खुद भी अपनी कम्यूनिटी के पोस्ट को रीशेयर करते है. लास्ट में टिम अपने यूट्यूब को अपने ट्विटर अकाउंट से लिंक करते है. आप ये ऑप्शन अपने यूट्यूब पर कनेक्टेड एकाउंट सेटिंग में जाकर एक्सेस कर सकते है. इस फीचर से व्यूवर को उनका विडियो शेयर करने से में हेल्प मिलती है, जब व्यूवर थम्ब अप आईकन पर क्लिक करता है तो वो विडियो ऑटोमेटिकली शेयर हो जाता है. अगर आपको एक फेमस इन्फ्लुएंसर बनना है तो बस एक ही प्लेटफॉर्म तक लिमिटेड ना रहे. आपको मल्टीपल सोशल मिडिया साइट्स का फायदा उठाना चाहिए क्योंकि अपने चैनल और कम्यूनिटी को ग्रो करने का इससे बढ़िया तरीका और नहीं हो सकता. इससे आपको अपना इन्फ्लुएंस एक्सपैंड करने में हेल्प मिलेगी और आप देखना कैसे एक ही क्लिक में ही आपका मैसेज कहाँ से कहाँ पहुँच जाता है. आपका मैसेज कहाँ से कहाँ पहुँच जाता है. Conclusion तो इस समरी में आपने उन अलग-अलग स्ट्रेटेज़ी के बारे में जाना जिनकी हेल्प से आप एक बैटर यूट्यूब चैनल क्रिएट कर सकते हैं . आपने पढ़ा कि अपनी टारगेट ऑडियंस को आडेंटीफाई करना बेहद इम्पोर्टेट हो जाता है जब आप एक रीलेटेबल कंटेंट जेनरेट करना चाहते है. आपने ये भी समझा कि कंसिस्टेंसी इन branding, विडियो क्वालिटी और लेंग्थ आपकी क्रेडिबीलीटी बिल्ड करती है इसलिए आपको ये सारे फैक्टर्स ध्यानं में रखने होंगे क्योंकि आप कंसिस्टेंट रहकर ही अपने व्यूवर्स का ट्रस्ट जीत सकते है ताकि वो आपके बैंड और स्टाइल को एप्रीशिएट कर सके. इसके अलावा आपने सीखा कि कैसे एक टाईटल क्रिएट करे जो ऑडियंस का ध्यान एकदम से हमारी तरफ खींच सके. इससे आप दूसरे चैनल से ज्यादा व्यूज़ बटोर पायेंगे जिनका चैनल सेम आपके जैसा कंटेंट बनाता है. आपने ये भी जाना कि अपने चैनल को सोशल मिडिया पर हम कैसे इफेक्टिवली प्रोमोट कर सकते बनाता है. आपने ये भी जाना कि अपने चैनल को सोशल मिडिया पर हम कैसे इफेक्टिवली प्रोमोट कर सकते है. आप मल्टीपल ऑनलाइन प्लेटफॉर्स यूज़ करके अपनी popularity बढ़ा सकते हो और खुद की एक कम्यूनिटी भी बिल्ड कर सकते हो. इसके जरिये आप अपना इन्फ्लुएंस एक्सपैंड कर पाएंगे. जिसका मतलब होगा कि आपके पास अपना मैसेज लोगों तक पहुंचाने के लिए और ज्यादा पॉवर होगी. याद रहे, आप चाहे जो भी है, जहाँ भी है, तो भी ऐसे लोग जरूर होंगे जिन्हें आपके मीनींगफुल मैसेज की जरूरत होगी और वो ऐसे कंटेंट ढूँढने यूट्यूब पर आते है. बस आपको इतना करना है कि अपने राईट ऑडियंस तक पहुंचना है और उन्हें राईट कंटेंट परोसना है. सबसे इम्पोर्टेट बात ये है कि आपको अब एक बैटर यूट्यूब चैनल की जरूरत है, क्योंकि यही वो जगह होगी जहाँ आपकी ऑडियंस जरूर जायेगी जब उन्हें पता चलेगा कि जो मैसेज वो ढूंढ रहे है,वो बस आपके पास मिलेगा. तो अपने सारे किंतु-परंतु छोड़ दो और खुद पर यकीन रखो कि आप के अंदर इन्फ्लुएंस करने की पॉवर आप अपना इन्फ्लुएंस एक्सपैंड कर पाएंगे. जिसका मतलब होगा कि आपके पास अपना मैसेज लोगों तक पहुंचाने के लिए और ज्यादा पॉवर होगी. याद रहे, आप चाहे जो भी है, जहाँ भी है, तो भी ऐसे लोग जरूर होंगे जिन्हें आपके मीनींगफुल मैसेज की जरूरत होगी और वो ऐसे कंटेंट ढूँढने यूट्यूब पर आते है. बस आपको इतना करना है कि अपने राईट ऑडियंस तक पहुंचना है और उन्हें राईट कंटेंट परोसना है. सबसे इम्पोर्टेट बात ये है कि आपको अब एक बैटर यूट्यूब चैनल की जरूरत है, क्योंकि यही वो जगह होगी जहाँ आपकी ऑडियंस जरूर जायेगी जब उन्हें पता चलेगा कि जो मैसेज वो ढूंढ रहे है,वो बस आपके पास मिलेगा. तो अपने सारे किंतु-परंतु छोड़ दो और खुद पर यकीन रखो कि आप के अंदर इन्फ्लुएंस करने की पॉवर मौजूद है. अपने विडियोज़ के जरिये दुनिया को अपना पर्पज दिखाने से डरो मत क्योंकि ऐसा भी टाइम आएगा जब लोग खुद आपको बताएँगे कि आपके विडियोज़ उन्हें कितना इन्फ्लुएंस और इंस्पायर करते है.

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